उत्तर प्रदेश के उन्नाव जनपद के निहाल खेड़ा गाँव निवासी राहुल निषाद की वाराणसी जेल में पुलिस सुरक्षा के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। राहुल के परिजनों ने इसे सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ द्वारा अपराधियों और भ्रष्टाचारियों पर लगाम कसने के दावों पर प्रश्नचिह्न बताया है। परिजनों ने गाँव के ही निवासी अयोध्या प्रसाद उर्फ लल्लू आदि पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि उन्होंने जमीन कब्जाने के उद्देश्य से षड्यंत्र रचकर राहुल को जेल भिजवाया। इतना ही नहीं, परिजनों का यह भी आरोप है कि जेल प्रशासन ने मिलीभगत कर राहुल को गंभीर यातनाएं दीं और जेल में ही उसकी हत्या कर दी। इन गंभीर आरोपों और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न होने से नाराज़ परिजनों ने शुरुआत में राहुल का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद, दो-दो सी.ओ. और उप जिला अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया, जिसके पश्चात् वे अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। दो दिन बाद, राहुल निषाद का अंतिम संस्कार भारी पुलिस सुरक्षा के बीच संपन्न हुआ। मृतक राहुल निषाद के चाचा मनोज निषाद और राज किशोर निषाद ने बताया कि षड्यंत्रकारी अयोध्या प्रसाद उर्फ लल्लू के खिलाफ एक मुकदमा दर्ज हुआ था और इस मामले में एक टीम भी गठित की गई थी। हालांकि, परिजनों ने यह भी जानकारी दी कि मामले की मजिस्ट्रेट जांच के लिए अभी तक कोई टीम गठित नहीं हुई है। आज राहुल के परिजन पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और न्याय की गुहार लगाते हुए पूरे मामले की जाँच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की।
उत्तर प्रदेश के उन्नाव जनपद के निहाल खेड़ा गाँव निवासी राहुल निषाद की वाराणसी जेल में पुलिस सुरक्षा के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। राहुल के परिजनों ने इसे सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ द्वारा अपराधियों और भ्रष्टाचारियों पर लगाम कसने के दावों पर प्रश्नचिह्न बताया है। परिजनों ने गाँव के ही निवासी अयोध्या प्रसाद उर्फ लल्लू आदि पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि उन्होंने जमीन कब्जाने के उद्देश्य से षड्यंत्र रचकर राहुल को जेल भिजवाया। इतना ही नहीं, परिजनों का यह भी आरोप है कि जेल प्रशासन ने मिलीभगत कर राहुल को गंभीर यातनाएं दीं और जेल में ही उसकी हत्या कर दी। इन गंभीर आरोपों और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न होने से नाराज़ परिजनों ने शुरुआत में राहुल का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद, दो-दो सी.ओ. और उप जिला अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया, जिसके पश्चात् वे अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। दो दिन बाद, राहुल निषाद का अंतिम संस्कार भारी पुलिस सुरक्षा के बीच संपन्न हुआ। मृतक राहुल निषाद के चाचा मनोज निषाद और राज किशोर निषाद ने बताया कि षड्यंत्रकारी अयोध्या प्रसाद उर्फ लल्लू के खिलाफ एक मुकदमा दर्ज हुआ था और इस मामले में एक टीम भी गठित की गई थी। हालांकि, परिजनों ने यह भी जानकारी दी कि मामले की मजिस्ट्रेट जांच के लिए अभी तक कोई टीम गठित नहीं हुई है। आज राहुल के परिजन पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और न्याय की गुहार लगाते हुए पूरे मामले की जाँच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की।
