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बबीना न्यूज

12 hrs ago
user_ARIF mansoori
ARIF mansoori
Local News Reporter झांसी, झांसी, उत्तर प्रदेश•
12 hrs ago

बबीना न्यूज

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • Post by S News
    1
    Post by S News
    user_S News
    S News
    Local News Reporter झांसी, झांसी, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • झाँसी। रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झाँसी में आज चतुर्थ भारतीय उद्यानिकी शिखर सम्मेलन–सह–अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। यह तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 28 से 30 जनवरी 2026 तक आयोजित किया जा रहा है, जिसका मुख्य विषय “सतत विकास, स्वास्थ्य एवं आर्थिक सुदृढ़ता हेतु स्वदेशी एवं अल्प-उपयोगित उद्यानिकी फसलों का संवर्धन” है। सम्मेलन का आयोजन बागवानी अनुसंधान एवं विकास समिति उत्तर प्रदेश के सहयोग से किया जा रहा है। उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. पंजाब सिंह ने सब्जी एवं उद्यानिकी क्षेत्र के समग्र विकास पर बल देते हुए कहा कि स्वदेशी एवं अल्प-उपयोगित फसलें पोषण सुरक्षा, औषधीय गुणों और जलवायु सहनशीलता के कारण छोटे एवं सीमांत किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी हैं। उन्होंने कहा कि अनुसंधान, गुणवत्तायुक्त बीज, तकनीकी नवाचार, मूल्य संवर्धन और बाजार से सीधा जुड़ाव स्थापित कर इन फसलों को मुख्यधारा में लाया जा सकता है, जिससे किसानों की आय बढ़ाने के साथ सतत कृषि विकास को गति मिलेगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति डॉ. अशोक कुमार सिंह ने कहा कि बुंदेलखंड जैसे अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में उद्यानिकी एवं मसाला वर्गीय फसलों की अपार संभावनाएँ हैं। उन्होंने गुणवत्तायुक्त रोपण सामग्री और प्रमाणित बीजों को उत्पादकता बढ़ाने की कुंजी बताते हुए कहा कि वैज्ञानिक फसल प्रबंधन, मानकीकरण और कटाई-पश्चात प्रबंधन से गुणवत्ता व बाजार क्षमता में सुधार संभव है। उद्यानिकी आयुक्त, भारत सरकार डॉ. प्रभात कुमार ने कहा कि भारतीय उद्यानिकी क्षेत्र में निर्यात की व्यापक संभावनाएँ हैं, बशर्ते गुणवत्ता, निरंतरता और मूल्य श्रृंखला आधारित दृष्टिकोण अपनाया जाए। उन्होंने मानकीकरण, ट्रेसबिलिटी और किसान–उद्यमी सहभागिता को निर्यात उन्मुख उद्यानिकी के लिए आवश्यक बताया। भारतीय कृषि एवं बागवानी अनुसंधान विकास समिति के अध्यक्ष डॉ. बलराज सिंह ने ऐसे सम्मेलनों को अनुसंधान और नवाचार के लिए उपयोगी मंच बताया, जबकि उपाध्यक्ष डॉ. बी.एस. तोमर ने क्षमता निर्माण और तकनीक प्रसार पर जोर दिया। पूर्व कुलपति डॉ. टी. जनकीराम ने जामुन, करौंदा और सहजन जैसी स्वदेशी फसलों के व्यावसायीकरण की आवश्यकता बताई। आईसीएआर–भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी के निदेशक डॉ. राजेश कुमार ने गुणवत्तायुक्त बीज और लाभकारी सूक्ष्मजीवों की भूमिका पर प्रकाश डाला। आईजीएफआरआई झाँसी के निदेशक डॉ. पंकज कौशल ने घास की उपयोगिता पर विस्तृत जानकारी दी। स्थानीय आयोजन सचिव एवं अधिष्ठाता डॉ. मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि सम्मेलन में 8 देशों और भारत के 20 राज्यों से 300 से अधिक प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। सम्मेलन के दौरान प्लेनरी व्याख्यान, तकनीकी सत्र, पैनल चर्चाएँ और पोस्टर प्रस्तुतियाँ आयोजित की जाएंगी। इस अवसर पर सभी अतिथियों द्वारा उद्यानिकी, कृषि एवं वानिकी से संबंधित 7 पुस्तकों का विमोचन किया गया। साथ ही बागवानी विज्ञान में अनुसंधान एवं विकास के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड डॉ. उमाकांत दुबे (नई दिल्ली) को प्रदान किया गया। लीडरशिप अवार्ड कुलपति डॉ. अशोक कुमार सिंह, उद्यानिकी आयुक्त डॉ. प्रभात कुमार एवं डॉ. वी.