रायपुर जिले के गोबरा नवापारा में आषाढ़ मास की झमाझम बारिश के बीच आस्था और उल्लास के साथ महाप्रभु जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र की भव्य रथयात्रा धूमधाम से निकाली गई। आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को इस पारंपरिक रथयात्रा में हिस्सा लेने के लिए हजारों श्रद्धालु सड़कों पर उमड़ पड़े। बारिश को भगवान का आशीर्वाद मानते हुए भक्तों का उत्साह चरम पर था। नगर के सुप्रसिद्ध श्री राधा कृष्ण मंदिर, श्री सत्यनारायण मंदिर और साईं मंदिर से दोपहर में विधि-विधान और पूजा-अर्चना के बाद भव्य रथ खींचने की परंपरा शुरू की गई। यह रथयात्रा नगर के मुख्य मार्गों जैसे इंदिरा मार्केट, सदर रोड, सुभाष चौक, काली मंदिर और गंज रोड से होते हुए वापस मंदिर परिसर में पहुंचकर संपन्न हुई। पूरे मार्ग में भक्तों की भीड़ "जय जगन्नाथ, जय बलभद्र, जय सुभद्रा" के नारे लगाती रही। श्रद्धालुओं ने रथ की रस्सी खींचकर पुण्य लाभ कमाया, महिलाओं ने जगह-जगह आरती उतारी और फूलों की वर्षा की। सुभाष चौक पर श्रद्धालुओं ने आकर्षक रंगोली बनाकर अपनी आस्था प्रकट की। यात्रा के दौरान नवजात बच्चों को भगवान से स्पर्श कराकर आशीर्वाद दिलाया गया। रथयात्रा का सबसे आकर्षक हिस्सा महाप्रभु का प्रसिद्ध प्रसाद "गजामुंग" रहा, जिसे पाने के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। इस महोत्सव को देखने के लिए नवापारा नगर के अलावा आसपास के गांवों जैसे गोबरा, पारा, कुरुद और अन्य क्षेत्रों से भी हजारों लोग पहुंचे थे। आयोजन के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्था के साथ ही विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने बिजली के तारों को दुरुस्त कर विशेष सहयोग दिया ताकि रथ बिना किसी बाधा के आगे बढ़ सके। इसके अलावा नगर पालिका और स्वयंसेवी संगठनों ने पीने के पानी और छाया की व्यवस्था की थी। संतों और मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि यह रथयात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक समरसता और भाईचारे का प्रतीक है। समापन पर मंदिर में महाआरती की गई और प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ, जिससे पूरा नगर पुरी धाम जैसा प्रतीत हो रहा था।
रायपुर जिले के गोबरा नवापारा में आषाढ़ मास की झमाझम बारिश के बीच आस्था और उल्लास के साथ महाप्रभु जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र की भव्य रथयात्रा धूमधाम से निकाली गई। आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को इस पारंपरिक रथयात्रा में हिस्सा लेने के लिए हजारों श्रद्धालु सड़कों पर उमड़ पड़े। बारिश को भगवान का आशीर्वाद मानते हुए भक्तों का उत्साह चरम पर था। नगर के सुप्रसिद्ध श्री राधा कृष्ण मंदिर, श्री सत्यनारायण मंदिर और साईं मंदिर से दोपहर में विधि-विधान और पूजा-अर्चना के बाद भव्य रथ खींचने की परंपरा शुरू की गई। यह रथयात्रा नगर के मुख्य मार्गों जैसे इंदिरा मार्केट, सदर रोड, सुभाष चौक, काली मंदिर और गंज रोड से होते हुए वापस मंदिर परिसर में पहुंचकर संपन्न हुई। पूरे मार्ग में भक्तों की भीड़ "जय जगन्नाथ, जय बलभद्र, जय सुभद्रा" के नारे लगाती रही। श्रद्धालुओं ने रथ की रस्सी खींचकर पुण्य लाभ कमाया, महिलाओं ने जगह-जगह आरती उतारी और फूलों की वर्षा की। सुभाष चौक पर श्रद्धालुओं ने आकर्षक रंगोली बनाकर अपनी आस्था
