सारंगपुर में पिछले दिनों चर्चा में रहा SDM और अधिवक्ता का विवाद अब एक नया और चौंकाने वाला मोड़ ले चुका है। पहले इसे एक प्रशासनिक अधिकारी और वकील के बीच टकराव के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन इसकी परतें खुलने पर अब यह मामला एक महिला की कथित प्रताड़ना और उसके डेढ़ वर्षीय बेटे की अभिरक्षा (कस्टडी) से जुड़ा सामने आया है। भाटखेड़ी निवासी राधाबाई ने आरोप लगाया है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता रहा। राधाबाई के अनुसार, उनके पति के साथ-साथ ननद और नंदोई भी उन पर दबाव बनाते थे, जिसमें नंदोई पेशे से अधिवक्ता हैं और अपनी वकालत का प्रभाव दिखाकर उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास करते थे। महिला ने बताया कि चार साल पहले उनकी शादी चाटक्या गांव में हुई थी, और डेढ़ साल पहले बेटे के जन्म के बाद पारिवारिक विवाद और बढ़ गए। आरोप है कि उन्हें लगातार ताने दिए गए, मारपीट की गई और अंततः उनके डेढ़ साल के बेटे को उनसे अलग कर दिया गया, जिसके बाद उन्हें घर से निकाल दिया गया और वह अपने मायके पहुंच गईं। पीड़िता ने पहले सामाजिक स्तर पर न्याय पाने का प्रयास किया, लेकिन समाधान न मिलने पर उन्होंने सारंगपुर SDM न्यायालय की शरण ली और अपने बेटे को वापस दिलाने की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने संबंधित पक्ष को कई बार नोटिस जारी किए, लेकिन निर्धारित तिथियों पर वे उपस्थित नहीं हुए, जिसके बाद न्यायालय ने सर्च वारंट जारी कर दिया। बताया जा रहा है कि इसी सर्च वारंट के बाद पूरा मामला विवादों में आया। महिला का आरोप है कि न्यायालय की कार्रवाई शुरू होने के बाद उन पर दबाव बनाया गया और धमकियां दी गईं। दूसरी ओर, अधिवक्ता रमेश धाकड़ ने SDM रोहित बम्होरे पर फोन पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए मामला उच्च न्यायालय तक पहुंचा दिया। हालांकि, मामले का दूसरा पक्ष यह भी है कि उपलब्ध जानकारी और बातचीत के अनुसार, SDM रोहित बम्होरे लगातार न्यायालयीन आदेशों के पालन और बच्चे को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कराने की बात करते नजर आते हैं। दैनिक भास्कर को मिली कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग में भी SDM सर्च वारंट की पुष्टि करते हुए बच्चे और उसके पिता को न्यायालय में पेश करने के निर्देश देते सुनाई दे रहे हैं, जिसमें व्यक्तिगत हित की बजाय न्यायालयीन आदेश के पालन पर जोर दिखाई देता है। कानूनी जानकारों का मत है कि नाबालिग बच्चे की अभिरक्षा को लेकर विवाद होने और संबंधित पक्ष के न्यायालय के समक्ष उपस्थित न होने पर सर्च वारंट जारी करना न्यायिक प्रक्रिया का ही हिस्सा माना जाता है। अब यह पूरा मामला मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के संज्ञान में पहुंच चुका है, जिसने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए राजगढ़ कलेक्टर को निर्देश दिए हैं। कलेक्टर को निर्धारित समयावधि में जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। इस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि SDM पर लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और क्या यह विवाद वास्तव में एक प्रशासनिक अधिकारी के कथित व्यवहार का मामला है या फिर एक महिला द्वारा अपने मासूम बेटे को वापस पाने के लिए शुरू की गई कानूनी लड़ाई का परिणाम। फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनमें सबसे बड़ा यह है कि यदि महिला की शिकायत और बच्चे की अभिरक्षा का मामला मूल केंद्र में था, तो फिर प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर इतना बड़ा विवाद आखिर क्यों खड़ा हुआ। इसका जवाब कलेक्टर की जांच रिपोर्ट और आगे की न्यायिक प्रक्रिया से ही सामने आएगा।
