शनिवार रात हरदोई-बिलग्राम मार्ग पर सुरसा थाना क्षेत्र के मलिहामाऊ स्थित केंद्रीय विद्यालय के सामने दो ट्रक और एक बोलेरो के बीच भीषण टक्कर हो गई। इस हादसे में बोलेरो में सवार लगभग पांच लोग घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक तेज रफ्तार ट्रक और सामने से आ रही बोलेरो में सीधी टक्कर हुई, जिसके बाद ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। इसी दौरान, बोलेरो भी अपना नियंत्रण खो बैठी और सामने से आ रहे दूसरे ट्रक ने उसे पीछे से टक्कर मार दी, जिससे बोलेरो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। थाना अध्यक्ष विश्वास शर्मा के मुताबिक, इस घटना में किसी की जान जाने की खबर नहीं है। दुर्घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और तत्काल एंबुलेंस व पुलिस को सूचना दी। सुरसा थाना अध्यक्ष विश्वास शर्मा अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने ग्रामीणों की सहायता से बोलेरो में फंसे घायलों को बाहर निकालकर एंबुलेंस से जिला मेडिकल कॉलेज भेजा। इस हादसे के कारण हरदोई-बिलग्राम मार्ग पर कुछ देर के लिए यातायात बाधित रहा। थाना अध्यक्ष ने क्रेन मंगवाकर दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका। थाना प्रभारी ने बताया कि सभी घायलों का उपचार जारी है और उनकी स्थिति सामान्य है।
शनिवार रात हरदोई-बिलग्राम मार्ग पर सुरसा थाना क्षेत्र के मलिहामाऊ स्थित केंद्रीय विद्यालय के सामने दो ट्रक और एक बोलेरो के बीच भीषण टक्कर हो गई। इस हादसे में बोलेरो में सवार लगभग पांच लोग घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक तेज रफ्तार ट्रक और सामने से आ रही बोलेरो में सीधी टक्कर हुई, जिसके बाद ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। इसी दौरान, बोलेरो भी अपना नियंत्रण खो बैठी और सामने से आ रहे दूसरे ट्रक ने उसे पीछे से टक्कर मार दी, जिससे बोलेरो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। थाना अध्यक्ष विश्वास शर्मा के मुताबिक, इस घटना में किसी की जान जाने की खबर नहीं है। दुर्घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और तत्काल एंबुलेंस व पुलिस को सूचना दी। सुरसा थाना अध्यक्ष विश्वास शर्मा अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने ग्रामीणों की सहायता से बोलेरो में फंसे घायलों को बाहर निकालकर एंबुलेंस से जिला मेडिकल कॉलेज भेजा। इस हादसे के कारण हरदोई-बिलग्राम मार्ग पर कुछ देर के लिए यातायात बाधित रहा। थाना अध्यक्ष ने क्रेन मंगवाकर दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका। थाना प्रभारी ने बताया कि सभी घायलों का उपचार जारी है और उनकी स्थिति सामान्य है।
- हरदोई के शाहाबाद स्थित नवीन गल्ला एवं सब्जी मंडी में चोरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में सब्जी बेचने आए एक किसान की बाइक अज्ञात चोर उड़ा ले गए। किसान मंडी में अपनी उपज बेचने में व्यस्त था और इसी दौरान चोर उसकी बाइक लेकर फरार हो गए। बाइक गायब होने के बाद किसान ने घंटों इधर-उधर तलाश की, लेकिन उसे कोई सुराग नहीं मिला। यह घटना मंडी में बढ़ती चोरियों की कड़ी का नवीनतम मामला है, जहाँ महज 15 दिनों के भीतर 7 बाइकें चोरी हो चुकी हैं। लगातार हो रही इन वारदातों ने मंडी की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस गश्त पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस स्थिति के कारण किसान और व्यापारी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, जिससे यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर चोर पुलिस की पकड़ से दूर क्यों हैं और उनके हौसले इतने बुलंद क्यों हैं? पीड़ित किसान ने अज्ञात चोर के खिलाफ शाहाबाद कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई है और तत्काल कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि वादी की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और अन्य वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, यह प्रश्न बरकरार है कि क्या मंडी परिसर चोरों के लिए एक सुरक्षित अड्डा बन चुका है, या फिर पुलिस की कार्रवाई केवल मुकदमा दर्ज करने तक ही सीमित रह गई है? किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन चोरियों पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो मंडी आने वाले लोगों में भय और आक्रोश दोनों और बढ़ेंगे।2
- हरदोई की नवीन गल्ला मंडी में बाइक चोरी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं, जिससे इलाके में बाइक चोरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। जानकारी के अनुसार, पिछले एक हफ्ते में तीन बाइक चोरी होने की खबर है। इसी कड़ी में, रविवार सुबह लगभग साढ़े सात बजे एक और किसान की बाइक चोरी हो गई। किसान अपनी बाइक खड़ी कर सब्जी लगाने में व्यस्त था, तभी चोर उसकी बाइक लेकर चंपत हो गए। पिछले दस दिनों में कुल तीन बाइक चोरी हो चुकी हैं।1
- हरदोई की राजनीति में भाजपा विधायक श्याम प्रकाश के एक बयान ने बड़ी हलचल मचा दी है। एक प्रधान सम्मान समारोह के दौरान विधायक ने कहा कि "सड़क बनवाने से वोट नहीं मिलते, चुनाव तो तिकड़म से जीते जाते हैं।" उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि जिन गांवों में उन्होंने सड़कें बनवाई थीं, वहां उन्हें वोट नहीं मिले। विधायक ने आगामी पंचायत चुनावों के लिए प्रधानों को "साम, दाम, दंड, भेद" का मंत्र देते हुए हर हाल में चुनाव जीतने की सलाह भी दी। उनके इस विवादास्पद बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर "विकास बनाम जुगाड़ की राजनीति" को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है। राजनीतिक गलियारों में अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या चुनावी रणनीति, विकास कार्यों से अधिक जीत की कुंजी बन चुकी है, या फिर यह बयान केवल एक राजनीतिक व्यंग्य था। फिलहाल, विधायक का यह वीडियो और उनका बयान चर्चा का एक प्रमुख विषय बना हुआ है।1
- स्वामी अधिमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गऊ को आस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार बताया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि गऊ को राष्ट्रमाता घोषित किए जाने की आवश्यकता है।1
- मऊ के न्यूरो विशेषज्ञ डॉ. अबजद करीमी ने मानसिक स्वास्थ्य और न्यूरोलॉजिकल समस्याओं पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है, जिसमें उन्होंने मोबाइल और लैपटॉप के अत्यधिक उपयोग से होने वाले खतरों पर विशेष जोर दिया। डॉ. करीमी के अनुसार, इन उपकरणों का अधिक इस्तेमाल आँखों और दिमाग पर अतिरिक्त दबाव डालता है, जिससे भविष्य में कई स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएँ उत्पन्न हो सकती हैं। उन्होंने अभिभावकों को विशेष रूप से सलाह दी कि पाँच वर्ष से कम उम्र के बच्चों को मोबाइल की लत से दूर रखा जाना चाहिए। डॉ. करीमी ने चेतावनी दी कि अधिक स्क्रीन टाइम बच्चों के मानसिक संतुलन और मस्तिष्क के विकास पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। एक स्वस्थ मानसिक जीवन के लिए, उन्होंने लोगों से सामाजिक गतिविधियों में भाग लेने, सकारात्मक सोच बनाए रखने और दूसरों से मेल-जोल बढ़ाने की बात कही। उनका कहना है कि इच्छाशक्ति और मानसिक स्वास्थ्य का सीधा संबंध मस्तिष्क से होता है और व्यक्ति की सोच उसके शरीर और व्यवहार को भी प्रभावित करती है। मिर्गी या किसी भी प्रकार के दौरे (झटके) पड़ने की स्थिति में, डॉ. करीमी ने घबराने की बजाय कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में मरीज के आसपास मौजूद नुकीली या चोट पहुँचाने वाली वस्तुओं को तुरंत हटा देना चाहिए और उसे एक तरफ करवट दिलाकर लिटा देना चाहिए। दौरे के दौरान मरीज के मुँह में पानी या कोई भी तरल पदार्थ न डालें, क्योंकि बेहोशी की अवस्था में यह साँस की नली में जाकर गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। अंत में, उन्होंने लोगों से न्यूरो संबंधी किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करने, समय रहते विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेने और अफवाहों या गलत धारणाओं से बचने की अपील की।1
- हरदोई जिले के सांडी ब्लॉक अंतर्गत जिगनी गांव में भीषण आग लगने से कई परिवार बुरी तरह प्रभावित हुए, जिसके बाद 'युवा जनशक्ति टीम' इन अग्नि पीड़ितों के लिए संकटमोचक बनकर सामने आई है। टीम ने आगे बढ़कर पीड़ित परिवारों के आंसू पोंछने और उन्हें सहारा देने का काम किया। इस भीषण हादसे की जानकारी मिलते ही युवा जनशक्ति टीम ने तत्परता दिखाते हुए बिना समय गंवाए घटनास्थल पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। टीम ने बेघर और प्रभावित हुए प्रत्येक परिवार को तात्कालिक सहायता के रूप में 10-10 किलो आटा, 2-2 किलो चीनी, 2-2 किलो दाल और 1-1 किलो तेल सहित दैनिक उपयोग की अन्य अत्यंत आवश्यक सामग्रियां वितरित कीं। राहत और सहायता का यह पूरा कार्य युवा जनशक्ति टीम के संचालक विनीत यादव के दिशा-निर्देशन में तथा आकाश यादव के कुशल नेतृत्व में जमीनी स्तर पर चलाया गया। इस पुनीत कार्य में टीम के कर्मठ साथी अजय यादव, डॉ. सर्वेश यादव, सूरज पाठक, विनय यादव, शोभित यादव, अमित यादव, मनोज यादव और कमलेश यादव ने मुख्य रूप से सक्रिय रहकर हर संभव मदद पहुंचाने में अपना योगदान दिया। आग की इस विभीषिका से प्रभावित हुए ग्रामीण सुंदर लाल कुशवाहा, राजपाल, वीरेंद्र और राम बाबू के परिवारों को यह राहत सामग्री प्रदान की गई, जिससे अचानक आए इस संकट के बीच उन्हें जरूरी राशन पानी मिलने से बड़ी राहत मिली है। राहत सामग्री वितरित करने के साथ ही टीम के सदस्यों ने पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि वे खुद को अकेला न समझें। टीम ने भरोसा दिलाया है कि वे संकट की इस बेहद कठिन घड़ी में हर कदम पर उनके साथ खड़े हैं और भविष्य में भी उन्हें हर संभव सहयोग तथा प्रशासनिक मदद दिलाने का पूरा प्रयास करेंगे। युवाओं के इस सेवा भाव और त्वरित कदम की पूरे क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है। लोगों का मानना है कि विपदा के समय इस तरह आगे आकर मदद करना ही सच्ची मानव सेवा है।3
- हरदोई पुलिस ने एक महत्वपूर्ण अभियान चलाकर हिस्ट्रीशीटरों का बारी-बारी से सत्यापन किया है। मल्लावां पुलिस द्वारा चलाए गए इस अभियान के तहत, संबंधित हिस्ट्रीशीटरों को अपराध की गतिविधियों से दूर रहने के लिए एक पाठ पढ़ाया गया, जिसका उद्देश्य उन्हें समाज में शांति बनाए रखने और अपराध से विरत रहने के लिए प्रेरित करना था।1