एस. तोमर को दिया गया। डॉ. कीर्ति सिंह मेमोरियल अवार्ड डॉ. सी. इंदुरानी (तमिलनाडु) और डॉ. आर.के. सिंह (मेरठ) को प्रदान किया गया। डॉ. गौतम कल्लू उत्कृष्टता बागवानी अनुसंधान पुरस्कार डॉ. राजेश कुमार (निदेशक, आईआईवीआर वाराणसी) को मिला। मानद फेलो पुरस्कार डॉ. दिलफूजा जब्बोरोवा (उज्बेकिस्तान), डॉ. के.के. उपाध्याय, डॉ. बी.के. सिंह और डॉ. एस.आर. सिंह को प्रदान किया गया। सरोज सिंह मेमोरियल एंटरप्रेन्योरशिप अवार्ड अपूर्वा त्रिपाठी और मनसुख पटेल को तथा चौधरी गंगासरन त्यागी मेमोरियल प्रगतिशील किसान/उद्यम पुरस्कार डॉ. कमलजीत (जालंधर) और शिवकरन (बीकानेर, राजस्थान) को दिया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, सह–आयोजन सचिव डॉ. मनमोहन डोबरियाल, डॉ. गौरव शर्मा, डॉ. आर.के. सिंह, अनेक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक, नीति-निर्माता एवं शोधार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अर्तिका सिंह ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन डॉ. सोम दत्त द्वारा किया गया।
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    झाँसी। रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झाँसी में आज चतुर्थ भारतीय उद्यानिकी शिखर सम्मेलन–सह–अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। यह तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 28 से 30 जनवरी 2026 तक आयोजित किया जा रहा है, जिसका मुख्य विषय “सतत विकास, स्वास्थ्य एवं आर्थिक सुदृढ़ता हेतु स्वदेशी एवं अल्प-उपयोगित उद्यानिकी फसलों का संवर्धन” है। सम्मेलन का आयोजन बागवानी अनुसंधान एवं विकास समिति उत्तर प्रदेश के सहयोग से किया जा रहा है।
उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. पंजाब सिंह ने सब्जी एवं उद्यानिकी क्षेत्र के समग्र विकास पर बल देते हुए कहा कि स्वदेशी एवं अल्प-उपयोगित फसलें पोषण सुरक्षा, औषधीय गुणों और जलवायु सहनशीलता के कारण छोटे एवं सीमांत किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी हैं। उन्होंने कहा कि अनुसंधान, गुणवत्तायुक्त बीज, तकनीकी नवाचार, मूल्य संवर्धन और बाजार से सीधा जुड़ाव स्थापित कर इन फसलों को मुख्यधारा में लाया जा सकता है, जिससे किसानों की आय बढ़ाने के साथ सतत कृषि विकास को गति मिलेगी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति डॉ. अशोक कुमार सिंह ने कहा कि बुंदेलखंड जैसे अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में उद्यानिकी एवं मसाला वर्गीय फसलों की अपार संभावनाएँ हैं। उन्होंने गुणवत्तायुक्त रोपण सामग्री और प्रमाणित बीजों को उत्पादकता बढ़ाने की कुंजी बताते हुए कहा कि वैज्ञानिक फसल प्रबंधन, मानकीकरण और कटाई-पश्चात प्रबंधन से गुणवत्ता व बाजार क्षमता में सुधार संभव है।
उद्यानिकी आयुक्त, भारत सरकार डॉ. प्रभात कुमार ने कहा कि भारतीय उद्यानिकी क्षेत्र में निर्यात की व्यापक संभावनाएँ हैं, बशर्ते गुणवत्ता, निरंतरता और मूल्य श्रृंखला आधारित दृष्टिकोण अपनाया जाए। उन्होंने मानकीकरण, ट्रेसबिलिटी और किसान–उद्यमी सहभागिता को निर्यात उन्मुख उद्यानिकी के लिए आवश्यक बताया।
भारतीय कृषि एवं बागवानी अनुसंधान विकास समिति के अध्यक्ष डॉ. बलराज सिंह ने ऐसे सम्मेलनों को अनुसंधान और नवाचार के लिए उपयोगी मंच बताया, जबकि उपाध्यक्ष डॉ. बी.एस. तोमर ने क्षमता निर्माण और तकनीक प्रसार पर जोर दिया। पूर्व कुलपति डॉ. टी. जनकीराम ने जामुन, करौंदा और सहजन जैसी स्वदेशी फसलों के व्यावसायीकरण की आवश्यकता बताई। आईसीएआर–भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी के निदेशक डॉ. राजेश कुमार ने गुणवत्तायुक्त बीज और लाभकारी सूक्ष्मजीवों की भूमिका पर प्रकाश डाला। आईजीएफआरआई झाँसी के निदेशक डॉ. पंकज कौशल ने घास की उपयोगिता पर विस्तृत जानकारी दी।
