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छीच शराब दुकान की मालकिन ने आबकारी अधिकारी को लौटाई चाबी, लोकेशन की कॉपी नहीं देने पर विवाद छीच में सरकारी शराब दुकान की मालकिन दीपिका कुंवर ने आबकारी विभाग में पहुंचकर अपनी दुकान की चाबी वापस लौटा दी। यह कदम उन्होंने दुकान के लोकेशन की कॉपी नहीं देने की बात और कथित दबाव के विरोध में उठाया। दीपिका कुंवर ने बताया कि उनके नाम से देशी मदिरा की दुकान वर्ष 2021-22 में ग्राम छींच में आवंटित हुई थी और तब से वह उसी स्थान पर नियमों के अनुसार दुकान का संचालन कर रही हैं। उनके अनुसार, दुकान के संचालन से गांव में किसी प्रकार की जनहित समस्या नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2026-27 के लिए आबकारी विभाग द्वारा उनके दुकान का लोकेशन यथावत नहीं रखा गया। जब उन्होंने इस संबंध में आबकारी अधिकारी राजीव सिंह से जानकारी मांगी, तो उन्हें बताया गया कि उनके लोकेशन के संबंध में शिकायत प्राप्त हुई है, इसलिए नवीनीकरण नहीं किया गया। दीपिका के अनुसार, बार-बार पूछने पर अधिकारी ने कहा कि सुरेंद्र गुज्जर की सहमति के बिना उन्हें लोकेशन आवंटित नहीं किया जाएगा। इस पर दीपिका ने आपत्ति जताते हुए कहा कि सुरेंद्र गुज्जर उनका कोई आधिकारिक पार्टनर या सह-अनुज्ञाधारी नहीं है। उन्होंने बताया कि वह पिछले कुछ महीनों से बीमार थीं, इसलिए केवल दुकान संचालन में सहयोग के लिए उन्हें अनुमति दी थी। दीपिका ने आरोप लगाया कि आबकारी अधिकारी ने उनसे अभद्र व्यवहार किया और कथित रूप से दबाव बनाया कि वे सुरेंद्र गुज्जर को पार्टनर बनाएं, अन्यथा लोकेशन जारी नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें धमकी दी गई कि यदि उन्होंने ऐसा नहीं किया तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दीपिका लोकेशन को लेकर हाथ जोड़ती रही लेकिन आबकारी अधिकारी ने एक बात नहीं सुनी वो दुकान चलाना चाहती हु कहती रही। विवाद बढ़ने पर दीपिका ने आबकारी अधिकारी के टेबल पर दुकान की चाबी रख दी और बिना कुछ कहे वहां से चली गईं। वहीं, जब इस मामले में आबकारी अधिकारी राजीव सिंह से पूछा कि लोकेशन क्यों बदला जा रहा है, तो उन्होंने केवल इतना कहा कि उन्हें शिकायत प्राप्त हुई है। हालांकि, शिकायत ग्रामीणों द्वारा की गई है या किसी अन्य व्यक्ति द्वारा, इस पर उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।

12 hrs ago
user_गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
बांसवाड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
12 hrs ago

छीच शराब दुकान की मालकिन ने आबकारी अधिकारी को लौटाई चाबी, लोकेशन की कॉपी नहीं देने पर विवाद छीच में सरकारी शराब दुकान की मालकिन दीपिका कुंवर ने आबकारी विभाग में पहुंचकर अपनी दुकान की चाबी वापस लौटा दी। यह कदम उन्होंने दुकान के लोकेशन की कॉपी नहीं देने की बात और कथित दबाव के विरोध में उठाया। दीपिका कुंवर ने बताया कि उनके नाम से देशी मदिरा की दुकान वर्ष 2021-22 में ग्राम छींच में आवंटित हुई थी और तब से वह उसी स्थान पर नियमों के अनुसार दुकान का संचालन कर

रही हैं। उनके अनुसार, दुकान के संचालन से गांव में किसी प्रकार की जनहित समस्या नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2026-27 के लिए आबकारी विभाग द्वारा उनके दुकान का लोकेशन यथावत नहीं रखा गया। जब उन्होंने इस संबंध में आबकारी अधिकारी राजीव सिंह से जानकारी मांगी, तो उन्हें बताया गया कि उनके लोकेशन के संबंध में शिकायत प्राप्त हुई है, इसलिए नवीनीकरण नहीं किया गया। दीपिका के अनुसार, बार-बार पूछने पर अधिकारी ने कहा कि सुरेंद्र गुज्जर की सहमति के बिना उन्हें लोकेशन आवंटित नहीं किया जाएगा। इस पर दीपिका ने

