रेत माफियाओं के आगे सिस्टम नतमस्तक, शासन को करोड़ों की चपत, वीडियो वायरल सेवढ़ा में रेत माफिया के आगे पूरा सिस्टम नतमस्तक! जिला प्रशासन से लेकर खनिज अधिकारी और उड़नदस्ता तक सब कटघरे में, मप्र शासन को रोजाना करोड़ों की चपत! दतिया जिले में सबसे ज्यादा सिंध नदी का सीना चीरकर हर रोज दौड़ रहे 400 अवैध ट्रैक्टर, सोशल मीडिया पर सरेआम वीडियो वायरल होने के बाद भी साहबान पूरा जिला प्रशासन कुंभकर्णी नींद में! मध्य प्रदेश के दतिया जिले के सेवढ़ा अनुभाग में इन दिनों कानून व्यवस्था, पुलिसिया धमक और माइनिंग विभाग पूरी तरह से आईसीयू में वेंटिलेटर पर नजर आ रहे हैं/ सिंध नदी की छाती को बेरहमी से चीरकर जिस तरह से अवैध रेत का काला कारोबार फल-फूल रहा है, उसने दतिया जिले के प्रशासनिक दावों की सरेआम धज्जियां उड़ा कर रख दी हैं। सोशल मीडिया पर हर रोज आ रहे वीडियो दतिया प्रशासन के मुंह पर तमाचा मार रहे हैं, लेकिन मजाल है कि वातानुकूलित कमरों में बैठे जिम्मेदार अफसरों की आंखें खुल जाएं! सूत्रों के मुताबिक 400 ट्रैक्टरों का 'तांडव', बिना रॉयल्टी सड़कों पर मौत का मार्च! सूत्रों और स्थानीय लोगों के मुताबिक, सेवढ़ा के मरसेनी खुर्द, बड़ेर घाट और रोहेरा के रास्तों से रोजाना 300 से 400 बिना रॉयल्टी वाले ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खुलेआम सड़कों पर मौत बनकर दौड़ रही हैं। मध्य प्रदेश शासन को हर महीने लाखों-करोड़ों रुपये के राजस्व की डायरेक्ट हानि (चूना) लगाई जा रही है, लेकिन जिले के मुखिया और पुलिस कप्तान हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। जनता अब तीखे सवाल पूछ रही है: क्या दतिया के कलेक्टर और एसपी को सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ये वीडियो दिखाई नहीं देते? बिना नंबर प्लेट और बिना रॉयल्टी के ये ट्रैक्टर थानों के सामने से सीना तानकर कैसे निकल जाते हैं? • आखिर ऐसी कौन सी मजबूरी या 'अदृश्य ताकत' है, जिसके आगे पूरा जिला की प्रशासनिक व्यवस्था नतमस्तक हो चुकी है खनिज अधिकारी का 'अंधा कानून', उड़नदस्ता बना सिर्फ 'कागजो मे'! इस पूरे खेल में सबसे बड़ी और संदेहास्पद भूमिका दतिया के जिला खनिज अधिकारी (Mining Officer) और उनके बहुचर्चित माइनिंग उड़नदस्ते (Flying Squad) की है। सेवढ़ा की सड़कों पर जब सैकड़ों ट्रैक्टर रेत चोरी करके दौड़ते हैं, तो माइनिंग विभाग का उड़नदस्ता आखिर किस बिल में छुपा रहता है? करोड़ों रुपये की सरकारी रॉयल्टी की चोरी माइनिंग अधिकारी की नाक के नीचे हो रही है, लेकिन साहब एसी कमरों से बाहर निकलने की जहमत नहीं उठाते। स्थानीय लोगों का खुला आरोप है कि माइनिंग विभाग का यह उड़नदस्ता सिर्फ नाम का 'उड़नदस्ता' है, हकीकत में यह माफियाओं के लिए 'रक्षक दस्ता' बन चुका है। जब भी ऊपरी दबाव में कोई कार्रवाई दिखाई जाती है, तो पहले ही माफियाओं को वाट्सएप और रेकी के जरिए खबर लीक कर दी जाती है। क्या खनिज अधिकारी यह बताएंगे कि रेत के इन अवैध घाटों पर दिन-रात चलने वाली पोकलेन और जेसीबी मशीनें उन्हें क्यों दिखाई नहीं देतीं? क्या विभाग की आंखें माफियाओं के 'चढ़ावे' के नीचे दब चुकी हैं? हाईटेक 'एस्कॉर्ट सिस्टम' के आगे फेल हुआ पुलिस का खुफिया तंत्र अवैध उत्खनन में शामिल माफियाओं ने अब पुलिस को ठेंगा