- उत्तर प्रदेश के उन्नाव जनपद के निहाल खेड़ा गाँव निवासी राहुल निषाद की वाराणसी जेल में पुलिस सुरक्षा के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। राहुल के परिजनों ने इसे सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ द्वारा अपराधियों और भ्रष्टाचारियों पर लगाम कसने के दावों पर प्रश्नचिह्न बताया है। परिजनों ने गाँव के ही निवासी अयोध्या प्रसाद उर्फ लल्लू आदि पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि उन्होंने जमीन कब्जाने के उद्देश्य से षड्यंत्र रचकर राहुल को जेल भिजवाया। इतना ही नहीं, परिजनों का यह भी आरोप है कि जेल प्रशासन ने मिलीभगत कर राहुल को गंभीर यातनाएं दीं और जेल में ही उसकी हत्या कर दी। इन गंभीर आरोपों और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न होने से नाराज़ परिजनों ने शुरुआत में राहुल का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद, दो-दो सी.ओ. और उप जिला अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया, जिसके पश्चात् वे अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। दो दिन बाद, राहुल निषाद का अंतिम संस्कार भारी पुलिस सुरक्षा के बीच संपन्न हुआ। मृतक राहुल निषाद के चाचा मनोज निषाद और राज किशोर निषाद ने बताया कि षड्यंत्रकारी अयोध्या प्रसाद उर्फ लल्लू के खिलाफ एक मुकदमा दर्ज हुआ था और इस मामले में एक टीम भी गठित की गई थी। हालांकि, परिजनों ने यह भी जानकारी दी कि मामले की मजिस्ट्रेट जांच के लिए अभी तक कोई टीम गठित नहीं हुई है। आज राहुल के परिजन पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और न्याय की गुहार लगाते हुए पूरे मामले की जाँच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की।1
- हरदोई पुलिस ने कासिमपुर क्षेत्र में सराफा व्यापारी से हुई लूट की घटना का सफल अनावरण करते हुए पांच शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई स्वाट, सर्विलांस, एसओजी और कासिमपुर थाना पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा की गई। यह घटना 17 जून 2026 को कासिमपुर के जमुनिया चौराहा के पास हुई थी, जहाँ बाइक सवार बदमाशों ने सराफा व्यापारी मो० नसीम से आभूषणों से भरा एक बैग लूट लिया था। पुलिस अधीक्षक हरदोई के निर्देश पर गठित चार टीमों ने सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से आज निगोहिया रोड पर घेराबंदी कर इन बदमाशों को दबोचा। पुलिस ने इनके कब्जे से 848 ग्राम चांदी और करीब 23.48 ग्राम सोने के अधगले जेवरात, एक मोबाइल, ₹2500 नगद, घटना में प्रयुक्त एक ब्रेज़ा कार, एक मोटरसाइकिल, पाँच अवैध तमंचे और 11 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान सत्यपाल मौर्या, अमित सिंह, मुजीब, अभिषेक उर्फ कल्लू और रोहित तिवारी के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कबूल किया कि वे इन जेवरातों को गलाकर बेचने की फिराक में थे।2
- हरदोई पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है, जहाँ स्वाट, सर्विलांस, एसओजी और थाना कासिमपुर की संयुक्त पुलिस टीम ने मात्र छह दिनों के भीतर सर्राफ से हुई लूट की घटना का सफलतापूर्वक अनावरण किया है। पुलिस ने इस मामले में पाँच शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह घटना बीती 17 जून 2026 को कासिमपुर थाना क्षेत्र के हसनापुर निवासी सर्राफ मो० नसीम के साथ हुई थी। जमुनिया चौराहे के पास बाइक सवार बदमाशों ने उनसे जेवरात और मोबाइल से भरा बैग लूट लिया था। पुलिस अधीक्षक हरदोई के निर्देश पर तत्काल चार टीमें गठित की गईं, जिन्होंने सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से आज 23 जून की रात निगोहिया रोड पर घेराबंदी कर पाँचों अभियुक्तों को दबोच लिया। गिरफ्तार किए गए बदमाशों की पहचान सत्यपाल मौर्या, अमित सिंह, मुजीब, अभिषेक उर्फ कल्लू और रोहित तिवारी के रूप में हुई है। पुलिस ने इन अभियुक्तों के कब्जे से सोने-चांदी के अधगले आभूषण, घटना में प्रयुक्त एक ब्रेज़ा कार, एक मोटरसाइकिल, 2500 रुपये नकद, 5 अवैध तमंचे और 11 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पूछताछ के दौरान अभियुक्तों ने कबूल किया कि वे लूटे गए सोने-चांदी को गलाकर बेचने की फिराक में थे। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।3
- आज मंगलवार को सुन्नी ग्राम स्थित मां महिषासुर मर्दिनी धाम में भगवान भोलेनाथ के मनोहारी श्रृंगार दर्शन हुए, जिसने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। भक्ति और श्रद्धा से ओत-प्रोत पूरा मंदिर परिसर इस दौरान 'हर-हर महादेव' के जयघोष से भक्तिमय हो उठा।2
