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मध्य प्रदेश के सीधी जिले से राकेश भाई ने चेन्नई में नौकरी के अवसर की जानकारी दी है। यहाँ एक्सकैवेटर ऑपरेटर के चार पद खाली हैं। इस पद के लिए वेतन ₹30,000 प्रति माह तय किया गया है, जिसमें रहने और खाने की सुविधा भी शामिल है। इच्छुक उम्मीदवार जो इस काम के लिए चेन्नई जाने के इच्छुक हैं, वे संपर्क करने के लिए कमेंट कर सकते हैं या फोन कॉल कर सकते हैं।
ऑपरेटर महासंघ ऑल इंडिया अध्यक्
मध्य प्रदेश के सीधी जिले से राकेश भाई ने चेन्नई में नौकरी के अवसर की जानकारी दी है। यहाँ एक्सकैवेटर ऑपरेटर के चार पद खाली हैं। इस पद के लिए वेतन ₹30,000 प्रति माह तय किया गया है, जिसमें रहने और खाने की सुविधा भी शामिल है। इच्छुक उम्मीदवार जो इस काम के लिए चेन्नई जाने के इच्छुक हैं, वे संपर्क करने के लिए कमेंट कर सकते हैं या फोन कॉल कर सकते हैं।
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- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी तीन दिवसीय ऑस्ट्रेलिया यात्रा के लिए रवाना हो गए हैं। इस यात्रा के दौरान, उनके विमान को इंडोनेशियाई लड़ाकू विमानों द्वारा एयर एस्कॉर्ट प्रदान किया गया। अपनी इस यात्रा के दौरान नरेंद्र मोदी 8 से 10 जुलाई तक मेलबर्न में रहेंगे। इस प्रवास के दौरान वे ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे।1
- प्रयागराज के यमुनानगर क्षेत्र में तैनात घूरपुर थाने के दरोगा आशुतोष सिंह की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि उन्होंने गौहनिया चौकी क्षेत्र में गंगा स्नान कर अपने प्रदेश लौट रहे श्रद्धालुओं की एक पिकअप गाड़ी को बीच सड़क पर रोककर उसकी चाबी निकाल ली। इस घटना के कारण सड़क पर लंबा जाम लग गया, जिससे आम लोगों और श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने इसे घूरपुर पुलिस का 'गजब कारनामा' करार देते हुए दूसरे प्रदेश से गंगा स्नान करके लौट रहे श्रद्धालुओं से 'अवैध वसूली के चक्कर में पिकअप की चोरी चाबी' जैसी हरकत बताया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब जाम की स्थिति और बिगड़ी तो गौहनिया चौकी प्रभारी और उनकी पुलिस टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद ही संबंधित दरोगा ने वाहन की चाबी वापस की। दरोगा आशुतोष सिंह ने अपनी इस कार्रवाई को डीसीपी यमुनानगर के एक अभियान का हिस्सा बताया है। हालांकि, लोगों का स्पष्ट कहना है कि यदि कोई अभियान चलाया भी जा रहा हो, तो उसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेवजह परेशान करना या बीच सड़क पर वाहनों की चाबी छीनना कतई नहीं हो सकता। अब स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर उचित और सख्त कार्रवाई की मांग की है।1
- प्रयागराज के यमुनानगर क्षेत्र के थाना घूरपुर में तैनात एक दरोगा की कार्यशैली को लेकर स्थानीय लोगों में गहरी नाराजगी देखने को मिल रही है। आरोप है कि दरोगा ने गौहनिया चौकी क्षेत्र में गंगा स्नान कर अपने गृह राज्य लौट रहे श्रद्धालुओं की एक पिकअप गाड़ी को बीच सड़क पर रोककर उसकी चाबी निकाल ली। इस कार्रवाई के कारण सड़क पर लंबा जाम लग गया, जिससे राहगीरों के साथ-साथ अन्य श्रद्धालुओं को भी काफी असुविधा का सामना करना पड़ा और यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया। जाम की सूचना मिलने पर गौहनिया चौकी प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। दरोगा द्वारा वाहन की चाबी वापस किए जाने के बाद ही यातायात सामान्य हो सका। बताया गया है कि संबंधित दरोगा ने अपनी इस कार्रवाई को डीसीपी यमुनानगर के निर्देश पर चलाए जा रहे एक अभियान का हिस्सा बताया है। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कोई विशेष अभियान चलाया भी जा रहा हो, तो उसे इस तरह से संचालित नहीं किया जाना चाहिए जिससे श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी हो या सड़क पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो। इस घटना के बाद क्षेत्र के लोगों ने पुलिस प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनकी यह भी मांग है कि यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही या अनुचित कार्रवाई पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए। इस मामले में संबंधित पुलिस अधिकारियों का पक्ष समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सका है, जिसे प्राप्त होने पर प्रमुखता से प्रकाशित करने की बात कही गई है।2