दिखाने के लिए एक हाईटेक 'एस्कॉर्ट और रेकी' नेटवर्क बना लिया है। रेत लदे ट्रैक्टरों के आगे-आगे तेज रफ्तार बाइक सवार चलते हैं, जो माइनिंग या पुलिस की गाड़ियों की लोकेशन पहले ही लीक कर देते हैं। हालात यह हैं कि अगर कोई कंपनी का ठेकेदार या ईमानदार कर्मचारी इन्हें रोकने की हिम्मत करता है, तो भगुआपुरा और सेवढ़ा के इलाकों में उन पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया जाता है। इस सरेआम गुंडागर्दी के बावजूद पुलिस कप्तान का खुफिया तंत्र पूरी तरह से फेल साबित हो रहा है। ऐसा क्षेत्र में बना चर्चा का विषय सोशल मीडिया पर हो रहा वायरल साठगांठ या लाचारी? जनता मांग रही जवाब! दतिया माइनिंग विभाग का आलम यह है कि कभी-कभार जनता को दिखाने के लिए एकाध ट्रैक्टर पकड़कर अपनी पीठ थपथपा ली जाती है, जबकि असलियत में हर रोज सैकड़ों ओवरलोड गाड़ियां बिना किसी खौफ के खनिज विभाग के नाकों और थानों के सामने से धड़ल्ले से गुजरती हैं। जिला खनिज अधिकारी की इस घोर लापरवाही, उड़नदस्ते की कथित मिलीभगत और जिला प्रशासन की ढीली कमान ने मप्र शासन के राजस्व को पूरी तरह से खोखला कर दिया है। दतिया की जागरूक जनता अब सीधे सूबे के मुख्यमंत्री से गुहार लगा रही है कि जब जिले के जिम्मेदार कलेक्टर, एसपी और खनिज अधिकारी इस खुली चोरी और गुंडागर्दी को बंद नहीं करवा पा रहे हैं, तो आखिर इन्हें इन मलाईदार पदों पर क्यों बनाए रखा गया है? क्या दतिया प्रशासन सिर्फ आम जनता के चालान काटने के लिए है, या इन रेत माफियाओं के गिरेबान पर भी कभी हाथ डालने की हिम्मत दिखाएगा? देखना बाकी है कि इस तीखे खुलासे के बाद दतिया के प्रशासनिक अमले की नींद टूटती है या फिर सेवढ़ा में रेत का यह 'काला खेल' इसी तरह बेखौफ जारी रहता है! वीडियो हो रहा सोशल मीडिया पर वायरल।।
रेत माफियाओं के आगे सिस्टम नतमस्तक, शासन को करोड़ों की चपत, वीडियो वायरल सेवढ़ा में रेत माफिया के आगे पूरा सिस्टम नतमस्तक! जिला प्रशासन से लेकर खनिज अधिकारी और उड़नदस्ता तक सब कटघरे में, मप्र शासन को रोजाना करोड़ों की चपत! दतिया जिले में सबसे ज्यादा सिंध नदी का सीना चीरकर हर रोज दौड़ रहे 400 अवैध ट्रैक्टर, सोशल मीडिया पर सरेआम वीडियो वायरल होने के बाद भी साहबान पूरा जिला प्रशासन कुंभकर्णी नींद में! मध्य प्रदेश के दतिया जिले के सेवढ़ा अनुभाग में इन दिनों कानून व्यवस्था, पुलिसिया धमक और माइनिंग विभाग पूरी तरह से आईसीयू में वेंटिलेटर पर नजर आ रहे हैं/ सिंध नदी की छाती को बेरहमी से चीरकर जिस तरह से अवैध रेत का काला कारोबार फल-फूल रहा है, उसने दतिया जिले के प्रशासनिक दावों की सरेआम धज्जियां उड़ा कर रख दी हैं। सोशल मीडिया पर हर रोज आ रहे वीडियो दतिया प्रशासन के मुंह पर तमाचा मार रहे हैं, लेकिन मजाल है कि वातानुकूलित कमरों में बैठे जिम्मेदार अफसरों की आंखें खुल जाएं! सूत्रों के मुताबिक 400 ट्रैक्टरों का 'तांडव', बिना रॉयल्टी सड़कों पर मौत का मार्च! सूत्रों और स्थानीय लोगों के मुताबिक, सेवढ़ा के मरसेनी खुर्द, बड़ेर घाट और रोहेरा के रास्तों से रोजाना 300 से 400 बिना रॉयल्टी वाले ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खुलेआम सड़कों पर मौत बनकर दौड़ रही हैं। मध्य प्रदेश शासन को हर महीने लाखों-करोड़ों रुपये के राजस्व