लालकुआं की सियासी बिसात: 30 साल की तपस्या या नया समीकरण? मां अवंतिका के दरबार से उमेश शर्मा का बड़ा संदेश! लालकुआं की सियासी बिसात: 30 साल की तपस्या या नया समीकरण? मां अवंतिका के दरबार से उमेश शर्मा का बड़ा संदेश! लालकुआं। आगामी चुनावों की आहट के साथ ही लालकुआं विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक हलचल पूरी तरह तेज हो चुकी है। इसी सियासी सरगर्मी के बीच भारतीय जनता पार्टी से उम्मीदवारी की दौड़ में प्रमुखता से उभर रहे 54 वर्षीय वरिष्ठ भाजपा नेता उमेश शर्मा ने लालकुआं स्थित प्रसिद्ध मां अवंतिका मंदिर पहुंचकर मां के दर्शन किए और क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। मंदिर परिसर में पहुंचने पर मां अवंतिका मंदिर समिति के अध्यक्ष लक्ष्मण खाती तथा अन्य भक्तजनों ने उनका आत्मीय स्वागत किया और उन्हें रुद्राक्ष की माला भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान स्थानीय लोगों और समर्थकों में भारी उत्साह देखने को मिला। माटी से जुड़ाव और प्राथमिक शिक्षा से उच्च शिक्षा तक का सफर हल्दूचौड़ के जग्गी बंगर निवासी उमेश शर्मा के लिए लालकुआं केवल एक चुनावी क्षेत्र नहीं, बल्कि उनकी वास्तविक कर्मभूमि है। बेरीपड़ाव की प्राथमिक पाठशाला से शिक्षा का सफर शुरू कर राजकीय इंटर कॉलेज हल्दूचौड़ से इंटरमीडिएट और एमबीपीजी कॉलेज हल्द्वानी से बीएससी की डिग्री प्राप्त करने वाले उमेश शर्मा क्षेत्र की भौगोलिक व सामाजिक परिस्थितियों से भली-भांति वाकिफ हैं। यही कारण है कि स्थानीय जनता के हर सुख-दुख में वे हमेशा अग्रिम पंक्ति में खड़े नजर आते हैं। छात्र राजनीति, राम मंदिर और राज्य आंदोलन में सक्रिय भूमिका उमेश शर्मा का राजनीतिक जीवन समर्पण और जनसंघर्ष की अनूठी मिसाल है। वर्ष 1989 से भाजपा की विचारधारा से जुड़े शर्मा ने 1992 में छात्र संघ चुनावों से अपने राजनीतिक सफर का आगाज किया। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण आंदोलन हो या पृथक उत्तराखंड राज्य निर्माण का ऐतिहासिक संघर्ष, उन्होंने हर मोर्चे पर ऊर्जावान भूमिका निभाई। संगठनात्मक स्तर पर उन्होंने बूथ अध्यक्ष से शुरुआत कर न्याय पंचायत अध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष, दो बार जिला उपाध्यक्ष, युवा मोर्चा के जिला मंत्री और उत्तराखंड भाजपा के सह-मीडिया प्रभारी के रूप में संगठन को मजबूती दी। प्रशासनिक और जन प्रतिनिधित्व के धरातल पर वे नैनीताल से जिला पंचायत सदस्य, उत्तराखंड शासन में राज्य आंदोलनकारी परिषद के सदस्य और उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक के निदेशक जैसी गरिमामयी जिम्मेदारियों का सफल निर्वहन कर चुके हैं। युवाओं को रोजगार और जनसेवा को ही माना परम धर्म क्षेत्र के युवाओं के भविष्य को संवारने और स्थानीय औद्योगिक इकाइयों में उन्हें रोजगार दिलाने के लिए उमेश शर्मा का योगदान अतुलनीय रहा है। उनके निरंतर आंदोलनों के बल पर अनेक बेरोजगार युवाओं को स्थानीय उद्योगों में रोजगार मिला। इसके अलावा सड़क, स्वास्थ्य और गरीबों के हक की लड़ाई में वे हमेशा मुखर रहे हैं। अपने स्वर्गीय पिता श्री मोहन चन्द्र शर्मा और माता श्रीमती कमला देवी से मिले उच्च संस्कारों