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मैनपुरी जिले के दन्नाहार थाना क्षेत्र के नगला सभा गांव से रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। यहां एक पिता ने अपने ही बेटे प्रभाकर और उसके साले हलविलास पर घर में चोरी करने का गंभीर आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, जब परिवार एक तिलक समारोह में शामिल होने के लिए बाहर गया हुआ था, तब प्रभाकर और हलविलास ने बंद घर का शीशा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। आरोप है कि वे घर से जेवरात और नकदी लेकर फरार हो गए। इस सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटना स्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।
MAINPURI LOCAL NEWS
मैनपुरी जिले के दन्नाहार थाना क्षेत्र के नगला सभा गांव से रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। यहां एक पिता ने अपने ही बेटे प्रभाकर और उसके साले हलविलास पर घर में चोरी करने का गंभीर आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, जब परिवार एक तिलक समारोह में शामिल होने के लिए बाहर गया हुआ था, तब प्रभाकर और हलविलास ने बंद घर का शीशा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। आरोप है कि वे घर से जेवरात और नकदी लेकर फरार हो गए। इस सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटना स्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।
More news from Uttar Pradesh and nearby areas
- उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में ब्राह्मण समाज के लोगों ने भरत भूषण तिवारी की मौत के मामले में सीबीआई जांच की मांग उठाई है। अपनी इस मांग के संबंध में, ब्राह्मण समाज के सदस्यों ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा है।1
- मैनपुरी से हरिद्वार गंगा स्नान के लिए पहुंचे एक दंपति में से पति लापता हो गए हैं। बताया गया है कि 9 जून 2026 को गंगा स्नान के दौरान पति चाय पीने गए थे, जिसके बाद से वे अभी तक वापस नहीं लौटे हैं। परिवारजन, जिनमें उनके बेटे अभय भी शामिल हैं, इस घटना से बेहद परेशान हैं। बेटे ने अपने बुजुर्ग पिता के लापता होने की सूचना हरिद्वार पुलिस को दे दी है और उनकी तलाश के लिए एक पोस्ट भी कराई है।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक विवादित बयान दिया है, जिसमें उन्होंने कांग्रेस, सपा और बसपा के लोगों पर सीधा निशाना साधा है। मुख्यमंत्री योगी ने इन दलों पर आरोप लगाया है कि वे अंधेरे में रहने के आदी थे, क्योंकि उनका मानना है कि अंधेरे में ही ये दल कुशलतापूर्वक अपनी 'डकैती' को अंजाम दे पाते थे।1
- मैनपुरी जनपद में आज उस समय गहरा आक्रोश देखने को मिला, जब बिहार में हुए कथित एनकाउंटर में मारे गए युवा सामाजिक कार्यकर्ता भरत भूषण तिवारी (भरत तिवारी) की मौत को 'हत्या' करार दिया गया। 'समस्त ब्राह्मण समाज' और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं ने इस घटना के विरोध में कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर जोरदार नारेबाजी की और जिलाधिकारी मैनपुरी के माध्यम से अपनी मांगें रखीं। कलेक्ट्रेट परिसर में मीडिया से बात करते हुए एडवोकेट किशन दुबे ने भरत तिवारी की मौत को बिहार में हुआ "फर्जी एनकाउंटर" बताया। उन्होंने कहा कि भरत तिवारी केवल ब्राह्मणों के लिए नहीं, बल्कि समाज के शोषित, वंचित, मजलूम, गरीब और अंतिम व्यक्ति के हक की लड़ाई लड़ रहे थे, और उनकी इच्छा भ्रष्ट सिस्टम से लड़ने की थी। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश चंद्र पांडे ने घटना का विस्तृत ब्यौरा देते हुए कहा कि भरत तिवारी समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चल रहे थे और उनके विकास की बात कर रहे थे। जब वहां के प्रशासन ने उनकी बात अनसुनी की, तो उन्होंने केवल अपनी आवाज उठाने के लिए कदम उठाया; उन्होंने किसी पर गोली नहीं चलाई, बल्कि अपनी रिवॉल्वर खुद फेंक दी थी। इसके बावजूद, पुलिस ने उन्हें गाड़ी में बैठाकर पहले पैरों में और बाद में दो गोलियां मारकर उनकी "हत्या" कर दी। प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से अपनी प्रमुख मांगें रखीं, जिनमें इस मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पुलिसकर्मियों को फांसी की सजा दिए जाने की मांग शामिल है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने और कम से कम ₹50 करोड़ रुपये का मुआवजा देने की भी मांग की, ताकि परिवार का भरण-पोषण हो सके। प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर "क्रांतिकारी भरत तिवारी अमर रहें", "बिहार प्रशासन मुर्दाबाद" और "अभी तो यह अंगड़ाई है, आगे और लड़ाई है" जैसे नारों से गूंज उठा। एडवोकेट किशन दुबे ने चेतावनी दी कि यदि शीर्ष अधिकारियों ने अपने अधीनस्थों की कार्यशैली और भ्रष्ट बाबू कल्चर को नहीं सुधारा, तो आज एक भरत तिवारी शहीद हुआ है, मैनपुरी में 100 भरत तिवारी शहादत देने के लिए तैयार बैठे हैं। प्रदर्शनकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि देश के किसी भी राज्य में निरंकुश प्रशासन के खिलाफ जनता अब चुप नहीं बैठेगी और इस मांग को पूरे देश में उठाया जाएगा।1
