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यातायात व्यवस्था सुधारने मैदान में उतरी पुलिस, नियम उल्लंघन पर वसूला ₹9000 समन श यातायात व्यवस्था सुधारने मैदान में उतरी पुलिस, नियम उल्लंघन पर वसूला ₹9000 समन शुल्क
Sanjay nanda
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- कांग्रेस पार्टी ने बिजली की समस्याओं को लेकर एक उग्र धरना प्रदर्शन किया। इस विरोध के दौरान, कार्यकर्ताओं ने विद्युत कार्यालय का घेराव किया और अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्यालय के मुख्य गेट पर एम.पी.ई. बी. के एक अधिकारी का पुतला फूंका।1
- डिण्डौरी जिले के शहपुरा में स्थित नर्मदांचल गौ सेवा समिति, ढोंढ़ा, जैविक खेती का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करने वाला एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है। जिले के प्रसिद्ध जैविक कृषि विशेषज्ञ श्री बिहारी लाल साहू द्वारा संचालित यह समिति विगत 10 वर्षों से जैविक खेती के क्षेत्र में सक्रिय है। श्री साहू न केवल स्वयं जैविक खेती करते हैं, बल्कि डिण्डौरी और आसपास के क्षेत्रों के किसानों को जैविक खेती अपनाने के लिए निरंतर प्रशिक्षण भी देते हैं। वे किसानों के साथ-साथ महाविद्यालयों, विद्यालयों, शासकीय संस्थानों और एनजीओ के माध्यम से डिण्डौरी सहित अन्य जिलों में जैविक खेती के प्रति जागरूकता फैलाने का सराहनीय कार्य कर रहे हैं, जिसमें उनके फार्म हाउस में जैविक खेती का लाइव डेमो भी प्रदर्शित किया जाता है। समिति पशुओं के गोबर से बायोगैस के निर्माण का भी प्रदर्शन करती है, जिसे प्लास्टिक के 6 फुट चौड़े और 10 फुट लंबे टांके में घोलकर डाला जाता है। इसमें 4 इंच का पाइप गोबर घोल डालने के लिए और दूसरा 4 इंच का पाइप ओवरफ्लो के लिए लगा होता है, जहाँ से गैस बनने के बाद निकलने वाली वेस्ट स्लरी उत्तम जैविक खाद का काम करती है। एक तीसरा पाइप गैस को सीधे चूल्हे तक ले जाता है। यह जैव-अपघटनीय पदार्थों को बिना ऑक्सीजन के सड़ाकर बनती है, जिसमें 55-65% मीथेन और 30-40% CO2 होती है, जो एक बार लगने के बाद कई वर्षों तक चलती है। यह कार्य आत्मा परियोजना के तहत डिण्डौरी जिले में 33 बीआरसी किसानों को भी दिया गया है। राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन, भारत सरकार, जैव आदान संसाधन केंद्र द्वारा प्राकृतिक खेती के लिए आवश्यक जैविक उत्पाद उपलब्ध कराए जाते हैं, और बिहारी लाल साहू एक बीआरसी के रूप में प्राकृतिक खेती पर मार्गदर्शन, जानकारी और सलाह भी देते हैं, जिसके लिए उनका नारा है, 'जैविक खेती अपनाएं, स्वास्थ्य और धरती बचाएं'। नर्मदांचल गौ सेवा समिति में गौवंश आधारित प्राकृतिक जैविक खाद जैसे केंचुआ खाद, वर्मीवाश, जीवामृत, अग्नि अस्त्र आदि का निर्माण कर विक्रय किया जाता है। साथ ही बीज उपचार सहित जैविक कृषि से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं की जानकारी निशुल्क प्रदान की जाती है। यहां जैविक फार्म में केला, पपीता, अदरक, करेला, सेमी, टमाटर, गोभी, बैंगन, आलू, मटर, प्याज, लहसुन, लाल भाजी, मेथी भाजी जैसी विभिन्न फसलें जैविक विधि से उगाई जाती हैं। जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू ने इस अवसर पर बताया कि जैविक उत्पाद मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी होते हैं और रासायनिक मुक्त खेती मिट्टी की उर्वरता तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए भी आवश्यक है। उनके अनुसार, जैविक खेती से किसानों की लागत कम होती है और उपज की गुणवत्ता बेहतर होती है। कार्यक्रम में बिहारी लाल साहू, आयुष साहू, प्रगति साहू सहित अन्य जन उपस्थित रहे। बिहारी लाल साहू डिण्डौरी जिला आत्मा परियोजना के सभी अधिकारियों का हार्दिक अभिनंदन करते हैं। उन्होंने 20 हजार से अधिक विद्यार्थियों और 80 हजार से अधिक किसानों को प्राकृतिक/जैविक खेती पर प्रशिक्षण दिया है, और इस संदेश को एक दोहे के माध्यम से भी व्यक्त किया है: 'ऐसी खेती कीजिए, खाद रसायन दूर। खेत बचे जीवन बचे, स्वाद रहे भरपूर।'1