की डायरेक्ट हानि (चूना) लगाई जा रही है, लेकिन जिले के मुखिया और पुलिस कप्तान हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। जनता अब तीखे सवाल पूछ रही है: क्या दतिया के कलेक्टर और एसपी को सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ये वीडियो दिखाई नहीं देते? बिना नंबर प्लेट और बिना रॉयल्टी के ये ट्रैक्टर थानों के सामने से सीना तानकर कैसे निकल जाते हैं? • आखिर ऐसी कौन सी मजबूरी या 'अदृश्य ताकत' है, जिसके आगे पूरा जिला की प्रशासनिक व्यवस्था नतमस्तक हो चुकी है खनिज अधिकारी का 'अंधा कानून', उड़नदस्ता बना सिर्फ 'कागजो मे'! इस पूरे खेल में सबसे बड़ी और संदेहास्पद भूमिका दतिया के जिला खनिज अधिकारी (Mining Officer) और उनके बहुचर्चित माइनिंग उड़नदस्ते (Flying Squad) की है। सेवढ़ा की सड़कों पर जब सैकड़ों ट्रैक्टर रेत चोरी करके दौड़ते हैं, तो माइनिंग विभाग का उड़नदस्ता आखिर किस बिल में छुपा रहता है? करोड़ों रुपये की सरकारी रॉयल्टी की चोरी माइनिंग अधिकारी की नाक के नीचे हो रही है, लेकिन साहब एसी कमरों से बाहर निकलने की जहमत नहीं उठाते। स्थानीय लोगों का खुला आरोप है कि माइनिंग विभाग का यह उड़नदस्ता सिर्फ नाम का 'उड़नदस्ता' है, हकीकत में यह माफियाओं के लिए 'रक्षक दस्ता' बन चुका है। जब भी ऊपरी दबाव में कोई कार्रवाई दिखाई जाती है, तो पहले ही माफियाओं को वाट्सएप और रेकी के जरिए खबर लीक कर दी जाती है। क्या खनिज अधिकारी यह बताएंगे कि रेत के इन अवैध घाटों पर दिन-रात चलने वाली पोकलेन और जेसीबी मशीनें उन्हें क्यों दिखाई नहीं देतीं? क्या विभाग की आंखें माफियाओं के 'चढ़ावे' के नीचे दब चुकी हैं? हाईटेक 'एस्कॉर्ट सिस्टम' के आगे फेल हुआ पुलिस का खुफिया तंत्र अवैध उत्खनन में शामिल माफियाओं ने अब पुलिस को ठेंगा दिखाने के लिए एक हाईटेक 'एस्कॉर्ट और रेकी' नेटवर्क बना लिया है। रेत लदे ट्रैक्टरों के आगे-आगे तेज रफ्तार बाइक सवार चलते हैं, जो माइनिंग या पुलिस की गाड़ियों की लोकेशन पहले ही लीक कर देते हैं। हालात यह हैं कि अगर कोई कंपनी का ठेकेदार या ईमानदार कर्मचारी इन्हें रोकने की हिम्मत करता है, तो भगुआपुरा और सेवढ़ा के इलाकों में उन पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया जाता है। इस सरेआम गुंडागर्दी के बावजूद पुलिस कप्तान का खुफिया तंत्र पूरी तरह से फेल साबित हो रहा है। ऐसा क्षेत्र में बना चर्चा का विषय सोशल मीडिया पर हो रहा वायरल साठगांठ या लाचारी? जनता मांग रही जवाब! दतिया माइनिंग विभाग का आलम यह है कि कभी-कभार जनता को दिखाने के लिए एकाध ट्रैक्टर पकड़कर अपनी पीठ थपथपा ली जाती है, जबकि असलियत में हर रोज सैकड़ों ओवरलोड गाड़ियां बिना किसी खौफ के खनिज विभाग के नाकों और थानों के सामने से धड़ल्ले से गुजरती हैं। जिला खनिज अधिकारी की इस घोर लापरवाही, उड़नदस्ते की कथित मिलीभगत और जिला प्रशासन की ढीली कमान ने मप्र शासन के राजस्व को पूरी तरह से खोखला कर दिया है। दतिया की जागरूक जनता अब सीधे सूबे के मुख्यमंत्री से गुहार लगा रही है कि जब जिले के जिम्मेदार कलेक्टर, एसपी और खनिज अधिकारी इस खुली चोरी और गुंडागर्दी को बंद नहीं करवा पा रहे हैं, तो आखिर इन्हें इन मलाईदार पदों पर क्यों बनाए रखा गया है? क्या दतिया प्रशासन सिर्फ आम जनता के चालान काटने के लिए है, या इन रेत माफियाओं के गिरेबान पर भी कभी हाथ डालने की हिम्मत दिखाएगा? देखना बाकी है कि इस तीखे खुलासे के बाद दतिया के प्रशासनिक अमले की नींद टूटती है या फिर सेवढ़ा में रेत का यह 'काला खेल' इसी तरह बेखौफ जारी रहता है! वीडियो हो रहा सोशल मीडिया पर वायरल।।