- हरदोई के पाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम परेली में धर्मेंद्र उर्फ लालू पुत्र श्री कृष्ण की पैतृक जमीन पर उनके ही गांव के विश्वनाथ पुत्र राजकुमार, राहुल पुत्र विश्वनाथ और अंकित पुत्र विश्वनाथ नामक दबंग भूमाफियाओं ने कथित तौर पर अवैध कब्जा कर लिया है। पीड़ित ने बताया कि उनकी गैर-मौजूदगी में यह कार्रवाई की गई, जबकि उनकी भूमि पर चारों ओर दीवार बनी हुई थी और उस पर एक दरवाजा भी लगा था। दबंगों ने उस दरवाजे को तोड़कर जबरन अवैध कब्जा कर लिया। जब पीड़ित ने इसका विरोध किया, तो उसे गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई। इस मामले को लेकर पीड़ित ने स्थानीय पाली थाने में तहरीर भी दी थी, लेकिन आरोप है कि पुलिस प्रशासन द्वारा आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। स्थानीय पुलिस की कथित निष्क्रियता से आहत होकर, पीड़ित ने अब निष्पक्ष पुलिस अधीक्षक हरदोई से प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस अधीक्षक हरदोई ने पीड़ित को उचित कार्रवाई और दोषियों पर कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब देखना यह होगा कि पुलिस अधीक्षक के इन निर्देशों पर प्रभारी निरीक्षक क्या कार्रवाई करते हैं, या फिर यह निर्देश भी पिछली फर्जी आख्याओं की तरह फाइलों में ही दबे रह जाएंगे, जैसा कि आरोप लगाया गया है कि निष्पक्ष योगी सरकार में भू-माफियाओं के हौसले बुलंद हैं।4
- हरदोई जिले के बदरुद्दीनपुर गांव निवासी विवेक कन्नौजिया (लगभग 30 वर्ष) की 23 जून 2026 को जिला चिकित्सालय हरदोई में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई है। विवेक ने बीते दिन, 22 जून 2026 को बेहटा गोकुल थाने में सूचना दी थी कि उनके ससुरालीजनों द्वारा उनके साथ मारपीट की गई थी। विवेक कन्नौजिया, जो स्वर्गीय विजय किशोर के पुत्र थे, की शिकायत पर बेहटा गोकुल थाने में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया था। युवक की मृत्यु के बाद, स्थानीय पुलिस ने शव का नियमानुसार पंचायतनामा की कार्यवाही पूर्ण कर उसे पोस्टमार्टम हेतु मोर्चरी भेजा। इस मामले में पुलिस टीम द्वारा दो अभियुक्तों को हिरासत में लिया गया है और अग्रिम वैधानिक कार्यवाही प्रचलित है। इस प्रकरण के संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी, श्री मार्तंड प्रकाश सिंह ने भी एक बाइट दी है।1
- Hiring Job Title : केयर टेकर Company / Shop : अस्थाई गो आश्रय स्थल हथौड़ा Salary Offered : 12000 Locality : ग्राम हथौड़ा विकास खंड भरखनी जनपद हरदोई Job Type : Part Time Required Work Experience : 1-2 Years Job Title : केयर टेकर Company / Shop : अस्थाई गो आश्रय स्थल हथौड़ा Salary Offered : 12000 Locality : ग्राम हथौड़ा विकास खंड भरखनी जनपद हरदोई Job Type : Part Time Required Work Experience : 1-2 Years सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक2
- हरदोई के कोतवाली बिलग्राम क्षेत्र स्थित नूरपुर हथौड़ा गाँव में रास्ता निकलने की पुरानी रंजिश को लेकर दबंगों द्वारा एक ब्राह्मण परिवार पर जानलेवा हमला करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़िता आरती देवी द्वारा पुलिस को दी गई लिखित शिकायत के अनुसार, यह घटना 21 जून 2026 की शाम करीब 5:00 बजे हुई, जब गाँव के ही भानु प्रताप सिंह, अजय सिंह, अमन सिंह और टुन्ने (पुत्र केशनपाल) उनके दरवाजे पर आ धमके। आते ही इन आरोपियों ने आरती देवी, उनकी बहनों राशू और लक्ष्मी को लक्ष्य कर अत्यंत भद्दी और अमर्यादित गालियां देनी शुरू कर दीं। जब पीड़िता और उनके परिवार ने गाली-गलौज का विरोध किया, तो दबंग आगबबूला हो गए। आरोपियों ने जान से मारने की धमकी देते हुए आरती देवी, उनकी बहनों और उनके बुजुर्ग पिता कैलाश नारायण के साथ लात-घूसों से मारपीट शुरू कर दी। इतना ही नहीं, आरोपियों ने घर में रखे लाठी-डंडे उठाकर पूरे परिवार को मारने के लिए दौड़ाया, जिसके बाद पीड़िता और उनके परिजनों ने किसी तरह भागकर घर का मुख्य दरवाजा अंदर से बंद कर अपनी जान बचाई। इस हिंसक घटना के बाद, पीड़िता ने कोतवाली पुलिस को एक लिखित शिकायत पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।1