चेन्नई, 26 मई 2026 की एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार, तमिलनाडु से इंसानियत को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। 10 साल की एक बच्ची के साथ हुई दरिंदगी की इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। इस गंभीर मामले में पुलिस की संवेदनहीनता तब सामने आई जब आरोपी की गिरफ्तारी के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस (PC) में कुछ पुलिसकर्मी बातचीत करते हुए हंसते नजर आए, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और लोगों में भारी गुस्सा है। पीड़ित बच्ची के परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी और उनका आरोप है कि पुलिस ने आरोपी को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार तो कर लिया, लेकिन शिकायत दर्ज कराने के दौरान भी उन्हें गंभीरता से नहीं लिया गया। बच्ची की मां ने अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए कहा कि वे इंसाफ मांगने गए थे, लेकिन वहां के व्यवहार को देखकर ऐसा लगा जैसे उनकी तकलीफ का कोई मतलब ही नहीं है। मामले ने जब तूल पकड़ा, तो तमिलनाडु पुलिस मुख्यालय ने इसका संज्ञान लिया। एक पुलिस अधीक्षक (SP) ने बताया कि आरोपी को POCSO एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि PC में जिन पुलिसकर्मियों का व्यवहार अनुचित था, उनकी पहचान कर जांच शुरू कर दी गई है और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, राज्य महिला आयोग ने भी इस संबंध में रिपोर्ट तलब की है और पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिया है। सोशल मीडिया पर #JusticeForTNChild हैशटैग ट्रेंड कर रहा है, जहाँ लोग सवाल उठा रहे हैं कि ऐसे गंभीर मामलों में पुलिस की संवेदनशीलता कहाँ है। कई सामाजिक संगठनों ने पुलिस प्रशिक्षण में 'विक्टिम सेंसिटिविटी मॉड्यूल' (Victim Sensitivity Module) जोड़ने की मांग की है।
चेन्नई, 26 मई 2026 की एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार, तमिलनाडु से इंसानियत को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। 10 साल की एक बच्ची के साथ हुई दरिंदगी की इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। इस गंभीर मामले में पुलिस की संवेदनहीनता तब सामने आई जब आरोपी की गिरफ्तारी के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस (PC) में कुछ पुलिसकर्मी बातचीत करते हुए हंसते नजर आए, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और लोगों में भारी गुस्सा है। पीड़ित बच्ची के परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी और उनका आरोप है कि पुलिस ने आरोपी को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार तो कर लिया, लेकिन शिकायत दर्ज कराने के दौरान भी उन्हें गंभीरता से नहीं लिया गया। बच्ची की मां ने अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए कहा कि वे इंसाफ मांगने गए थे, लेकिन वहां के व्यवहार को देखकर ऐसा लगा जैसे उनकी तकलीफ का कोई मतलब ही नहीं है। मामले ने जब तूल पकड़ा, तो तमिलनाडु पुलिस मुख्यालय ने इसका संज्ञान लिया। एक पुलिस अधीक्षक (SP) ने बताया कि आरोपी को POCSO एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि PC में जिन पुलिसकर्मियों का व्यवहार अनुचित था, उनकी पहचान कर जांच शुरू कर दी गई है और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, राज्य महिला आयोग ने भी इस संबंध में रिपोर्ट तलब की है और पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिया है। सोशल मीडिया पर #JusticeForTNChild हैशटैग ट्रेंड कर रहा है, जहाँ लोग सवाल उठा रहे हैं कि ऐसे गंभीर मामलों में पुलिस की संवेदनशीलता कहाँ है। कई सामाजिक संगठनों ने पुलिस प्रशिक्षण में 'विक्टिम सेंसिटिविटी मॉड्यूल' (Victim Sensitivity Module) जोड़ने की मांग की है।
- यह दावा किया गया है कि हिंदुओं ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को पूरा प्यार, विश्वास और वोट दिया, लेकिन बदले में उन्हें सिर्फ़ धोखा मिला है। आरोप है कि पिछले 30 सालों में बीजेपी ने हिंदुओं की पीठ में छुरा घोंपा है, जिससे गुजरात में उनकी स्थिति 30 साल पहले की तुलना में कहीं ज़्यादा बदतर हो गई है। हिंदुओं को गुजरात के अंदर 'सेकंड क्लास सिटीजन' की ज़िंदगी जीने पर मजबूर किया जा रहा है, जहाँ उन्हें पैसा कमाने के बावजूद इज़्ज़त नहीं मिलती और वे डर व अपमान में जीते हैं। आरोप है कि बीजेपी का एक छोटा सा कार्यकर्ता भी अमीर से अमीर और बड़े से बड़े हिंदू को हड़का कर या धमकी देकर चला जाता है। जहाँ एक तरफ़ हिंदुओं के बच्चे बेरोज़गार घूम रहे हैं, उन्हें शिक्षा नहीं मिल रही और उन्हें पकड़-पकड़ कर जेल में डाला जाता है तथा उन पर लाठियाँ बरसाई जाती हैं; वहीं दूसरी तरफ़, केवल बीजेपी के कार्यकर्ताओं और नेताओं की ही तरक्की हुई है। उनके बड़े-बड़े महल बन गए हैं और छोटे से पार्षद के पास भी बड़ी-बड़ी गाड़ियाँ आ गई हैं। यह संदेश घर-घर पहुँचाने की बात कही गई है कि गुजरात में हिंदुओं को बीजेपी से अपमान, डंडे और जेल के अलावा कुछ नहीं मिला। बीजेपी ने हिंदुओं को 'सेकंड क्लास सिटीजन' और अपना गुलाम बना रखा है। इस बीच, आम आदमी पार्टी ने हिंदुओं को उनकी इज़्ज़त और मान वापस दिलाने तथा उन्हें सम्मानजनक ज़िंदगी देने का वादा किया है। यह भी कहा गया है कि बीजेपी 30 साल से गुजरात में शासन कर रही है, लेकिन इन सालों में उसने हिंदुओं को इतना धोखा दिया है जितना शायद इतिहास में किसी ने नहीं दिया।1
