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19 hrs ago
user_  आजाद
आजाद
खनियाधाना, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
19 hrs ago

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • Post by आजाद
    1
    Post by आजाद
    user_  आजाद
    आजाद
    खनियाधाना, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • जखौरा 80व स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जखौरा में धूमधाम से मनाया गया 15 अगस्त जखौरा ब्लाक परिसर में बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया गया 15 अगस्त यह फहराया गया तिरंगा कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख बबीता सहरिया सहित ब्लॉक बड़े बाबू अभिषेक दुबे समाज कल्याण विभाग एडीओ मातादीन यादव दीपक कुमार विश्वकर्मा अनुपम यादव सचिव प्रदीप पंत सचिव अमित सोनी अभिषेक कटारिया सत्यवान सिंह एवं ब्लॉक कर्मचारी मौजूद
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    जखौरा 80व स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जखौरा में धूमधाम से मनाया गया 15 अगस्त  
 
जखौरा ब्लाक परिसर में बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया गया 15 अगस्त यह फहराया गया तिरंगा कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख बबीता सहरिया सहित ब्लॉक बड़े बाबू अभिषेक दुबे समाज कल्याण विभाग  एडीओ मातादीन यादव दीपक कुमार विश्वकर्मा अनुपम यादव सचिव प्रदीप पंत सचिव अमित सोनी अभिषेक कटारिया सत्यवान सिंह एवं ब्लॉक कर्मचारी  मौजूद
    user_Neeraj jain tinku ptrakar
    Neeraj jain tinku ptrakar
    तालबेहट, ललितपुर, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • कीचड़ में तब्दील गांव की सड़क, 15 अगस्त पर बच्चों की राह भी हुई मुश्किल शिवपुरी। करैरा तहसील के ग्राम कलोथरा में बारिश के बाद गांव की सड़कें कीचड़ और पानी से लबालब हो गई हैं। हालात यह हैं कि ग्रामीणों के लिए पैदल चलना और दोपहिया व अन्य वाहन निकालना भी मुश्किल हो गया है। 15 अगस्त के अवसर पर स्कूल जाने वाले बच्चों को भी इसी कीचड़ भरे रास्ते से होकर गुजरना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि रास्ते की समस्या को लेकर सरपंच को सूचना दी गई, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं किया गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव के रास्ते को जल्द दुरुस्त कराया जाए, ताकि बारिश के दौरान बच्चों और ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना न करना पड़े। कीचड़ में तब्दील गांव की सड़क, 15 अगस्त पर बच्चों की राह भी हुई मुश्किल शिवपुरी। करैरा तहसील के ग्राम कलोथरा में बारिश के बाद गांव की सड़कें कीचड़ और पानी से लबालब हो गई हैं। हालात यह हैं कि ग्रामीणों के लिए पैदल चलना और दोपहिया व अन्य वाहन निकालना भी मुश्किल हो गया है। 15 अगस्त के अवसर पर स्कूल जाने वाले बच्चों को भी इसी कीचड़ भरे रास्ते से होकर गुजरना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि रास्ते की समस्या को लेकर सरपंच को सूचना दी गई, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं किया गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव के रास्ते को जल्द दुरुस्त कराया जाए, ताकि बारिश के दौरान बच्चों और ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना न करना पड़े।
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    कीचड़ में तब्दील गांव की सड़क, 15 अगस्त पर बच्चों की राह भी हुई मुश्किल

शिवपुरी। करैरा तहसील के ग्राम कलोथरा में बारिश के बाद गांव की सड़कें कीचड़ और पानी से लबालब हो गई हैं। हालात यह हैं कि ग्रामीणों के लिए पैदल चलना और दोपहिया व अन्य वाहन निकालना भी मुश्किल हो गया है।

