एसबीआई बैंक के जनरेट में लगी आग हड़ताल के बाद भी आग बुझाने पहुंचे दमकल विभाग कर्मचारी का हाथ झूलसा बाजार के बीच बैंक होने से बड़ा हादसा होने से टला उचाना। शहर के सबसे भीड़ वाले डाकघर रोड पर स्थित एसबीआई बैंक के मेन गेट पर रखे जनरेटर में अचानक आग लगने से बैंक के साथ-साथ आस-पास में अफरातफरी मच गई। जनरेटर के अंदर डीजल का टैंक होने के चलते बड़ा हादसा होने का डर लोगों में बन गया। बैंक से कुछ दूरी पर स्थित फायर ब्रिगेड के कच्चे कर्मचारी हड़ताल पर थे। आग लगने की सूचना मिलने पर हड़ताल पर होने के बावजूद भी 12 कर्मचारी बैंक में आग बूझाने पहुंचे। फायर ब्रिगेड की दो गाड़ी है लेकिन वो मौके पर नहीं थी। यहां पर दुकानदारों, राहगीरों के सहयोग से दमकल विभाग कर्मियों ने आग पर काबू पाया। फायर आपरेटर सुरेश जनरेट में लगी आग को बुझाने के लिए जनरेट की खिड़की खोले लगा तो आग से उसका हाथ सुलझ गया। कई देर की मशक्त के बाद आग पर काबू पाया जा सका, हालांकि आग लगने से जनरेटर जलकर राख हो गया। एसबीआई बैंक मैनेजर महेंद्र सिंह ने बताया कि आग अचानक जनरेटर में लग गई। आग पर समय रहते काबू पाया गया। जनरेटर को आग लगने से नुकसान हुआ है। राहगीर बलजोर, राजकुमार, बलदेव ने कहा कि जनरेटर में जो डीजल का टैंक था अगर आग वहां तक पहुंच जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। सबसे ज्यादा भीड़-भाड़ा वाला बाजार के डाकघर रोड पर बैंक है। दमकल विभाग के कच्चे कर्मचारियों ने हड़ताल पर होने के बाद भी इंसानियत का परिचय देते हुए आग पर काबू पाने में अहम भूमिका अदा की। फायर आपरेटर उचाना सुरेश कुमार ने बताया कि जो बैंक का कर्मचारी आग की सूचना देने आया था। मानव सेवा को देखते हुए बैंक गेट पर सभी 12 कर्मचारी पहुंचे। वहां आरओ पानी की गाड़ी बाजार में आई हुई थी। उसका सहारा लिया जो आस-पड़ोस के लोगों, दुकानदारों की सहायता से आग बुझाई गई। जो जनरेटर है वो तो बिल्कुल खत्म हो चुका है। जब जनरेटर खिड़की खोली तो वहां आग से उसका हाथ झूलस गया हाथ में सोजन भी आई है जिसमें अब कुछ आराम हुआ है। दमकल विभाग कर्मचारी विनोद कुमार एसबीआई बैंक का कर्मचारी हमारे पास आया जिसने बताया कि बैंक के मेन गेट के पास जो जनरेटर है रखा हुआ है उसके अंदर आग लगी है। आग बुझाने के लिए गाड़ी लेकर पहुंचे। हमारे पास दो फायर ब्रिगेड की गाडिय़ा है हमारे पास मौके पर कोई गाड़ी नहीं थी, स्टाफ नहीं था। सरकार से मांगों लेकर हम दमकल कर्मी हड़ताल पर चल रहे है। हड़ताल का 18वां दिन है ऐसे में हम फायर पर नहीं जा रहे है लेकिन जैसे हमें बताया गया कि गेट के पास जो जनरेटर रखा है उसमें आग लगी है बैंक बाजार के बीच में है। अंदर के कुछ ऑडिट के कर्मचारी है जो फंसे है। आग अगर ज्यादा फैल जाती है तो वो कर्मचारी अंदर फंसे रहने से कोई घटना घट सकती है। ऐसे में धरने पर उपस्थित कर्मचारियों ने फैसला लिया कि बेशक हम हड़ताल पर है लेकिन नैतिकता, इंसानियत के चलते पहले लोगों की जान बचाना जरूरी है मांगे बाद की बात है। यहां पर 12 कर्मचारी थे तो सभी कर्मचारी एसबीआई बैंक पहुंचे जहां आगजनी हुई थी। उस आग पर काबू पाया।
