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एक घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद, इसके आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। इस स्थिति के कारण लोगों में भारी गुस्सा और आक्रोश देखा जा रहा है।
Manoj Kumar
एक घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद, इसके आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। इस स्थिति के कारण लोगों में भारी गुस्सा और आक्रोश देखा जा रहा है।
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- विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में सुसनेर महाविद्यालय में एक विशेष पौधारोपण एवं स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के विद्यार्थियों और स्टाफ ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस संयुक्त प्रयास के माध्यम से सभी प्रतिभागियों ने मिलकर पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया, जो हरियाली और स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने पर केंद्रित था।1
- सुसनेर में प्रदर्शनकारियों ने 'पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद' के नारे लगाते हुए सड़क जाम कर दी। यह विरोध प्रदर्शन राहुल यादव पर हुए हमले और लूट के आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर किया गया। प्रदर्शनकारियों ने अपना विरोध दर्ज कराते हुए चक्का जाम किया और इस संबंध में एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें राहुल यादव पर हमला व लूट करने वाले आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग की गई है।1
- मंदसौर जिले के तोलाखेड़ी गांव में दो-दो पानी की टंकियां बनी हुई हैं, इसके बावजूद पूरा गांव भीषण जल संकट का सामना कर रहा है। नल जल योजना का हाल बेहाल है, जिसके कारण गांव प्यासा है। यह स्थिति जिला ब्यूरो चीफ मंदसौर रामप्रसाद धनगर गुर्जर की खास रिपोर्ट में उजागर हुई है। गांव में पानी की टंकियां केवल धूल खा रही हैं, जबकि नल जल योजना के अंतर्गत ठेकेदार ने आधे गांव में ही पाइपलाइन बिछाकर नल कनेक्शन दिए हैं। बाकी आधे गांव में अभी तक कोई सुविधा नहीं पहुंची है। ग्राम में तीन से चार सरकारी कुएं भी खुदे हुए हैं, लेकिन ग्राम पंचायत और नल जल योजना के ठेकेदार की अनदेखी के कारण उनका उपयोग नहीं हो रहा, जिससे पूरा गांव पानी के लिए तरस रहा है। सरकार ने लाखों रुपये खर्च करके इन टंकियों का निर्माण कराया था, पर पीएचई विभाग इस ओर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहा। ग्रामीण पानी के लिए अत्यधिक परेशान हैं। ग्राम पंचायत और पीएचई विभाग से तत्काल इस जल संकट की समस्या का हल निकालने की मांग की गई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का तुरंत समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन और चक्का जाम करेंगे। कई बार अधिकारियों को इस स्थिति से अवगत कराया गया है, लेकिन उनके कान पर जूं तक नहीं रेंगी है।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शाजापुर में बुलाना भाजपा मंडल ने वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान, मंडल ने 'एक पेड़ मां के नाम' लगाने का संकल्प लिया। यही संकल्प गोलन भाजपा मंडल की कामकाजी बैठक में भी लिया गया।1
- शुक्रवार को गरोठ के पास बर्डिया अमरा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक भीषण दुर्घटना घटित हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस हादसे में टमाटर से भरा एक ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। बताया जा रहा है कि इस दुर्घटना में दो व्यक्तियों की मौत हो गई है, जिनकी पहचान पंजाब के निवासी के तौर पर की गई है।1