15 अगस्त के अवसर पर स्कूल जाने वाले बच्चों को भी इसी कीचड़ भरे रास्ते से होकर गुजरना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि रास्ते की समस्या को लेकर सरपंच को सूचना दी गई, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं किया गया।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव के रास्ते को जल्द दुरुस्त कराया जाए, ताकि बारिश के दौरान बच्चों और ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना न करना पड़े।
कीचड़ में तब्दील गांव की सड़क, 15 अगस्त पर बच्चों की राह भी हुई मुश्किल
शिवपुरी। करैरा तहसील के ग्राम कलोथरा में बारिश के बाद गांव की सड़कें कीचड़ और पानी से लबालब हो गई हैं। हालात यह हैं कि ग्रामीणों के लिए पैदल चलना और दोपहिया व अन्य वाहन निकालना भी मुश्किल हो गया है।
15 अगस्त के अवसर पर स्कूल जाने वाले बच्चों को भी इसी कीचड़ भरे रास्ते से होकर गुजरना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि रास्ते की समस्या को लेकर सरपंच को सूचना दी गई, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं किया गया।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव के रास्ते को जल्द दुरुस्त कराया जाए, ताकि बारिश के दौरान बच्चों और ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना न करना पड़े।
    user_Ram Manohar Mishra
    Ram Manohar Mishra
    करेरा, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • स्वतंत्रता दिवस उल्लास से मनाया, जगह जगह हुए कार्यक्रम स्वतंत्रता दिवस उल्लास से मनाया गया। इस दौरान सरकारी इमारतों, स्कूलों में ध्वजारोहण किया गया। इस दौरान स्वतंत्रता आंदोलन के वीर सपूतों को याद किया गया, साथ ही महापुरुषों को माल्यार्पण किया गया। शहर में जगह जगह कार्यक्रम आयोजित किए गए।
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    स्वतंत्रता दिवस उल्लास से मनाया, जगह जगह हुए कार्यक्रम 
स्वतंत्रता दिवस उल्लास से मनाया गया। इस दौरान सरकारी इमारतों, स्कूलों में ध्वजारोहण किया गया। इस दौरान स्वतंत्रता आंदोलन के वीर सपूतों को याद किया गया, साथ ही महापुरुषों को माल्यार्पण किया गया। शहर में 
जगह जगह कार्यक्रम आयोजित किए गए।
    user_Manoj Kumar vaidya
    Manoj Kumar vaidya
    Local News Reporter ललितपुर, ललितपुर, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • Post by नीरज शर्मा बुंदेलखंड मीडिया प्रभारी
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    Post by नीरज शर्मा बुंदेलखंड मीडिया प्रभारी
    user_नीरज शर्मा बुंदेलखंड मीडिया प्रभारी
    नीरज शर्मा बुंदेलखंड मीडिया प्रभारी
    ललितपुर, ललितपुर, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • जल संसाधन विभाग अनु०विभागीय कार्यलय बना जुआरी,शराबी,नशे व आवारा तत्वों का मुख्यलय जिम्मेदार रहते हैं नदारद , *रिपोर्टर हेमंत भार्गव* **जल संसाधन विभाग का कार्यालय बना उपेक्षा का शिकार! **कभी अधिकारियों की मौजूदगी से गुलजार रहने वाला परिसर आज आवारा तत्वों का ठिकाना बनने के आरोपों से घिरा—साल में दो बार ही साफ-सफाई और व्यवस्थाओं की सुध लेने का दावा करैरा। नगर के बीचों-बीच स्थित जल संसाधन विभाग के अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय की मौजूदा स्थिति जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती नजर आ रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कभी अधिकारियों की सक्रियता और विभागीय गतिविधियों का केंद्र रहा यह कार्यालय अब लंबे समय से उपेक्षा का दंश झेल रहा है। आलम यह है कि कार्यालय