स्थानीय आयोजन सचिव एवं अधिष्ठाता डॉ. मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि सम्मेलन में 8 देशों और भारत के 20 राज्यों से 300 से अधिक प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। सम्मेलन के दौरान प्लेनरी व्याख्यान, तकनीकी सत्र, पैनल चर्चाएँ और पोस्टर प्रस्तुतियाँ आयोजित की जाएंगी।
इस अवसर पर सभी अतिथियों द्वारा उद्यानिकी, कृषि एवं वानिकी से संबंधित 7 पुस्तकों का विमोचन किया गया। साथ ही बागवानी विज्ञान में अनुसंधान एवं विकास के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड डॉ. उमाकांत दुबे (नई दिल्ली) को प्रदान किया गया।
लीडरशिप अवार्ड कुलपति डॉ. अशोक कुमार सिंह, उद्यानिकी आयुक्त डॉ. प्रभात कुमार एवं डॉ. वी.एस. तोमर को दिया गया।
डॉ. कीर्ति सिंह मेमोरियल अवार्ड डॉ. सी. इंदुरानी (तमिलनाडु) और डॉ. आर.के. सिंह (मेरठ) को प्रदान किया गया।
डॉ. गौतम कल्लू उत्कृष्टता बागवानी अनुसंधान पुरस्कार डॉ. राजेश कुमार (निदेशक, आईआईवीआर वाराणसी) को मिला।
मानद फेलो पुरस्कार डॉ. दिलफूजा जब्बोरोवा (उज्बेकिस्तान), डॉ. के.के. उपाध्याय, डॉ. बी.के. सिंह और डॉ. एस.आर. सिंह को प्रदान किया गया।
सरोज सिंह मेमोरियल एंटरप्रेन्योरशिप अवार्ड अपूर्वा त्रिपाठी और मनसुख पटेल को तथा चौधरी गंगासरन त्यागी मेमोरियल प्रगतिशील किसान/उद्यम पुरस्कार डॉ. कमलजीत (जालंधर) और शिवकरन (बीकानेर, राजस्थान) को दिया गया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, सह–आयोजन सचिव डॉ. मनमोहन डोबरियाल, डॉ. गौरव शर्मा, डॉ. आर.के. सिंह, अनेक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक, नीति-निर्माता एवं शोधार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अर्तिका सिंह ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन डॉ. सोम दत्त द्वारा किया गया।
    user_Praveen Kumar
    Praveen Kumar
    Reporter Jhansi, Uttar Pradesh•
    7 hrs ago
  • झांसी अवैध शराब के विरुद्ध आबकारी विभाग की ताबड़तोड़ कार्यवाही, 480 लीटर अवैध शराब बरामद* जनपद झांसी में राजस्व वृद्धि एवं आबकारी अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने हेतु जिलाधिकारी झांसी मृदुल चौधरी व उप आबकारी आयुक्त झांसी प्रभार झांसी उमेश चन्द्र पाण्डेय एवं जिला आबकारी अधिकारी झांसी मनीष कुमार के निर्देशन में *आबकारी विभाग, झांसी* की जनपद में गठित टीमों द्वारा चलाए जा रहे प्रवर्तन अभियान के अंतर्गत आज *दिनांक 28.01.2026* को *डायमंड फैक्ट्री नहर, पारीछा रेलवे क्रॉसिंग, पारीछा नहर के पास, बड़ागांव, बचावली व डेरा टाकोरी, तेजपुरा, कटेरा, मगरवारा* में दबिश दी गई। दबिश के दौरान *480 लीटर अवैध कच्ची शराब* बरामद कर *2000 किग्रा लहन* मौके पर नष्ट करते हुए आबकारी अधिनियम की सुसंगत धाराओं में *03 अभियोग* पंजीकृत किए गये। कार्यवाही में *01 अभियुक्ता* को गिरफ्तार किया गया। मौके पर दबिश टीम में मनोज कुमार श्रीवास्तव आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-1 झांसी एवं हर्ष बाबू आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-3 झांसी तथा आबकारी स्टॉफ सम्मिलित रहे। चेकिंग के दौरान अवैध अड्डों से शराब न खरीदने हेतु लोगों को जागरूक किया गया। सार्वजनिक स्थलों पर शराब का सेवन करने वालो की भी चेकिंग करते हुए लोगों को चेतावित किया गया। साथ ही अवैध शराब/अपमिश्रित शराब व ओवर रेटिंग के दृष्टिगत जनपद की देशी शराब/कंपोजिट मदिरा दुकानों पर टेस्ट परचेजिंग कराते हुए आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान दुकानों में संचित स्टॉक का स्टॉक पंजिका में अंकित स्टॉक से मिलान करते हुए भौतिक रूप से सत्यापन किया गया एवं पूर्ण रूप से PoS मशीन से मदिरा की बिक्री करने के निर्देश दिए गए।
