शतचंडी महायज्ञ के लिए चनायनबान में निकाली गई भव्य कलश यात्रा, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ शतचंडी महायज्ञ के लिए चनायनबान में निकाली गई भव्य कलश यात्रा, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ बेतिया से सत्यम श्रीवास्तव की रिपोर्ट बेतिया। गुरुवार को मझौलिया प्रखंड के माई स्थान चनायनबान धरा धाम पर शुभ कलश यात्रा के साथ श्री श्री 1008 श्री शतचंडी महायज्ञ का भव्य शुभारंभ हुआ। महायज्ञ की सफलता के लिए 1001 कुंवारी कन्याओं, महिलाओं, पुरुषों तथा बच्चों ने मिर्जापुर स्थित अकड़ाहा नदी से जल भरकर पैदल यात्रा करते हुए यज्ञस्थल तक पहुंचे। कलश शोभायात्रा में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। बैंड-बाजा, हाथी, ऊंट आदि के शामिल होने से यह यात्रा ऐतिहासिक बन गई। पूरे मार्ग में भक्तिमय माहौल बना रहा। शोभायात्रा का नेतृत्व पूजा समिति के अध्यक्ष एवं समाजसेवी अभय शाही, महायज्ञ संचालक स्वामी मुक्तिनाथ उर्फ अल्टर बाबा, मुकेश शाही, मिंकू शाही, अरेराजनारायण पटेल, सतनामी बाबा, रक्सौल काली मंदिर के नागा शिवशंकर नाथ, छबीला पटेल और अरुण शाही सहित कई गणमान्य लोगों ने किया। आयोजक अभय शाही ने बताया कि महायज्ञ का आयोजन 19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च तक चलेगा। इस दौरान ज्ञान मंच से अयोध्या से आए प्रवचनकर्ताओं द्वारा श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक प्रवचन सुनने का अवसर मिलेगा। वहीं वृंदावन की रासलीला पार्टी विशेष रूप से महिलाओं के आकर्षण का केंद्र बनेगी। कलश यात्रा के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए शरबत, जल और गन्ने के रस की व्यवस्था की गई थी। अभय शाही के आवास पर यात्रा में शामिल लोगों पर पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया गया। पूरे आयोजन से क्षेत्र में भक्ति और आस्था का माहौल बना हुआ है।
शतचंडी महायज्ञ के लिए चनायनबान में निकाली गई भव्य कलश यात्रा, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ शतचंडी महायज्ञ के लिए चनायनबान में निकाली गई भव्य कलश यात्रा, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ बेतिया से सत्यम श्रीवास्तव की रिपोर्ट बेतिया। गुरुवार को मझौलिया प्रखंड के माई स्थान चनायनबान धरा धाम पर शुभ कलश यात्रा के साथ श्री श्री 1008 श्री शतचंडी महायज्ञ का भव्य शुभारंभ हुआ। महायज्ञ की सफलता के लिए 1001 कुंवारी कन्याओं, महिलाओं, पुरुषों तथा बच्चों ने मिर्जापुर स्थित अकड़ाहा नदी से जल भरकर पैदल यात्रा करते हुए यज्ञस्थल तक पहुंचे। कलश शोभायात्रा में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। बैंड-बाजा, हाथी, ऊंट आदि के शामिल होने से यह यात्रा ऐतिहासिक बन गई। पूरे मार्ग में भक्तिमय माहौल बना रहा। शोभायात्रा का नेतृत्व पूजा समिति के अध्यक्ष एवं समाजसेवी अभय शाही, महायज्ञ संचालक स्वामी मुक्तिनाथ उर्फ अल्टर बाबा, मुकेश शाही, मिंकू शाही, अरेराजनारायण पटेल, सतनामी बाबा, रक्सौल काली मंदिर के नागा शिवशंकर नाथ, छबीला पटेल और अरुण शाही सहित कई गणमान्य लोगों ने किया। आयोजक अभय शाही ने बताया कि महायज्ञ का आयोजन 19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च तक चलेगा। इस दौरान ज्ञान मंच से अयोध्या से आए प्रवचनकर्ताओं द्वारा श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक प्रवचन सुनने का अवसर मिलेगा। वहीं वृंदावन की रासलीला पार्टी विशेष रूप से महिलाओं के आकर्षण का केंद्र बनेगी। कलश यात्रा के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए शरबत, जल और गन्ने के रस की व्यवस्था की गई थी। अभय शाही के आवास पर यात्रा में शामिल लोगों पर पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया गया। पूरे आयोजन से क्षेत्र में भक्ति और आस्था का माहौल बना हुआ है।
- जिला प्रशासन द्वारा गैस सिलेंडर को लेकर जारी किया गया आदेश लापरवाही बरतने वालों की खैर नहीं #bettiah #photographychallenge #WestChamparan #motihari #fallowers #photochallenge #bihar1
- गुरुवार के दिन मझौलिया थाना का निरीक्षण चंपारण रेंज के डीआईजी हर किशोर राय ने की।थाना परिसर में गार्ड ऑफ ऑनर दी गई।तत्पश्चात पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली को मजबूत करने के उद्देश्य से डीआईजी हरकिशोर राय द्वारा थाना का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान थाना परिसर में सभी पुलिसकर्मी एवं चौकीदार निर्धारित वर्दी में मुस्तैदी के साथ उपस्थित नजर आए। डीआईजी ने उपस्थिति सभी पंजी, अभिलेखों का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के क्रम में उन्होंने पुलिसकर्मियों एवं चौकीदारों से आवश्यक पूछताछ कर क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने बीट व्यवस्था, गश्ती दल की सक्रियता तथा लंबित मामलों की प्रगति के बारे में भी विस्तार से जानकारी प्राप्त की। डीआईजी ने निर्देश दिया कि सभी पुलिसकर्मी समय पर ड्यूटी करें तथा जनता के साथ बेहतर