सारंगपुर में पिछले दिनों चर्चा में रहा SDM और अधिवक्ता का विवाद अब एक नया और चौंकाने वाला मोड़ ले चुका है। पहले इसे एक प्रशासनिक अधिकारी और वकील के बीच टकराव के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन इसकी परतें खुलने पर अब यह मामला एक महिला की कथित प्रताड़ना और उसके डेढ़ वर्षीय बेटे की अभिरक्षा (कस्टडी) से जुड़ा सामने आया है। भाटखेड़ी निवासी राधाबाई ने आरोप लगाया है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता रहा। राधाबाई के अनुसार, उनके पति के साथ-साथ ननद और नंदोई भी उन पर दबाव बनाते थे, जिसमें नंदोई पेशे से अधिवक्ता हैं और अपनी वकालत का प्रभाव दिखाकर उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास करते थे। महिला ने बताया कि चार साल पहले उनकी शादी चाटक्या गांव में हुई थी, और डेढ़ साल पहले बेटे के जन्म के बाद पारिवारिक विवाद और बढ़ गए। आरोप है कि उन्हें लगातार ताने दिए गए, मारपीट की गई और अंततः उनके डेढ़ साल के बेटे को उनसे अलग कर दिया गया, जिसके बाद उन्हें घर से निकाल दिया गया और वह अपने मायके पहुंच गईं। पीड़िता ने पहले सामाजिक स्तर पर न्याय पाने का प्रयास किया, लेकिन समाधान न मिलने पर उन्होंने सारंगपुर SDM न्यायालय की शरण ली और अपने बेटे को वापस दिलाने की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने संबंधित पक्ष को कई बार नोटिस जारी किए, लेकिन निर्धारित तिथियों पर वे उपस्थित नहीं हुए, जिसके बाद न्यायालय ने सर्च वारंट जारी कर दिया। बताया जा रहा है कि इसी सर्च वारंट के बाद पूरा मामला विवादों में आया। महिला का आरोप है कि न्यायालय की कार्रवाई शुरू होने के बाद उन पर दबाव बनाया गया और धमकियां दी गईं। दूसरी ओर, अधिवक्ता रमेश धाकड़ ने SDM रोहित बम्होरे पर फोन पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए मामला उच्च न्यायालय तक पहुंचा दिया। हालांकि, मामले का दूसरा पक्ष यह भी है कि उपलब्ध जानकारी और बातचीत के अनुसार, SDM रोहित बम्होरे लगातार न्यायालयीन आदेशों के पालन और बच्चे को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कराने की बात करते नजर आते हैं। दैनिक भास्कर को मिली कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग में भी SDM सर्च वारंट की पुष्टि करते हुए बच्चे और उसके पिता को न्यायालय में पेश करने के निर्देश देते सुनाई दे रहे हैं, जिसमें व्यक्तिगत हित की बजाय न्यायालयीन आदेश के पालन पर जोर दिखाई देता है। कानूनी जानकारों का मत है कि नाबालिग बच्चे की अभिरक्षा को लेकर विवाद होने और संबंधित पक्ष के न्यायालय के समक्ष उपस्थित न होने पर सर्च वारंट जारी करना न्यायिक प्रक्रिया का ही हिस्सा माना जाता है। अब यह पूरा मामला मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के संज्ञान में पहुंच चुका है, जिसने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए राजगढ़ कलेक्टर को निर्देश दिए हैं। कलेक्टर को निर्धारित समयावधि में जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। इस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि SDM पर लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और क्या यह विवाद वास्तव में एक प्रशासनिक अधिकारी के कथित व्यवहार का मामला है या फिर एक महिला द्वारा अपने मासूम बेटे को वापस पाने के लिए शुरू की गई कानूनी लड़ाई का परिणाम। फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनमें सबसे बड़ा यह है कि यदि महिला की शिकायत और बच्चे की अभिरक्षा का मामला मूल केंद्र में था, तो फिर प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर इतना बड़ा विवाद आखिर क्यों खड़ा हुआ। इसका जवाब कलेक्टर की जांच रिपोर्ट और आगे की न्यायिक प्रक्रिया से ही सामने आएगा।