- प्रयागराज के यमुनानगर क्षेत्र में घूरपुर थाना के एक दरोगा, आशुतोष सिंह, की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप है कि गौहनिया चौकी क्षेत्र में, गंगा स्नान कर दूसरे प्रदेश लौट रहे श्रद्धालुओं की एक पिकअप गाड़ी को दरोगा ने बीच सड़क पर रोककर उसकी चाबी निकाल ली। इस घटना के कारण सड़क पर लंबा जाम लग गया, जिससे आम लोगों और श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब जाम की स्थिति बिगड़ने लगी, तब गौहनिया चौकी प्रभारी और उनकी पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जिसके बाद संबंधित दरोगा ने वाहन की चाबी वापस कर दी। बताया गया है कि दरोगा ने अपनी इस कार्रवाई को डीसीपी यमुनानगर के एक अभियान का हिस्सा बताया था। हालांकि, लोगों का स्पष्ट कहना है कि यदि कोई अभियान चलाया भी जा रहा हो, तो उसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को अनावश्यक रूप से परेशान करना या बीच सड़क पर उनके वाहन की चाबी छीनना नहीं हो सकता। अब स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई की मांग की है।4
- भारत 24 के विशेष कार्यक्रम मैंगो फेस्टिवल का आयोजन किया गया। इस आयोजन में भारत 24 के CEO और मार्गदर्शक जगदीश चंद्रा जी तथा केंद्रीय मंत्री अर्जुन लाल मेघवाल जी ने शिरकत की।1
- इंदौर में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी के खिलाफ राजेंद्र नगर पुलिस FIR दर्ज करने की तैयारी कर रही है। DCP नरेंद्र सिंह रावत ने इसकी पुष्टि की है। पुलिस के अनुसार, 8 जुलाई की देर रात पकड़े गए दो कथित ड्रग्स पेडलरों से पूछताछ के बाद नाना पटवारी को हिरासत में लिया गया है। वहीं, पटवारी परिवार ने पुलिस को एक आवेदन दिया है, जिसमें बताया गया है कि नाना की गाड़ी तो मिल गई है, लेकिन उनसे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। परिवार ने पुलिस से नाना पटवारी के बारे में जानकारी देने की मांग की है।1
- आगरा में एक महिला ने अपने पति की हत्या कर उसके शव को घर के बाथरूम में दफना दिया और ऊपर से प्लास्टर कराकर 45 दिनों तक पुलिस को गुमराह करती रही। यह चौंकाने वाली घटना आगरा के सिकंदरा स्थित प्राची टावर चौकी की रुनकता धाम कॉलोनी में सामने आई है, जहाँ रूबी नाम की महिला ने अपने पति सुरेंद्र की बेरहमी से हत्या कर दी। रूबी ने 18 मई को पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसका पति सुरेंद्र कई दिनों से लापता है। इसके बाद वह करीब 45 दिनों तक पुलिस के साथ मिलकर पति को खोजने का नाटक करती रही, दिन-रात उनके साथ खोजबीन में शामिल होने का दिखावा करती रही। जब परिजनों ने उससे गहन पूछताछ की, तो रूबी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिससे पुलिस और पड़ोसियों के पैरों तले जमीन खिसक गई। पत्नी ने खुलासा किया कि उसने सुरेंद्र को खीर में नींद की गोलियां देकर मारा था, जब सास और बेटियां वायु विहार में जेठ के घर गई हुई थीं। हत्या के बाद, रूबी ने ₹400 में मिट्टी मंगवाई, बाथरूम का फर्श तोड़ा, शव को घसीटकर बाथरूम में ले आई, उसे लेटाया और ऊपर से नमक व मिट्टी डाल दी। फिर 19 जून को उसने एक मिस्त्री को बुलाकर फर्श पर प्लास्टर करा दिया, जो एक दिन में सूख गया। इसके बाद वह खुद जेठ के घर चली गई और वहाँ यह नाटक किया कि सुरेंद्र चार दिनों से घर नहीं आए हैं। यह पूरी घटना, जिसमें पत्नी ने अपने पति की निर्मम हत्या कर शव को घर में ही दफनाया और फिर लंबे समय तक पुलिस व परिवार को धोखे में रखा, अब उजागर हो गई है, जिससे सभी स्तब्ध हैं।2
- Post by द्वारका कुशवाहा रीवा2