- रेत माफियाओं के आगे सिस्टम नतमस्तक, शासन को करोड़ों की चपत, वीडियो वायरल सेवढ़ा में रेत माफिया के आगे पूरा सिस्टम नतमस्तक! जिला प्रशासन से लेकर खनिज अधिकारी और उड़नदस्ता तक सब कटघरे में, मप्र शासन को रोजाना करोड़ों की चपत! दतिया जिले में सबसे ज्यादा सिंध नदी का सीना चीरकर हर रोज दौड़ रहे 400 अवैध ट्रैक्टर, सोशल मीडिया पर सरेआम वीडियो वायरल होने के बाद भी साहबान पूरा जिला प्रशासन कुंभकर्णी नींद में! मध्य प्रदेश के दतिया जिले के सेवढ़ा अनुभाग में इन दिनों कानून व्यवस्था, पुलिसिया धमक और माइनिंग विभाग पूरी तरह से आईसीयू में वेंटिलेटर पर नजर आ रहे हैं/ सिंध नदी की छाती को बेरहमी से चीरकर जिस तरह से अवैध रेत का काला कारोबार फल-फूल रहा है, उसने दतिया जिले के प्रशासनिक दावों की सरेआम धज्जियां उड़ा कर रख दी हैं। सोशल मीडिया पर हर रोज आ रहे वीडियो दतिया प्रशासन के मुंह पर तमाचा मार रहे हैं, लेकिन मजाल है कि वातानुकूलित कमरों में बैठे जिम्मेदार अफसरों की आंखें खुल जाएं! सूत्रों के मुताबिक 400 ट्रैक्टरों का 'तांडव', बिना रॉयल्टी सड़कों पर मौत का मार्च! सूत्रों और स्थानीय लोगों के मुताबिक, सेवढ़ा के मरसेनी खुर्द, बड़ेर घाट और रोहेरा के रास्तों से रोजाना 300 से 400 बिना रॉयल्टी वाले ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खुलेआम सड़कों पर मौत बनकर दौड़ रही हैं। मध्य प्रदेश शासन को हर महीने लाखों-करोड़ों रुपये के राजस्व की डायरेक्ट हानि (चूना) लगाई जा रही है, लेकिन जिले के मुखिया और पुलिस कप्तान हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। जनता अब तीखे सवाल पूछ रही है: क्या दतिया के कलेक्टर और एसपी को सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ये वीडियो दिखाई नहीं देते? बिना नंबर प्लेट और बिना रॉयल्टी के ये ट्रैक्टर थानों के सामने से सीना तानकर कैसे निकल जाते हैं? • आखिर ऐसी कौन सी मजबूरी या 'अदृश्य ताकत' है, जिसके आगे पूरा जिला की प्रशासनिक व्यवस्था नतमस्तक हो चुकी है खनिज अधिकारी का 'अंधा कानून', उड़नदस्ता बना सिर्फ 'कागजो मे'! इस पूरे खेल में सबसे बड़ी और संदेहास्पद भूमिका दतिया के जिला खनिज अधिकारी (Mining Officer) और उनके बहुचर्चित माइनिंग उड़नदस्ते (Flying Squad) की है। सेवढ़ा की सड़कों पर जब सैकड़ों ट्रैक्टर रेत चोरी करके दौड़ते हैं, तो माइनिंग विभाग का उड़नदस्ता आखिर किस बिल में छुपा रहता है? करोड़ों रुपये की सरकारी रॉयल्टी की चोरी माइनिंग अधिकारी की नाक के नीचे हो रही है, लेकिन साहब एसी कमरों से बाहर निकलने की जहमत नहीं उठाते। स्थानीय लोगों का खुला आरोप है कि माइनिंग विभाग का यह उड़नदस्ता सिर्फ नाम का 'उड़नदस्ता' है, हकीकत में यह माफियाओं के लिए 'रक्षक दस्ता' बन चुका है। जब भी ऊपरी दबाव में कोई कार्रवाई दिखाई जाती है, तो पहले ही माफियाओं को वाट्सएप और रेकी के जरिए खबर लीक कर दी जाती है। क्या खनिज