परिसर और आसपास के क्षेत्र में गंदगी, अव्यवस्था तथा असामाजिक तत्वों की कथित आवाजाही आम बात बन गई है। स्थानीय नागरिकों के मुताबिक कार्यालय कभी-कभार ही खुला दिखाई देता है। उनका आरोप है कि वर्ष में महज दो अवसरों पर ही कार्यालय एवं उसके आसपास साफ-सफाई, प्रकाश और पानी जैसी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की कवायद दिखाई देती है, जबकि शेष दिनों में परिसर की स्थिति बदहाल बनी रहती है। कहीं जुआ, कहीं नशे का आरोप, तो कहीं खुले में गंदगी स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्यालय परिसर के आसपास कथित तौर पर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। यहां लोगों को जुआ खेलते, नशे का सेवन करते और खुले में पेशाब करते हुए देखे जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। यही नहीं, परिसर के आसपास गंदगी पसरी रहने से वातावरण भी दूषित बना हुआ है। नागरिकों का कहना है कि जिस स्थान पर कभी जल संसाधन विभाग के अधिकारी बैठकर विभागीय कार्यों की निगरानी किया करते थे, वही परिसर अब विभागीय उपेक्षा के चलते अपनी पुरानी गरिमा खोता नजर आ रहा है। अधिकारियों के क्वार्टरों के सामने गैर-विभागीय गतिविधियों के भी आरोप मामला केवल कार्यालय परिसर की बदहाली तक सीमित नहीं बताया जा रहा। स्थानीय लोगों के अनुसार जल संसाधन विभाग के कर्मचारियों के लिए बनाए गए क्वार्टरों के आसपास भी अव्यवस्था का आलम है। आरोप है कि कुछ क्वार्टरों में शिक्षा विभाग के शिक्षक निवास कर रहे हैं, जबकि कुछ आवासों में राजस्व विभाग के कर्मचारी भी रह रहे हैं। वहीं, क्वार्टरों के आसपास मिस्त्रियों द्वारा बड़े वाहनों की मरम्मत का कार्य किए जाने की बात भी सामने आ रही है। इससे सवाल उठ रहा है कि आखिर जिस भवन और परिसर का निर्माण जल संसाधन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए किया गया था, वहां वर्तमान में किन लोगों को रहने और अन्य गतिविधियां संचालित करने की अनुमति है? कभी दो मुख्य द्वार और स्वच्छ वातावरण, अब बदहाली का आलम स्थानीय लोगों की मानें तो कुछ समय पहले तक कार्यालय की बाउंड्री व्यवस्थित थी और दो मुख्य द्वारों के साथ परिसर साफ-सुथरा एवं सुव्यवस्थित नजर आता था। लेकिन समय के साथ रखरखाव के अभाव में व्यवस्था बिखरती चली गई। आज कार्यालय के आसपास गंदगी, अव्यवस्थित वातावरण और कथित असामाजिक गतिविधियों के चलते यहां आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। नगर के बीचों-बीच कार्यालय, फिर जिम्मेदारों की नजर क्यों नहीं? सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह कार्यालय नगर के बीचों-बीच स्थित है। यहां से आए दिन जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और अन्य जिम्मेदार लोगों का आवागमन होता रहता है। इसके बावजूद स्थानीय लोगों द्वारा लंबे समय से बताई जा रही समस्याओं पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं दिखाई दे रही? स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि विभागीय अधिकारी समय-समय पर कार्यालय का निरीक्षण करें, परिसर की साफ-सफाई कराएं, प्रकाश एवं पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करें तथा अनधिकृत गतिविधियों पर रोक लगाएं, तो कार्यालय की पुरानी गरिमा वापस लौट सकती है। अब देखना यह है कि जल संसाधन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इस बदहाल परिसर की सुध कब लेते हैं और वर्षों से उपेक्षित नजर आ रहे कार्यालय को फिर से विभागीय गतिविधियों का केंद्र कब बनाया जाता है।
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    जल संसाधन विभाग अनु०विभागीय कार्यलय बना जुआरी,शराबी,नशे व आवारा तत्वों का मुख्यलय जिम्मेदार रहते हैं नदारद ,

