इंदौर नगर निगम के जलूद में बने 60 मेगावाट सोलर पावर स्टेशन का लोकार्पण डॉ मोहन यादव ने किया इंदौर वॉटर पंपिंग स्टेशन जलूद मुख्यमंत्री डॉ. यादव जलूद में करेंगे 60 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र का लोकार्पण इंदौर नगर निगम ने 271 करोड़ रुपए की लागत से किया संयंत्र स्थापित -संयंत्र से जलूद पंपिंग स्टेशन और ई-व्हीकल चार्जिंग स्स्टेशन को मिलेगी ऊर्जा परियोजना से प्रतिमाह होगी 3-4 करोड़ रुपए की बचत* इंदौर, 29 अप्रैल 2026 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 29 अप्रैल को खरगोन जिले के प्रवास के दौरान मंडलेश्वर अनुभाग के जलूद में 60 मेगावाट क्षमता का कैप्टिव सौर ऊर्जा संयंत्र का लोकार्पण किया । स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इंदौर नगर निगम द्वारा इस अत्याधुनिक संयंत्र को भारत सरकार की CPSU Phase-II (Tranche-II) योजना के अंतर्गत लगभग 271 करोड़ रुपए की लागत से स्थापित किया गया है। यह परियोजना न केवल इंदौर को कार्बन न्यूट्रल शहर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण एवं कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी। लागत, वित्तपोषण और तकनीक ग्राम समराज व आशुखेड़ी में स्थित इस परियोजना की कर रहित कुल लागत ₹271.16 करोड़ रुपए है, जिसमें 10 वर्षों की O&M राशि सम्मिलित है। परियोजना हेतु इंदौर नगर निगम को लगभग ₹42 करोड़ रुपए की वायबिलटी गैप फंडिंग तथा ₹244 करोड़ रुपए पब्लिक ग्रीन बॉण्ड के माध्यम से प्राप्त हुए हैं। इस परियोजना का निर्माण 210.84 एकड़ भूमि में किया गया है तथा यह अत्याधुनिक DCR (Made in India) Mono PERC तकनीक पर आधारित है। स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा परियोजना से उत्पादित विद्युत का उपयोग इन्दौर के जलूद वाटर पंपिंग स्टेशन एवं ई-व्हीकल चार्जिंग स्टेशनों के संचालन में किया जाएगा। संयंत्र का वार्षिक अनुमानित उत्पादन लगभग 9.73 करोड़ यूनिट है। इस संयंत्र की कमीशनिंग 03 मार्च 2026 को सफलतापूर्वक पूर्ण हो चुकी है तथा मार्च माह में ही 66 लाख यूनिट उत्पादन से इंदौर नगर निगम को लगभग ₹3.6 करोड़ रुपए की बचत हुई है। परियोजना से मासिक बचत ₹3 से 4 करोड़ रुपए अनुमानित की गई है। यह परियोजना स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता लाने के साथ पर्यावरण संरक्षण व कार्बन उत्सर्जन में कमी की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगी। इस मौक पर इंदौर सांसद शंकर लालवानी महापौर पुष्पमित्र भार्गव विधायक मधु वर्मा विधायक रमेश मेन्दौला मंत्री तुलसीराम सिलावट इंदौर नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा इंदौर के विधायक गण और एमआईसी मेंबर इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे
इंदौर नगर निगम के जलूद में बने 60 मेगावाट सोलर पावर स्टेशन का लोकार्पण डॉ मोहन यादव ने किया इंदौर वॉटर पंपिंग स्टेशन जलूद मुख्यमंत्री डॉ. यादव जलूद में करेंगे 60 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र का लोकार्पण इंदौर नगर निगम ने 271 करोड़ रुपए की लागत से किया संयंत्र स्थापित -संयंत्र से जलूद पंपिंग स्टेशन और ई-व्हीकल चार्जिंग स्स्टेशन को मिलेगी ऊर्जा परियोजना से प्रतिमाह होगी 3-4 करोड़ रुपए की बचत* इंदौर, 29 अप्रैल 2026 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 29 अप्रैल को खरगोन जिले के प्रवास के दौरान मंडलेश्वर अनुभाग के जलूद में 60 मेगावाट क्षमता का कैप्टिव सौर ऊर्जा संयंत्र का लोकार्पण किया । स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इंदौर नगर निगम द्वारा इस अत्याधुनिक संयंत्र को भारत सरकार की CPSU Phase-II (Tranche-II) योजना के अंतर्गत लगभग 271 करोड़ रुपए की लागत से स्थापित किया गया है। यह परियोजना न केवल