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मंडला के पवित्र माहिष्मती घाट पर शुक्रवार शाम को सिंधी समाज मंडला द्वारा मां नर्मदा की भव्य पंचचौकी महाआरती का आयोजन किया गया। धार्मिक परंपरा के अनुसार, हर माह की 29 तारीख को सिंधी समाज को इस महाआरती के संयोजन का सौभाग्य मिलता है। इस अवसर पर घाट पर श्रद्धालुओं का बड़ा हुजूम उमड़ा, जिससे पूरा क्षेत्र 'जय माँ नर्मदा' के जयकारों और भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो उठा। मां नर्मदा के माहिष्मती घाट पर विशेष रूप से सजी पांच चौकियों – अमृता, रेवा, नर्मदा, शांकरी और मेकलसुता – पर विद्वानों की उपस्थिति में महाआरती उतारी गई। इस दौरान भक्तों ने मां नर्मदा के जल में आस्था के दीप प्रवाहित किए, जिससे नदी दीपों की झिलमिलाहट से पूरी तरह जगमगा उठी। महाआरती के दौरान नर्मदाष्टक, त्वदीय पाद पंकजम्, नमामि देवी नर्मदे के सस्वर पाठ के साथ 'ऊँ जय जगदीश हरे' की आरती ने उपस्थित जनसमुदाय को भाव-विभोर कर दिया। इस पुनीत आयोजन को लेकर सिंधी समाज के साथ-साथ नगर के सभी वर्गों में भारी उत्साह और उल्लास देखने को मिला। बड़ी संख्या में पहुंचे प्रबुद्ध नागरिकों और मातृशक्ति ने इस आयोजन को श्रद्धा, भक्ति और आस्था का एक अनूठा संगम बताया। मुख्य अनुष्ठान के बाद, आयोजन समिति ने सभी उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रसादी का वितरण किया। वक्ताओं ने इस पंचचौकी महाआरती को केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवनदायिनी मां नर्मदा के प्रति कृतज्ञता और अनन्य भक्ति व्यक्त करने का एक पवित्र माध्यम बताया।

14 hrs ago
user_Prahlad Kachhwaha
Prahlad Kachhwaha
Local News Reporter मंडला, मंडला, मध्य प्रदेश•
14 hrs ago

मंडला के पवित्र माहिष्मती घाट पर शुक्रवार शाम को सिंधी समाज मंडला द्वारा मां नर्मदा की भव्य पंचचौकी महाआरती का आयोजन किया गया। धार्मिक परंपरा के अनुसार, हर माह की 29 तारीख को सिंधी समाज को इस महाआरती के संयोजन का सौभाग्य मिलता है। इस अवसर पर घाट पर श्रद्धालुओं का बड़ा हुजूम उमड़ा, जिससे पूरा क्षेत्र 'जय माँ नर्मदा' के जयकारों और भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो उठा। मां नर्मदा के माहिष्मती घाट पर विशेष रूप से सजी पांच चौकियों – अमृता, रेवा, नर्मदा, शांकरी और मेकलसुता – पर विद्वानों की उपस्थिति में महाआरती उतारी गई। इस दौरान भक्तों ने मां नर्मदा के जल में आस्था के दीप प्रवाहित किए, जिससे नदी दीपों की झिलमिलाहट से पूरी तरह जगमगा उठी। महाआरती के दौरान नर्मदाष्टक, त्वदीय पाद पंकजम्, नमामि देवी नर्मदे के सस्वर पाठ के साथ 'ऊँ जय जगदीश हरे' की आरती ने उपस्थित जनसमुदाय को भाव-विभोर कर दिया। इस पुनीत आयोजन को लेकर सिंधी समाज के साथ-साथ नगर के सभी वर्गों में भारी उत्साह और उल्लास देखने को मिला। बड़ी संख्या में पहुंचे प्रबुद्ध नागरिकों और मातृशक्ति ने इस आयोजन को श्रद्धा, भक्ति और आस्था का एक अनूठा संगम बताया। मुख्य अनुष्ठान के बाद, आयोजन समिति ने सभी उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रसादी का वितरण किया। वक्ताओं ने इस पंचचौकी महाआरती को केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवनदायिनी मां नर्मदा के प्रति कृतज्ञता और अनन्य भक्ति व्यक्त करने का एक पवित्र माध्यम बताया।