- सुवेंदु अधिकारी ने बांग्लादेशियों को लेकर एक बयान दिया है। अपने इस बयान में उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें जेल भेजने के बजाय वापस उनके देश भेजने की कार्रवाई की जानी चाहिए।1
- आउटर दिल्ली पुलिस ने पीरागढ़ी में 60 वर्षीय सिक्योरिटी गार्ड विजेंदर की हत्या के मामले में महज 48 घंटे के भीतर एक बड़ा खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं। आरोपियों ने इस वारदात को सड़क दुर्घटना दिखाने की साज़िश रची थी। पुलिस से बचने के लिए, उन्होंने गाड़ी की नंबर प्लेट हटा दी थी और ट्रैकिंग को रोकने के उद्देश्य से FASTag को भी निकाल दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने तत्काल एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम का गठन किया। इस टीम ने सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच की और लगातार तकनीकी पड़ताल के बाद आरोपियों तक पहुँचकर पूरे हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया। आउटर दिल्ली पुलिस की इस तेज़ और पेशेवर जांच ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अपराधी कितना भी शातिर क्यों न हो, वह कानून से बच नहीं सकता।1
- दिल्ली के विजय विहार में एक हाई वोल्टेज फैमिली ड्रामा सामने आया है, जहाँ बहू ने अपने ससुरालवालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस पारिवारिक विवाद ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है, जिसमें मारपीट और तालेबंदी जैसी घटनाएँ शामिल हैं, जिसके बाद पुलिस को मामले में कार्रवाई करनी पड़ी है।1
- चेन्नई, 26 मई 2026 की एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार, तमिलनाडु से इंसानियत को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। 10 साल की एक बच्ची के साथ हुई दरिंदगी की इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। इस गंभीर मामले में पुलिस की संवेदनहीनता तब सामने आई जब आरोपी की गिरफ्तारी के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस (PC) में कुछ पुलिसकर्मी बातचीत करते हुए हंसते नजर आए, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और लोगों में भारी गुस्सा है। पीड़ित बच्ची के परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी और उनका आरोप है कि पुलिस ने आरोपी को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार तो कर लिया, लेकिन शिकायत दर्ज कराने के दौरान भी उन्हें गंभीरता से नहीं लिया गया। बच्ची की मां ने अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए कहा कि वे इंसाफ मांगने गए थे, लेकिन वहां के व्यवहार को देखकर ऐसा लगा जैसे उनकी तकलीफ का कोई मतलब ही नहीं है। मामले ने जब तूल पकड़ा, तो तमिलनाडु पुलिस मुख्यालय ने इसका संज्ञान लिया। एक पुलिस अधीक्षक (SP) ने बताया कि आरोपी को POCSO एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि PC में जिन पुलिसकर्मियों का व्यवहार अनुचित था, उनकी पहचान कर जांच शुरू कर दी गई है और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, राज्य महिला आयोग ने भी इस संबंध में रिपोर्ट तलब की है और पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिया है। सोशल मीडिया पर #JusticeForTNChild हैशटैग ट्रेंड कर रहा है, जहाँ लोग सवाल उठा रहे हैं कि ऐसे गंभीर मामलों में पुलिस की संवेदनशीलता कहाँ है। कई सामाजिक संगठनों ने पुलिस प्रशिक्षण में 'विक्टिम सेंसिटिविटी मॉड्यूल' (Victim Sensitivity Module) जोड़ने की मांग की है।1
- कोटद्वार में स्थित बाबा सिद्धबली मंदिर एक ऐसा पवित्र स्थान है, जहाँ श्रद्धालुओं की हर मन्नत पूरी होती है। यह मंदिर अपनी इस मान्यता के लिए जाना जाता है कि यहाँ आने वाले भक्तों की सभी मनोकामनाएँ पूरी होती हैं।1
- हाल ही में एक 10 महीने की मासूम बच्ची का शव मिला, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जाँच शुरू की। इस जाँच के दौरान एक खौफनाक सच सामने आया। पुलिस की पड़ताल में यह खुलासा हुआ कि बच्ची के पिता ने ही उसे मौत के घाट उतारा था।1
- देश में 2017 के बाद से आवास योजनाओं के कार्यान्वयन में उल्लेखनीय तेजी आई है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप, यह दावा किया गया है कि लाखों गरीब परिवारों को अपना घर मिल सका है।1