प्रकट की। यात्रा के दौरान नवजात बच्चों को भगवान से स्पर्श कराकर आशीर्वाद दिलाया गया। रथयात्रा का सबसे आकर्षक हिस्सा महाप्रभु का प्रसिद्ध प्रसाद "गजामुंग" रहा, जिसे पाने के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। इस महोत्सव को देखने के लिए नवापारा नगर के अलावा आसपास के गांवों जैसे गोबरा, पारा, कुरुद और अन्य क्षेत्रों से भी हजारों लोग पहुंचे थे। आयोजन के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्था के साथ ही विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने बिजली के तारों को दुरुस्त कर विशेष सहयोग दिया ताकि रथ बिना किसी बाधा के आगे बढ़ सके। इसके अलावा नगर पालिका और स्वयंसेवी संगठनों ने पीने के पानी और छाया की व्यवस्था की थी। संतों और मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि यह रथयात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक समरसता और भाईचारे का प्रतीक है। समापन पर मंदिर में महाआरती की गई और प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ, जिससे पूरा नगर पुरी धाम जैसा प्रतीत हो रहा था।
- रायपुर जिले के गोबरा नवापारा में आषाढ़ मास की झमाझम बारिश के बीच आस्था और उल्लास के साथ महाप्रभु जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र की भव्य रथयात्रा धूमधाम से निकाली गई। आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को इस पारंपरिक रथयात्रा में हिस्सा लेने के लिए हजारों श्रद्धालु सड़कों पर उमड़ पड़े। बारिश को भगवान का आशीर्वाद मानते हुए भक्तों का उत्साह चरम पर था। नगर के सुप्रसिद्ध श्री राधा कृष्ण मंदिर, श्री सत्यनारायण मंदिर और साईं मंदिर से दोपहर में विधि-विधान और पूजा-अर्चना के बाद भव्य रथ खींचने की परंपरा शुरू की गई। यह रथयात्रा नगर के मुख्य मार्गों जैसे इंदिरा मार्केट, सदर रोड, सुभाष चौक, काली मंदिर और गंज रोड से होते हुए वापस मंदिर परिसर में पहुंचकर संपन्न हुई। पूरे मार्ग में भक्तों की भीड़ "जय जगन्नाथ, जय बलभद्र, जय सुभद्रा" के नारे लगाती रही। श्रद्धालुओं ने रथ की रस्सी खींचकर पुण्य लाभ कमाया, महिलाओं ने जगह-जगह आरती उतारी और फूलों की वर्षा की। सुभाष चौक पर श्रद्धालुओं ने आकर्षक रंगोली बनाकर अपनी आस्था प्रकट की। यात्रा के दौरान नवजात बच्चों को भगवान से स्पर्श कराकर आशीर्वाद दिलाया गया। रथयात्रा का सबसे आकर्षक हिस्सा महाप्रभु का प्रसिद्ध प्रसाद "गजामुंग" रहा, जिसे पाने के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। इस महोत्सव को देखने के लिए नवापारा नगर के अलावा आसपास के गांवों जैसे गोबरा, पारा, कुरुद और अन्य क्षेत्रों से भी हजारों लोग पहुंचे थे। आयोजन के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्था के साथ ही विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने बिजली के तारों को दुरुस्त कर विशेष सहयोग दिया ताकि रथ बिना किसी बाधा के आगे बढ़ सके। इसके अलावा नगर पालिका और स्वयंसेवी संगठनों ने पीने के पानी और छाया की व्यवस्था की थी। संतों और मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि यह रथयात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक समरसता और भाईचारे का प्रतीक है। समापन पर मंदिर में महाआरती की गई और प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ, जिससे पूरा नगर पुरी धाम जैसा प्रतीत हो रहा था।2
- कांग्रेस नेताओं द्वारा अडानी का नाम लेने से बचने पर तीखा सवाल उठाया गया है। इसमें सीधे तौर पर यह पूछा गया है कि आखिर कांग्रेस के नेताओं को अडानी का नाम लेने में इतना डर क्यों लग रहा है।1