अधिकारी यह बताएंगे कि रेत के इन अवैध घाटों पर दिन-रात चलने वाली पोकलेन और जेसीबी मशीनें उन्हें क्यों दिखाई नहीं देतीं? क्या विभाग की आंखें माफियाओं के 'चढ़ावे' के नीचे दब चुकी हैं? हाईटेक 'एस्कॉर्ट सिस्टम' के आगे फेल हुआ पुलिस का खुफिया तंत्र अवैध उत्खनन में शामिल माफियाओं ने अब पुलिस को ठेंगा दिखाने के लिए एक हाईटेक 'एस्कॉर्ट और रेकी' नेटवर्क बना लिया है। रेत लदे ट्रैक्टरों के आगे-आगे तेज रफ्तार बाइक सवार चलते हैं, जो माइनिंग या पुलिस की गाड़ियों की लोकेशन पहले ही लीक कर देते हैं। हालात यह हैं कि अगर कोई कंपनी का ठेकेदार या ईमानदार कर्मचारी इन्हें रोकने की हिम्मत करता है, तो भगुआपुरा और सेवढ़ा के इलाकों में उन पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया जाता है। इस सरेआम गुंडागर्दी के बावजूद पुलिस कप्तान का खुफिया तंत्र पूरी तरह से फेल साबित हो रहा है। ऐसा क्षेत्र में बना चर्चा का विषय सोशल मीडिया पर हो रहा वायरल साठगांठ या लाचारी? जनता मांग रही जवाब! दतिया माइनिंग विभाग का आलम यह है कि कभी-कभार जनता को दिखाने के लिए एकाध ट्रैक्टर पकड़कर अपनी पीठ थपथपा ली जाती है, जबकि असलियत में हर रोज सैकड़ों ओवरलोड गाड़ियां बिना किसी खौफ के खनिज विभाग के नाकों और थानों के सामने से धड़ल्ले से गुजरती हैं। जिला खनिज अधिकारी की इस घोर लापरवाही, उड़नदस्ते की कथित मिलीभगत और जिला प्रशासन की ढीली कमान ने मप्र शासन के राजस्व को पूरी तरह से खोखला कर दिया है। दतिया की जागरूक जनता अब सीधे सूबे के मुख्यमंत्री से गुहार लगा रही है कि जब जिले के जिम्मेदार कलेक्टर, एसपी और खनिज अधिकारी इस खुली चोरी और गुंडागर्दी को बंद नहीं करवा पा रहे हैं, तो आखिर इन्हें इन मलाईदार पदों पर क्यों बनाए रखा गया है? क्या दतिया प्रशासन सिर्फ आम जनता के चालान काटने के लिए है, या इन रेत माफियाओं के गिरेबान पर भी कभी हाथ डालने की हिम्मत दिखाएगा? देखना बाकी है कि इस तीखे खुलासे के बाद दतिया के प्रशासनिक अमले की नींद टूटती है या फिर सेवढ़ा में रेत का यह 'काला खेल' इसी तरह बेखौफ जारी रहता है! वीडियो हो रहा सोशल मीडिया पर वायरल।।1
- लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ पदयात्रा में शामिल हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, कांग्रेस पर साधा निशाना श्रीकांत शर्मा रिपोर्ट मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पदयात्रा के दौरान कांग्रेस पर निशाना साधते हुए निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता को लेकर कांग्रेस द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठाने वाली कांग्रेस का अपना इतिहास भी सवालों से घिरा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त के अधिकारों को सीमित करने के प्रयासों और न्यायपालिका के मामलों में कांग्रेस के रवैये पर भी सवाल उठते रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बयानबाजी करने से कांग्रेस जनता का विश्वास नहीं जीत सकती। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा और अराजकता के विरोध में पदयात्रा के माध्यम से जनता को जागरूक किया जा रहा है। लोकतंत्र_बचाओ_अराजकता_हटाओ श्रीकांत शर्मा रिपोर्ट खबर एवं विज्ञापन के लिए व्हाट्सएप करें 📲 97132177781