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आपत्ति जताते हुए कहा कि सुरेंद्र गुज्जर उनका कोई आधिकारिक पार्टनर या सह-अनुज्ञाधारी नहीं है। उन्होंने बताया कि वह पिछले कुछ महीनों से बीमार थीं, इसलिए केवल दुकान संचालन में सहयोग के लिए उन्हें अनुमति दी थी। दीपिका ने आरोप लगाया कि आबकारी अधिकारी ने उनसे अभद्र व्यवहार किया और कथित रूप से दबाव बनाया कि वे सुरेंद्र गुज्जर को पार्टनर बनाएं, अन्यथा लोकेशन जारी नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें धमकी दी गई कि यदि उन्होंने ऐसा नहीं किया तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दीपिका लोकेशन को

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लेकर हाथ जोड़ती रही लेकिन आबकारी अधिकारी ने एक बात नहीं सुनी वो दुकान चलाना चाहती हु कहती रही। विवाद बढ़ने पर दीपिका ने आबकारी अधिकारी के टेबल पर दुकान की चाबी रख दी और बिना कुछ कहे वहां से चली गईं। वहीं, जब इस मामले में आबकारी अधिकारी राजीव सिंह से पूछा कि लोकेशन क्यों बदला जा रहा है, तो उन्होंने केवल इतना कहा कि उन्हें शिकायत प्राप्त हुई है। हालांकि, शिकायत ग्रामीणों द्वारा की गई है या किसी अन्य व्यक्ति द्वारा, इस पर उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।

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  • आधुनिक दौर में जहां शादियों में लग्जरी कारों और बड़ी बारातों का चलन बढ़ गया है, वहीं क्षेत्र के बिलडी गांव में एक अनोखी और परंपरागत अंदाज में बारात निकालकर लोगों का ध्यान आकर्षित किया गया। बिलडी निवासी दीपक मुनिया पुत्र पुनिया मुनिया अपनी शादी के लिए ऊंटों की सवारी पर बारात लेकर निकले तो इसे देखने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। गांव में पहली बार इतने बड़े स्तर पर ऊंटों की सवारी के साथ बारात निकाली गई, जो पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई। दीपक मुनिया अपनी दुल्हन कल्पना गरासिया पुत्री अशोक गरासिया को ब्याहने के लिए करीब एक दर्जन से अधिक ऊंटों पर सवार होकर बारात लेकर निकले। लगभग 500 से अधिक बाराती इस अनोखी बारात में शामिल हुए। बारात बिलडी गांव से रवाना होकर सात से आठ किलोमीटर की दूरी तय करते हुए गरासिया बिलडी पहुंची। रास्ते भर ग्रामीणों ने इस अनूठी बारात को देखने के लिए सड़कों के किनारे खड़े होकर स्वागत किया। दुल्हन की तरह सजे ऊंट बने आकर्षण का केंद्र— बारात में शामिल सभी ऊंटों को दुल्हन की तरह रंग-बिरंगे कपड़ों, घंटियों और आकर्षक सजावट से सजाया गया था। ऊंटों की सजी-धजी सवारी लोगों के लिए खास आकर्षण का केंद्र रही। दूल्हा और उसके परिजन भी कुछ ऊंटों पर सवार होकर बारात में शामिल हुए, जबकि कई बाराती ऊंटों के साथ चलते हुए नाचते-गाते शादी स्थल तक पहुंचे। इस अनूठे नजारे को देखने के लिए आसपास के गांवों से भी लोग पहुंच गए। परंपरा को बढ़ावा देने की पहल— दूल्हे के पिता पुनिया मुनिया पुत्र दिता मुनिया ने बताया कि इससे पहले गत वर्ष भी उनके भतीजे की शादी में ऊंटों की सवारी से बारात निकाली गई थी। इस बार अपने पुत्र दीपक की शादी में भी इसी परंपरा को आगे बढ़ाया गया है। उनका कहना है कि यदि समाज में इस प्रकार की परंपरा को बढ़ावा मिलेगा तो रेगिस्तान के इस