- धमतरी के अमातालाब स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में आगामी 19 जुलाई 2026, रविवार को दोपहर 12:00 बजे एक आवश्यक बैठक का आयोजन किया जा रहा है। संपूर्ण भारत वर्ष में आगामी 27 जुलाई को आयोजित होने वाले 'गौ सम्मान आव्हान अभियान' के दूसरे चरण के सापेक्ष में जिले स्तर की यह बैठक बुलाई गई है, जिसमें सभी को सादर आमंत्रित किया गया है। बैठक के आयोजन को लेकर आह्वान किया गया है कि सिर्फ 'गौ हत्या बंद हो' का नारा लगाने से ही कुछ नहीं होगा, बल्कि इसके लिए अब मैदान में भी आना होगा। गौ माता को राष्ट्रीय सम्मान दिलाने के इस महा अवसर पर सभी गौ पुत्रों से आगे आकर सहयोग करने की अपील की गई है।1
- केसीजी जिले के छुईखदान में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) लोन दिलाने के नाम पर 16.40 लाख रुपये की बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। इस धोखाधड़ी को अंजाम देने वाले आरोपी अर्पित देवांगन को छुईखदान थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी अर्पित देवांगन ने खुद को बैंक कर्मचारी बताकर ग्राम गर्रा निवासी दिनाराम जंघेल के साथ इस ठगी की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने साइबर सेल की मदद से आरोपी को धर दबोचा। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर उपजेल सलोनी भेज दिया गया है। इस घटनाक्रम की जानकारी शुक्रवार, 17 जुलाई को दोपहर 12 बजे मिली।1
- छत्तीसगढ़ विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान यूरिया और डीएपी खाद के आवंटन एवं वितरण का मुद्दा जोर-शोर से उठा। विधायक दलेश्वर साहू ने सहकारी समितियों और निजी विक्रेताओं को खाद वितरण के आंकड़ों पर सवाल खड़े करते हुए इस पूरे मामले की जांच कराने की मांग की। इसके जवाब में कृषि मंत्री ने सदन में खाद भंडारण और वितरण के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहा कि प्रदेश में पर्याप्त खाद उपलब्ध है और किसानों को जरूरत के अनुसार खाद दी जा रही है। इस दौरान विधायक और कृषि मंत्री के बीच तीखी बहस देखने को मिली।1
- छत्तीसगढ़ के अकलतरा रोड स्थित नूतन कॉलोनी (मिठू गली) के दक्षिणेश्वर माँ काली आश्रम में आगामी 29 जुलाई 2026, बुधवार को गुरु पूर्णिमा महोत्सव अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच मनाया जाएगा। गुरु पूर्णिमा महोत्सव आयोजन समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में गुरु-शिष्य परंपरा के सम्मान और आध्यात्मिक साधना को केंद्र में रखकर दिनभर विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन किए जाएंगे। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं, गुरुजनों और शिष्यों से इस पावन अवसर पर अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है। महोत्सव के प्रथम सत्र की शुरुआत दोपहर 12 बजे गुरु वंदना, गुरु वचन, गुरु भेंट और संगीतमय भजनों के साथ होगी, जो दोपहर 3 बजे तक चलेगी। इसके तुरंत बाद दोपहर 3 बजे से शाम 4 बजे तक श्रद्धालुओं के लिए भव्य भंडारा प्रसाद का आयोजन किया जाएगा। द्वितीय सत्र की शुरुआत शाम 4:30 बजे माँ काली ध्यान साधना के साथ होगी। इसके बाद शाम 5 बजे से 5:30 बजे तक शिष्यों द्वारा संबोधन और अभिनंदन कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसके बाद शाम 5:30 बजे से 7:30 बजे तक विशेष शिष्यों द्वारा सुमधुर भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी। पूरे महोत्सव का समापन शाम 7:30 बजे से शुरू होने वाली संध्या आरती और विशेष अनुष्ठान के साथ होगा, जो माँ काली की इच्छा तक निरंतर जारी रहेगा। आयोजन समिति के अनुसार, यह पर्व केवल गुरु के प्रति श्रद्धा प्रकट करने का माध्यम नहीं है, बल्कि ज्ञान, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना के प्रति पूर्ण समर्पण का एक पावन अवसर है।1