इंदौर को कार्बन न्यूट्रल शहर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण एवं कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी। लागत, वित्तपोषण और तकनीक ग्राम समराज व आशुखेड़ी में स्थित इस परियोजना की कर रहित कुल लागत ₹271.16 करोड़ रुपए है, जिसमें 10 वर्षों की O&M राशि सम्मिलित है। परियोजना हेतु इंदौर नगर निगम को लगभग ₹42 करोड़ रुपए की वायबिलटी गैप फंडिंग तथा ₹244 करोड़ रुपए पब्लिक ग्रीन बॉण्ड के माध्यम से प्राप्त हुए हैं। इस परियोजना का निर्माण 210.84 एकड़ भूमि में किया गया है तथा यह अत्याधुनिक DCR (Made in India) Mono PERC तकनीक पर आधारित है। स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा परियोजना से उत्पादित विद्युत का उपयोग इन्दौर के जलूद वाटर पंपिंग स्टेशन एवं ई-व्हीकल चार्जिंग स्टेशनों के संचालन में किया जाएगा। संयंत्र का वार्षिक अनुमानित उत्पादन लगभग 9.73 करोड़ यूनिट है। इस संयंत्र की कमीशनिंग 03 मार्च 2026 को सफलतापूर्वक पूर्ण हो चुकी है तथा मार्च माह में ही 66 लाख यूनिट उत्पादन से इंदौर नगर निगम को लगभग ₹3.6 करोड़ रुपए की बचत हुई है। परियोजना से मासिक बचत ₹3 से 4 करोड़ रुपए अनुमानित की गई है। यह परियोजना स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता लाने के साथ पर्यावरण संरक्षण व कार्बन उत्सर्जन में कमी की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगी। इस मौक पर इंदौर सांसद शंकर लालवानी महापौर पुष्पमित्र भार्गव विधायक मधु वर्मा विधायक रमेश मेन्दौला मंत्री तुलसीराम सिलावट इंदौर नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा इंदौर के विधायक गण और एमआईसी मेंबर इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे
- Post by Vishal Jadhav1
- मध्य प्रदेश के धार जिले में एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर चिकलिया फाटा के पास एक मजदूरों से भरी पिकअप वाहन, स्कॉर्पियो को टक्कर मारने के बाद पलट गई। इस दर्दनाक दुर्घटना में अब तक 2 बच्चों समेत 12 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 22 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, पिकअप वाहन में करीब 35 मजदूर सवार थे। हादसा बुधवार रात करीब 8:30 बजे जिओ पेट्रोल पंप के पास हुआ। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।1
- Breaking news कमला पार्क कीलोल पार्क क्षेत्र में पुलिस का सघन अभियान। बगैर हेलमेट चालानी कार्रवाई जारी। श्यामला हिल पुलिस एवं यातायात विभाग मिलकर संयुक्त रूप से कर रहा है कार्रवाई। आसिफ खान सारांश टाइम्स न्यूज़1
- इंदौर नगर निगम के जलूद में बने 60 मेगावाट सोलर पावर स्टेशन का लोकार्पण डॉ मोहन यादव ने किया इंदौर वॉटर पंपिंग स्टेशन जलूद मुख्यमंत्री डॉ. यादव जलूद में करेंगे 60 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र का लोकार्पण इंदौर नगर निगम ने 271 करोड़ रुपए की लागत से किया संयंत्र स्थापित -संयंत्र से जलूद पंपिंग स्टेशन और ई-व्हीकल चार्जिंग स्स्टेशन को मिलेगी ऊर्जा परियोजना से प्रतिमाह होगी 3-4 करोड़ रुपए की बचत* इंदौर, 29 अप्रैल 2026 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 29 अप्रैल को खरगोन जिले के प्रवास के दौरान मंडलेश्वर अनुभाग के जलूद में 60 मेगावाट क्षमता का कैप्टिव सौर ऊर्जा संयंत्र का लोकार्पण किया । स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इंदौर नगर निगम द्वारा इस अत्याधुनिक संयंत्र को भारत सरकार की CPSU Phase-II (Tranche-II) योजना के अंतर्गत लगभग 271 करोड़ रुपए की लागत से स्थापित किया गया है। यह परियोजना न केवल इंदौर को कार्बन न्यूट्रल शहर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण एवं कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी। लागत, वित्तपोषण