महत्वपूर्ण पशु के पालन-पोषण को भी प्रोत्साहन मिलेगा। वाहनों की भीड़ से बेहतर परंपरागत तरीका— पुनिया मुनिया ने बताया कि आजकल एक बारात में दर्जनों कार, बोलेरो, बस और अन्य वाहनों का उपयोग होता है, जिससे खर्च भी अधिक होता है और भीड़भाड़ भी बढ़ती है। पहले जहां एक बारात में सौ से अधिक वाहन निकलते थे और लाखों रुपए खर्च हो जाते थे, वहीं ऊंटों की सवारी से कम खर्च में पारंपरिक और यादगार आयोजन किया जा सकता है। इस बारात में सात से आठ किलोमीटर तक बाराती ऊंटों के साथ नाचते-गाते चलते रहे, जिससे पूरे माहौल में उत्साह और उल्लास का अनोखा रंग देखने को मिला। दूल्हा व परिजन पहुंचे विवाह मंडप तक— दूल्हा व उसके परिजन अनीता मुनिया, अनिता गरासिया, निकीता पुत्री दामाद सुनिल बारीया, निशा पुत्री दामाद सुनिल भाई, आस्था खातु भाई, मोहन भाई, नरसिंह भाई, कानु भाई, प्रकाश, दिनेश, भुरजी भाई, कलु भाई, मातु भाई, लखमा वडखिया, लकसी, भारत वडखिया, गिरूं, सवजी, कार्तिक, प्रभु, राकेश पुत्र बहादुर वडखिया, पुनमचंद वडखिया, दुदा पुत्र जागींड, तेरसिंह सोहन, लालु, हुरमल, पंकज, रकमा, नकजी, कानसेंग पुत्र दला वयडा परिवार, सरपंच शंकरलाल, कालु, साहील, संजय जखोडीया परिवार समेत कुछ ऊंटों पर सवार होकर तो कुछ ऊंटों के साथ चलती लोरी में बैठकर विवाह मंडप तक पहुंचे।
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    आधुनिक दौर में जहां शादियों में लग्जरी कारों और बड़ी बारातों का चलन बढ़ गया है, वहीं क्षेत्र के बिलडी गांव में एक अनोखी और परंपरागत अंदाज में बारात निकालकर लोगों का ध्यान आकर्षित किया गया। बिलडी निवासी दीपक मुनिया पुत्र पुनिया मुनिया अपनी शादी के लिए ऊंटों की सवारी पर बारात लेकर निकले तो इसे देखने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। गांव में पहली बार इतने बड़े स्तर पर ऊंटों की सवारी के साथ बारात निकाली गई, जो पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई।
दीपक मुनिया अपनी दुल्हन कल्पना गरासिया पुत्री अशोक गरासिया को ब्याहने के लिए करीब एक दर्जन से अधिक ऊंटों पर सवार होकर बारात लेकर निकले। लगभग 500 से अधिक बाराती इस अनोखी बारात में शामिल हुए। बारात बिलडी गांव से रवाना होकर सात से आठ किलोमीटर की दूरी तय करते हुए गरासिया बिलडी पहुंची। रास्ते भर ग्रामीणों ने इस अनूठी बारात को देखने के लिए सड़कों के किनारे खड़े होकर स्वागत किया।
दुल्हन की तरह सजे ऊंट बने आकर्षण का केंद्र—
बारात में शामिल सभी ऊंटों को दुल्हन की तरह रंग-बिरंगे कपड़ों, घंटियों और आकर्षक सजावट से सजाया गया था। ऊंटों की सजी-धजी सवारी लोगों के लिए खास आकर्षण का केंद्र रही। दूल्हा और उसके परिजन भी कुछ ऊंटों पर सवार होकर बारात में शामिल हुए, जबकि कई बाराती ऊंटों के साथ चलते हुए नाचते-गाते शादी स्थल तक पहुंचे। इस अनूठे नजारे को देखने के लिए आसपास के गांवों से भी लोग पहुंच गए।
परंपरा को बढ़ावा देने की पहल—
दूल्हे के पिता पुनिया मुनिया पुत्र दिता मुनिया ने बताया कि इससे पहले गत वर्ष भी उनके भतीजे की शादी में ऊंटों की सवारी से बारात निकाली गई थी। इस बार अपने पुत्र दीपक की शादी में भी इसी परंपरा को आगे बढ़ाया गया है। उनका कहना है कि यदि समाज में इस प्रकार की परंपरा को बढ़ावा मिलेगा तो रेगिस्तान के इस महत्वपूर्ण पशु के पालन-पोषण को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
वाहनों की भीड़ से बेहतर परंपरागत तरीका—