- धर्मनगरी राजिम में पुराने मेला स्थल को नए मेला स्थल से जोड़ने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा लगभग ₹34 करोड़ की लागत से 3 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। लेकिन इस निर्माण कार्य के शुरुआती चरण में ही सड़क की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पहली ही बारिश में निर्माणाधीन सड़क की परतों का कटाव दिखाई देने लगा है और संगम स्थल के पास नदी तट पर किए गए अर्थवर्क की मिट्टी पानी के बहाव में बहने लगी है। सड़क निर्माण के प्रथम चरण में सेलेक्टेड सॉइल (Selected Soil) से अर्थवर्क किया जाना था, लेकिन आरोप है कि इसके लिए राजिम के शीतला तालाब से निकाली गई मिट्टी का उपयोग किया गया। तकनीकी मानकों के अनुसार, वर्षों तक पानी में डूबी रहने वाली यह मिट्टी सेलेक्टेड सॉइल की श्रेणी में नहीं आती है, जिसके कारण पहली ही बारिश में सड़क की पोल खुल गई। इस गड़बड़ी के पीछे नियमों की अनदेखी कर किया गया एक समझौता बताया जा रहा है। दरअसल, नगर पालिका शीतला तालाब का गहरीकरण कराना चाहती थी, लेकिन इसके लिए सरकारी मद में बजट उपलब्ध नहीं था। आरोप है कि सड़क निर्माण ठेकेदार को तालाब से मिट्टी ले जाने की अनुमति देने के बदले उससे दो पचरी (रैंप) का निर्माण कराने का समझौता किया गया। इस खुदाई के दौरान तालाब को 20 फीट से अधिक गहरा कर दिया गया, जिससे तालाब का गहरीकरण तो हो गया लेकिन सड़क की गुणवत्ता पर इसका प्रतिकूल असर पड़ा। इस मामले में नगर पालिका के सीएमओ संतोष विश्वकर्मा ने जनप्रतिनिधियों के निर्णय का हवाला दिया है, जबकि पीडब्ल्यूडी के जिम्मेदार अधिकारी कार्यालय से नदारद नजर आए।1
- देश को बर्बाद करने वाले मोदी जिस भी देश में जाते हैं, वहां अडानी को टेंडर दिलाते हैं। मोदी पर देश को बर्बाद करने का तीखा आरोप लगाते हुए यह सवाल उठाया गया है कि वे जिस भी देश में जाते हैं, वहां अडानी को टेंडर दिलाने का काम करते हैं।1
- धमतरी जिले के ग्राम कुकरेल (थाना केरेगाव) में आबकारी विभाग ने बड़ी और प्रभावी कार्रवाई की है। जिला आबकारी अधिकारी रोहित देवांगन के मार्गदर्शन एवं पर्यवेक्षण तथा आबकारी उप निरीक्षक निशांत साधु के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने गोपनीय सूचना के आधार पर आरोपी थनेश्वर निषाद, पिता पुरुषोत्तम निषाद के निवास पर सुनियोजित ढंग से दबिश दी। इस कार्रवाई के दौरान आरोपी के घर से लगभग 8 लीटर महुआ शराब (कुल 16 पाउच) जब्त की गई। इस मामले में आरोपी थनेश्वर निषाद के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) और 59-क के तहत विधिवत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। अवैध मदिरा के निर्माण एवं विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में इस कार्रवाई को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस पूरी कार्रवाई में आबकारी उप निरीक्षक निशांत साधु, विवेक कुमार दीवान, आबकारी आरक्षक प्रशांत यादव, भूषण वर्मा, अरविन्द नेताम, नीरज चंद्राकर एवं महिला आरक्षक सोमी पालेश्वर का सराहनीय एवं सक्रिय योगदान रहा। जिला प्रशासन द्वारा अवैध शराब के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी है और आम लोगों से ऐसी किसी भी गतिविधि की जानकारी तुरंत विभाग को देने की अपील की गई है।3