- डिंडौरी जिला जल संरचनाओं के निर्माण और जल स्रोतों के जीर्णोद्धार में पूरे देश में दूसरे स्थान पर है। पिछले दो महीनों से जिले में जनभागीदारी के माध्यम से लगातार यह कार्य किया जा रहा है। अब तक जिला और जनपद पंचायत क्षेत्रों में कुल 6 लाख 26 हजार 955 जल संरचनाओं का निर्माण कराया जा चुका है, जिसमें ग्रामीणों की सक्रिय भूमिका रही है। अधिकारियों ने ग्रामीणों को जल संरक्षण का महत्व समझाया, जिससे उन्हें यह बात समझ आई कि पानी रोकने से ही बचेगा और फिर से उपलब्ध होगा। इस समझ के बाद, लोगों ने स्वयं प्रेरित होकर अपने घरों में जल संचय के कार्य शुरू कर दिए। बजाग जनपद पंचायत की सिंहपुर ग्राम पंचायत में, जहाँ लगभग साढ़े तीन सौ मकान हैं, हर घर में सोखता पिट और छतों से बारिश के पानी को रोकने के लिए पाइप के जरिए वाटर हार्वेस्टिंग की तैयारी की गई है। गांव की महिला मेकिन बाई ने बताया कि पहले उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी, लेकिन सरपंच दीपचंद पूषाम और अधिकारियों ने उन्हें जल का महत्व समझाया, जिसके बाद उन्होंने स्वयं मेहनत कर और थोड़ा पैसा खर्च कर पाइप खरीदे और घर के सामने सोखता पिट बनाया, जिसमें अब निस्तार का पानी जा रहा है। इसी तरह, जमुना खैरवार ने भी स्वीकार किया कि वे पहले पानी का महत्व नहीं जानते थे और सोचते थे कि पानी उपलब्ध कराना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। सरपंच और अधिकारियों द्वारा थोड़ी मेहनत से पानी बचाने और धरती को रिचार्ज करने की जानकारी देने के बाद उन्होंने अपने घर में दो सोखता पिट बनवाए। अब वे गांव में जाकर अन्य लोगों को भी जागरूक कर रही हैं ताकि बारिश का पानी रोका जा सके और आने वाली पीढ़ी के लिए पानी बचाया जा सके। इसके अतिरिक्त, आजीविका परियोजना से जुड़ी कृषक सखी सुदामा सुरेश्वर ने 'मां की बगिया' योजना के बारे में बताया, जिसके तहत पांच हितग्राही हैं। एक बगिया में 15 नींबू और 35 आम के पेड़ लगाए गए हैं, जिन्हें टपक पद्धति से पानी दिया जा रहा है। कृषक सखी ने पानी बचाने और पेड़ों को सुरक्षित रखने के लिए हितग्राहियों को जागरूक किया और उन्हें टपकना, हांडी और स्लाइन की बोतल से पेड़ों को पानी देने के तरीके बताए। अब ये हितग्राही स्वयं पेड़ों की सुरक्षा और सिंचाई का कार्य कर रहे हैं, जिससे यह सुनिश्चित हो रहा है कि पानी की बचत के साथ-साथ पर्यावरण का भी ध्यान रखा जा सके।1
- मंडला जिले के बीजाडांडी थाना क्षेत्र के उदयपुर गांव के पास शनिवार को जबलपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक भीषण सड़क हादसा हो गया। इस घटना में एक तेज रफ्तार ट्राला और दवाइयों से लदे एक ट्रक की आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई, जिससे दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। गनीमत यह रही कि इस हादसे में किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई, हालांकि दोनों वाहनों के चालक और परिचालक बाल-बाल बच गए। मिली जानकारी के अनुसार, यह सड़क हादसा उदयपुर के जियो पेट्रोल पंप के आगे एक मोड़ और फक्कड़ बाबा कुटी के पास हुआ। रायगढ़ से गुजरात की ओर जा रहे ट्राला क्रमांक जीजे 06 जीई 408 ने सामने से आ रहे ट्रक क्रमांक आरजे 11 जीसी 70777 को टक्कर मार दी, जो रायपुर से दिल्ली जा रहा था और कीमती दवाइयों से लदा था। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रक का साइड और पीछे का हिस्सा पूरी तरह चरमरा गया, और उसमें रखी दवाइयां सड़क पर बिखर गईं। वहीं, टक्कर मारने के बाद अनियंत्रित और तेज रफ्तार ट्राला सड़क किनारे लगे सागौन के दो बड़े पेड़ों को उखाड़ता हुआ करीब 5 फीट गहरी खाई में जा गिरा। इस हादसे में दोनों वाहनों के चालकों और परिचालकों को मामूली चोटें आईं, जिन्हें एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया और उनका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही बीजाडांडी पुलिस बल मौके पर पहुंची और तत्परता दिखाते हुए घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। स्थानीय नागरिकों और पुलिस की मदद से सड़क पर बिखरी हुई दवाइयों को सुरक्षित एकत्र किया गया। पुलिस इस पूरे सड़क हादसे की जांच कर रही है।1
- शनिवार को मंडला के उदयपुर-समनापुर तिराहे के आगे मोड़ पर रेत से भरा एक हाइवा पलट गया। हाइवा क्रमांक एमपी 20 जेडएन 7284 मंडला की तरफ से आ रहा था और ओवरटेक करने का प्रयास कर रहा था, तभी चालक को नींद का झोंका आ गया। इससे वाहन अनियंत्रित हो गया और जैसे ही चालक ने ब्रेक लगाया, हाइवा सड़क के नीचे पलट गया। दुर्घटना के बाद हाइवा में सवार चालक और परिचालक अंदर फंस गए थे, जिनमें से एक केबिन में सो रहा था। मौके पर पहुंचे लोगों ने तुरंत हाइवा का कांच तोड़कर दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस हादसे में चालक और परिचालक को मामूली चोटें आईं और वे बाल-बाल बच गए। घटना की सूचना मिलने पर बीजाडांडी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को संभाला। पुलिस इस सड़क हादसे की जांच कर रही है।1