एसबीआई बैंक के जनरेट में लगी आग हड़ताल के बाद भी आग बुझाने पहुंचे दमकल विभाग कर्मचारी का हाथ झूलसा बाजार के बीच बैंक होने से बड़ा हादसा होने से टला उचाना। शहर के सबसे भीड़ वाले डाकघर रोड पर स्थित एसबीआई बैंक के मेन गेट पर रखे जनरेटर में अचानक आग लगने से बैंक के साथ-साथ आस-पास में अफरातफरी मच गई। जनरेटर के अंदर डीजल का टैंक होने के चलते बड़ा हादसा होने का डर लोगों में बन गया। बैंक से कुछ दूरी पर स्थित फायर ब्रिगेड के कच्चे कर्मचारी हड़ताल पर थे। आग लगने की सूचना मिलने पर हड़ताल पर होने के बावजूद भी 12 कर्मचारी बैंक में आग बूझाने पहुंचे। फायर ब्रिगेड की दो गाड़ी है लेकिन वो मौके पर नहीं थी। यहां पर दुकानदारों, राहगीरों के सहयोग से दमकल विभाग कर्मियों ने आग पर काबू पाया। फायर आपरेटर सुरेश जनरेट में लगी आग को बुझाने के लिए जनरेट की खिड़की खोले लगा तो आग से उसका हाथ सुलझ गया। कई देर की मशक्त के बाद आग पर काबू पाया जा सका, हालांकि आग लगने से जनरेटर जलकर राख हो गया। एसबीआई बैंक मैनेजर महेंद्र सिंह ने बताया कि आग अचानक जनरेटर में लग गई। आग पर समय रहते काबू पाया गया। जनरेटर को आग लगने से नुकसान हुआ है। राहगीर बलजोर, राजकुमार, बलदेव ने कहा कि जनरेटर में जो डीजल का टैंक था अगर आग वहां तक पहुंच जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। सबसे ज्यादा भीड़-भाड़ा वाला बाजार के डाकघर रोड पर बैंक है। दमकल विभाग के कच्चे कर्मचारियों ने हड़ताल पर होने के बाद भी इंसानियत का परिचय देते हुए आग पर काबू पाने में अहम भूमिका अदा की। फायर आपरेटर उचाना सुरेश कुमार ने बताया कि जो बैंक का कर्मचारी आग की सूचना देने आया था। मानव सेवा को देखते हुए बैंक गेट पर सभी 12 कर्मचारी पहुंचे। वहां आरओ पानी की गाड़ी बाजार में आई हुई थी। उसका सहारा लिया जो आस-पड़ोस के लोगों, दुकानदारों की सहायता से आग बुझाई गई। जो जनरेटर है वो तो बिल्कुल खत्म हो चुका है। जब जनरेटर खिड़की खोली तो वहां आग से उसका हाथ झूलस गया हाथ में सोजन भी आई है जिसमें अब कुछ आराम हुआ है। दमकल विभाग कर्मचारी विनोद कुमार एसबीआई बैंक का कर्मचारी हमारे पास आया जिसने बताया कि बैंक के मेन गेट के पास जो जनरेटर है रखा हुआ है उसके अंदर आग लगी है। आग बुझाने के लिए गाड़ी लेकर पहुंचे। हमारे पास दो फायर ब्रिगेड की गाडिय़ा है हमारे पास मौके पर कोई गाड़ी नहीं थी, स्टाफ नहीं था। सरकार से मांगों लेकर हम दमकल कर्मी हड़ताल पर चल रहे है। हड़ताल का 18वां दिन है ऐसे में हम