- शाजापुर जिले में पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह राजपूत के निर्देश पर आपराधिक तत्वों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत अवंतीपुर बड़ोदिया थानांतर्गत तिलावद चौकी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने खेत से ट्रॉली चोरी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से चोरी की गई ट्रॉली और वारदात में इस्तेमाल किया गया ट्रैक्टर जब्त किया है। जब्त किए गए कुल मशरुके की कीमत ₹5.30 लाख बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, गत 22 मार्च 2026 को तिलावद निवासी फरियादी मोहनसिंह पिता माखनसिंह खाती ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके खेत पर बने मकान के सामने से कोई अज्ञात बदमाश ट्रॉली चोरी कर ले गया है। काफी खोजबीन के बाद भी जब ट्रॉली का सुराग नहीं लगा, तो अवंतीपुर बड़ोदिया थाने में अपराध क्रमांक 60/26, धारा 303(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक घनश्याम मालवीय एवं एसडीओपी शुजालपुर निमेश देशमुख के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक बृजेश मिश्रा के नेतृत्व में तिलावद चौकी पुलिस ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और तकनीकी व पारंपरिक साक्ष्यों के आधार पर दो संदिग्धों को हिरासत में लिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी अंकित उर्फ विकास (पिता राधाकिशन मालवीय, निवासी हर्राजखेड़ा) और कुलदीप (पिता एलमसिंह मालवीय, निवासी कोलवा) ने ट्रॉली चोरी करने का जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी हुई ट्रॉली, जिसकी कीमत करीब ₹1,30,000 है, और चोरी की वारदात में इस्तेमाल किया गया सोनालिका ट्रैक्टर, जिसकी कीमत करीब ₹4,00,000 है, जब्त कर लिया। कुल ₹5.30 लाख का माल बरामद हुआ है। दोनों गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक बृजेश मिश्रा, चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक घनश्याम बैरागी, सहायक उपनिरीक्षक जगदीश काजले, प्रधान आरक्षक राजमल, आरक्षक लवकुश परमार, शिवपाल सिंह, अखिल वर्मा, अनिल, सैनिक गिरधारीलाल और ग्राम रक्षा समिति के सदस्य राकेश कलमोदिया की विशेष और सराहनीय भूमिका रही।1
- मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में राज्यमंत्री गौतम टेटवाल के सड़कों के भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान एक बीजेपी कार्यकर्ता अचानक आक्रोशित हो उठा। भरे मंच पर ही उसने अपनी नाराज़गी व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी के लिए कड़ी मेहनत की है और लोगों की खरी-खोटी भी सुनी है, जबकि मंचों की शोभा बढ़ाने का काम दूसरे लोग कर रहे हैं। इस दौरान काफी हंगामा हो गया और कार्यकर्ता ने राज्यमंत्री तथा एक सांसद के सामने ही खरी-खोटी सुनानी शुरू कर दी। स्थिति को शांत करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और उन्होंने कार्यकर्ता को समझाने का प्रयास किया। इस पूरे हंगामे का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिससे यह सवाल खड़ा हो रहा है कि बीजेपी कार्यकर्ताओं को अपनी ही सरकार में उचित सम्मान क्यों नहीं मिल रहा है।1
- मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में एक कैदी जिला अस्पताल से फरार हो गया है। इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुँच गई है।1