*रिपोर्टर हेमंत भार्गव* 
**जल संसाधन विभाग का कार्यालय बना उपेक्षा का शिकार!
**कभी अधिकारियों की मौजूदगी से गुलजार रहने वाला परिसर आज आवारा तत्वों का ठिकाना बनने के आरोपों से घिरा—साल में दो बार ही साफ-सफाई और व्यवस्थाओं की सुध लेने का दावा
करैरा। नगर के बीचों-बीच स्थित जल संसाधन विभाग के अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय की मौजूदा स्थिति जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती नजर आ रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कभी अधिकारियों की सक्रियता और विभागीय गतिविधियों का केंद्र रहा यह कार्यालय अब लंबे समय से उपेक्षा का दंश झेल रहा है। आलम यह है कि कार्यालय परिसर और आसपास के क्षेत्र में गंदगी, अव्यवस्था तथा असामाजिक तत्वों की कथित आवाजाही आम बात बन गई है।
स्थानीय नागरिकों के मुताबिक कार्यालय कभी-कभार ही खुला दिखाई देता है। उनका आरोप है कि वर्ष में महज दो अवसरों पर ही कार्यालय एवं उसके आसपास साफ-सफाई, प्रकाश और पानी जैसी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की कवायद दिखाई देती है, जबकि शेष दिनों में परिसर की स्थिति बदहाल बनी रहती है।
कहीं जुआ, कहीं नशे का आरोप, तो कहीं खुले में गंदगी
स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्यालय परिसर के आसपास कथित तौर पर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। यहां लोगों को जुआ खेलते, नशे का सेवन करते और खुले में पेशाब करते हुए देखे जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। यही नहीं, परिसर के आसपास गंदगी पसरी रहने से वातावरण भी दूषित बना हुआ है।
नागरिकों का कहना है कि जिस स्थान पर कभी जल संसाधन विभाग के अधिकारी बैठकर विभागीय कार्यों की निगरानी किया करते थे, वही परिसर अब विभागीय उपेक्षा के चलते अपनी पुरानी गरिमा खोता नजर आ रहा है।
अधिकारियों के क्वार्टरों के सामने गैर-विभागीय गतिविधियों के भी आरोप
मामला केवल कार्यालय परिसर की बदहाली तक सीमित नहीं बताया जा रहा। स्थानीय लोगों के अनुसार जल संसाधन विभाग के कर्मचारियों के लिए बनाए गए क्वार्टरों के आसपास भी अव्यवस्था का आलम है। आरोप है कि कुछ क्वार्टरों में शिक्षा विभाग के शिक्षक निवास कर रहे हैं, जबकि कुछ आवासों में राजस्व विभाग के कर्मचारी भी रह रहे हैं।
वहीं, क्वार्टरों के आसपास मिस्त्रियों द्वारा बड़े वाहनों की मरम्मत का कार्य किए जाने की बात भी सामने आ रही है। इससे सवाल उठ रहा है कि आखिर जिस भवन और परिसर का निर्माण जल संसाधन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए किया गया था, वहां वर्तमान में किन लोगों को रहने और अन्य गतिविधियां संचालित करने की अनुमति है?
कभी दो मुख्य द्वार और स्वच्छ वातावरण, अब बदहाली का आलम
स्थानीय लोगों की मानें तो कुछ समय पहले तक कार्यालय की बाउंड्री व्यवस्थित थी और दो मुख्य द्वारों के साथ परिसर साफ-सुथरा एवं सुव्यवस्थित नजर आता था। लेकिन समय के साथ रखरखाव के अभाव में व्यवस्था बिखरती चली गई।
आज कार्यालय के आसपास गंदगी, अव्यवस्थित वातावरण और कथित असामाजिक गतिविधियों के चलते यहां आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
नगर के बीचों-बीच कार्यालय, फिर जिम्मेदारों की नजर क्यों नहीं?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह कार्यालय नगर के बीचों-बीच स्थित है। यहां से आए दिन जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और अन्य जिम्मेदार लोगों का आवागमन होता रहता है। इसके बावजूद स्थानीय लोगों द्वारा लंबे समय से बताई जा रही समस्याओं पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं दिखाई दे रही?
