मऊ के न्यूरो विशेषज्ञ डॉ. अबजद करीमी ने मानसिक स्वास्थ्य और न्यूरोलॉजिकल समस्याओं पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है, जिसमें उन्होंने मोबाइल और लैपटॉप के अत्यधिक उपयोग से होने वाले खतरों पर विशेष जोर दिया। डॉ. करीमी के अनुसार, इन उपकरणों का अधिक इस्तेमाल आँखों और दिमाग पर अतिरिक्त दबाव डालता है, जिससे भविष्य में कई स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएँ उत्पन्न हो सकती हैं। उन्होंने अभिभावकों को विशेष रूप से सलाह दी कि पाँच वर्ष से कम उम्र के बच्चों को मोबाइल की लत से दूर रखा जाना चाहिए। डॉ. करीमी ने चेतावनी दी कि अधिक स्क्रीन टाइम बच्चों के मानसिक संतुलन और मस्तिष्क के विकास पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। एक स्वस्थ मानसिक जीवन के लिए, उन्होंने लोगों से सामाजिक गतिविधियों में भाग लेने, सकारात्मक सोच बनाए रखने और दूसरों से मेल-जोल बढ़ाने की बात कही। उनका कहना है कि इच्छाशक्ति और मानसिक स्वास्थ्य का सीधा संबंध मस्तिष्क से होता है और व्यक्ति की सोच उसके शरीर और व्यवहार को भी प्रभावित करती है। मिर्गी या किसी भी प्रकार के दौरे (झटके) पड़ने की स्थिति में, डॉ. करीमी ने घबराने की बजाय कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में मरीज के आसपास मौजूद नुकीली या चोट पहुँचाने वाली वस्तुओं को तुरंत हटा देना चाहिए और उसे एक तरफ करवट दिलाकर लिटा देना चाहिए। दौरे के दौरान मरीज के मुँह में पानी या कोई भी तरल पदार्थ न डालें, क्योंकि बेहोशी की अवस्था में यह साँस की नली में जाकर गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। अंत में, उन्होंने लोगों से न्यूरो संबंधी किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करने, समय रहते विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेने और अफवाहों या गलत धारणाओं से बचने की अपील की।
मऊ के न्यूरो विशेषज्ञ डॉ. अबजद करीमी ने मानसिक स्वास्थ्य और न्यूरोलॉजिकल समस्याओं पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है, जिसमें उन्होंने मोबाइल और लैपटॉप के अत्यधिक उपयोग से होने वाले खतरों पर विशेष जोर दिया। डॉ. करीमी के अनुसार, इन उपकरणों का अधिक इस्तेमाल आँखों और दिमाग पर अतिरिक्त दबाव डालता है, जिससे भविष्य में कई स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएँ उत्पन्न हो सकती हैं। उन्होंने अभिभावकों को विशेष रूप से सलाह दी कि पाँच वर्ष से कम उम्र के बच्चों को मोबाइल की लत से दूर रखा जाना चाहिए। डॉ. करीमी ने चेतावनी दी कि अधिक स्क्रीन टाइम बच्चों के मानसिक संतुलन और मस्तिष्क के विकास पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। एक स्वस्थ मानसिक जीवन के लिए, उन्होंने लोगों से सामाजिक गतिविधियों में भाग लेने, सकारात्मक सोच बनाए रखने और दूसरों से मेल-जोल बढ़ाने की बात कही। उनका कहना है कि इच्छाशक्ति और मानसिक स्वास्थ्य का सीधा संबंध मस्तिष्क से होता है और व्यक्ति की सोच उसके शरीर और व्यवहार को भी प्रभावित करती है। मिर्गी या किसी भी प्रकार के दौरे (झटके) पड़ने की स्थिति में, डॉ. करीमी ने घबराने की बजाय कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में मरीज के आसपास मौजूद नुकीली या चोट पहुँचाने वाली वस्तुओं को तुरंत हटा देना चाहिए और उसे एक तरफ करवट दिलाकर लिटा देना चाहिए। दौरे के दौरान मरीज के मुँह में पानी या कोई भी तरल पदार्थ न डालें, क्योंकि बेहोशी की अवस्था में यह साँस की नली में जाकर गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। अंत में, उन्होंने लोगों से न्यूरो संबंधी किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करने, समय रहते विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेने और अफवाहों या गलत धारणाओं से बचने की अपील की।
- मऊ के न्यूरो विशेषज्ञ डॉ. अबजद करीमी ने मानसिक स्वास्थ्य और न्यूरोलॉजिकल समस्याओं पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है, जिसमें उन्होंने मोबाइल और लैपटॉप के अत्यधिक उपयोग से होने वाले खतरों पर विशेष जोर दिया। डॉ. करीमी के अनुसार, इन उपकरणों का अधिक इस्तेमाल आँखों और दिमाग पर अतिरिक्त दबाव डालता है, जिससे भविष्य में कई स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएँ उत्पन्न हो सकती हैं। उन्होंने अभिभावकों को विशेष रूप से सलाह दी कि पाँच वर्ष से कम उम्र के बच्चों को मोबाइल की लत से दूर रखा जाना चाहिए। डॉ. करीमी ने चेतावनी दी कि अधिक स्क्रीन टाइम बच्चों के मानसिक संतुलन और मस्तिष्क के विकास पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। एक स्वस्थ मानसिक जीवन के