फायर पर नहीं जा रहे है लेकिन जैसे हमें बताया गया कि गेट के पास जो जनरेटर रखा है उसमें आग लगी है बैंक बाजार के बीच में है। अंदर के कुछ ऑडिट के कर्मचारी है जो फंसे है। आग अगर ज्यादा फैल जाती है तो वो कर्मचारी अंदर फंसे रहने से कोई घटना घट सकती है। ऐसे में धरने पर उपस्थित कर्मचारियों ने फैसला लिया कि बेशक हम हड़ताल पर है लेकिन नैतिकता, इंसानियत के चलते पहले लोगों की जान बचाना जरूरी है मांगे बाद की बात है। यहां पर 12 कर्मचारी थे तो सभी कर्मचारी एसबीआई बैंक पहुंचे जहां आगजनी हुई थी। उस आग पर काबू पाया।
- उचाना। तापमान में हो रही बढ़ोतरी से उससे बचने के लिए नागरिक अस्पताल एसएमओ डॉ. सुशील गर्ग ने लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है। तापमान बढऩे से उल्टी, दस्त के मरीजों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। हर रोज नागरिक अस्पताल में 400 के आस-पास ओपीडी हो रही है। दोपहर के समय जरूरी हो तो ही घरों से बाहर निकलने की सलाह देने के साथ-साथ विभिन्न सलाह आमजन को दी है ताकि चलने वाली से बचाव हो सकें। डॉ. सुशील गर्ग ने बताया कि जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है तापमान 40 डिग्री से ऊपर जा रहा हैं लू से बचने के लिए घरों में जो तरीके अपना जाते है वो करें। घर में पंखा, कूलर, एसी का इस्तेमाल करें, पूरे बाजी के कपड़े डाले ताकि गर्मी के साथ मच्छर का प्रकोप बढ़ जाता है उनसे बचा जा सकते है। ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थों का सेवन करें। खाने पीने का विशेष ध्यान रखे। खाने-पीने में कभी बासी खाना, पहले बना हुआ खाना, बाहर का बना खाना न खाएं। नशे से भी बचे, धूम्रपान, अलकोहल गर्मी के अंदर समस्या को बड़ा देते है। लू लगने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है। घरों में नींबू पानी पीएं, ओआरएस का प्रयोग कर सकते है जो सरकारी अस्पतालों में मुफ्त बांटे जाते है। लस्सी, दही सहित अन्य तरल पदार्थों का सेवन करें।1
- Post by IndiaNews 9Live1
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- Post by Aditya lohan1
- CJI सूर्यकांत की छात्रों को दो-टूक: "डिग्री अंत नहीं, शुरुआत है!" AI के खतरों पर दी बड़ी चेतावनी!🛑✋ *हरियाणा की छोरियों का लठ गाड़ प्रदर्शन! 36 में से 31 गोल्ड मेडल पर कब्जा, दंग रह गए CJI और राज्यपाल!*😱🔥 *जजमेंट देते समय जज नहीं करते आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का प्रयोग* *पूरी खबर देखिए JPH NEWS HARYANA पर*1
- Post by FojiNews241
- महिला कॉलेज में गूंजे फुले, अंबेडकर के विचार एनएसयूआई के प्रयासों से शिक्षा और समानता पर संवाद आयोजित1