और तकनीक ग्राम समराज व आशुखेड़ी में स्थित इस परियोजना की कर रहित कुल लागत ₹271.16 करोड़ रुपए है, जिसमें 10 वर्षों की O&M राशि सम्मिलित है। परियोजना हेतु इंदौर नगर निगम को लगभग ₹42 करोड़ रुपए की वायबिलटी गैप फंडिंग तथा ₹244 करोड़ रुपए पब्लिक ग्रीन बॉण्ड के माध्यम से प्राप्त हुए हैं। इस परियोजना का निर्माण 210.84 एकड़ भूमि में किया गया है तथा यह अत्याधुनिक DCR (Made in India) Mono PERC तकनीक पर आधारित है। स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा परियोजना से उत्पादित विद्युत का उपयोग इन्दौर के जलूद वाटर पंपिंग स्टेशन एवं ई-व्हीकल चार्जिंग स्टेशनों के संचालन में किया जाएगा। संयंत्र का वार्षिक अनुमानित उत्पादन लगभग 9.73 करोड़ यूनिट है। इस संयंत्र की कमीशनिंग 03 मार्च 2026 को सफलतापूर्वक पूर्ण हो चुकी है तथा मार्च माह में ही 66 लाख यूनिट उत्पादन से इंदौर नगर निगम को लगभग ₹3.6 करोड़ रुपए की बचत हुई है। परियोजना से मासिक बचत ₹3 से 4 करोड़ रुपए अनुमानित की गई है। यह परियोजना स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता लाने के साथ पर्यावरण संरक्षण व कार्बन उत्सर्जन में कमी की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगी। इस मौक पर इंदौर सांसद शंकर लालवानी महापौर पुष्पमित्र भार्गव विधायक मधु वर्मा विधायक रमेश मेन्दौला मंत्री तुलसीराम सिलावट इंदौर नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा इंदौर के विधायक गण और एमआईसी मेंबर इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे1
- Post by PM NEWS1
- यातायात पुलिस यातायात पुलिस द्वारा अनूठा जागरूकता अभियान - एयर होस्टेस ट्रेनी ने इशारों में समझाए ट्रैफिक नियम इंदौर शहर में यातायात व्यवस्था को अधिक सुगम, सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर श संतोष कुमार सिंह तथा अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आर.के. सिंह के मार्गदर्शन एवं पुलिस उपायुक्त (प्रभारी यातायात) राजेश कुमार त्रिपाठी के निर्देशन में शहर में सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रति आमजन को जागरूक करने हेतु यातायात पुलिस द्वारा निरंतर नवाचारपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं। पलासिया चौराहे पर एक अनूठा जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सहायक पुलिस आयुक्त श्री हिन्दू सिंह मुवेल व थाना प्रभारी यातायात अरविंद दांगी की उपस्थिति में ‘अक्शा’ इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट की ट्रेनी एयर होस्टेस ने सहभागिता निभाई। अभियान के दौरान ट्रेनी एयर होस्टेस ने विमान में दिए जाने वाले सुरक्षा निर्देशों की शैली में, इशारों एवं संकेतों के माध्यम से वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने हेतु प्रेरित किया।कार्यक्रम के दौरान ट्रेनी एयर होस्टेस द्वारा रेड सिग्नल पर रुकने, सीट बेल्ट लगाने, दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करने जैसे महत्वपूर्ण नियमों की जानकारी आकर्षक एवं प्रभावी तरीके से दी गई। इस अभिनव पहल ने चौराहे पर उपस्थित वाहन चालकों का ध्यान आकर्षित किया और उन्हें यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया। अक्सा इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट के संचालक राहुल पांडेय जी व टीम, यातायात पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, ट्रैफिक कर्मी एवं वार्डन्स भी इस दौरान उपस्थित रहे तथा उन्होंने आमजन से सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की। यातायात पुलिस का उद्देश्य इस प्रकार के रचनात्मक अभियानों के माध्यम से जनसामान्य में जागरूकता बढ़ाना एवं सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना है।1
