प्रकाश नार्थ - विश्व हिंदू परिषद सोनभद्र की बैठक चोपन स्थित जिला अध्यक्ष जी के कार्यालय पर संपन्न हुई बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिले के अध्यक्ष श्रीमान विद्या शंकर पांडे ने उपस्थित सभी प्रखंड के पदाधिकारी का आवाहन करते हुए कहा कि 13 अगस्त एवं 14 अगस्त को बजरंग दल के बैनर तले अखंड भारत संकल्प दिवस न्याय पंचायत स्तर पर समारोह पूर्वक मनाया जाना चाहिए अपने राष्ट्र की जो सीमाएं किन्हीं कारणों से हमसे विभाजित हो गई हैं उन्हें पुनः प्राप्त करने के लिए समाज का आवाहन करना आवश्यक है अपनी खंडित सीमाओं का स्मरण करते रहना है निश्चित रूप से जन-जन तक यह संदेश जब पहुंचेगा तो उसे स्थिति का निर्माण स्वत: हो जाएगा कि हमें अपनी विभाजित सीमाएं प्राप्त हो जाएगी संकल्प को एक प्रकल्प के रूप में अपने हृदय के अंदर धारण करने की आवश्यकता है इसलिए संकल्प हमारा अडिग होना चाहिए बैठक में प्रांत के उपाध्यक्ष श्री जनार्दन जी एवं प्रांत के धर्म प्रसार प्रमुख श्रीमान नरसिंह त्रिपाठी की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। इस अवसर पर जिले के उपाध्यक्ष श्री कमलेश दुबे जिला धर्माचार्य संपर्क प्रमुख बृजेश मोदनवाल जिला गोरक्षा प्रमुख जयप्रकाशधार दुबे प्रखंड उपाध्यक्ष नागेश सिंह प्रखंड मंत्री सोनू मोदनवाल सह प्रखंड मंत्री श्याम सुंदर निषाद प्रचार प्रसार प्रमुख सुजीत शर्मा गोरक्षा प्रमुख विकास गुप्ता सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे प्रकाश नार्थ - विश्व हिंदू परिषद सोनभद्र की बैठक चोपन स्थित जिला अध्यक्ष जी के कार्यालय पर संपन्न हुई बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिले के अध्यक्ष श्रीमान विद्या शंकर पांडे ने उपस्थित सभी प्रखंड के पदाधिकारी का आवाहन करते हुए कहा कि 13 अगस्त एवं 14 अगस्त को बजरंग दल के बैनर तले अखंड भारत संकल्प दिवस न्याय पंचायत स्तर पर समारोह पूर्वक मनाया जाना चाहिए अपने राष्ट्र की जो सीमाएं किन्हीं कारणों से हमसे विभाजित हो गई हैं उन्हें पुनः प्राप्त करने के लिए समाज का आवाहन करना आवश्यक है अपनी खंडित सीमाओं का स्मरण करते रहना है निश्चित रूप से जन-जन तक यह संदेश जब पहुंचेगा तो उसे स्थिति का निर्माण स्वत: हो जाएगा कि हमें अपनी विभाजित सीमाएं प्राप्त हो जाएगी संकल्प को एक प्रकल्प के रूप में अपने हृदय के अंदर धारण करने की आवश्यकता है इसलिए संकल्प हमारा अडिग होना चाहिए बैठक में प्रांत के उपाध्यक्ष श्री जनार्दन जी एवं प्रांत के धर्म प्रसार प्रमुख श्रीमान नरसिंह त्रिपाठी की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। इस अवसर पर जिले के उपाध्यक्ष श्री कमलेश दुबे जिला धर्माचार्य संपर्क प्रमुख बृजेश मोदनवाल जिला गोरक्षा प्रमुख जयप्रकाशधार दुबे प्रखंड उपाध्यक्ष नागेश सिंह प्रखंड मंत्री सोनू मोदनवाल सह प्रखंड मंत्री श्याम सुंदर निषाद प्रचार प्रसार प्रमुख सुजीत शर्मा गोरक्षा प्रमुख विकास गुप्ता सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे
प्रकाश नार्थ - विश्व हिंदू परिषद सोनभद्र की बैठक चोपन स्थित जिला अध्यक्ष जी के कार्यालय पर संपन्न हुई बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिले के अध्यक्ष श्रीमान विद्या शंकर पांडे ने उपस्थित सभी प्रखंड के पदाधिकारी का आवाहन करते हुए कहा कि 13 अगस्त एवं 14 अगस्त को बजरंग दल के बैनर तले अखंड भारत संकल्प दिवस न्याय पंचायत स्तर पर समारोह पूर्वक मनाया जाना चाहिए अपने राष्ट्र की जो सीमाएं किन्हीं कारणों से हमसे विभाजित हो गई हैं उन्हें पुनः प्राप्त करने के लिए समाज का आवाहन करना आवश्यक है अपनी खंडित सीमाओं का स्मरण करते रहना है निश्चित रूप से जन-जन तक यह संदेश जब पहुंचेगा तो उसे स्थिति का निर्माण स्वत: हो जाएगा कि हमें अपनी विभाजित सीमाएं प्राप्त हो जाएगी संकल्प को एक प्रकल्प के रूप में अपने हृदय के अंदर धारण करने की आवश्यकता है इसलिए संकल्प हमारा अडिग होना चाहिए बैठक में प्रांत के उपाध्यक्ष श्री जनार्दन जी एवं प्रांत के धर्म प्रसार प्रमुख श्रीमान नरसिंह त्रिपाठी की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। इस अवसर पर जिले के उपाध्यक्ष श्री कमलेश दुबे जिला धर्माचार्य संपर्क प्रमुख बृजेश मोदनवाल जिला गोरक्षा प्रमुख जयप्रकाशधार दुबे प्रखंड उपाध्यक्ष नागेश सिंह प्रखंड मंत्री सोनू मोदनवाल सह प्रखंड मंत्री श्याम सुंदर निषाद प्रचार प्रसार प्रमुख सुजीत शर्मा गोरक्षा प्रमुख विकास गुप्ता सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे प्रकाश नार्थ - विश्व हिंदू परिषद सोनभद्र की बैठक चोपन स्थित जिला अध्यक्ष जी के कार्यालय पर संपन्न हुई बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिले के अध्यक्ष श्रीमान विद्या शंकर पांडे ने उपस्थित सभी प्रखंड के पदाधिकारी का आवाहन करते हुए कहा कि 13 अगस्त एवं 14 अगस्त को बजरंग दल के बैनर तले अखंड भारत संकल्प दिवस न्याय पंचायत स्तर पर समारोह पूर्वक मनाया जाना चाहिए अपने राष्ट्र की जो सीमाएं किन्हीं कारणों से हमसे विभाजित हो गई हैं उन्हें पुनः प्राप्त करने के लिए समाज का आवाहन करना आवश्यक है अपनी खंडित सीमाओं का स्मरण करते रहना है निश्चित रूप से जन-जन तक यह संदेश जब पहुंचेगा तो उसे स्थिति का निर्माण स्वत: हो जाएगा कि हमें अपनी विभाजित सीमाएं प्राप्त हो जाएगी संकल्प को एक प्रकल्प के रूप में अपने हृदय के अंदर धारण करने की आवश्यकता है इसलिए संकल्प हमारा अडिग होना चाहिए बैठक में प्रांत के उपाध्यक्ष श्री जनार्दन जी एवं प्रांत के धर्म प्रसार प्रमुख श्रीमान नरसिंह त्रिपाठी की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। इस अवसर पर जिले के उपाध्यक्ष श्री कमलेश दुबे जिला धर्माचार्य संपर्क प्रमुख बृजेश मोदनवाल जिला गोरक्षा प्रमुख जयप्रकाशधार दुबे प्रखंड उपाध्यक्ष नागेश सिंह प्रखंड मंत्री सोनू मोदनवाल सह प्रखंड मंत्री श्याम सुंदर निषाद प्रचार प्रसार प्रमुख सुजीत शर्मा गोरक्षा प्रमुख विकास गुप्ता सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे
- प्रकाश नार्थ - विश्व हिंदू परिषद सोनभद्र की बैठक चोपन स्थित जिला अध्यक्ष जी के कार्यालय पर संपन्न हुई बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिले के अध्यक्ष श्रीमान विद्या शंकर पांडे ने उपस्थित सभी प्रखंड के पदाधिकारी का आवाहन करते हुए कहा कि 13 अगस्त एवं 14 अगस्त को बजरंग दल के बैनर तले अखंड भारत संकल्प दिवस न्याय पंचायत स्तर पर समारोह पूर्वक मनाया जाना चाहिए अपने राष्ट्र की जो सीमाएं किन्हीं कारणों से हमसे विभाजित हो गई हैं उन्हें पुनः प्राप्त करने के लिए समाज का आवाहन करना आवश्यक है अपनी खंडित सीमाओं का स्मरण करते रहना है निश्चित रूप से जन-जन तक यह संदेश जब पहुंचेगा तो उसे स्थिति का निर्माण स्वत: हो जाएगा कि हमें अपनी विभाजित सीमाएं प्राप्त