माननीय प्रधानमंत्री जी की प्रेरणादायक पहल से प्रेरित होकर, पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से कालापीपल विधानसभा क्षेत्र में 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत 4 लाख पौधे लगाने का एक विराट संकल्प लिया गया है। इस महाअभियान का लक्ष्य केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ पर्यावरण, शुद्ध वायु और एक समृद्ध हरित धरोहर प्रदान करना है। इस जनआंदोलन में, हर एक पौधा हमारी माँ के प्रति सम्मान, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और पृथ्वी के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक बनेगा। यह अभियान कालापीपल विधानसभा को हरियाली, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास का एक आदर्श क्षेत्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विधायक घनश्याम जी चन्द्र वंशी जी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मध्य प्रदेश के नेता नरेंद्र मोदी, नितिन नवीन, डॉ. मोहन यादव, व हेमंत खंडेलवाल ने इस संकल्प को जन-जन तक पहुँचाने और इसमें सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया है। इस अभियान का मूल मंत्र है: 'एक पौधा लगाएँ, माँ का सम्मान बढ़ाएँ – हरित भारत के निर्माण में अपना योगदान निभाएँ।'
माननीय प्रधानमंत्री जी की प्रेरणादायक पहल से प्रेरित होकर, पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से कालापीपल विधानसभा क्षेत्र में 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत 4 लाख पौधे लगाने का एक विराट संकल्प लिया गया है। इस महाअभियान का लक्ष्य केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ पर्यावरण, शुद्ध वायु और एक समृद्ध हरित धरोहर प्रदान करना है। इस जनआंदोलन में, हर एक पौधा हमारी माँ के प्रति सम्मान, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और पृथ्वी के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक बनेगा। यह अभियान कालापीपल विधानसभा को हरियाली, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास का एक आदर्श क्षेत्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विधायक घनश्याम जी चन्द्र वंशी जी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मध्य प्रदेश के नेता नरेंद्र मोदी, नितिन नवीन, डॉ. मोहन यादव, व हेमंत खंडेलवाल ने इस संकल्प को जन-जन तक पहुँचाने और इसमें सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया है। इस अभियान का मूल मंत्र है: 'एक पौधा लगाएँ, माँ का सम्मान बढ़ाएँ – हरित भारत के निर्माण में अपना योगदान निभाएँ।'
- Jitendra PatidarKalapipal, Shajapur*"एक पेड़ माँ के नाम" माननीय प्रधानमंत्री जी की प्रेरणादायी पहल से प्रेरित होकर पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य के संकल्प* अपने क्षेत्र की सभी खबरें देखने और *खबरें शेयर करके कमाई करने के लिए डाउनलोड करें शुरू ऐप* (Shuru App) 👇🏻 https://shuru.co.in/dl/1neZIm1 hr ago
- माननीय प्रधानमंत्री जी की प्रेरणादायक पहल से प्रेरित होकर, पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से कालापीपल विधानसभा क्षेत्र में 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत 4 लाख पौधे लगाने का एक विराट संकल्प लिया गया है। इस महाअभियान का लक्ष्य केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ पर्यावरण, शुद्ध वायु और एक समृद्ध हरित धरोहर प्रदान करना है। इस जनआंदोलन में, हर एक पौधा हमारी माँ के प्रति सम्मान, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और पृथ्वी के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक बनेगा। यह अभियान कालापीपल विधानसभा को हरियाली, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास का एक आदर्श क्षेत्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विधायक घनश्याम जी चन्द्र वंशी जी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मध्य प्रदेश के नेता नरेंद्र मोदी, नितिन नवीन, डॉ. मोहन यादव, व हेमंत खंडेलवाल ने इस संकल्प को जन-जन तक पहुँचाने और इसमें सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया है। इस अभियान का मूल मंत्र है: 'एक पौधा लगाएँ, माँ का सम्मान बढ़ाएँ – हरित भारत के निर्माण में अपना योगदान निभाएँ।'1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कालापीपल विधानसभा क्षेत्र में एक अनूठी मुहिम का आगाज़ किया गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उन्हें पेड़ बनाने की पूरी जिम्मेदारी भी जनता को सौंपना है। 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत, करीब 4 लाख फलदार पौधों के वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जिसका मकसद हर परिवार को हरियाली से जोड़ना है। इस अभियान के माध्यम से लोगों से पूछा गया है कि क्या उनके घर में भी एक पौधा लगेगा और क्या वे एक पेड़ के संरक्षक बनेंगे, साथ ही उनसे अपनी राय कमेंट में बताने का आग्रह किया गया है।1
- मध्य प्रदेश के सीहोर जिले से पत्रकार देवेंद्र सिंह मीना की रिपोर्ट है।1