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि विभागीय अधिकारी समय-समय पर कार्यालय का निरीक्षण करें, परिसर की साफ-सफाई कराएं, प्रकाश एवं पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करें तथा अनधिकृत गतिविधियों पर रोक लगाएं, तो कार्यालय की पुरानी गरिमा वापस लौट सकती है।
अब देखना यह है कि जल संसाधन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इस बदहाल परिसर की सुध कब लेते हैं और वर्षों से उपेक्षित नजर आ रहे कार्यालय को फिर से विभागीय गतिविधियों का केंद्र कब बनाया जाता है।
    user_Hemant Kumar bhargav
    Hemant Kumar bhargav
    Karera, Shivpuri•
    16 hrs ago
  • ग्राम पंचायत बारौद मे स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अध्यापको के द्वारा बाबा साहब डाॅ.भीमराव अम्बेडकर जी तस्वीर नही रखी गई आप देख सकते है वीडियोज मे आखिर इतनी नफ़रत क्यो बाबा साहब डाॅ.भीमराव अम्बेडकर जी से समाज ऐसी ही कुरुतिया फेलारहे ए अध्यापक टीचर कहलाने लायक नही है इस पर प्रसासन ध्यान दे जय भीम जय संविधान जय भारत
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    ग्राम पंचायत बारौद मे स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अध्यापको के द्वारा बाबा साहब डाॅ.भीमराव अम्बेडकर जी तस्वीर नही रखी गई आप देख सकते है वीडियोज मे आखिर इतनी नफ़रत क्यो बाबा साहब डाॅ.भीमराव अम्बेडकर जी से 
समाज ऐसी ही कुरुतिया फेलारहे ए अध्यापक टीचर कहलाने लायक नही है इस पर प्रसासन ध्यान दे जय भीम जय संविधान जय भारत
    user_मिस्टर बलराम चौधरी जी
    मिस्टर बलराम चौधरी जी
    Farmer ललितपुर, ललितपुर, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • पंच परिवर्तन समाज परिवर्तन राष्ट्र निर्माण में हमारी भूमिका विजन विकसित द्वारा 2047 ललितपुर पंच परिवर्तन समाज परिवर्तन राष्ट्र निर्माण में हमारी भूमिका विजन विकसित द्वारा 2047 मुख्य वक्ता अश्विनी उपाध्याय अधिवक्ता सुप्रीम कोर्ट ने छोटे-छोटे परिवर्तनों से शिक्षा स्वास्थ्य भ्रष्टाचार मिलावट नक्सलवाद जातिवाद ऐसे विषय जिन पर शायद कोई ध्यान देता हो मुकदमे एवं कड़े कानून पर विशेष खुद बोलकर जनहित के मुद्दों पर चर्चा की इस अवसर पर नगर के अधिवक्ता मंत्री मनोहर लाल पंथ राज्य मंत्री उत्तर प्रदेश शासन समाजसेवी जन प्रतिनिधि एवं व्यापार मंडल के प्रतिनिधि उपस्थित रहे !
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    पंच परिवर्तन समाज परिवर्तन राष्ट्र निर्माण में हमारी भूमिका विजन विकसित द्वारा 2047
ललितपुर पंच परिवर्तन समाज परिवर्तन राष्ट्र निर्माण में हमारी भूमिका विजन विकसित द्वारा 2047 मुख्य वक्ता  अश्विनी उपाध्याय अधिवक्ता सुप्रीम कोर्ट ने छोटे-छोटे परिवर्तनों से शिक्षा स्वास्थ्य भ्रष्टाचार मिलावट नक्सलवाद जातिवाद ऐसे विषय जिन पर शायद कोई ध्यान देता हो  मुकदमे एवं कड़े कानून पर विशेष खुद बोलकर जनहित के मुद्दों पर चर्चा की इस अवसर पर नगर के अधिवक्ता मंत्री मनोहर लाल पंथ राज्य मंत्री उत्तर प्रदेश शासन समाजसेवी जन प्रतिनिधि एवं व्यापार मंडल के प्रतिनिधि उपस्थित रहे !
    user_Neeraj jain tinku ptrakar
    Neeraj jain tinku ptrakar
    तालबेहट, ललितपुर, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
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