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चार साल की मासूम फातिमा ने भी रखा अलविदा जुमे का ख़ास रोज़ा दि पंछी हेडलाइन्स समाचार #रामपुर:चार साल की मासूम फातिमा ने भी रखा अलविदा जुमे का ख़ास रोज़ा,नूरानी चेहरे पर खिली मुस्कान,माँ बाप की सरपरसती मे दुआ को उठे हाथ,आज चाँद रात कल होगा सूबे मे ईद का जश्न,कड़ी सुरक्षा और रिमझिम बारिश के बीच जामा मस्जिद मे अलविदा जुमे की नमाज़ हुई सम्पन्न: #मीडिया #समाचार #पंछी #news #highlighteveryone
THE PANCHHI HEADLINES UP NEWS
चार साल की मासूम फातिमा ने भी रखा अलविदा जुमे का ख़ास रोज़ा दि पंछी हेडलाइन्स समाचार #रामपुर:चार साल की मासूम फातिमा ने भी रखा अलविदा जुमे का ख़ास रोज़ा,नूरानी चेहरे पर खिली मुस्कान,माँ बाप की सरपरसती मे दुआ को उठे हाथ,आज चाँद रात कल होगा सूबे मे ईद का जश्न,कड़ी सुरक्षा और रिमझिम बारिश के बीच जामा मस्जिद मे अलविदा जुमे की नमाज़ हुई सम्पन्न: #मीडिया #समाचार #पंछी #news #highlighteveryone
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- 🚨यह वीडियो ख़तरनाक है 🚨 फर्रुखाबाद में 70 साल की एक महिला की उनके ही पोते द्वारा थार गाड़ी से कुचलकर मौत हो गई। घटना आवास विकास कॉलोनी में हुई, जब पोता घर में गाड़ी पार्क कर रहा था। अचानक बैक गियर लग जाने से गाड़ी पीछे चली गई और गेट बंद कर रही दादी दीवार के बीच फंसकर दब गईं। महिला लगातार चीखती रहीं, लेकिन दुर्घटना इतनी तेज थी कि मौके पर ही उनकी मौत हो गई।1
- चरस तस्करों ने दंपति को लूटा दोनों चरस तस्कर लुटेरे गिरफ्तार 1 किलो 700 ग्राम अवैध चरस, 2500 रुपये नकद, एक पीली धातु की बाली, एक तमंचा .315 बोर (दो जिंदा कारतूस सहित) और लूट में इस्तेमाल हुई एक मोटरसाइकिल (स्प्लेंडर, रजि. नंबर UP21DF8725) बरामद की1
- “सीसीटीवी और टेक्नोलॉजी के दम पर पुलिस का बड़ा खुलासा… बुलेट बाइक, मोबाइल और चांदी का ब्रेसलेट चोरी करने वाले आरोपी आखिरकार चढ़े हत्थे!” बरेली बारादरी में चोरी का खुलासा: CCTV और ‘यक्ष एप’ से 2 आरोपी गिरफ्तार, चोरी की बाइक व स्मैक बरामद1
- "बेहतर स्वास्थ्य और स्वच्छता के लिए नाला पार करने वाले पुल की अति आवश्यकता है।" ये दिनेशपुर वार्ड नंबर 3 हमारे 5 के बीच में है ये नाला (उधम सिंह नगर) उत्तराखंड बारिश में पानी पर नहीं होता है लोगो को दिक्कत होती है दिनेशपुर नगर पंचायत में वी बोल दिया बहुत बार पर उधर से वी कुछ नहीं हुआ ये पुल जल्दी से जल्दी बन जाए सरकार से बस इतना निवेदन है4
- Post by Radhe Shayam1
- आग लगने से किसान की गेहूं की फसल जलकर हुई राख बताया जा रहा है की कई बीघा गेहूं की खड़ी फसल में अचानक आग लग गई आग में इतना भयानक रूप अपना लिया जिससे किसान को काफी नुकसान का सामना करना पड़ा है स्थानीय लोगों ने आग बुझाने की काफी कोशिश की लेकिन आग इतनी भयानक थी वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है1
- Post by नाजिम हुसैन पत्रकार डिलारी1
- जनपद संभल की चंदौसी में प्रदेश सरकार की माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी ने एनसीईआरटी की किताबों को लेकर तथा प्राइवेट पब्लिकेशन की किताबों को लेकर क्या कहा जानिए इस वीडियो में।1
- यूपी में निजी स्कूलों की मनमानी: अभिभावकों पर थोपी जा रही निजी प्रकाशकों की किताबें, प्रशासन का आदेश बेअसर निजी स्कूलों के किताबों को लेकर मनमानी सामने आई है। मुरादाबाद प्रशासन के निर्देश के बावजूद कई स्कूल एनसीईआरटी लागू नहीं कर रहे हैं। कई स्कूल महंगी निजी प्रकाशकों की किताबें अनिवार्य कर अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रहे हैं। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही निजी स्कूलों की मनमानी सामने आई है। जिला प्रशासन के कक्षा आठवीं तक केवल एनसीईआरटी की किताबें लागू करने के निर्देश के बाद भी अधिकांश स्कूलों में इसका पालन होता नहीं दिख रहा है। स्कूल प्रबंधन अभिभावकों पर महंगी निजी प्रकाशकों की किताबें खरीदने का दबाव बना रहे हैं। मुरादाबाद पैरेंट्स ऑफ ऑल स्कूल के पदाधिकारियों के अनुसार 46 प्राइवेट स्कूलों में पूरी तरह निजी प्रकाशकों की किताबें ही लागू कर दी गई हैं। वहीं 27 स्कूलों में से कुछ स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबें तो लगाई गई हैं, लेकिन उनके साथ निजी प्रकाशकों की अतिरिक्त किताबें भी अनिवार्य कर दी गई हैं। इससे अभिभावकों की जेब पर दोहरा बोझ पड़ रहा है। इसके अलावा किताबों की कीमतों में भारी अंतर भी सामने आया है। जहां एनसीईआरटी की एक किताब करीब 60 से 65 रुपये में उपलब्ध है। वहीं निजी प्रकाशकों की किताबें 250 से लेकर 700 रुपये तक में मिल रही है। एक ही कक्षा की किताबों का पूरा सेट अलग-अलग स्कूलों में 3000 से 5000 रुपये तक महंगा मिल रहा है। अभिभावकों का कहना हैं कि स्कूलों ने पहले से ही कुछ चुनिंदा बुक स्टॉल तय कर रखे हैं। वहां से ही किताबें खरीदने का दबाव बनाया जाता है। इन दुकानों पर न तो कोई छूट मिलती है और न ही बाहर से किताबें खरीदने की अनुमति दी जाती है। इससे काफी समस्याएं हो रही हैं। बेटे का एक निजी स्कूल में एडमिशन करना है।ट्रांसपोर्ट की फीस के अलावा किताबें इस साल महंगी हो गई है। कई स्कूलों में एडमिशन कराने के लिए जानकारी ली। हर स्कूल में फीस, किताबों की कीमत अलग अलग है। कम पैसे खर्च होने वाले निजी स्कूल में एडमिशन को लेकर बात फाइनल हुई है।1