हो जाएगी संकल्प को एक प्रकल्प के रूप में अपने हृदय के अंदर धारण करने की आवश्यकता है इसलिए संकल्प हमारा अडिग होना चाहिए बैठक में प्रांत के उपाध्यक्ष श्री जनार्दन जी एवं प्रांत के धर्म प्रसार प्रमुख श्रीमान नरसिंह त्रिपाठी की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। इस अवसर पर जिले के उपाध्यक्ष श्री कमलेश दुबे जिला धर्माचार्य संपर्क प्रमुख बृजेश मोदनवाल जिला गोरक्षा प्रमुख जयप्रकाशधार दुबे प्रखंड उपाध्यक्ष नागेश सिंह प्रखंड मंत्री सोनू मोदनवाल सह प्रखंड मंत्री श्याम सुंदर निषाद प्रचार प्रसार प्रमुख सुजीत शर्मा गोरक्षा प्रमुख विकास गुप्ता सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे प्रकाश नार्थ - विश्व हिंदू परिषद सोनभद्र की बैठक चोपन स्थित जिला अध्यक्ष जी के कार्यालय पर संपन्न हुई बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिले के अध्यक्ष श्रीमान विद्या शंकर पांडे ने उपस्थित सभी प्रखंड के पदाधिकारी का आवाहन करते हुए कहा कि 13 अगस्त एवं 14 अगस्त को बजरंग दल के बैनर तले अखंड भारत संकल्प दिवस न्याय पंचायत स्तर पर समारोह पूर्वक मनाया जाना चाहिए अपने राष्ट्र की जो सीमाएं किन्हीं कारणों से हमसे विभाजित हो गई हैं उन्हें पुनः प्राप्त करने के लिए समाज का आवाहन करना आवश्यक है अपनी खंडित सीमाओं का स्मरण करते रहना है निश्चित रूप से जन-जन तक यह संदेश जब पहुंचेगा तो उसे स्थिति का निर्माण स्वत: हो जाएगा कि हमें अपनी विभाजित सीमाएं प्राप्त हो जाएगी संकल्प को एक प्रकल्प के रूप में अपने हृदय के अंदर धारण करने की आवश्यकता है इसलिए संकल्प हमारा अडिग होना चाहिए बैठक में प्रांत के उपाध्यक्ष श्री जनार्दन जी एवं प्रांत के धर्म प्रसार प्रमुख श्रीमान नरसिंह त्रिपाठी की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। इस अवसर पर जिले के उपाध्यक्ष श्री कमलेश दुबे जिला धर्माचार्य संपर्क प्रमुख बृजेश मोदनवाल जिला गोरक्षा प्रमुख जयप्रकाशधार दुबे प्रखंड उपाध्यक्ष नागेश सिंह प्रखंड मंत्री सोनू मोदनवाल सह प्रखंड मंत्री श्याम सुंदर निषाद प्रचार प्रसार प्रमुख सुजीत शर्मा गोरक्षा प्रमुख विकास गुप्ता सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे1
- अमिला धाम विवाद: पर्यावरण मंजूरी के बिना नहीं कटेगा एक भी पेड़; 'गलतफहमी' बता ओबरा विधायक ने जीएम पर टाली अतीत के आंकड़ों की जवाबदेही सोनभद्र उत्तर प्रदेश का प्राकृतिक वनांचल और आदिवासी बाहुल्य सोनभद्र जनपद इस समय विकास परियोजनाओं, वनाधिकार संरक्षण और पर्यावरण के गहराते संकट को लेकर तीखी बहसों के केंद्र में है। जिले के ओबरा वन प्रभाग अंतर्गत अमिला धाम एवं तरिया रेंज में लगभग 17,180 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से प्रस्तावित 3,660 मेगावाट क्षमता की ग्रीनको पंप स्टोरेज पावर प्रोजेक्ट को लेकर धरातल से लेकर सोशल मीडिया तक उग्र असंतोष देखा जा रहा है। लगभग 616 हेक्टेयर समृद्ध वन भूमि के अधिग्रहण के प्रस्ताव के बीच वनांचल में स्थित साखू, महुआ, खैर और चिरौंजी जैसे 2,08,000 (दो लाख आठ हजार) से अधिक बहुमूल्य प्राकृतिक वृक्षों के प्रभावित होने का आकलन किया जा रहा है। जनसुनवाई की खानापूर्ति और गहराता अविश्वास धरातल पर जनता के उद्वेलित होने का मुख्य कारण परियोजना की स्वीकृति प्रक्रिया के दौरान आयोजित हुई जनसुनवाई को माना जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं