इटावा के भरथना में मानसून की पहली बारिश ने शहर के ड्रेनेज सिस्टम की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है, जिससे पूर्व मंत्री सुखदा मिश्रा के डीएम चौराहे स्थित आवास में भारी जलभराव हो गया। शहर में जलनिकासी की विधिवत व्यवस्था न होने के कारण पूर्व मंत्री का आवासीय प्रांगण सड़क के गंदे पानी से जलमग्न हो गया और एक तालाबनुमा दृश्य प्रस्तुत करने लगा। यह समस्या हर साल बारिश में सामने आती है क्योंकि उनके आवास के बाहर जल निकासी हेतु कोई उचित नाला या ड्रेनेज व्यवस्था मौजूद नहीं है, जबकि उनका आवास जिले के एक प्रमुख स्थान डीएम चौराहे पर स्थित है। पूर्व मंत्री ने इस समस्या के समाधान के लिए कई बार जिम्मेदारों से संपर्क किया है, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। इसी क्रम में, इटावा शहर के पक्के बाग़ तिराहे स्थित रामलीला रोड पर भी मानसून की पहली बारिश के बाद पूरा इलाका तालाब में तब्दील हो गया। इस सड़क पर मौजूद नाले की विधिवत साफ-सफाई न होने और उसके अजीबोगरीब डिज़ाइन के कारण थोड़ी सी बारिश में ही नाले का पानी सड़क पर फैल जाता है, जिससे पूरी सड़क जलमग्न हो जाती है। सबसे खतरे की बात यह है कि इसी जलमग्न नाले से सटा हुआ एक ट्रांसफार्मर भी रखा है, जिससे इन पानी भरे रास्तों से गुजरने वाले लोगों के लिए किसी बड़े हादसे या करंट लगने का शिकार होने का खतरा हमेशा बना रहता है।
इटावा के भरथना में मानसून की पहली बारिश ने शहर के ड्रेनेज सिस्टम की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है, जिससे पूर्व मंत्री सुखदा मिश्रा के डीएम चौराहे स्थित आवास में भारी जलभराव हो गया। शहर में जलनिकासी की विधिवत व्यवस्था न होने के कारण पूर्व मंत्री का आवासीय प्रांगण सड़क के गंदे पानी से जलमग्न हो गया और एक तालाबनुमा दृश्य प्रस्तुत करने लगा। यह समस्या हर साल बारिश में सामने आती है क्योंकि उनके आवास के बाहर जल निकासी हेतु कोई उचित नाला या ड्रेनेज व्यवस्था मौजूद नहीं है, जबकि उनका आवास जिले के एक प्रमुख स्थान डीएम चौराहे पर स्थित है। पूर्व मंत्री ने इस समस्या के समाधान के लिए कई बार जिम्मेदारों से संपर्क किया है, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। इसी क्रम में, इटावा शहर के पक्के बाग़ तिराहे स्थित रामलीला रोड पर भी मानसून की पहली बारिश के बाद पूरा इलाका तालाब में तब्दील हो गया। इस सड़क पर मौजूद नाले की विधिवत साफ-सफाई न होने और उसके अजीबोगरीब डिज़ाइन के कारण थोड़ी सी बारिश में ही नाले का पानी सड़क पर फैल जाता है, जिससे पूरी सड़क जलमग्न हो जाती है। सबसे खतरे की बात यह है कि इसी जलमग्न नाले से सटा हुआ एक ट्रांसफार्मर भी रखा है, जिससे इन पानी भरे रास्तों से गुजरने वाले लोगों के लिए किसी बड़े हादसे या करंट लगने का शिकार होने का खतरा हमेशा बना रहता है।
- इटावा के भरथना में मानसून की पहली बारिश ने शहर के ड्रेनेज सिस्टम की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है, जिससे पूर्व मंत्री सुखदा मिश्रा के डीएम चौराहे स्थित आवास में भारी जलभराव हो गया। शहर में जलनिकासी की विधिवत व्यवस्था न होने के कारण पूर्व मंत्री का आवासीय प्रांगण सड़क के गंदे पानी से जलमग्न हो गया और एक तालाबनुमा दृश्य प्रस्तुत करने लगा। यह समस्या हर साल बारिश में सामने आती है क्योंकि उनके आवास के बाहर जल निकासी हेतु कोई उचित नाला या ड्रेनेज व्यवस्था मौजूद नहीं है, जबकि उनका आवास जिले के एक प्रमुख स्थान डीएम चौराहे पर स्थित है। पूर्व मंत्री ने इस समस्या के समाधान के लिए कई बार जिम्मेदारों से संपर्क किया है, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। इसी क्रम में, इटावा शहर के पक्के बाग़ तिराहे स्थित रामलीला रोड पर भी मानसून की पहली बारिश के बाद पूरा इलाका तालाब में तब्दील हो गया। इस सड़क पर मौजूद नाले की विधिवत साफ-सफाई न होने और उसके अजीबोगरीब डिज़ाइन के कारण थोड़ी सी बारिश में ही नाले का पानी सड़क पर फैल जाता है, जिससे पूरी सड़क जलमग्न हो जाती है। सबसे खतरे की बात यह है कि इसी जलमग्न नाले से सटा हुआ एक ट्रांसफार्मर भी रखा है, जिससे इन पानी भरे रास्तों से गुजरने वाले लोगों के लिए किसी बड़े हादसे या करंट लगने का शिकार होने का खतरा हमेशा बना रहता है।1
- इटावा नगर पालिका क्षेत्र के मैनपुरी फाटक अंडरपास में जलभराव की समस्या के चलते सुरक्षा के मद्देनजर बैरिकेडिंग लगा दी गई है। राहगीरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नगर पालिका के कर्मचारियों को मौके पर तैनात किया गया है, और जलभराव के कारण इस मार्ग पर यातायात को भी डायवर्ट कर दिया गया है।1