पुनिया मुनिया ने बताया कि आजकल एक बारात में दर्जनों कार, बोलेरो, बस और अन्य वाहनों का उपयोग होता है, जिससे खर्च भी अधिक होता है और भीड़भाड़ भी बढ़ती है। पहले जहां एक बारात में सौ से अधिक वाहन निकलते थे और लाखों रुपए खर्च हो जाते थे, वहीं ऊंटों की सवारी से कम खर्च में पारंपरिक और यादगार आयोजन किया जा सकता है। इस बारात में सात से आठ किलोमीटर तक बाराती ऊंटों के साथ नाचते-गाते चलते रहे, जिससे पूरे माहौल में उत्साह और उल्लास का अनोखा रंग देखने को मिला।
दूल्हा व परिजन पहुंचे विवाह मंडप तक—
दूल्हा व उसके परिजन अनीता मुनिया, अनिता गरासिया, निकीता पुत्री दामाद सुनिल बारीया, निशा पुत्री दामाद सुनिल भाई, आस्था खातु भाई, मोहन भाई, नरसिंह भाई, कानु भाई, प्रकाश, दिनेश, भुरजी भाई, कलु भाई, मातु भाई, लखमा वडखिया, लकसी, भारत वडखिया, गिरूं, सवजी, कार्तिक, प्रभु, राकेश पुत्र बहादुर वडखिया, पुनमचंद वडखिया, दुदा पुत्र जागींड, तेरसिंह सोहन, लालु, हुरमल, पंकज, रकमा, नकजी, कानसेंग पुत्र दला वयडा परिवार, सरपंच शंकरलाल, कालु, साहील, संजय जखोडीया परिवार समेत कुछ ऊंटों पर सवार होकर तो कुछ ऊंटों के साथ चलती लोरी में बैठकर विवाह मंडप तक पहुंचे।
    user_गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
    गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
    बांसवाड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    17 hrs ago
  • कुशलगढ़ जिला बांसवाड़ा राजस्थान रिपोर्टर धर्मेन्द्र कुमार सोनी की क़लम से,, (धिक्कार है इंसान, नहीं पाल सकते गौ माता व मुक बधिर पशुओं को तो गौ शाला में क्यों नहीं करते गौ माता व मुक बधिर पशुओं को दान!) एक और हमारे हिन्दू धर्म में गौ माता को राष्ट माता का दर्जा व गौ हत्या व गौ माता की रक्षा करने का दम तो सीना तानकर करते हैं वहीं वैदो पुराणों ग्रंथों में गौ माता को बड़े ही सम्मान के साथ पुजा जाता है गौ माता में 33कोटी देवी देवताओं का निवास भी होता है पुरे भारत वर्ष में गौ सेवको व गौ शालाओं की कमी नहीं है सरकार व दान दाता खुले मन से दान देते हैं ताकी हमारी गौ माता स्वच्छ व स्वास्थ्य रहें लेकिन दुर्भाग्य की बात है राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ नगर में कचरा संग्रह करने की जगह पर हमारी गौ माता प्लास्टिक तथा गंदगी खां कर अपने पेट की भुख मिटाने को विवश हे वहीं चाहे नगरपालिका हो या गौ सेवक या दानदाता,या उपखंड प्रसासन हो या राजनीतिक दलों के उंचे पदो पर बैठे जनप्रतिनिधि सब के सब जान कर क्यु अंजान बने बैठे हुएं क्यों है !हम आज कुशलगढ़ नगर पर अपनी क़लम से सभी को अवगत कराने का एक अहम् प्रयास कर रहे हैं हमने जब कुशलगढ़ में बने कचरा संग्रह की और रुख किया तो ज़हां पंचायत समिति विद्या का मंदिर भगवान भोलेनाथ यानी नागनाथ मंदिर बाबा रामदेव का मंदिर महश्री वाल्मीकि का आश्रय वहीं कुशलगढ़ से थांदला मार्ग पर उप खंड अधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक, तहसीलदार,व सार्वजनिक निर्माण विभाग का रेस्ट हाउस,व रामगढ़ बस स्टैंड भी हे ज़हां सरकार व नगरपालिका ने पुरे नगर का सुखा तथा गिला कचरा उठाकर गांव बाहर कचरे का निस्तारण करना चाहिए ताकि नगर के आसपास गंदगी ना फेले व स्वच्छ सन्देश की रेंकिंग में कुशलगढ़ का नाम रोशन हो,मगर जब सभी जिम्मेदार लोगों ने कचरा संग्रह में गौ माता व मुक बधिर पशुओं को इस तरह खुला छोड़ रखा है ताकी कुशलगढ़ के घरों का गंदा कचरा इन मुक बधिरों के मुह का निवाला बन कर, उन्हें बिमारी तथा मवैशियो की मौत का कारण बने इतना ही नहीं