को अपना मार्गदर्शक मानने वाले उमेश शर्मा आधी रात को भी असहायों की मदद के लिए तत्पर रहते हैं। क्या इस बार मिलेगा शीर्ष नेतृत्व का आशीर्वाद? वर्ष 2007 से धैर्यपूर्वक अपनी बारी का इंतजार कर रहे उमेश शर्मा को इस बार पूर्ण विश्वास है कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व उनके तीन दशकों के अनवरत संघर्ष, संगठन के प्रति निष्ठा और क्षेत्र में उनकी लोकप्रियता को देखते हुए उन्हें अपना प्रत्याशी अवश्य बनाएगा। युवाओं, बुजुर्गों और मातृशक्ति से मिल रहे अपार समर्थन के बीच अब पूरे क्षेत्र की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि भाजपा नेतृत्व लालकुआं के इस माटी के लाल के समर्पण को किस प्रकार सम्मानित करता है।
लालकुआं की सियासी बिसात: 30 साल की तपस्या या नया समीकरण? मां अवंतिका के दरबार से उमेश शर्मा का बड़ा संदेश! लालकुआं की सियासी बिसात: 30 साल की तपस्या या नया समीकरण? मां अवंतिका के दरबार से उमेश शर्मा का बड़ा संदेश! लालकुआं। आगामी चुनावों की आहट के साथ ही लालकुआं विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक हलचल पूरी तरह तेज हो चुकी है। इसी सियासी सरगर्मी के बीच भारतीय जनता पार्टी से उम्मीदवारी की दौड़ में प्रमुखता से उभर रहे 54 वर्षीय वरिष्ठ भाजपा नेता उमेश शर्मा ने लालकुआं स्थित प्रसिद्ध मां अवंतिका मंदिर पहुंचकर मां के दर्शन किए और क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। मंदिर परिसर में पहुंचने पर मां अवंतिका मंदिर समिति के अध्यक्ष लक्ष्मण खाती तथा अन्य भक्तजनों ने उनका आत्मीय स्वागत किया और उन्हें रुद्राक्ष की माला भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान स्थानीय लोगों और समर्थकों में भारी उत्साह देखने को मिला। माटी से जुड़ाव और प्राथमिक शिक्षा से उच्च शिक्षा तक का सफर हल्दूचौड़ के जग्गी बंगर निवासी उमेश शर्मा के लिए लालकुआं केवल एक चुनावी क्षेत्र नहीं, बल्कि उनकी वास्तविक कर्मभूमि है। बेरीपड़ाव की प्राथमिक पाठशाला से शिक्षा का सफर शुरू कर राजकीय इंटर कॉलेज हल्दूचौड़ से इंटरमीडिएट और एमबीपीजी कॉलेज हल्द्वानी से बीएससी की डिग्री प्राप्त करने वाले उमेश शर्मा क्षेत्र की भौगोलिक व सामाजिक परिस्थितियों से भली-भांति वाकिफ हैं। यही कारण है कि स्थानीय जनता के हर सुख-दुख में वे हमेशा अग्रिम पंक्ति में खड़े नजर आते हैं। छात्र राजनीति, राम मंदिर और राज्य आंदोलन में सक्रिय भूमिका उमेश शर्मा का राजनीतिक जीवन समर्पण और जनसंघर्ष की अनूठी मिसाल है। वर्ष 1989 से भाजपा की विचारधारा से जुड़े शर्मा ने 1992 में छात्र संघ चुनावों से अपने राजनीतिक सफर का आगाज किया। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण आंदोलन हो या पृथक उत्तराखंड राज्य निर्माण का ऐतिहासिक संघर्ष, उन्होंने हर मोर्चे पर ऊर्जावान भूमिका निभाई। संगठनात्मक स्तर पर उन्होंने बूथ अध्यक्ष से शुरुआत कर न्याय पंचायत अध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष, दो बार जिला उपाध्यक्ष, युवा मोर्चा के जिला मंत्री और उत्तराखंड भाजपा के सह-मीडिया प्रभारी के रूप में संगठन को मजबूती दी। प्रशासनिक और जन प्रतिनिधित्व के धरातल पर वे नैनीताल से