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यातायात व्यवस्था सुधारने मैदान में उतरी पुलिस, नियम उल्लंघन पर वसूला ₹9000 समन शुल्क
    user_Sanjay nanda
    Sanjay nanda
    Local News Reporter Mandla, Madhya Pradesh•
    8 hrs ago
  • कांग्रेस पार्टी ने बिजली की समस्याओं को लेकर एक उग्र धरना प्रदर्शन किया। इस विरोध के दौरान, कार्यकर्ताओं ने विद्युत कार्यालय का घेराव किया और अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्यालय के मुख्य गेट पर एम.पी.ई. बी. के एक अधिकारी का पुतला फूंका।
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    कांग्रेस पार्टी ने बिजली की समस्याओं को लेकर एक उग्र धरना प्रदर्शन किया। इस विरोध के दौरान, कार्यकर्ताओं ने विद्युत कार्यालय का घेराव किया और अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्यालय के मुख्य गेट पर एम.पी.ई. बी. के एक अधिकारी का पुतला फूंका।
    user_Salim khan
    Salim khan
    Local News Reporter मंडला, मंडला, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट के पास स्थित ग्राम गदेरी में एक मकान के निर्माण कार्य के दौरान जमीन के भीतर दबा एक जिंदा बम मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। खुदाई कर रहे मजदूरों को जमीन के अंदर संदिग्ध लोहे जैसी वस्तु दिखाई दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही खमरिया थाना पुलिस और बम स्क्वॉड की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि यह वस्तु वास्तव में एक जिंदा UXO बम था, जिसकी मारक क्षमता करीब 50 मीटर तक बताई जा रही है। इस बम का वजन 12 किलो से अधिक था और यह जमीन में 3 से 4 फीट नीचे दबा हुआ था। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, आसपास के पूरे इलाके को तत्काल खाली करा लिया गया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बम को सुरक्षित तरीके से सेना के अधिकारियों को सौंप दिया है। अब सेना के अधिकारी इस बम को निष्क्रिय करने की प्रक्रिया को अंजाम देंगे।
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    जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट के पास स्थित ग्राम गदेरी में एक मकान के निर्माण कार्य के दौरान जमीन के भीतर दबा एक जिंदा बम मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। खुदाई कर रहे मजदूरों को जमीन के अंदर संदिग्ध लोहे जैसी वस्तु दिखाई दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

सूचना मिलते ही खमरिया थाना पुलिस और बम स्क्वॉड की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि यह वस्तु वास्तव में एक जिंदा UXO बम था, जिसकी मारक क्षमता करीब 50 मीटर तक बताई जा रही है। इस बम का वजन 12 किलो से अधिक था और यह जमीन में 3 से 4 फीट नीचे दबा हुआ था। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, आसपास के पूरे इलाके को तत्काल खाली करा लिया गया।

पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बम को सुरक्षित तरीके से सेना के अधिकारियों को सौंप दिया है। अब सेना के अधिकारी इस बम को निष्क्रिय करने की प्रक्रिया को अंजाम देंगे।
    user_Deepak Vishwakarma
    Deepak Vishwakarma
    Photographer जबलपुर, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • डिण्डौरी जिले के शहपुरा में स्थित नर्मदांचल गौ सेवा समिति, ढोंढ़ा, जैविक खेती का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करने वाला एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है। जिले के प्रसिद्ध जैविक कृषि विशेषज्ञ श्री बिहारी लाल साहू द्वारा संचालित यह समिति विगत 10 वर्षों से जैविक खेती के क्षेत्र में सक्रिय है। श्री साहू न केवल स्वयं जैविक खेती करते हैं, बल्कि डिण्डौरी और आसपास के क्षेत्रों के किसानों को जैविक खेती अपनाने के लिए निरंतर प्रशिक्षण भी देते हैं। वे किसानों के साथ-साथ महाविद्यालयों, विद्यालयों, शासकीय संस्थानों और एनजीओ के माध्यम से डिण्डौरी सहित अन्य जिलों में जैविक खेती के प्रति जागरूकता फैलाने का सराहनीय कार्य कर रहे हैं, जिसमें उनके फार्म हाउस में जैविक खेती का लाइव डेमो भी प्रदर्शित किया जाता है। समिति पशुओं के गोबर से बायोगैस के निर्माण का भी प्रदर्शन करती है, जिसे प्लास्टिक के 6 फुट चौड़े और 10 फुट लंबे टांके में घोलकर डाला जाता है। इसमें 4 इंच का पाइप गोबर घोल डालने के लिए और दूसरा 4 इंच का पाइप ओवरफ्लो के लिए लगा होता है, जहाँ से गैस बनने के बाद निकलने वाली वेस्ट स्लरी उत्तम जैविक खाद का काम करती है। एक तीसरा पाइप गैस को सीधे चूल्हे तक ले जाता है। यह जैव-अपघटनीय पदार्थों को बिना ऑक्सीजन के सड़ाकर बनती है, जिसमें 55-65% मीथेन और 30-40% CO2 होती है, जो एक बार लगने के बाद कई वर्षों तक चलती है। यह कार्य आत्मा परियोजना के तहत डिण्डौरी जिले में 33 बीआरसी किसानों को भी दिया गया है। राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन, भारत सरकार, जैव आदान संसाधन केंद्र द्वारा प्राकृतिक खेती के लिए आवश्यक जैविक उत्पाद उपलब्ध कराए जाते हैं, और बिहारी लाल साहू एक बीआरसी के रूप में प्राकृतिक खेती पर मार्गदर्शन, जानकारी और सलाह भी देते हैं, जिसके लिए उनका नारा है, 'जैविक खेती अपनाएं, स्वास्थ्य और धरती बचाएं'। नर्मदांचल गौ सेवा समिति में गौवंश आधारित प्राकृतिक जैविक खाद जैसे केंचुआ खाद, वर्मीवाश, जीवामृत, अग्नि अस्त्र आदि का निर्माण कर विक्रय किया जाता है। साथ ही बीज उपचार सहित जैविक कृषि से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं की जानकारी निशुल्क प्रदान की जाती है। यहां जैविक फार्म में केला, पपीता, अदरक, करेला, सेमी, टमाटर, गोभी, बैंगन, आलू, मटर, प्याज, लहसुन, लाल भाजी, मेथी भाजी जैसी विभिन्न फसलें जैविक विधि से उगाई जाती हैं। जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू ने इस अवसर पर बताया कि जैविक उत्पाद मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी होते हैं और रासायनिक मुक्त खेती मिट्टी की उर्वरता तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए भी आवश्यक है। उनके अनुसार, जैविक खेती से किसानों की लागत कम होती है और उपज की गुणवत्ता बेहतर होती है। कार्यक्रम में बिहारी लाल साहू, आयुष साहू, प्रगति साहू सहित अन्य जन उपस्थित रहे। बिहारी लाल साहू डिण्डौरी जिला आत्मा परियोजना के सभी अधिकारियों का हार्दिक अभिनंदन करते हैं। उन्होंने 20 हजार से अधिक विद्यार्थियों और 80 हजार से अधिक किसानों को प्राकृतिक/जैविक खेती पर प्रशिक्षण दिया है, और इस संदेश को एक दोहे के माध्यम से भी व्यक्त किया है: 'ऐसी खेती कीजिए, खाद रसायन दूर। खेत बचे जीवन बचे, स्वाद रहे भरपूर।'
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    डिण्डौरी जिले के शहपुरा में स्थित नर्मदांचल गौ सेवा समिति, ढोंढ़ा, जैविक खेती का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करने वाला एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है। जिले के प्रसिद्ध जैविक कृषि विशेषज्ञ श्री बिहारी लाल साहू द्वारा संचालित यह समिति विगत 10 वर्षों से जैविक खेती के क्षेत्र में सक्रिय है। श्री साहू न केवल स्वयं जैविक खेती करते हैं, बल्कि डिण्डौरी और आसपास के क्षेत्रों के किसानों को जैविक खेती अपनाने के लिए निरंतर प्रशिक्षण भी देते हैं। वे किसानों के साथ-साथ महाविद्यालयों, विद्यालयों, शासकीय संस्थानों और एनजीओ के माध्यम से डिण्डौरी सहित अन्य जिलों में जैविक खेती के प्रति जागरूकता फैलाने का सराहनीय कार्य कर रहे हैं, जिसमें उनके फार्म हाउस में जैविक खेती का लाइव डेमो भी प्रदर्शित किया जाता है।