- सीहोर जिले के सोनकच्छ टोल के पास अमोनिया गैस से भरे एक टैंकर में रिसाव होने का मामला सामने आया है। दोराहा थाना पुलिस की त्वरित कार्रवाई और सूझबूझ के कारण एक बड़ा हादसा टल गया, जिससे किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। जानकारी के अनुसार, यह अमोनिया गैस टैंकर कोटा से नागपुर की ओर जा रहा था, जब इसमें रिसाव शुरू हो गया। सूचना मिलते ही दोराहा थाना पुलिस ने तुरंत टैंकर को रुकवाकर पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी। बताया जा रहा है कि रिसाव रोकने के लिए वाल्व बंद करने के दौरान ट्रक ड्राइवर का हाथ भी जल गया। पुलिस की तत्परता से अमोनिया गैस के रिसाव पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया गया। इस दौरान, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और फायर ब्रिगेड की टीमें भी मौके पर मुस्तैद रहीं। इस पूरी घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, जिससे एक बड़ी त्रासदी को टाला जा सका।1
- नगर पालिका परिषद की दूरगामी सोच और बेहतर प्रबंधन के कारण इस भीषण गर्मी में भी नगरवासियों को जलसंकट का सामना नहीं करना पड़ा है, जिससे पूरे शहर में निर्बाध रूप से पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित होती रही। हालांकि, वर्षों पुरानी पाइप लाइनें शहर के कई हिस्सों में क्षतिग्रस्त हो गई हैं। नागरिकों की इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए नगर पालिका द्वारा अब पुरानी पाइप लाइनों को बदलकर नवीन पाइप लाइन विस्तार कार्य शुरू कर दिया गया है, जिसकी शुरुआत पुराने बस स्टैंड से की गई है। नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इस महत्वपूर्ण कार्य के चलते आगामी दो दिनों तक नगर के कई हिस्सों में जलापूर्ति प्रभावित रहेगी। इनमें वार्ड क्रमांक 1, 2, 3, 4 और 5 का संपूर्ण क्षेत्र; वार्ड क्रमांक 6 का मालीपुरा क्षेत्र; वार्ड क्रमांक 9 का बोहराबाखल क्षेत्र; वार्ड क्रमांक 10, 11 और 12 का संपूर्ण क्षेत्र; वार्ड क्रमांक 13 का हाथीखाना क्षेत्र; तथा वार्ड क्रमांक 17 का बुधवारा एवं खंडेलवाल चौराहा और वार्ड क्रमांक 18 का मारूपूरा एवं अस्पताल लाइन क्षेत्र शामिल हैं। श्री मेवाड़ा ने नागरिकों को इस विकास और सुधार कार्य के दौरान होने वाली अस्थायी असुविधा के लिए खेद व्यक्त करते हुए अपील की है कि नवीन पाइप लाइन बिछने से भविष्य में लीकेज और गंदे पानी की समस्या से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी। मुख्य नगरपालिका अधिकारी विनोद कुमार प्रजापति ने जलापूर्ति प्रभावित क्षेत्रों के नागरिकों से आग्रह किया है कि वे आवश्यकतानुसार पानी का भंडारण पहले से कर लें और इस सुधार कार्य में सहयोग प्रदान करें। प्रभावित क्षेत्रों में 6 मई शनिवार से जलापूर्ति पुनः नियमित और सुचारू रूप से प्रारंभ कर दी जाएगी।2
- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अधिमान्य वरिष्ठ पत्रकार पंकज सिंह भदौरिया ने अभिषेक जैन नामक व्यक्ति पर सोशल मीडिया के जरिए ब्लैकमेलिंग, बदनाम करने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) व डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल कर झूठी एवं भ्रामक सामग्री प्रसारित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पुलिस कमिश्नर को सौंपे गए एक शिकायत पत्र में यह दावा किया है। शिकायत में भदौरिया ने आरोप लगाया है कि अभिषेक जैन अपने कुछ सहयोगियों के साथ मिलकर उनकी 20 वर्षों की पत्रकारिता की साख को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहा है। भदौरिया के अनुसार, उन्होंने मानवीय आधार पर अभिषेक जैन की आर्थिक मदद भी कराई थी, जिसके स्क्रीनशॉट उनके पास उपलब्ध हैं, लेकिन बाद में अभिषेक जैन विभिन्न लोगों और नेताओं से पैसे दिलवाने का दबाव बनाने लगा। पत्रकार ने यह भी आरोप लगाया है कि अभिषेक जैन सोशल मीडिया के माध्यम से कई प्रभावशाली लोगों और जनप्रतिनिधियों को भी ब्लैकमेल करता है। पंकज भदौरिया ने इस पूरे मामले की साइबर फॉरेंसिक जांच, आरोपियों के डिजिटल उपकरणों की जांच और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इसके जवाब में, पुलिस कमिश्नर ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।3
- मध्य प्रदेश के सीहोर में ज़मीन पर कब्ज़ा करने की नीयत से एक परिवार पर लाठी-डंडों से हमला किया गया है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।1
- शाजापुर के कालापीपल स्थित राज कॉलोनी के सैकड़ों परिवार लंबे समय से अपने घरों तक पहुंचने के लिए मुख्य सड़क के अभाव में संघर्ष कर रहे हैं। इस समस्या को लेकर आक्रोशित निवासियों का धैर्य जवाब दे गया, जिसके बाद वे सड़क पर उतर आए और चक्का जाम कर अपना विरोध दर्ज कराया। रहवासियों का आरोप है कि नगर परिषद उनसे टैक्स वसूल रही है और उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिल रहा है। बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएँ भी उपलब्ध हैं, लेकिन इसके बावजूद कॉलोनी में एक आम रास्ता नहीं है। यह सवाल उठाया जा रहा है कि जब सभी सुविधाएँ हैं और टैक्स भी दिया जा रहा है, तो फिर सड़क क्यों नहीं? विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलने पर अधिकारी मौके पर पहुँचे, जिन्होंने निवासियों को सोमवार को सीमांकन कराने का आश्वासन दिया है। हालांकि, कॉलोनी के लोग अब इस बात पर विचार कर रहे हैं कि क्या इस बार उन्हें उनका अधिकार मिलेगा, या यह मामला भी पिछली बार की तरह केवल कोरे आश्वासनों तक ही सीमित रह जाएगा।1