Shuru
Apke Nagar Ki App…
देवधा मध्य पंचायत में पूर्व सरपंच महोदय क्या बोल रहे हैं, इसे सुनने के लिए लोगों को आमंत्रित किया गया है।
Pawan Mahto Reporter
देवधा मध्य पंचायत में पूर्व सरपंच महोदय क्या बोल रहे हैं, इसे सुनने के लिए लोगों को आमंत्रित किया गया है।
More news from बिहार and nearby areas
- देवधा मध्य पंचायत में पूर्व सरपंच महोदय क्या बोल रहे हैं, इसे सुनने के लिए लोगों को आमंत्रित किया गया है।1
- बिहार एटीएस और मध्य प्रदेश एटीएस की एक संयुक्त कार्रवाई में मधुबनी से संदिग्ध मौलाना इजहारुल हक को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान 56 वर्षीय इजहारुल हक के रूप में हुई है, जिनके पिता स्वर्गीय हाजी अब्दुल गफूर थे। वह ग्राम नौ टोल सरिसवपाही, थाना पंडौल, जिला मधुबनी के निवासी हैं और वर्तमान में मधुबनी शहर के राघोनगर स्थित मदरसा नूरे मोहम्मदिया, उर्दू मोहल्ला में रह रहे थे। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी कथित रूप से एक पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में था। मध्य प्रदेश एटीएस ने राष्ट्रविरोधी एवं कट्टरपंथी गतिविधियों से संबंधित मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 152 और यूएपीए की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इजहारुल हक का नाम सामने आने के बाद, एमपी एटीएस ने बिहार एटीएस से संपर्क किया, जिसके बाद दोनों टीमों ने संयुक्त छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसके कब्जे से दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, इजहारुल हक गूगल मीट के जरिए अपने कथित आकाओं से बातचीत करता था और कई बार कर्नाटक तथा मुंबई भी गया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी ने दारुल उलूम देवबंद से शिक्षा प्राप्त की थी। जांच एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि वह हर तीन महीने पर बिहार से बाहर जाता था और उसका पासपोर्ट भी बना हुआ था। उस पर मदरसे में पढ़ने वाले बच्चों को कट्टरपंथ की ओर प्रभावित करने का आरोप भी लगाया जा रहा है। गिरफ्तारी के बाद, एमपी एटीएस की टीम ने आरोपी को मधुबनी कोर्ट में पेश किया, जहां से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद उसे आगे की पूछताछ के लिए भोपाल ले जाया गया है। फिलहाल, इस मामले की जांच जारी है।1
- मधुबनी जिले के बेनीपट्टी प्रखंड अंतर्गत अधवारी गांव में एक जमीन विवाद ने हिंसक रूप ले लिया है। घटना के दौरान, एक आत्मदाह का प्रयास भी किया गया, जिसके बाद आक्रोशित भीड़ ने प्रशासन पर हमला कर दिया। यह घटना गांव में तनाव का माहौल बनाए हुए है और स्थिति की गंभीरता को उजागर करती है।1
- मधुबनी में एक 'सहयोग शिविर' का आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन जिलाधिकारी (DM) ने एक बच्चे के साथ संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित करके किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने बताया कि ऐसे शिविर समाज के सभी वर्गों तक सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ पहुँचाने में अहम भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना की। इस शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भी हिस्सा लिया।1
- मधुबनी जिले के सौराट में एक सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में प्राप्त हुए मामलों में राजस्व विभाग से संबंधित मामले सबसे अधिक संख्या में थे।1
- मधुबनी जिले के खुटौना प्रखंड की कारमेघ उत्तरी पंचायत में 16 जून 2026 को एक 'सहयोग शिविर' का आयोजन किया गया, जिसमें जिलाधिकारी आनंद शर्मा और पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने भाग लिया। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर शिविर का उद्घाटन किया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य आमजनों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाना है, जिसके प्रति सरकार अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। राज्य सरकार के निर्देश पर, जिले के 26 पंचायतों और सभी नगर निकाय क्षेत्रों के 15 वार्डों में भी ऐसे 'सहयोग शिविर' आयोजित किए गए हैं। इन शिविरों का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में आमजन की समस्याओं का शीघ्र निपटान, सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और जनता तथा प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है। यह कार्यक्रम प्रत्येक माह के प्रथम एवं तीसरे मंगलवार को आयोजित किया जाता है। 'सहयोग शिविर' के माध्यम से राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, जन वितरण प्रणाली, पेयजल, विद्युत, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, भूमि विवाद, पेंशन, आवास एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाता है। संबंधित विभागों के पदाधिकारियों एवं कर्मियों को पूरी तत्परता एवं संवेदनशीलता के साथ आमजनों की समस्याओं के निराकरण हेतु निर्देशित किया गया है। जिला प्रशासन ने संबंधित पंचायतों के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में शिविर में पहुंचकर अपनी समस्याओं और आवश्यकताओं को प्रशासन के समक्ष रखें तथा सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ प्राप्त करें।4
- मधुबनी जिले के जयनगर प्रखंड अंतर्गत देव धाम मध्य पंचायत में जन्म सहयोग सीवर स्थापित किया गया है। यह व्यवस्था जन्म सहयोग के माध्यम से लगाई गई है।1
- बिहार के बेनीपट्टी स्थित अधवारी गांव में जमीन विवाद को लेकर एक बुजुर्ग व्यक्ति ने आत्मदाह का प्रयास किया। डॉक्टरों के अनुसार, बुजुर्ग की हालत अत्यंत गंभीर बनी हुई है, और उन्हें बेहतर इलाज के लिए एक बड़े अस्पताल में रेफर करने की तैयारी की जा रही है। इसी घटनाक्रम से जुड़े एक अन्य मामले में, भीड़ ने एक कोर्ट कमिश्नर के साथ भी जमकर मारपीट की है।1