- थाना कोतवाली पुलिस ने अंतर्राज्यीय चैन स्नैचिंग गैंग की दो महिला आरोपियों को किया गिरफ्तार* *दो अलग-अलग वारदातों का किया खुलासा, सोने की चेन, मंगलसूत्र, अंगूठी एवं वारदात में प्रयुक्त कार हुई जप्त* पुलिस अधीक्षक दतिया श्री मयूर खंडेलवाल के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मंजीत चावला एवं एसडीओपी दतिया श्रीमती आकांक्षा जैन के कुशल मार्गदर्शन में अपराधों पर अंकुश लगाने एवं फरार आरोपियों की धरपकड़ हेतु चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना कोतवाली पुलिस टीम द्वारा सीसीटीवी कैमरों के फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों एवं मुखबिर सूचना के आधार पर अंतर्राज्यीय चैन स्नैचिंग की दो अलग-अलग वारदातों में संलिप्त दो महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया। *प्रथम प्रकरण* : अपराध क्रमांक 676/26, धारा 304(2) बीएनएस में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी रानू पत्नी मलखान, उम्र 34 वर्ष, निवासी फिरोजपुर सेठालाल, थाना जलालपुर, फैजाबाद (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार किया। आरोपी महिला के कब्जे से चोरी की सोने की चेन एवं घटना में प्रयुक्त कार जप्त की गई। *द्वितीय प्रकरण:* अपराध क्रमांक 558/26, धारा 303(2), 238 बीएनएस में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी बबली पत्नी मुकेश बावरिया, निवासी फतेहपुर बिलौच, जिला फरीदाबाद (हरियाणा) को गिरफ्तार किया। आरोपी महिला के कब्जे से चोरी का संपूर्ण माल सोने का मंगलसूत्र, चेन एवं अंगूठी जप्त की गई। दोनों महिला आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। *सराहनीय भूमिका* उक्त दोनों प्रकरणों में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक सुधीर हिन्नारिया, उपनिरीक्षक महेन्द्र धाकड़, उपनिरीक्षक हेमा गौतम, उपनिरीक्षक महेश यादव, प्रधान आरक्षक 640 ब्रजराज तोमर, प्रधान आरक्षक 574 महेश शर्मा, आरक्षक 32 राम मिलन, आरक्षक 77 संजेश यादव, आरक्षक 363 मुनेश बघेल, आरक्षक 816 राकेश माहौर, आरक्षक 626 जसवंत, आरक्षक 906 शिवम दुबे, आरक्षक 652 संदीप कौरव, आरक्षक अजय सिरोही एवं आरक्षक छोटे आदिवासी की सराहनीय भूमिका रही।1
- एसपी मंजीत चावला की मौजूदगी में सघन चेकिंग अभियान, राजगढ़ चौराहा पर पुलिस का सख्त पहरा दतिया। जिले में कानून-व्यवस्था एवं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस पूरी तरह अलर्ट नजर आ रही है। पुलिस अधीक्षक मंजीत चावला के निर्देशन में कोतवाली थाना पुलिस द्वारा शहर के प्रमुख स्थानों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान राजगढ़ चौराहा क्षेत्र में पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए आने-जाने वाले वाहनों की बारीकी से जांच की। संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों पर विशेष नजर रखी गई। चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस की सक्रियता और मुस्तैदी साफ दिखाई दी। पुलिस का उद्देश्य शहर में शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना तथा असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाना है। पुलिस की मुस्तैदी, अपराधियों में खौफ! दतिया की सुरक्षा को लेकर पुलिस अलर्ट मोड पर।1