- उचाना। शहर के सबसे भीड़ वाले डाकघर रोड पर स्थित एसबीआई बैंक के मेन गेट पर रखे जनरेटर में अचानक आग लगने से बैंक के साथ-साथ आस-पास में अफरातफरी मच गई। जनरेटर के अंदर डीजल का टैंक होने के चलते बड़ा हादसा होने का डर लोगों में बन गया। बैंक से कुछ दूरी पर स्थित फायर ब्रिगेड के कच्चे कर्मचारी हड़ताल पर थे। आग लगने की सूचना मिलने पर हड़ताल पर होने के बावजूद भी 12 कर्मचारी बैंक में आग बूझाने पहुंचे। फायर ब्रिगेड की दो गाड़ी है लेकिन वो मौके पर नहीं थी। यहां पर दुकानदारों, राहगीरों के सहयोग से दमकल विभाग कर्मियों ने आग पर काबू पाया। फायर आपरेटर सुरेश जनरेट में लगी आग को बुझाने के लिए जनरेट की खिड़की खोले लगा तो आग से उसका हाथ सुलझ गया। कई देर की मशक्त के बाद आग पर काबू पाया जा सका, हालांकि आग लगने से जनरेटर जलकर राख हो गया। एसबीआई बैंक मैनेजर महेंद्र सिंह ने बताया कि आग अचानक जनरेटर में लग गई। आग पर समय रहते काबू पाया गया। जनरेटर को आग लगने से नुकसान हुआ है। राहगीर बलजोर, राजकुमार, बलदेव ने कहा कि जनरेटर में जो डीजल का टैंक था अगर आग वहां तक पहुंच जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। सबसे ज्यादा भीड़-भाड़ा वाला बाजार के डाकघर रोड पर बैंक है। दमकल विभाग के कच्चे कर्मचारियों ने हड़ताल पर होने के बाद भी इंसानियत का परिचय देते हुए आग पर काबू पाने में अहम भूमिका अदा की। फायर आपरेटर उचाना सुरेश कुमार ने बताया कि जो बैंक का कर्मचारी आग की सूचना देने आया था। मानव सेवा को देखते हुए बैंक गेट पर सभी 12 कर्मचारी पहुंचे। वहां आरओ पानी की गाड़ी बाजार में आई हुई थी। उसका सहारा लिया जो आस-पड़ोस के लोगों, दुकानदारों की सहायता से आग बुझाई गई। जो जनरेटर है वो तो बिल्कुल खत्म हो चुका है। जब जनरेटर खिड़की खोली तो वहां आग से उसका हाथ झूलस गया हाथ में सोजन भी आई है जिसमें अब कुछ आराम हुआ है। दमकल विभाग कर्मचारी विनोद कुमार एसबीआई बैंक का कर्मचारी हमारे पास आया जिसने बताया कि बैंक के मेन गेट के पास जो जनरेटर है रखा हुआ है उसके अंदर आग लगी है। आग बुझाने के लिए गाड़ी लेकर पहुंचे। हमारे पास दो फायर ब्रिगेड की गाडिय़ा है हमारे पास मौके पर कोई गाड़ी नहीं थी, स्टाफ नहीं था। सरकार से मांगों लेकर हम दमकल कर्मी हड़ताल पर चल रहे है। हड़ताल का 18वां दिन है ऐसे में हम फायर पर नहीं जा रहे है लेकिन जैसे हमें बताया गया कि गेट के पास जो जनरेटर रखा है उसमें आग लगी है बैंक बाजार के बीच में है। अंदर के कुछ ऑडिट के कर्मचारी है जो फंसे है। आग अगर ज्यादा फैल जाती है तो वो कर्मचारी अंदर फंसे रहने से कोई घटना घट सकती है। ऐसे में धरने पर उपस्थित कर्मचारियों ने फैसला लिया कि बेशक हम हड़ताल पर है लेकिन नैतिकता, इंसानियत के चलते पहले लोगों की जान बचाना जरूरी है मांगे बाद की बात है। यहां पर 12 कर्मचारी थे तो सभी कर्मचारी एसबीआई बैंक पहुंचे जहां आगजनी हुई थी। उस आग पर काबू पाया।1