उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में मानसून की बारिश ने एक बार फिर प्रशासनिक तैयारियों की पोल खोल दी है। सहपऊ क्षेत्र के पचावारी गांव में हालात ऐसे हो गए हैं कि गलियां तालाब में तब्दील हो चुकी हैं और कई घरों तक पानी घुस गया है। इंडिया टाइम रिपोर्ट टीवी की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, लगातार बारिश के चलते गांव के कई हिस्सों में गंभीर जलभराव हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए घर से बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो गया है। सबसे चिंताजनक दृश्य तब सामने आया जब पैर में प्लास्टर बंधा एक व्यक्ति भी घुटनों तक भरे पानी को पार करने के लिए मजबूर दिखाई दिया। स्थानीय निवासियों ने स्वास्थ्य और सुरक्षा की चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि किसी मरीज या गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाना पड़ा तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। ग्रामीणों का दावा है कि उन्होंने इस जलभराव की समस्या को लेकर पहले भी अधिकारियों से शिकायत की थी। उनके अनुसार, पहले अस्थायी तौर पर पानी निकालने की कोशिश की गई, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। इंडिया टाइम रिपोर्ट टीवी इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है। राष्ट्रवादी पार्टी के मंडल प्रभारी सनी भारत ने इस मुद्दे पर कहा है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की तो उनकी पार्टी ग्रामीणों की आवाज बनकर प्रशासन तक स्थायी जलनिकासी व्यवस्था की मांग पहुंचाएगी। समाचार लिखे जाने तक संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। बताया गया है कि प्रतिक्रिया मिलने पर समाचार को अपडेट किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में मानसून की बारिश ने एक बार फिर प्रशासनिक तैयारियों की पोल खोल दी है। सहपऊ क्षेत्र के पचावारी गांव में हालात ऐसे हो गए हैं कि गलियां तालाब में तब्दील हो चुकी हैं और कई घरों तक पानी घुस गया है। इंडिया टाइम रिपोर्ट टीवी की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, लगातार बारिश के चलते गांव के कई हिस्सों में गंभीर जलभराव हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए घर से बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो गया है। सबसे चिंताजनक दृश्य तब सामने आया जब पैर में प्लास्टर बंधा एक व्यक्ति भी घुटनों तक भरे पानी को पार करने के लिए मजबूर दिखाई दिया। स्थानीय निवासियों ने स्वास्थ्य और सुरक्षा की चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि किसी मरीज या गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाना पड़ा तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। ग्रामीणों का दावा है कि उन्होंने इस जलभराव की समस्या को लेकर पहले भी अधिकारियों से शिकायत की थी। उनके अनुसार, पहले अस्थायी तौर पर पानी निकालने की कोशिश की गई, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। इंडिया टाइम रिपोर्ट टीवी इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है। राष्ट्रवादी पार्टी के मंडल प्रभारी सनी भारत ने इस मुद्दे पर कहा है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की तो उनकी पार्टी ग्रामीणों की आवाज बनकर प्रशासन तक स्थायी जलनिकासी व्यवस्था की मांग पहुंचाएगी। समाचार लिखे जाने तक संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। बताया गया है कि प्रतिक्रिया मिलने पर समाचार को अपडेट किया जाएगा।
- उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में मानसून की बारिश ने एक बार फिर प्रशासनिक तैयारियों की पोल खोल दी है। सहपऊ क्षेत्र के पचावारी गांव में हालात ऐसे हो गए हैं कि गलियां तालाब में तब्दील हो चुकी हैं और कई घरों तक पानी घुस गया है। इंडिया टाइम रिपोर्ट टीवी की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, लगातार बारिश के चलते गांव के कई हिस्सों में गंभीर जलभराव हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए घर से बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो गया है। सबसे चिंताजनक दृश्य तब सामने आया जब पैर में प्लास्टर बंधा एक व्यक्ति भी घुटनों तक भरे पानी को पार करने के लिए मजबूर दिखाई दिया। स्थानीय निवासियों ने स्वास्थ्य और सुरक्षा की चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि किसी मरीज या गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाना पड़ा तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। ग्रामीणों का दावा है कि उन्होंने इस जलभराव की समस्या को लेकर पहले भी अधिकारियों से शिकायत की थी। उनके अनुसार, पहले अस्थायी तौर पर पानी निकालने की कोशिश की गई, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। इंडिया टाइम रिपोर्ट टीवी इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है। राष्ट्रवादी पार्टी के मंडल प्रभारी सनी भारत ने इस मुद्दे पर कहा है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की तो उनकी पार्टी ग्रामीणों की आवाज बनकर प्रशासन तक स्थायी जलनिकासी व्यवस्था की मांग पहुंचाएगी। समाचार लिखे जाने तक संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। बताया गया है कि प्रतिक्रिया मिलने पर समाचार को अपडेट किया जाएगा।1
- हाथरस के थाना चन्दपा क्षेत्र के ग्राम कछपुरा में संपत्ति के बंटवारे को लेकर हुए विवाद के दौरान हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने दो वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल किया गया एक .315 बोर का तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ है। पुलिस के अनुसार, यह घटना 3 जुलाई 2026 को हुई थी, जब कछपुरा गांव में एक ही परिवार के दो पक्षों के बीच संपत्ति के बंटवारे पर बातचीत चल रही थी। इस दौरान कहासुनी बढ़ने पर फायरिंग हो गई, जिसमें महेश और गिरीश पुत्र भूप सिंह गोली लगने से घायल हो गए। इस घटना के संबंध में थाना चन्दपा में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा के निर्देश पर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा था। इसी क्रम में 4 जुलाई को एक आरोपी राजाबाबू को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था। बुधवार को थाना चन्दपा पुलिस ने दो अन्य नामजद आरोपियों अंशु पुत्र जयप्रकाश निवासी ग्राम कछपुरा और धर्मेन्द्र कुमार पुत्र हरिशंकर निवासी नगला ओझा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। गिरफ्तार किए गए आरोपी धर्मेन्द्र कुमार के खिलाफ पूर्व में भी मारपीट, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट सहित कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इस पूरी कार्रवाई को थाना चन्दपा के थानाध्यक्ष योगेश कुमार ने अपनी टीम के साथ मिलकर अंजाम दिया।1
- मुख्य रास्ते पर पानी भर जाने के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। कई मकान भी पानी में खड़े हैं, जो इस खतरे का एक बड़ा कारण बन गए हैं। इस समस्या के चलते स्कूल जाने वाले बच्चों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि उनकी समस्या सुनने वाला कोई नहीं है, न तो विधायक इस पर ध्यान देते हैं और न ही कोई अधिकारी उनकी बात सुनता है।1
- मनोज कुमार जादौन, जो एक एस्ट्रो वास्तु और हीलिंग एक्सपर्ट हैं, द्वारा सीमित समय के लिए मुफ्त कुंडली एवं वास्तु विश्लेषण की पेशकश की जा रही है। यह विश्लेषण उन लोगों के लिए है जो शादी में देरी, बार-बार रिश्ते टूटने, नौकरी, बिजनेस या करियर में रुकावट, धन की कमी और आर्थिक अस्थिरता, घर में कलह, तनाव व नकारात्मक ऊर्जा, और वास्तु दोष के कारण प्रगति में बाधा जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। इस विशेष पेशकश के तहत जन्म कुंडली का गहन विश्लेषण, घर, दुकान और फैक्ट्री का वास्तु परीक्षण, सटीक ज्योतिषीय एवं वास्तु उपाय, और अनुभवी मार्गदर्शन व समाधान प्रदान किया जाएगा। मनोज कुमार जादौन के पास 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है और उन्होंने हजारों लोगों को ऑनलाइन व ऑफलाइन कंसल्टेशन के माध्यम से मार्गदर्शन प्रदान किया है, जिसमें गृह वास्तु, फैक्ट्री वास्तु, ऑफिस वास्तु और ज्योतिष परामर्श शामिल हैं। यह सेवा इस विश्वास पर आधारित है कि ग्रहों और वास्तु की सही दिशा से जीवन में सफलता, समृद्धि और शांति प्राप्त की जा सकती है। इच्छुक व्यक्ति फॉर्म भरकर या 6399530339 पर कॉल/व्हाट्सएप करके इस मुफ्त विश्लेषण का लाभ उठा सकते हैं।1