- भांडेर थाना क्षेत्र के छिपेटी मोहल्ले से एक युवती लापता हो गई। जिसको लेकर युवती के परिजनों भांडेर थाने पहुँचकर गुमशुदगी दर्ज कराई हैं। जानकारी के अनुसार पीड़ित युवक रवि कुमार जोशी की 20 वर्षीय की बहिन जो कि 01 नवम्बर की दोपहर करीब 01 बजे घर से ब्यूटी पार्लर जाने की लिए निकली थी जो लापता हो गई। जिसको हर जगह तलाश किया लेकिन उसका कही पता न चला। जिसके बाद परिजनों ने भांडेर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई है। वहीं मंगलवार शाम 06 बजे तक युवती का कोई सुराग नहीं लग सका है।1
- दतिया: आगामी त्योहारों के मद्देनजर जिला प्रशासन एवं खाद्य विभाग मिलावटखोरों के खिलाफ पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। दतिया: आगामी त्योहारों के मद्देनजर जिला प्रशासन एवं खाद्य विभाग मिलावटखोरों के खिलाफ पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े एवं सेवड़ा एसडीएम अशोक अवस्थी के मार्गदर्शन में इंदरगढ़ में मिलावट रोधी अभियान के तहत खाद्य विभाग ने एक बड़ी छापामार कार्यवाही को अंजाम दिया है। इस प्रशासनिक कार्यवाही के तहत इंदरगढ़ स्थित शीतला दूध डेयरी भंडार पर खाद्य विभाग की टीम ने अचानक दबिश दी। निरीक्षण के दौरान टीम ने मौके से दूध, मिल्क, खोया एवं अन्य दुग्ध उत्पादों के सैंपल लिए और उन्हें गुणवत्ता जांच के लिए लैब भेजने की प्रक्रिया शुरू की। इस अचानक हुई बड़ी कार्यवाही में खाद्य अधिकारी बीएस शिरोमणि, खाद्य सुरक्षा अधिकारी सविता सक्सेना तथा नायब तहसीलदार मनोज दिवाकर सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी प्रमुख रूप से मौजूद रहे। खाद्य विभाग की इस धमक से पूरे इंदरगढ़ बाजार और डेयरी व्यवसायियों में हकंप का माहौल देखने को मिला। कार्यवाही के संबंध में खाद्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। त्योहारों के इस सीजन में नागरिकों को शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्रियां उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है, इसलिए मिलावट रोधी यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।1
- ग्वालियर में ठायं ठायं ठायं. तिघरा क्षेत्र में सुनाई दे रही फायरिंग की आवाजें किसी मुठभेड़ या आपराधिक घटना की नहीं, बल्कि पुलिस जवानों की नियमित निशानेबाजी ट्रेनिंग का हिस्सा हैं। फायरिंग रेंज में जवान सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत हथियार चलाने का अभ्यास कर रहे हैं।1
- तहसील कार्यालय में जनसुनवाई के दौरान एसडीएम यादव ने लोगों की सुनी समस्याएं जनसुनवाई के दौरान एसडीएम यादव ने लोगों की सुनी समस्याएं भांडेर रामगढ़ रोड स्थित नवीन तहसील कार्यालय में मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान एसडीएम बृजेंद्र यादव ने आमजन की समस्याओं को सुना एवं उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिया। इस दौरान तहसीलदार सुनील भदौरिया, सीबीएमओ इंद्रेश दौरे, नगर परिषद कर्मचारी एवं नायब तहसीलदार आदि जनसुनवाई में मौजूद रहे। जनसुनवाई के दौरान लोगों द्वारा नामांतरण, सीमांकन एवं अतिक्रमण आदि के आवेदन दिए गए, जिनके जल्द निराकरण का आश्वासन एसडीएम बृजेंद्र यादव के द्वारा दिया गया।1