- Post by राष्ट्रीय भारत न्यूज़ 1001
- प्रेस विज्ञप्ति *भोपाल स्लॉटर हाउस मामले में बड़ा खुलासा, धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ और भ्रष्टाचार पर सरकार जवाब दे : अमित शर्मा* भोपाल | 29 अप्रैल 2026 मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव श्री अमित शर्मा ने आज पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि भोपाल स्लॉटर हाउस का मामला केवल एक प्रशासनिक विषय नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था, सनातन परंपराओं, धार्मिक भावनाओं तथा शासन-प्रशासन की जवाबदेही से जुड़ा अत्यंत गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि पिछले कई महीनों से भोपाल के जहांगीराबाद स्थित मॉडर्न स्लॉटर हाउस को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आ रही हैं। इस मामले में असलम चमड़ा एवं उसके ड्राइवर की गिरफ्तारी हुई, बाद में उन्हें जमानत भी मिल गई, लेकिन प्रश्न यह है कि क्या इतना बड़ा अवैध कारोबार केवल एक व्यक्ति के भरोसे संचालित हो सकता है? श्री शर्मा ने कहा कि भोपाल की महापौर, एमआईसी सदस्य तथा संबंधित अधिकारियों ने लगातार यह कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं थी, लेकिन आज प्रस्तुत दस्तावेज स्पष्ट करते हैं कि यह दावा पूरी तरह असत्य है। उन्होंने पत्रकारों को दस्तावेज दिखाते हुए बताया कि दिनांक 24 अक्टूबर 2025 की एमआईसी बैठक में प्रस्ताव क्रमांक 6 के अंतर्गत जहांगीराबाद स्थित मॉडर्न स्लॉटर हाउस के कार्य को पूर्ण करने हेतु 8 अक्टूबर 2025 तक मात्र 6 माह की अवधि विस्तार का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था। किन्तु बाद में उसी प्रक्रिया में संशोधन कर बिना पेनल्टी समयावधि बढ़ाते हुए संचालन एवं संधारण का अनुबंध 20 वर्षों के लिए दे दिया गया। यह गंभीर अनियमितता है। श्री शर्मा ने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये की पेनल्टी, जो संबंधित पक्ष पर लगाई गई थी, उसे भी माफ कर दिया गया। पहले दंड लगाया गया और बाद में मिलीभगत से उसे समाप्त कर दिया गया। यह सीधे-सीधे भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग का मामला है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने सार्वजनिक रूप से कहा कि उन्हें जानकारी नहीं थी, उनके हस्ताक्षर दस्तावेजों पर मौजूद हैं। इनमें महापौर श्रीमती मालती राय सहित कई एमआईसी सदस्यों के हस्ताक्षर दर्ज हैं। इससे स्पष्ट है कि जनता को गुमराह किया गया। श्री शर्मा ने कहा कि इस पूरे प्रकरण में राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी केवल खानापूर्ति साबित हुई है। मूल दस्तावेजों को जांच से दूर रखा गया और पूरे मामले को दबाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में गौ संरक्षण, सनातन संस्कृति और धार्मिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध है, तो फिर इस मामले पर भाजपा के बड़े नेता और स्वयंभू धर्म रक्षक मौन क्यों हैं? श्री शर्मा ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मांग की कि इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए, सभी दोषी अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और संरक्षण देने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाए तथा जनता के सामने सत्य रखा जाए। उन्होंने कहा कि कल असलम चमड़ा को जमानत मिलना यह स्पष्ट करता है कि मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे बड़े संरक्षणकर्ताओं की भूमिका है, जिनकी पहचान उजागर होना आवश्यक है। कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को जनता की आवाज बनाकर लगातार उठाएगी और धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ तथा भ्रष्टाचार करने वालों को बेनकाब करेगी।1