- माननीय प्रधानमंत्री जी की प्रेरणादायक पहल से प्रेरित होकर, पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से कालापीपल विधानसभा क्षेत्र में 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत 4 लाख पौधे लगाने का एक विराट संकल्प लिया गया है। इस महाअभियान का लक्ष्य केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ पर्यावरण, शुद्ध वायु और एक समृद्ध हरित धरोहर प्रदान करना है। इस जनआंदोलन में, हर एक पौधा हमारी माँ के प्रति सम्मान, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और पृथ्वी के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक बनेगा। यह अभियान कालापीपल विधानसभा को हरियाली, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास का एक आदर्श क्षेत्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विधायक घनश्याम जी चन्द्र वंशी जी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मध्य प्रदेश के नेता नरेंद्र मोदी, नितिन नवीन, डॉ. मोहन यादव, व हेमंत खंडेलवाल ने इस संकल्प को जन-जन तक पहुँचाने और इसमें सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया है। इस अभियान का मूल मंत्र है: 'एक पौधा लगाएँ, माँ का सम्मान बढ़ाएँ – हरित भारत के निर्माण में अपना योगदान निभाएँ।'1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कालापीपल विधानसभा क्षेत्र में एक अनूठी मुहिम का आगाज़ किया गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उन्हें पेड़ बनाने की पूरी जिम्मेदारी भी जनता को सौंपना है। 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत, करीब 4 लाख फलदार पौधों के वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जिसका मकसद हर परिवार को हरियाली से जोड़ना है। इस अभियान के माध्यम से लोगों से पूछा गया है कि क्या उनके घर में भी एक पौधा लगेगा और क्या वे एक पेड़ के संरक्षक बनेंगे, साथ ही उनसे अपनी राय कमेंट में बताने का आग्रह किया गया है।1
- राष्ट्रीय दैनिक समाचार पत्र और लाइव न्यूज़ चैनल 'भारत संवाद' ने भोपाल संभाग के लिए सैफ अली को अपना ब्यूरो चीफ नियुक्त किया है। इसी प्रकार, राष्ट्रीय दैनिक समाचार पत्र 'परिवर्तन उदय' ने भी भोपाल संभाग के लिए सैफ अली को ब्यूरो चीफ बनाया है। पाठक इन समाचार पत्रों और न्यूज़ चैनल के साथ आज की प्रमुख खबरों से अपडेट रह सकते हैं। खबर एवं विज्ञापन संबंधी जानकारी के लिए 9039403567 पर संपर्क किया जा सकता है।1
- राजगढ़ के जिला अस्पताल से एक कैदी फरार हो गया है, जिससे अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मिली जानकारी के अनुसार, वह कैदी इलाज के लिए अस्पताल के बंदी वार्ड में भर्ती था। इस घटना ने एक बार फिर राजगढ़ अस्पताल में सुरक्षा प्रबंधों की कमी को उजागर किया है, और अब सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं।1
- शाजापुर के कालापीपल स्थित राज कॉलोनी के सैकड़ों परिवार लंबे समय से अपने घरों तक पहुंचने के लिए मुख्य सड़क के अभाव में संघर्ष कर रहे हैं। इस समस्या को लेकर आक्रोशित निवासियों का धैर्य जवाब दे गया, जिसके बाद वे सड़क पर उतर आए और चक्का जाम कर अपना विरोध दर्ज कराया। रहवासियों का आरोप है कि नगर परिषद उनसे टैक्स वसूल रही है और उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिल रहा है। बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएँ भी उपलब्ध हैं, लेकिन इसके बावजूद कॉलोनी में एक आम रास्ता नहीं है। यह सवाल उठाया जा रहा है कि जब सभी सुविधाएँ हैं और टैक्स भी दिया जा रहा है, तो फिर सड़क क्यों नहीं? विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलने पर अधिकारी मौके पर पहुँचे, जिन्होंने निवासियों को सोमवार को सीमांकन कराने का आश्वासन दिया है। हालांकि, कॉलोनी के लोग अब इस बात पर विचार कर रहे हैं कि क्या इस बार उन्हें उनका अधिकार मिलेगा, या यह मामला भी पिछली बार की तरह केवल कोरे आश्वासनों तक ही सीमित रह जाएगा।1
- Available for Sale - Other Other Sector (Specify) : Dairy farming Item : गाय Quantity Available : 1 Price : 10000 City / Locality : कालापीपल Farming Sector : Other गाय बेचना है1