- आजमगढ़ की सदर तहसील में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठे हैं। शासन की मंशा के विपरीत, फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने और उनके त्वरित व स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के बजाय, कई अधिकारी मोबाइल फोन पर रील देखते हुए पाए गए, जिससे इस पूरी व्यवस्था पर संदेह पैदा हो रहा है। सोमवार को यूपीटीईटी परीक्षा के कारण आयोजित इस समाधान दिवस में उप जिलाधिकारी (एसडीएम), तहसीलदार, पुलिस अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारी मौजूद थे। इस दौरान एक वायरल वीडियो सामने आया है, जिसमें एक सब-इंस्पेक्टर अपनी टोपी की आड़ में मोबाइल छिपाकर चोरी-छिपे रील देखते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो में यह भी दिखाई देता है कि जैसे ही कैमरा उनकी ओर बढ़ता है, कुछ अन्य अधिकारी और कर्मचारी अचानक सतर्क हो जाते हैं। बताया जा रहा है कि इस तरह की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं, जिसके बाद संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को नोटिस व चेतावनी भी दी गई थी, लेकिन इसका कोई खास असर दिखाई नहीं दिया है। इस मामले पर एसडीएम ने कहा है कि यदि भविष्य में ऐसी कोई शिकायत या वीडियो सामने आता है, तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए मामला उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा। यह घटना इस महत्वपूर्ण सवाल को जन्म देती है कि जब जनता की समस्याओं के समाधान के लिए आयोजित इतने अहम कार्यक्रम में ही कुछ जिम्मेदार अधिकारी मोबाइल पर रीलों में व्यस्त हों, तो फरियादियों को न्याय कितनी गंभीरता से मिल पाएगा।1
- उत्तर प्रदेश के औरेया जिले से गुड़िया कठेरिया ने माननीय मुख्यमंत्री जी समेत कई अधिकारियों से गौ माताओं के लिए न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने इस बात पर गहरा रोष व्यक्त किया है कि गौ माता, जो उनकी आराध्य हैं, उनकी बड़ी संख्या में निर्मम हत्या की जा रही है। कठेरिया ने प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि वे इस गंभीर मामले पर मौन क्यों हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस अन्याय पर चुप नहीं बैठेंगे और गौ माता को न्याय चाहिए।1
- मध्यप्रदेश के इंदौर और महू के बीच चलने वाली एक मेमो ट्रेन के लोको पायलट को समोसों से अपनी मुहब्बत के कारण मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। लोको पायलट की यह आदत है कि वह बिना स्टेशन के ही एक समोसे की दुकान के पास ट्रेन रोक देते हैं, क्योंकि उन्हें उस दुकान के समोसे बेहद पसंद हैं। आज जब लोको पायलट समोसा लेने के लिए ट्रेन रोककर उतरे और वापस इंजन में चढ़ने लगे, तो लोगों ने उनका वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। यात्रियों का आरोप है कि लोको पायलट की इस आदत के चलते ट्रेन अक्सर 10 मिनट तक लेट हो जाती है, क्योंकि वह समोसा खाने के बाद ही ट्रेन आगे बढ़ाते हैं। इस वायरल वीडियो पर रेलवे ने संज्ञान लिया है, लेकिन पोस्ट में यह भी कहा गया है कि समोसे के प्रेम की वजह से किसी की नौकरी नहीं जानी चाहिए।1
- उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के नवीमोहन क्षेत्र में सैयद बाबा मार्ग पर तालाब निर्माण के कारण भारी कीचड़ और जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस समस्या के चलते स्थानीय जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के इटावा में मंगलवार देर रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जब बनारस से दिल्ली जा रही एक निजी बस सिविल लाइन थाना क्षेत्र के आईटीआई चौराहा के पास हाईवे पर खड़े खराब ट्रक में पीछे से जा घुसी। इस दर्दनाक टक्कर में बस के चालक और परिचालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बस में सवार तीन दर्जन से अधिक यात्रियों में से दो दर्जन से ज्यादा घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायल यात्रियों को बस से बाहर निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया, जहाँ उनका उपचार जारी है। जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. राहुल बाबू ने बताया कि हादसे में दो लोगों की मृत्यु हुई है और कई घायल यात्रियों का इलाज किया जा रहा है। पुलिस ने मृतक चालक और परिचालक के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है।1
- इटावा में हुई तेज बारिश के कारण मैनपुरी फाटक अंडरपास में भारी पानी भर गया। इस जलभराव के चलते इटावा-मैनपुरी मार्ग पर चल रही एक प्राइवेट बस अंडरपास में फंस गई। काफी देर तक बस के फंसे रहने के बाद, बस चालक ने सक्रियता दिखाते हुए उसमें सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित बस से बाहर निकालने में मदद की।1