- सारंगपुर में पिछले दिनों चर्चा में रहा SDM और अधिवक्ता का विवाद अब एक नया और चौंकाने वाला मोड़ ले चुका है। पहले इसे एक प्रशासनिक अधिकारी और वकील के बीच टकराव के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन इसकी परतें खुलने पर अब यह मामला एक महिला की कथित प्रताड़ना और उसके डेढ़ वर्षीय बेटे की अभिरक्षा (कस्टडी) से जुड़ा सामने आया है। भाटखेड़ी निवासी राधाबाई ने आरोप लगाया है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता रहा। राधाबाई के अनुसार, उनके पति के साथ-साथ ननद और नंदोई भी उन पर दबाव बनाते थे, जिसमें नंदोई पेशे से अधिवक्ता हैं और अपनी वकालत का प्रभाव दिखाकर उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास करते थे। महिला ने बताया कि चार साल पहले उनकी शादी चाटक्या गांव में हुई थी, और डेढ़ साल पहले बेटे के जन्म के बाद पारिवारिक विवाद और बढ़ गए। आरोप है कि उन्हें लगातार ताने दिए गए, मारपीट की गई और अंततः उनके डेढ़ साल के बेटे को उनसे अलग कर दिया गया, जिसके बाद उन्हें घर से निकाल दिया गया और वह अपने मायके पहुंच गईं। पीड़िता ने पहले सामाजिक स्तर पर न्याय पाने का प्रयास किया, लेकिन समाधान न मिलने पर उन्होंने सारंगपुर SDM न्यायालय की शरण ली और अपने बेटे को वापस दिलाने की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने संबंधित पक्ष को कई बार नोटिस जारी किए, लेकिन निर्धारित तिथियों पर वे उपस्थित नहीं हुए, जिसके बाद न्यायालय ने सर्च वारंट जारी कर दिया। बताया जा रहा है कि इसी सर्च वारंट के बाद पूरा मामला विवादों में आया। महिला का आरोप है कि न्यायालय की कार्रवाई शुरू होने के बाद उन पर दबाव बनाया गया और धमकियां दी गईं। दूसरी ओर, अधिवक्ता रमेश धाकड़ ने SDM रोहित बम्होरे पर फोन पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए मामला उच्च न्यायालय तक पहुंचा दिया। हालांकि, मामले का दूसरा पक्ष यह भी है कि उपलब्ध जानकारी और बातचीत के अनुसार, SDM रोहित बम्होरे लगातार न्यायालयीन आदेशों के पालन और बच्चे को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कराने की बात करते नजर आते हैं। दैनिक भास्कर को मिली कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग में भी SDM सर्च वारंट की पुष्टि करते हुए बच्चे और उसके पिता को न्यायालय में पेश करने के निर्देश देते सुनाई दे रहे हैं, जिसमें व्यक्तिगत हित की बजाय न्यायालयीन आदेश के पालन पर जोर दिखाई देता है। कानूनी जानकारों का मत है कि नाबालिग बच्चे की अभिरक्षा को लेकर विवाद होने और संबंधित पक्ष के न्यायालय के समक्ष उपस्थित न होने पर सर्च वारंट जारी करना न्यायिक प्रक्रिया का ही हिस्सा माना जाता है। अब यह पूरा मामला मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के संज्ञान में पहुंच चुका है, जिसने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए राजगढ़ कलेक्टर को निर्देश दिए हैं। कलेक्टर को निर्धारित समयावधि में जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। इस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि SDM पर लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और क्या यह विवाद वास्तव में एक प्रशासनिक अधिकारी के कथित व्यवहार का मामला है या फिर एक महिला द्वारा अपने मासूम बेटे को वापस पाने के लिए शुरू की गई कानूनी लड़ाई का परिणाम। फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनमें सबसे बड़ा यह है कि यदि महिला की शिकायत और बच्चे की अभिरक्षा का मामला मूल केंद्र में था, तो फिर प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर इतना बड़ा विवाद आखिर क्यों खड़ा हुआ। इसका जवाब कलेक्टर की जांच रिपोर्ट और आगे की न्यायिक प्रक्रिया से ही सामने आएगा।1
- मध्य प्रदेश के सुसनेर में राहुल यादव पर हुए जानलेवा हमले और लूट की घटना को लेकर ग्रामीणों और सर्व समाज में भारी आक्रोश है। इसी विरोध में, सभी ने इंदौर-कोटा नेशनल हाईवे पर जोरदार चक्का जाम कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान पुलिस प्रशासन के खिलाफ 'मुर्दाबाद' के नारे लगाए, जो इस मामले में आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी न होने के कारण उनकी नाराजगी को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस समय सीमा के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो वे एक उग्र आंदोलन शुरू करेंगे। यह कदम उनके गुस्से और तत्काल न्याय की मांग को रेखांकित करता है।1
- यह संदेश दिया जा रहा है कि हर व्यक्ति को 'एक पेड़ मां के नाम' लगाना चाहिए, जिससे वृक्षारोपण को बढ़ावा मिले और पर्यावरण को बचाया जा सके।1
- रामप्रसाद धनगर गुर्जर तोलाखेड़ी चंदवासा ने आज एक बार फिर गायक मुकेश जी का एक गाना सुना। इस गाने को सुनकर उनकी बचपन से लेकर बुढ़ापे तक की पुरानी यादें ताजा हो गईं। उन्होंने गायक मुकेश जी को सादर प्रणाम किया।1