लिए, उन्होंने लोगों से सामाजिक गतिविधियों में भाग लेने, सकारात्मक सोच बनाए रखने और दूसरों से मेल-जोल बढ़ाने की बात कही। उनका कहना है कि इच्छाशक्ति और मानसिक स्वास्थ्य का सीधा संबंध मस्तिष्क से होता है और व्यक्ति की सोच उसके शरीर और व्यवहार को भी प्रभावित करती है। मिर्गी या किसी भी प्रकार के दौरे (झटके) पड़ने की स्थिति में, डॉ. करीमी ने घबराने की बजाय कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में मरीज के आसपास मौजूद नुकीली या चोट पहुँचाने वाली वस्तुओं को तुरंत हटा देना चाहिए और उसे एक तरफ करवट दिलाकर लिटा देना चाहिए। दौरे के दौरान मरीज के मुँह में पानी या कोई भी तरल पदार्थ न डालें, क्योंकि बेहोशी की अवस्था में यह साँस की नली में जाकर गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। अंत में, उन्होंने लोगों से न्यूरो संबंधी किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करने, समय रहते विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेने और अफवाहों या गलत धारणाओं से बचने की अपील की।1
- उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के कासिमपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम छोटी वेदर में 31 मई 2026 को सीढ़ी बनाने को लेकर हुए पारिवारिक विवाद में एक व्यक्ति की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, करीब 35 वर्षीय प्रदीप पुत्र होशराम अपने मकान पर जीने का निर्माण कर रहे थे, तभी उनका अपने चाचा बिहारी, उनके पुत्रों पंकज और अरुण, तथा घर की महिलाओं के साथ झगड़ा और मारपीट हो गई। इस दौरान प्रदीप के सिर में गंभीर चोट लगी, जिसके बाद परिजनों द्वारा उन्हें उपचार के लिए हरदोई के चिकित्सालय ले जाया गया। हालांकि, इलाज के दौरान प्रदीप की मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य संकलन की कार्यवाही की। संडीला के क्षेत्राधिकारी श्री संतोष कुमार सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि तहरीर प्राप्त होने के बाद इस संबंध में अग्रिम वैधानिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।1
- हरदोई जिले के शाहबाद में आकाश अस्पताल के सामने वाली गली से गुजरने वाले यात्रियों को अब और भी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।1
- हरदोई जिले की पिहानी कोतवाली में कथित रूप से चल रहे 'खेल' को तुरंत बंद करने की मांग की गई है। इसके साथ ही, क्षेत्र की जनता के साथ अच्छा व्यवहार करने और कैमरे को शस्त्र बनाकर दलाली करने वालों पर शिकंजा कसने पर भी जोर दिया गया है। यह भी मांग की गई है कि कोतवाली में पीड़ितोें के साथ सौदेबाजी करने वाले गैंग की सक्रियता पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) के हरदोई जिला अध्यक्ष राहुल मिश्रा के नेतृत्व में चेतावनी दी गई है कि यदि इन मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो क्षेत्र के किसान अपने सम्मान और हक के लिए पुनः पिहानी कोतवाली पहुंचने को विवश होंगे।1
- फिरोजाबाद में डेढ़ साल के एक मासूम बच्चे को बेरहमी से पटक-पटक कर मार डालने का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाला आरोपी कोई और नहीं बल्कि बच्चे की मां के पति की बुआ का बेटा विराज पाठक है, जिसने बच्चे को 8 बार जमीन पर पटका, जिससे उसकी मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, बच्चे की मां का अपने पति से विवाद चल रहा था, जिसके चलते वह अपने मायके में रह रही थी। इसी दौरान, अकेला पाकर आरोपी विराज पाठक ने महिला को शादी के लिए प्रपोज किया। हालांकि, महिला ने यह कहकर प्रस्ताव ठुकरा दिया कि वह शादीशुदा है और उसका डेढ़ साल का बेटा भी है। आरोपी ने इस बच्चे को अपनी शैतानी सोच में बाधक मानते हुए यह सोचा कि अगर बच्चे को मार दिया जाए, तो महिला उससे शादी करने के लिए मान जाएगी। इसी शैतानी विचार के तहत आरोपी ने मासूम बच्चे को निर्ममता से आठ बार जमीन पर पटका और फरार हो गया। इस घटना के बाद महिला का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी विराज पाठक को पकड़ लिया है, जिसके दोनों पैरों में गोली मारकर उसका 'हाफ एनकाउंटर' किया गया। हालांकि, इस मामले में लोगों का कहना है कि पुलिस को आरोपी का 'फुल एनकाउंटर' करके उसे उसके किए की पूरी सजा मिल जानी चाहिए थी।3
- राष्ट्रीय पत्रकार सेकुलर सुरक्षा यूनियन परिषद का पंजीकरण हो चुका है। इस यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष वैभव ठाकुर हैं, जो पत्रकारों की सहायता के लिए हर समय तत्पर रहते हैं।1
- पुलिस ने एक युवक को अवैध तमंचा और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के बाद, पुलिस ने युवक को जेल भेज दिया है।1