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चुनार क्षेत्र में, मीरजापुर के पुलिस अधीक्षक ने फ्लैग मार्च का आयोजन किया, जिसके दौरान उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था का गहनता से जायजा लिया। इस मौके पर उन्होंने क्षेत्र में शांति, कानून व्यवस्था और आमजन में सुरक्षा का भरोसा बनाए रखने का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया।
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चुनार क्षेत्र में, मीरजापुर के पुलिस अधीक्षक ने फ्लैग मार्च का आयोजन किया, जिसके दौरान उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था का गहनता से जायजा लिया। इस मौके पर उन्होंने क्षेत्र में शांति, कानून व्यवस्था और आमजन में सुरक्षा का भरोसा बनाए रखने का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया।
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- कल मनाए जाने वाले बकरीद के त्यौहार को लेकर मिर्जापुर जनपद में सुरक्षा के कड़े और अभेद्य इंतजाम किए गए हैं। पूरे जनपद की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए इसे 2 सुपर ज़ोन, 5 ज़ोन और 18 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। त्यौहार के मद्देनजर चप्पे-चप्पे पर पैनी नजर रखने के लिए लगभग 1000 पुलिसकर्मियों को विभिन्न स्थानों पर तैनात किया गया है, जबकि संवेदनशील इलाकों में पीएससी बल और अतिरिक्त पुलिस पिकेट की भी मुस्तैदी रहेगी। इसके साथ ही, 9 क्विक रिस्पांस टीमें यानी क्यूआरटी भी पूरे जनपद में लगातार भ्रमणशील रहेंगी ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। जनता में सुरक्षा का भाव पैदा करने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से, आज पुलिस अधीक्षक मिर्जापुर अपर्णा रजत कौशिक के नेतृत्व में एक विशाल फ्लैग मार्च निकाला गया। यह फ्लैग मार्च पुलिस लाइन से निकला और तरकापुर होते हुए, वारसलीगंज होते हुए शहर के विभिन्न क्षेत्रों में गुजरा। इस फ्लैग मार्च में अपर पुलिस अधीक्षक नगर नितेश सिंह, सीओ सिटी विवेक जावला समेत कोतवाली शहर और कोतवाली कटरा के थाना अध्यक्ष अपनी पूरी टीमों और भारी पुलिस बल के साथ मुस्तैद नजर आए। मीडिया से बात करते हुए, पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने कुर्बानी को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी थाना क्षेत्रों में चिन्हित कुर्बानी स्थलों पर संवाद स्थापित कर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इसके साथ ही उन्होंने कड़ी हिदायत दी है कि कुर्बानी की किसी भी तस्वीर या वीडियो को सोशल मीडिया जैसे सार्वजनिक प्लेटफार्म पर कतई साझा न किया जाए। कुर्बानी के बाद अवशेषों के निस्तारण के लिए विभिन्न नगर पालिकाओं और ग्राम पंचायतों के माध्यम से उचित व्यवस्था की गई है। प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी को लेकर एसपी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी पर पूर्णतः रोक है और यदि कोई भी व्यक्ति ऐसा करता हुआ पाया गया, तो उसके खिलाफ कठोरतम वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।4
- जनपद मीरजापुर के फतहाँ घाट पर एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम नगर पालिका अध्यक्ष और सभी सभासदों के कार्यकाल के तीन साल सफलतापूर्वक पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया, जिसमें सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देखने को मिलीं।1
- मिर्जापुर में पूर्व डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने विपक्ष पर तीखा हमला किया है। इस दौरान उन्होंने अखिलेश पर भी तंज कसा।1