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    झांसी 
अवैध शराब के विरुद्ध आबकारी विभाग की ताबड़तोड़ कार्यवाही, 480 लीटर अवैध शराब बरामद*
जनपद झांसी में राजस्व वृद्धि एवं आबकारी अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने हेतु जिलाधिकारी झांसी मृदुल चौधरी व उप आबकारी आयुक्त झांसी प्रभार झांसी उमेश चन्द्र पाण्डेय एवं जिला आबकारी अधिकारी झांसी मनीष कुमार के निर्देशन में *आबकारी विभाग, झांसी* की जनपद में गठित टीमों द्वारा चलाए जा रहे प्रवर्तन अभियान के अंतर्गत आज *दिनांक 28.01.2026* को *डायमंड फैक्ट्री नहर, पारीछा रेलवे क्रॉसिंग, पारीछा नहर के पास, बड़ागांव, बचावली व डेरा टाकोरी, तेजपुरा, कटेरा, मगरवारा* में दबिश दी गई। दबिश के दौरान *480 लीटर अवैध कच्ची शराब* बरामद कर *2000 किग्रा लहन* मौके पर नष्ट करते हुए आबकारी अधिनियम की सुसंगत धाराओं में *03 अभियोग* पंजीकृत किए गये। कार्यवाही में *01 अभियुक्ता* को गिरफ्तार किया गया। मौके पर दबिश टीम में मनोज कुमार श्रीवास्तव आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-1 झांसी एवं हर्ष बाबू आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-3 झांसी तथा आबकारी स्टॉफ सम्मिलित रहे। चेकिंग के दौरान अवैध अड्डों से शराब न खरीदने हेतु लोगों को जागरूक किया गया। सार्वजनिक स्थलों पर शराब का सेवन करने वालो की भी चेकिंग करते हुए लोगों को चेतावित किया गया। साथ ही अवैध शराब/अपमिश्रित शराब व ओवर रेटिंग के दृष्टिगत जनपद की देशी शराब/कंपोजिट मदिरा दुकानों पर टेस्ट परचेजिंग कराते हुए आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान दुकानों में संचित स्टॉक का स्टॉक पंजिका में अंकित स्टॉक से मिलान करते हुए भौतिक रूप से सत्यापन किया गया एवं पूर्ण रूप से PoS मशीन से मदिरा की बिक्री करने के निर्देश दिए गए।
    user_प्रदीप यादव दादा पत्रकार बबीना झांसी
    प्रदीप यादव दादा पत्रकार बबीना झांसी
    Journalist झांसी, झांसी, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • अगर यह बेटी आपकी होती तो......
    1
    अगर यह बेटी आपकी होती तो......
    user_Radhika Narayan
    Radhika Narayan
    Jhansi, Uttar Pradesh•
    8 hrs ago
  • झांसी बबीना
    1
    झांसी बबीना
    user_ARIF mansoori
    ARIF mansoori
    Local News Reporter Jhansi, Uttar Pradesh•
    10 hrs ago
  • दतिया से 6 किलोमीटर दूरी पर ग्राम रिछारी शासकीय प्राथमिक विद्यालय बना अतिक्रमण का अड्डा प्रशासन बना मूकदर्शक
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    दतिया से 6 किलोमीटर दूरी पर ग्राम रिछारी 
शासकीय प्राथमिक विद्यालय बना अतिक्रमण का अड्डा प्रशासन बना मूकदर्शक
    user_राजेंद्र  पटवा
    राजेंद्र पटवा
    Journalist Datia, Madhya Pradesh•
    4 hrs ago
  • टहरौली में पत्रकारिता की चमक के आगे खनन माफिया पर मेहरबान हुआ प्रशासन
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    टहरौली में पत्रकारिता की चमक के आगे खनन माफिया पर मेहरबान हुआ प्रशासन
    user_Sanjay kushwaha
    Sanjay kushwaha
    Local News Reporter Tahrauli, Jhansi•
    2 hrs ago
  • एनएसएस, एनसीसी, रोवर रेंजर्स की छात्राओं को दिलाई गई सड़क सुरक्षा की शपथ
    1
    एनएसएस, एनसीसी, रोवर रेंजर्स की छात्राओं को दिलाई गई सड़क सुरक्षा की शपथ
    user_S News
    S News
    Local News Reporter झांसी, झांसी, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
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