समिति पशुओं के गोबर से बायोगैस के निर्माण का भी प्रदर्शन करती है, जिसे प्लास्टिक के 6 फुट चौड़े और 10 फुट लंबे टांके में घोलकर डाला जाता है। इसमें 4 इंच का पाइप गोबर घोल डालने के लिए और दूसरा 4 इंच का पाइप ओवरफ्लो के लिए लगा होता है, जहाँ से गैस बनने के बाद निकलने वाली वेस्ट स्लरी उत्तम जैविक खाद का काम करती है। एक तीसरा पाइप गैस को सीधे चूल्हे तक ले जाता है। यह जैव-अपघटनीय पदार्थों को बिना ऑक्सीजन के सड़ाकर बनती है, जिसमें 55-65% मीथेन और 30-40% CO2 होती है, जो एक बार लगने के बाद कई वर्षों तक चलती है। यह कार्य आत्मा परियोजना के तहत डिण्डौरी जिले में 33 बीआरसी किसानों को भी दिया गया है। राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन, भारत सरकार, जैव आदान संसाधन केंद्र द्वारा प्राकृतिक खेती के लिए आवश्यक जैविक उत्पाद उपलब्ध कराए जाते हैं, और बिहारी लाल साहू एक बीआरसी के रूप में प्राकृतिक खेती पर मार्गदर्शन, जानकारी और सलाह भी देते हैं, जिसके लिए उनका नारा है, 'जैविक खेती अपनाएं, स्वास्थ्य और धरती बचाएं'।

नर्मदांचल गौ सेवा समिति में गौवंश आधारित प्राकृतिक जैविक खाद जैसे केंचुआ खाद, वर्मीवाश, जीवामृत, अग्नि अस्त्र आदि का निर्माण कर विक्रय किया जाता है। साथ ही बीज उपचार सहित जैविक कृषि से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं की जानकारी निशुल्क प्रदान की जाती है। यहां जैविक फार्म में केला, पपीता, अदरक, करेला, सेमी, टमाटर, गोभी, बैंगन, आलू, मटर, प्याज, लहसुन, लाल भाजी, मेथी भाजी जैसी विभिन्न फसलें जैविक विधि से उगाई जाती हैं।

जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू ने इस अवसर पर बताया कि जैविक उत्पाद मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी होते हैं और रासायनिक मुक्त खेती मिट्टी की उर्वरता तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए भी आवश्यक है। उनके अनुसार, जैविक खेती से किसानों की लागत कम होती है और उपज की गुणवत्ता बेहतर होती है। कार्यक्रम में बिहारी लाल साहू, आयुष साहू, प्रगति साहू सहित अन्य जन उपस्थित रहे। बिहारी लाल साहू डिण्डौरी जिला आत्मा परियोजना के सभी अधिकारियों का हार्दिक अभिनंदन करते हैं। उन्होंने 20 हजार से अधिक विद्यार्थियों और 80 हजार से अधिक किसानों को प्राकृतिक/जैविक खेती पर प्रशिक्षण दिया है, और इस संदेश को एक दोहे के माध्यम से भी व्यक्त किया है: 'ऐसी खेती कीजिए, खाद रसायन दूर। खेत बचे जीवन बचे, स्वाद रहे भरपूर।'
    user_Pradeep singh Rajput
    Pradeep singh Rajput
    डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • मंडला जिले के बीजाडांडी थाना क्षेत्र के उदयपुर गांव के पास शनिवार को जबलपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक भीषण सड़क हादसा हो गया। इस घटना में एक तेज रफ्तार ट्राला और दवाइयों से लदे एक ट्रक की आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई, जिससे दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। गनीमत यह रही कि इस हादसे में किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई, हालांकि दोनों वाहनों के चालक और परिचालक बाल-बाल बच गए। मिली जानकारी के अनुसार, यह सड़क हादसा उदयपुर के जियो पेट्रोल पंप के आगे एक मोड़ और फक्कड़ बाबा कुटी के पास हुआ। रायगढ़ से गुजरात की ओर जा रहे ट्राला क्रमांक जीजे 06 जीई 408 ने सामने से आ रहे ट्रक क्रमांक आरजे 11 जीसी 70777 को टक्कर मार दी, जो रायपुर से दिल्ली जा रहा था और कीमती दवाइयों से लदा था। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रक का साइड और पीछे का हिस्सा पूरी तरह चरमरा गया, और उसमें रखी दवाइयां सड़क पर बिखर गईं। वहीं, टक्कर मारने के बाद अनियंत्रित और तेज रफ्तार ट्राला सड़क किनारे लगे सागौन के दो बड़े पेड़ों को उखाड़ता हुआ करीब 5 फीट गहरी खाई में जा गिरा। इस हादसे में दोनों वाहनों के चालकों और परिचालकों को मामूली चोटें आईं, जिन्हें एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया और उनका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही बीजाडांडी पुलिस बल मौके पर पहुंची और तत्परता दिखाते हुए घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। स्थानीय नागरिकों और पुलिस की मदद से सड़क पर बिखरी हुई दवाइयों को सुरक्षित एकत्र किया गया। पुलिस इस पूरे सड़क हादसे की जांच कर रही है।
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    मंडला जिले के बीजाडांडी थाना क्षेत्र के उदयपुर गांव के पास शनिवार को जबलपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक भीषण सड़क हादसा हो गया। इस घटना में एक तेज रफ्तार ट्राला और दवाइयों से लदे एक ट्रक की आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई, जिससे दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। गनीमत यह रही कि इस हादसे में किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई, हालांकि दोनों वाहनों के चालक और परिचालक बाल-बाल बच गए।