- मीरजापुर में जंगल में आग लगने की घटनाएँ थमने का नाम नहीं ले रही हैं, जिससे क्षेत्र के लोग एक बार फिर चिंतित हैं। ड्रमंडगंज वन रेंज के बबुरारघुनाथ सिंह के मूर्तिहवा जंगल में सोमवार दोपहर को लगी भीषण आग बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रही। ग्रामीणों के अनुसार, कंपार्टमेंट 8 के पैच नंबर 1 में लगभग 15 हेक्टेयर जंगल, जहाँ बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया गया था, पूरी तरह जलकर राख हो चुका है और बुधवार सुबह तक भी आग बुझाई नहीं जा सकी थी। बुधवार को भी आग की लपटें देखी गईं, जिससे जंगल से दूर तक धुआँ उठता दिखाई दे रहा था। वनकर्मियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि लगभग 15 हेक्टेयर वन क्षेत्र में आग लगने से पेड़-पौधे जलकर राख हो गए हैं, लेकिन आश्चर्य की बात है कि अभी तक न तो किसी वनकर्मी की और न ही संबंधित बीट के वाचर या अन्य जिम्मेदार लोगों की इस ओर नज़र गई है। सोमवार से लगी आग बुधवार सुबह तक भी जारी रहने और संबंधित रेंजर के मौके पर न पहुँचने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया है। गौरतलब है कि पिछले सप्ताह मंगलवार को भी यूपी-एमपी सीमा से सटे ड्रमंडगंज वन रेंज के करनपुर मड़वा धनावल के जंगल में आग लगी थी, जो तीन दिनों तक जलती रही थी और जिस पर तीसरे दिन किसी तरह काबू पाया गया था। उस घटना के ठीक पाँचवें दिन पुनः ड्रमंडगंज वन रेंज के मूर्तिहवा जंगल में आग लगने और तीसरे दिन भी उसके जारी रहने से जंगलों और वन्य प्राणियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। यह सवाल भी उठाया जा रहा है कि प्रति वर्ष लाखों-करोड़ों रुपए पौधरोपण से लेकर उनकी सुरक्षा पर खर्च होने के बावजूद आखिर कब तक जंगल आग की भेंट चढ़ते रहेंगे। आरोप है कि आग लगने के बाद अधिकारी और कर्मचारी यह कहकर जवाबदेही से बचते हुए पल्ला झाड़ लेते हैं कि किसी ने बीड़ी-सिगरेट पीकर फेंक दी होगी और बाद में आसपास के ग्रामीणों को ही बलि का बकरा बना दिया जाता है। ऐसे में प्रश्न उठता है कि वन सुरक्षा के नाम पर मौज काटने वाले और 'कंबल ओढ़े घी पीने वाले' ये अधिकारी व कर्मचारी आखिर क्या कर रहे हैं ताकि आग लगने की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके?2
- पटीहटा बाजार में ग्राम प्रधान द्वारा लंबे समय से जाम पड़ी नाली की सफाई और मरम्मत का कार्य सफलतापूर्वक कराया गया है। अंकुर जन सेवा केंद्र के पास यह कार्य सही प्रकार से संपन्न होने के बाद सड़क पर बह रहा गंदा पानी बंद हो गया। इस पहल से आम जनता, दुकानदारों और राहगीरों को काफी राहत मिली है। स्थानीय लोगों ने ग्राम प्रधान के इस कार्य की सराहना की है, जिसे स्वच्छता और जनहित की दिशा में एक सराहनीय कदम बताया जा रहा है।1
- #श्रीराधे #माँ_विंध्यवासिनी #प्रभु_श्री_कृष्ण #देवों_के_देव_महादेव #राम_राम #धर्म #कर्म #सत्य3
- भारत के एथलीट लगातार देश का नाम रोशन कर रहे हैं, लेकिन उनके संघर्ष की तस्वीरें कई बार व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर देती हैं। हाल ही में, पोल वॉल्ट खिलाड़ियों देव मीना और कुलदीप कुमार ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए एक नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया, जिसने देश को गौरवान्वित किया। हालांकि, इस रिकॉर्ड को बनाने के कुछ ही समय बाद, दोनों खिलाड़ियों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इस वीडियो में, देव मीना और कुलदीप कुमार को अपना भारी पोल वॉल्ट सामान एक ई-रिक्शा में ले जाते हुए देखा गया, जिसने व्यापक स्तर पर लोगों का ध्यान खींचा और चिंताएँ पैदा कीं। इस वायरल वीडियो के बाद लोगों ने भारतीय खेल प्रणाली पर तीखे सवाल उठाने शुरू कर दिए। प्रमुख रूप से यह मुद्दा उठाया गया कि क्या भारत में केवल क्रिकेट खिलाड़ियों को ही बेहतर सुविधाएँ और उचित सम्मान मिलता है, जबकि तिरंगे के लिए इतिहास रचने वाले अन्य खेलों के खिलाड़ियों को कम से कम बुनियादी सम्मान और सुविधाएँ भी प्रदान नहीं की जाती हैं।1
- चुनार क्षेत्र में, मीरजापुर के पुलिस अधीक्षक ने फ्लैग मार्च का आयोजन किया, जिसके दौरान उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था का गहनता से जायजा लिया। इस मौके पर उन्होंने क्षेत्र में शांति, कानून व्यवस्था और आमजन में सुरक्षा का भरोसा बनाए रखने का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया।1