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दिल्ली के जहांगीरपुरी क्षेत्र में हुई बारिश के कारण बसों के अंदर पानी भर गया है। इस स्थिति के चलते, यहाँ के लोगों को वेनिस जैसा अनुभव हो रहा है।
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दिल्ली के जहांगीरपुरी क्षेत्र में हुई बारिश के कारण बसों के अंदर पानी भर गया है। इस स्थिति के चलते, यहाँ के लोगों को वेनिस जैसा अनुभव हो रहा है।
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- 09 जुलाई, 2026 को जनपद हाथरस में जिलाधिकारी अतुल वत्स ने वर्षा ऋतु के दौरान संभावित जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने तथा शहर की जल निकासी व्यवस्था को अधिक प्रभावी एवं सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से व्यापक स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने नगर पालिका परिषद हाथरस क्षेत्र के खाती खाना, गणेशगंज मुख्य ड्रेनेज, ढकपुरा रोड स्थित वाटर वर्क्स पार्क, आगरा रोड, सरस्वती इंटर कॉलेज, सरस्वती डिग्री कॉलेज, आवास विकास कॉलोनी और स्टेट बैंक कॉलोनी सहित विभिन्न प्रमुख नालों एवं जल निकासी स्थलों का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने पाया कि अधिकांश मुख्य नालों से जल निकासी सुचारु रूप से हो रही है। इस पर उन्होंने निर्देश दिए कि मुख्य नालों से जुड़ी छोटी नालियों पर आवश्यकतानुसार जाली लगाई जाए, ताकि कूड़ा-करकट मुख्य नालों में प्रवेश न कर सके और जल प्रवाह निर्बाध बना रहे, जिससे भविष्य में जलभराव की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके। तालाब चौराहे पर स्थित पंपिंग स्टेशन के मुआयने में, जिलाधिकारी ने पाया कि पंपिंग स्टेशन तक पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पहुंच रहा था। इसके समाधान हेतु उन्होंने संबद्ध ड्रेनेज लाइन की तत्काल सफाई कराने के निर्देश दिए, ताकि पंपिंग सेट की क्षमता का पूर्ण उपयोग हो सके और निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो। आगे, आवास विकास कॉलोनी के निरीक्षण के दौरान, एक क्षतिग्रस्त पुलिया पाई गई जिसके समीप कूड़ा फंसा होने के कारण जल निकासी प्रभावित हो रही थी। जिलाधिकारी ने तत्काल पुलिया की मरम्मत कराने तथा अवरुद्ध कूड़े को हटाने के निर्देश दिए, जिससे जल प्रवाह निर्बाध रहे। वहीं, स्टेट बैंक कॉलोनी का क्षेत्र अपेक्षाकृत नीचा होने के कारण वहां जलभराव की संभावना को देखते हुए, जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद को आवश्यकतानुसार अतिरिक्त पंप सेट स्थापित कर प्रभावी जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया। जिलाधिकारी अतुल वत्स ने यह भी स्पष्ट किया कि शहर के सभी मुख्य नालों पर जमा कूड़ा-करकट तत्काल हटाया जाए तथा निकाले गए कूड़े का शीघ्र उठान सुनिश्चित हो ताकि वह पुनः नालों में न पहुंचे। उन्होंने अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद हाथरस को निर्देश दिए कि नगर में नियमित एवं प्रभावी स्वच्छता अभियान चलाया जाए, कहीं भी कूड़ा एकत्र न होने पाए और सभी संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि नगर की स्वच्छता एवं जल निकासी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी, तथा सभी व्यवस्थाओं की निरंतर मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जानी चाहिए। इस निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0), उप जिलाधिकारी सदर, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद हाथरस सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।4
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- एक वाहन चालक संगठन को उसके असाधारण कार्य के लिए सराहा जा रहा है, जिसे इस समय सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाला संगठन बताया गया है। इस संगठन की प्रशंसा की जा रही है क्योंकि यह देश के सभी ड्राइवरों के हितों की बात प्रमुखता से उठाता है।1
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- उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में मानसून की बारिश ने एक बार फिर प्रशासनिक तैयारियों की पोल खोल दी है। सहपऊ क्षेत्र के पचावारी गांव में हालात ऐसे हो गए हैं कि गलियां तालाब में तब्दील हो चुकी हैं और कई घरों तक पानी घुस गया है। इंडिया टाइम रिपोर्ट टीवी की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, लगातार बारिश के चलते गांव के कई हिस्सों में गंभीर जलभराव हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए घर से बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो गया है। सबसे चिंताजनक दृश्य तब सामने आया जब पैर में प्लास्टर बंधा एक व्यक्ति भी घुटनों तक भरे पानी को पार करने के लिए मजबूर दिखाई दिया। स्थानीय निवासियों ने स्वास्थ्य और सुरक्षा की चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि किसी मरीज या गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाना पड़ा तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। ग्रामीणों का दावा है कि उन्होंने इस जलभराव की समस्या को लेकर पहले भी अधिकारियों से शिकायत की थी। उनके अनुसार, पहले अस्थायी तौर पर पानी निकालने की कोशिश की गई, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। इंडिया टाइम रिपोर्ट टीवी इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है। राष्ट्रवादी पार्टी के मंडल प्रभारी सनी भारत ने इस मुद्दे पर कहा है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की तो उनकी पार्टी ग्रामीणों की आवाज बनकर प्रशासन तक स्थायी जलनिकासी व्यवस्था की मांग पहुंचाएगी। समाचार लिखे जाने तक संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। बताया गया है कि प्रतिक्रिया मिलने पर समाचार को अपडेट किया जाएगा।1
- महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में भारी बारिश के कारण हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के पातालगंगा एलपीजी बॉटलिंग प्लांट से करीब 3,000 खाली और भरे हुए गैस सिलेंडर पातालगंगा नदी में बह गए हैं। स्थानीय लोग उफान के कारण इस नदी को बाणगंगा या बाढ़ गंगा भी कह रहे हैं। नदी में तैरते लाल सिलेंडरों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह घटना खालापुर और पनवेल तालुका के चावणे स्थित HPCL प्लांट परिसर की सुरक्षा दीवार के भारी बारिश और बाढ़ के दबाव के कारण ढह जाने से हुई, जिससे बाढ़ का पानी सीधे प्लांट में घुस गया और तेज बहाव के साथ सिलेंडरों को बहा ले गया। प्रशासन ने इस संबंध में एक सख्त चेतावनी और अपील जारी की है। रायगढ़ के जिलाधिकारी किशन जावले ने नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि नदी या उसके किनारों पर बहकर आए किसी भी गैस सिलेंडर के पास न जाएं। नागरिकों से उत्सुकता या मुफ्त मिलने के लालच में इन सिलेंडरों को उठाने, खोलने या घर ले जाने की कोशिश न करने की अपील की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह ज्ञात नहीं है कि सिलेंडरों में गैस भरी है या वे किस स्थिति में हैं, इसलिए उन्हें संभालना या इस्तेमाल करना बेहद खतरनाक और जानलेवा साबित हो सकता है। यह खबर 09 जुलाई 26 को AIN नेटवर्क से प्रधान संपादक अनुज रावत द्वारा अपडेट की गई है।1