जिला पंचायत सदस्य, उत्तराखंड शासन में राज्य आंदोलनकारी परिषद के सदस्य और उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक के निदेशक जैसी गरिमामयी जिम्मेदारियों का सफल निर्वहन कर चुके हैं। युवाओं को रोजगार और जनसेवा को ही माना परम धर्म क्षेत्र के युवाओं के भविष्य को संवारने और स्थानीय औद्योगिक इकाइयों में उन्हें रोजगार दिलाने के लिए उमेश शर्मा का योगदान अतुलनीय रहा है। उनके निरंतर आंदोलनों के बल पर अनेक बेरोजगार युवाओं को स्थानीय उद्योगों में रोजगार मिला। इसके अलावा सड़क, स्वास्थ्य और गरीबों के हक की लड़ाई में वे हमेशा मुखर रहे हैं। अपने स्वर्गीय पिता श्री मोहन चन्द्र शर्मा और माता श्रीमती कमला देवी से मिले उच्च संस्कारों को अपना मार्गदर्शक मानने वाले उमेश शर्मा आधी रात को भी असहायों की मदद के लिए तत्पर रहते हैं। क्या इस बार मिलेगा शीर्ष नेतृत्व का आशीर्वाद? वर्ष 2007 से धैर्यपूर्वक अपनी बारी का इंतजार कर रहे उमेश शर्मा को इस बार पूर्ण विश्वास है कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व उनके तीन दशकों के अनवरत संघर्ष, संगठन के प्रति निष्ठा और क्षेत्र में उनकी लोकप्रियता को देखते हुए उन्हें अपना प्रत्याशी अवश्य बनाएगा। युवाओं, बुजुर्गों और मातृशक्ति से मिल रहे अपार समर्थन के बीच अब पूरे क्षेत्र की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि भाजपा नेतृत्व लालकुआं के इस माटी के लाल के समर्पण को किस प्रकार सम्मानित करता है।
- बरेली l इज्जतनगर, भमोरा की संयुक्त टीम द्वारा फर्जी फर्मों के माध्यम से करोड़ो रुपये की जीएसटी धोखाधड़ी करने वाले 02 अभियुक्तों को किया *थाना कैंट, इज्जतनगर, भमोरा की संयुक्त टीम द्वारा फर्जी फर्मों के माध्यम से करोड़ो रुपये की जीएसटी धोखाधड़ी करने वाले 02 अभियुक्तों को किया गिरफ्तार कर भारी मात्रा में बैंकिंग दस्तावेज, एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन, कार एवं अन्य सामान बरामदगी के सम्बन्ध मेंं #SPCrime की बाइट।*1
- Post by अशोक सरकार1
- जरूरत थी- नौजवान लड़कियों को जलील करने की उनको बेरहमी से पिटवाने की उन पर आंसू गोले दागने की,? पूंछता है भारत1
- #खुशखबरी | पेंशन धारकों के लिए बड़ी राहत उत्तर प्रदेश के पेंशन धारकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। योगी सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत मिलने वाली पेंशन राशि में ₹500 प्रति माह की बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है। अब तक पात्र लाभार्थियों को ₹1000 प्रति माह पेंशन मिलती थी, जिसे बढ़ाकर ₹1500 प्रति माह किया जाएगा। इस फैसले से प्रदेश के लाखों वृद्ध, निराश्रित महिला एवं दिव्यांग पेंशन लाभार्थियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। #YogiGovernment #UPPension #PensionHike #उत्तरप्रदेश #योगीसरकार #पेंशन #GoodNews1
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- लड़की छेड़ने के आरोप में युवकों की हुई बिच्छू घास और चप्पलों से पिटाई। लड़की छेड़ने के आरोप में युवकों की हुई बिच्छू घास और चप्पलों से पिटाई। यह घटना मुक्तेश्वर की बताई जा रही है। वीडियो वायरल हो रहा है।1