का गंभीर आरोप है कि इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया को केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता बनाकर निपटा दिया गया। जनसुनवाई में न तो वृक्षों की कटाई का पारदर्शी आंकड़ा रखा गया, न ही पर्यावरण क्षतिपूर्ति के बजट की स्पष्ट जानकारी दी गई और न ही विस्थापित होने वाले आदिवासियों तथा स्थानीय युवाओं के रोजगार व पुनर्वसन का कोई ठोस खाका प्रस्तुत किया गया। इसके अतिरिक्त, ओबरा तापीय परियोजना के दौरान घने जंगलों के विनाश के बावजूद सरकारी अभिलेखों में मात्र 4,100 पेड़ दर्ज किए जाने के ऐतिहासिक कड़वे अनुभव ने ग्रामीणों के अविश्वास को और गहरा कर दिया है। सदन में आवाज उठाने के सवाल पर आक्रामक रुख और टालमटोल इस संवेदनशील पृष्ठभूमि के बीच जब ओबरा नगर में आयोजित 'हर घर तिरंगा यात्रा' के दौरान पत्रकारों ने प्रदेश सरकार के समाज कल्याण राज्य मंत्री व ओबरा विधायक संजीव गोंड से सवाल किया कि क्या जारी मानसून सत्र में अमिला धाम के आदिवासियों और पेड़ों की कटाई को लेकर वे सदन के पटल पर आवाज उठाएंगे, तो उनका रुख आक्रामक रहा। मंत्री ने जमीनी आक्रोश और चिंताओं को सीधे 'जनता की गलतफहमी और अफवाह' करार दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में धरातल पर कोई पेड़ नहीं काटा जा रहा है। फाइलें अभी प्रदेश शासन के पास हैं, जिन्हें केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय को एनओसी हेतु भेजा जाएगा। जब तक केंद्र से पर्यावरण मंजूरी नहीं मिलती, कोई काम शुरू नहीं होगा। हालांकि, जानकारों का कहना है कि संसदीय लोकतंत्र में किसी विषय के 'प्रक्रियाधीन' होने के बावजूद जनप्रतिनिधि के पास विधानसभा में नियम 51 या ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से शासन का ध्यान आकर्षित करने का पूर्ण संवैधानिक अधिकार होता है। वहीं, जब पत्रकारों ने अतीत में ओबरा थर्मल पावर के दौरान कागजों में मात्र 4,100 पेड़ दर्शाए जाने और धरातल पर हुई भारी कटाई पर सवाल दागा, तो मंत्री जी ने जवाबदेही लेने के बजाय पूरा मामला परियोजना के महाप्रबंधक (जीएम) पर टाल दिया और पत्रकारों को सीधे जीएम से सवाल करने की सलाह दे डाली। संसद से लेकर NGT तक गूंजा मामला यह विषय केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है। सोनभद्र (रॉबर्ट्सगंज) के सांसद छोटेलाल सिंह खरवार ने 3 अगस्त 2026 को केंद्रीय पर्यावरण मंत्री को पत्र भेजने के साथ-साथ संसद के मौजूदा मानसून सत्र में लोकसभा में नियम 377 के अंतर्गत इस विषय को पंजीकृत कराया था। सांसद ने वनाधिकार कानून 2006 के उल्लंघन, फर्जी वृक्षारोपण और निजी घरानों को दी जा रही वन भूमि की जांच मांगी थी, हालांकि सदन में हंगामे के कारण पटल पर सीधा मौखिक जवाब नहीं आ सका। दूसरी ओर, सोनभद्र में पर्यावरणीय अवहेलना और जनसुनवाई की कमियों को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) भी पूर्व में जिला प्रशासन व जिलाधिकारी को तलब कर जवाबदेही तय कर चुका है। तमाम प्रशासनिक आश्वासनों के बावजूद, जनभावनाओं को आक्रामक रूप से टालने और पारदर्शी जवाब न मिलने के कारण अमिला धाम के निवासियों, आदिवासियों और पर्यावरण प्रेमियों के बीच जन-आंदोलन और अविश्वास की स्थिति लगातार बनी हुई है।1
- क्या उनके विचार रहे होंगे..... #bhagatsingh #chandrashekharravan #krantikari #sukhdev क्या उनके विचार रहे होंगे.....1