- भारतीय किसान यूनियन आज़ाद के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नितिन बालियान ने दिल्ली के जंतर मंतर पर आयोजित एक महासम्मेलन में सरकार पर सीधा निशाना साधा है। यह दूसरी बार है जब संगठन ने इस तरह का महासम्मेलन आयोजित किया है, जिसमें अमेरिका-भारत व्यापार समझौते को आगे न बढ़ने देने के प्रति सरकार के खिलाफ अपनी असहमति व्यक्त की गई। चौधरी नितिन बालियान ने सरकार के रवैये को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए सीधे तौर पर निशाना साधा।1
- जनपद मैनपुरी के कस्बा बेवर में मंगलवार, 23 जून 2026 की रात मोहर्रम की उर्दू माह की 7 तारीख पर अलम का जुलूस श्रद्धा, अकीदत और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ निकाला गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए मातम किया। जुलूस नगर के विभिन्न मार्गों से शांतिपूर्ण और अनुशासित माहौल में गुजरा। मोहर्रम के अवसर पर सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बेवर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट और मुस्तैद रहा। थाना अध्यक्ष बेवर अनिल कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी भोगांव रामकृष्ण द्विवेदी और सिटी इंचार्ज शैलेश निगम ने पुलिस बल के साथ जुलूस मार्ग का दौरा किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखते हुए अलम के जुलूस को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया। पुलिस प्रशासन द्वारा आगामी शुक्रवार, 26 जून तक तथा उर्दू माह की 10 तारीख को निकलने वाले ताजिया एवं अन्य धार्मिक कार्यक्रमों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया गया है। अधिकारियों ने क्षेत्रवासियों से आपसी भाईचारा, सौहार्द एवं शांति बनाए रखने तथा प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है।2
- धूमधाम से बेटी की शादी के कुछ ही देर बाद एक पिता की दुखद मौत हो गई, जिससे पूरे गांव में मातम छा गया है। यह हृदय विदारक घटना तब हुई जब पिता शादी समारोह के लिए लगाए गए टेंट हटाने गए थे। टेंट हटाते समय, वे 11000 वोल्ट की बिजली लाइन की चपेट में आ गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। जिस घर से बेटी की डोली उठी थी, उसी घर से पिता की अर्थी उठने से परिवार और ग्रामीणों में गहरा शोक व्याप्त है, और चारों ओर मातम का माहौल है।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली में नगर स्वास्थ्य अधिकारी भानुप्रकाश को एक सफाईकर्मी के तीखे गुस्से का सामना करना पड़ा, जब उन्होंने उनके मुंह पर चूड़ियां फेंक दीं। यह घटना तब सामने आई है जब सफाईकर्मियों को एक आउटसोर्स कंपनी द्वारा ₹13,000 प्रति माह पर काम पर रखा गया था, लेकिन उन्हें खून-पसीना बहाने के बावजूद केवल ₹7,500 प्रति माह ही मिल रहे हैं। आक्रोशित सफाईकर्मी ने अधिकारी की ओर चूड़ियां फेंकते हुए कहा, "ले इन्हें पहन ले" और साथ ही यह भी कहा कि "थोड़ी चूड़ियां पहन लो, एक लंहगा सिलवा लो!" इस घटना को नगर स्वास्थ्य अधिकारी के कार्यालय में व्याप्त भारी भ्रष्टाचार का परिणाम बताया जा रहा है, जिसके चलते सफाईकर्मियों को उनके हक का पूरा पैसा नहीं मिल पा रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के मेरठ में जिलाधिकारी कार्यालय की ओर बढ़ रहे किसानों को पुलिस ने रास्ते में रोक दिया, जिसके बाद किसानों और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई और माहौल तनावपूर्ण हो गया। मौके पर पहुंचीं सीओ शुचिता सिंह ने किसानों से शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ने और रास्ता बाधित न करने की अपील की, लेकिन इस दौरान भी पुलिस और किसानों के बीच काफी नोकझोंक देखने को मिली। बाद में, एसपी सिटी के हस्तक्षेप से स्थिति सामान्य हुई। इसके बाद किसानों ने अपना ज्ञापन संबंधित अधिकारियों को सौंपा और अपना धरना प्रदर्शन समाप्त कर दिया। अब इस घटना से जुड़ा सीओ शुचिता सिंह और किसानों के बीच हुई तीखी बहस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1