- हाथरस में भारतीय किसान यूनियन ने आलू उत्पादक किसानों की समस्याओं को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन में मुख्य रूप से आलू की सरकारी खरीद ₹20 प्रति किलो करने, कोल्ड स्टोरेज का किराया माफ करने और आलू के निर्यात को बढ़ावा देने की मांग की गई है। इसके अतिरिक्त, यूनियन ने आलू प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने तथा डीएपी और यूरिया की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई है, साथ ही किसानों से जुड़ी अन्य समस्याओं का समाधान करने का आग्रह किया है। किसान नेताओं ने बताया है कि आलू के दामों में लगातार गिरावट आने के कारण उत्पादक किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से इन गंभीर मुद्दों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपेक्षा की है ताकि किसानों को राहत मिल सके।1
- भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने उत्तर प्रदेश के आलू उत्पादक किसानों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक विस्तृत ज्ञापन भेजा है। यह ज्ञापन मथुरा रोड स्थित सादाबाद विधायक कार्यालय पहुंचकर विधायक प्रदीप चौधरी उर्फ गुड्डू भैया के माध्यम से बुधवार सुबह प्रेषित किया गया। यूनियन ने प्रदेश के प्रमुख आलू उत्पादक क्षेत्रों, जिनमें आगरा, अलीगढ़, मेरठ और कानपुर मंडल शामिल हैं, के किसानों की गंभीर आर्थिक स्थिति पर चिंता व्यक्त की है। इन चारों मंडलों से 106 विधायक आलू उत्पादक किसानों का प्रतिनिधित्व करते हैं, और पिछले वर्ष से आलू की लगातार गिरती कीमतों के कारण किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है, जिससे वे गहरे आर्थिक संकट में हैं। ज्ञापन सौंपने से पहले, भाकियू के पदाधिकारियों और किसानों ने आलू के गिरते दामों और किसानों की दयनीय स्थिति के विरोध में एक सांकेतिक 'आलू की शवयात्रा' निकाली। यह शवयात्रा सादाबाद के मथुरा अड्डा स्थित चौधरी चरण सिंह प्रतिमा स्थल से शुरू होकर विधायक सादाबाद के कार्यालय तक गई। किसानों ने अपने हाथों में आलू और अपनी मांगों से संबंधित तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि उचित मूल्य नहीं मिलने के कारण आलू की खेती अब घाटे का सौदा बन गई है। इस प्रदर्शन के माध्यम से किसानों ने सरकार का ध्यान आलू उत्पादकों की समस्याओं की ओर आकर्षित करते हुए सरकारी खरीद शुरू करने, निर्यात बढ़ाने, कोल्ड स्टोरेज का किराया माफ करने और किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने की मांग उठाई। भारतीय किसान यूनियन ने सरकार के समक्ष सात प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें किसानों का कोल्ड स्टोरेज किराया माफ करना, सरकार द्वारा आलू की 20 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीद सुनिश्चित करना और भारत से पड़ोसी देशों को सरकारी स्तर पर आलू का निर्यात कराना शामिल है। इसके अतिरिक्त, यूनियन ने आलू उत्पादक क्षेत्रों में दो-दो आलू प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने, किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में डीएपी और यूरिया उपलब्ध कराने, किसान रजिस्ट्री की प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से बंद करने तथा उर्वरकों की उपलब्धता आधार कार्ड और खतौनी के आधार पर सुनिश्चित करने की भी मांग की है। ज्ञापन में यूरिया की 50 किलोग्राम वाली बोरी को पुनः उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई है। भाकियू पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि किसानों की इन समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो संगठन किसानों के हित में एक व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। ज्ञापन प्राप्त करने के बाद, विधायक प्रदीप चौधरी ने किसानों को आश्वस्त किया कि उनकी सभी मांगों को मुख्यमंत्री तक गंभीरता से पहुंचाया जाएगा और सरकार से किसानों के हित में सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया जाएगा।1