मिली जानकारी के अनुसार, यह सड़क हादसा उदयपुर के जियो पेट्रोल पंप के आगे एक मोड़ और फक्कड़ बाबा कुटी के पास हुआ। रायगढ़ से गुजरात की ओर जा रहे ट्राला क्रमांक जीजे 06 जीई 408 ने सामने से आ रहे ट्रक क्रमांक आरजे 11 जीसी 70777 को टक्कर मार दी, जो रायपुर से दिल्ली जा रहा था और कीमती दवाइयों से लदा था। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रक का साइड और पीछे का हिस्सा पूरी तरह चरमरा गया, और उसमें रखी दवाइयां सड़क पर बिखर गईं। वहीं, टक्कर मारने के बाद अनियंत्रित और तेज रफ्तार ट्राला सड़क किनारे लगे सागौन के दो बड़े पेड़ों को उखाड़ता हुआ करीब 5 फीट गहरी खाई में जा गिरा। इस हादसे में दोनों वाहनों के चालकों और परिचालकों को मामूली चोटें आईं, जिन्हें एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया और उनका इलाज जारी है।

घटना की सूचना मिलते ही बीजाडांडी पुलिस बल मौके पर पहुंची और तत्परता दिखाते हुए घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। स्थानीय नागरिकों और पुलिस की मदद से सड़क पर बिखरी हुई दवाइयों को सुरक्षित एकत्र किया गया। पुलिस इस पूरे सड़क हादसे की जांच कर रही है।
    user_Prahlad Kachhwaha
    Prahlad Kachhwaha
    Local News Reporter मंडला, मंडला, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • शनिवार को मंडला के उदयपुर-समनापुर तिराहे के आगे मोड़ पर रेत से भरा एक हाइवा पलट गया। हाइवा क्रमांक एमपी 20 जेडएन 7284 मंडला की तरफ से आ रहा था और ओवरटेक करने का प्रयास कर रहा था, तभी चालक को नींद का झोंका आ गया। इससे वाहन अनियंत्रित हो गया और जैसे ही चालक ने ब्रेक लगाया, हाइवा सड़क के नीचे पलट गया। दुर्घटना के बाद हाइवा में सवार चालक और परिचालक अंदर फंस गए थे, जिनमें से एक केबिन में सो रहा था। मौके पर पहुंचे लोगों ने तुरंत हाइवा का कांच तोड़कर दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस हादसे में चालक और परिचालक को मामूली चोटें आईं और वे बाल-बाल बच गए। घटना की सूचना मिलने पर बीजाडांडी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को संभाला। पुलिस इस सड़क हादसे की जांच कर रही है।
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    शनिवार को मंडला के उदयपुर-समनापुर तिराहे के आगे मोड़ पर रेत से भरा एक हाइवा पलट गया। हाइवा क्रमांक एमपी 20 जेडएन 7284 मंडला की तरफ से आ रहा था और ओवरटेक करने का प्रयास कर रहा था, तभी चालक को नींद का झोंका आ गया। इससे वाहन अनियंत्रित हो गया और जैसे ही चालक ने ब्रेक लगाया, हाइवा सड़क के नीचे पलट गया।

दुर्घटना के बाद हाइवा में सवार चालक और परिचालक अंदर फंस गए थे, जिनमें से एक केबिन में सो रहा था। मौके पर पहुंचे लोगों ने तुरंत हाइवा का कांच तोड़कर दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस हादसे में चालक और परिचालक को मामूली चोटें आईं और वे बाल-बाल बच गए।

घटना की सूचना मिलने पर बीजाडांडी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को संभाला। पुलिस इस सड़क हादसे की जांच कर रही है।
    user_Prahlad Kachhwaha
    Prahlad Kachhwaha
    Local News Reporter मंडला, मंडला, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
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