व्यवहार बनाए रखें। इसके साथ ही उन्होंने चौकीदारों को भी सतर्क रहते हुए अपने-अपने क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और तत्काल पुलिस को सूचना देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस और स्थानीय सूचना तंत्र का मजबूत होना बेहद जरूरी है। निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने अनुशासन, वर्दी और कार्यशैली को लेकर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में किसी तरह की कमी नहीं रहनी चाहिए। इस निरीक्षण से थाना क्षेत्र में पुलिस महकमे में सक्रियता बढ़ी है और अधिकारियों में जवाबदेही का एहसास भी देखने को मिला है। इस मौके पर एसडीपीओ 01 विवेक दीप,पुलिस निरीक्षक सह थानाध्यक्ष अमर कुमार, अपर थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार,अरुण कुमार,पुरुषोत्तम पाण्डेय,अनंत कुमार,ऋषिकेश कुमार,सोनू कुमार,मुकेश कुमार ,निलेश कुमार आदि पुलिस पदाधिकारी सहित सभी चौकीदार उपस्थित रहे।4
- निरीक्षण के दौरान सुरक्षा मानकों, अग्निशमन व्यवस्था और स्टॉक रजिस्टर की गहन जांच की गई। कई स्थानों पर अनियमितताएं मिलने पर संबंधित संचालकों को कड़ी चेतावनी दी गई। गैस सिलेंडर के भंडारण, वितरण व्यवस्था और लाइसेंस से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की गई। अधिकारियों ने आम जनता की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए।1
- बेतिया से इस वक्त एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है, जहां वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से भटककर रिहायशी इलाके में पहुंची एक बाघिन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने वन विभाग के साथ-साथ पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। गौनाहा के मंगूरहा वनक्षेत्र अंतर्गत पंडई नदी के किनारे इस बाघिन का शव मिलने के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, करीब डेढ़ साल की यह मादा बाघिन बीते एक सप्ताह से वीटीआर के जंगलों से निकलकर गौनाहा के सिसई और मनीटोला इलाके में लगातार देखी जा रही थी। ग्रामीणों और किसानों ने कई बार इसकी मौजूदगी की सूचना दी थी, जिससे इलाके में भय का माहौल था। बाघिन अपने परिवार से बिछड़ चुकी थी और लगातार भटकते हुए रिहायशी क्षेत्रों में पहुंच गई थी, मानो वह अपने कुनबे को तलाश रही हो। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग की टीम अलर्ट मोड में थी। पिछले दो-तीन दिनों से इस बाघिन की हर गतिविधि पर ड्रोन के जरिए नजर रखी जा रही थी और उसे सुरक्षित रेस्क्यू करने की कोशिशें भी जारी थीं। ड्रोन में उसका लोकेशन पंडई नदी के आसपास ट्रेस किया गया, जिसके बाद बुधवार को टीम रेस्क्यू के लिए मौके पर पहुंची। लेकिन जैसे ही वनकर्मियों ने नदी के पास पहुंचकर तलाशी शुरू की, वहां का मंजर देखकर सभी सन्न रह गए। बाघिन का शव नदी में उपलाता हुआ मिला। हालत इतनी खराब थी कि उसका शरीर लगभग हड्डियों के ढांचे में तब्दील हो चुका था। प्रारंभिक तौर पर यह आशंका जताई जा रही है कि लंबे समय तक भोजन नहीं मिलने के कारण वह बेहद कमजोर हो गई थी और भूख ही उसकी मौत की बड़ी वजह बन सकती है। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी हरकत में आ गए। सीएफ गौरव ओझा ने खुद इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि बाघिन का शव मंगूरहा वनक्षेत्र में बरामद किया गया है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और विशेषज्ञों की टीम हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। हालांकि, अभी तक मौत के असली कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। वन विभाग पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि बाघिन की मौत सिर्फ भूख से हुई या इसके पीछे कोई और वजह भी है। इस पूरी घटना ने एक बार फिर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या जंगलों में बाघों के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं? क्या भटकते वन्यजीवों को समय पर सुरक्षित रेस्क्यू नहीं किया जा पा रहा? और सबसे बड़ा सवाल, क्या इंसान और जंगल के बीच बढ़ती दूरी वन्यजीवों के लिए जानलेवा साबित हो रही है? फिलहाल वन विभाग इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए जांच में जुटा हुआ है, लेकिन पंडई नदी में मिली इस बाघिन की मौत ने वन्यजीव संरक्षण की हकीकत पर एक गहरा सवालिया निशान जरूर खड़ा कर दिया है।1
- train mein galat kam kar rahe hain yah log ko sharm aana chahie1
- सुगौली के भारत पेट्रोलियम गैस एजेंसी के गोदाम पर गैस लेने वालों की उमड़ी भीड़। अनियन्त्रित भीड़ में हुई नोकझोंक, बुलानी पड़ी पुलिस। भीड़ को काबू करने में पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत। इसी बीच गैस लेने पहुंचे एक व्यक्ति की बाइक हुई चोरी।1
- Post by RAJHANSH VERMA1
- पश्चिम चंपारण के नरकटियागंज में प्रेमी युगल का वीडियो हुआ वायरल लव मैरिज कर प्रशासन से लगाए गुहार #bettiah #WestChamparan #प्रयागराज1