कचरा संग्रह केन्द्र पर फाटक तक नहीं ताकी मुक बधिर पशु गंदगी में विचरण ना करें वहीं कुशलगढ़ नगर में गौ रक्षकों की कमी नहीं लैकिन शहीद भगतसिंह बस स्टैंड पर बनी पिने के पानी की प्याऊ के समीप डाली गई कचरे की गंदगी से गौ माता अपनी भुख मिटाने को विवश क्यों है इतना ही नहीं कुशलगढ़ में हिरन नदी के किनारों पर भी नगर की गंदगी सभी जिम्मेदारों के मुंह को चिढ़ाती नजर क्यों आती है भारत के प्रधानमंत्री भी स्वच्छ भारत मीशन का संदेश व नारा दे कर अरबों रुपए खर्च कर गंदगी से निजात पाने के लिए कुबेर के खजाने से धन भी उपलब्ध कराते हैं फिर भी कुशलगढ़ में कचरा संग्रह क्यु प्रदुषण मुक्त नहीं हो रहा है क्या हम सब सिर्फ मिडीया की सुर्खियों में रहने का दिखावा क्यों करने पर तुले हुए हैं!यदी वास्तव में कुशलगढ़ नगर को स्वस्थ और स्वच्छ बनाना है तो सभी अपना अहम दायित्व समझ कर कचरा संग्रह पर फाटक व गंदगी को पशु अपना आहार ना बनाएं व हमारा कुशलगढ़ एक नई मिसाल कायम करे देखना यह होगा कि क्या कुशलगढ़ नगर में कचरा संग्रह का सही से निस्तारण कब होगा कब हमारी गौ माता, गंदगी को अपना आहार नहीं बनाएगी यह तो वक्त ही बताएगा?
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    कुशलगढ़ जिला बांसवाड़ा राजस्थान रिपोर्टर धर्मेन्द्र कुमार सोनी की क़लम से,,
(धिक्कार है इंसान, नहीं पाल सकते गौ माता व मुक बधिर पशुओं को तो गौ शाला में क्यों नहीं करते गौ माता व मुक बधिर पशुओं को दान!)
एक और हमारे हिन्दू धर्म में गौ माता को राष्ट माता का दर्जा व गौ हत्या व गौ माता की रक्षा करने का दम तो सीना तानकर करते हैं वहीं वैदो पुराणों ग्रंथों में गौ माता को बड़े ही सम्मान के साथ पुजा जाता है गौ माता में 33कोटी देवी देवताओं का निवास भी होता है  पुरे भारत वर्ष में गौ सेवको व गौ शालाओं की कमी नहीं है सरकार व दान दाता खुले मन से दान देते हैं ताकी हमारी गौ माता स्वच्छ व स्वास्थ्य रहें लेकिन दुर्भाग्य की बात है राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ नगर में कचरा संग्रह करने की जगह पर हमारी गौ माता प्लास्टिक तथा गंदगी खां कर अपने पेट की भुख मिटाने को विवश हे वहीं चाहे नगरपालिका हो या गौ सेवक या दानदाता,या उपखंड प्रसासन हो या राजनीतिक दलों के उंचे पदो पर बैठे जनप्रतिनिधि सब के सब जान कर क्यु अंजान बने बैठे हुएं क्यों है !हम आज कुशलगढ़ नगर पर अपनी क़लम से सभी को अवगत कराने का एक अहम् प्रयास कर रहे हैं हमने जब कुशलगढ़ में बने कचरा संग्रह की और रुख किया तो ज़हां पंचायत समिति विद्या का मंदिर भगवान भोलेनाथ यानी नागनाथ मंदिर बाबा रामदेव का मंदिर महश्री वाल्मीकि का आश्रय वहीं कुशलगढ़ से थांदला मार्ग पर उप खंड अधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक, तहसीलदार,व सार्वजनिक निर्माण विभाग का रेस्ट हाउस,व रामगढ़ बस स्टैंड भी हे ज़हां सरकार व नगरपालिका ने पुरे नगर का सुखा तथा गिला कचरा  उठाकर गांव बाहर कचरे का निस्तारण करना चाहिए ताकि नगर के आसपास गंदगी ना फेले व स्वच्छ सन्देश की रेंकिंग में कुशलगढ़ का नाम रोशन हो,मगर जब सभी जिम्मेदार लोगों ने कचरा संग्रह में गौ माता व मुक बधिर पशुओं को इस तरह खुला छोड़ रखा है ताकी कुशलगढ़ के घरों का गंदा कचरा इन मुक बधिरों के मुह का निवाला बन कर, उन्हें बिमारी तथा मवैशियो की मौत का कारण बने इतना ही नहीं कचरा संग्रह केन्द्र पर फाटक तक नहीं ताकी मुक बधिर पशु गंदगी में विचरण ना करें वहीं कुशलगढ़ नगर में गौ रक्षकों की कमी नहीं लैकिन शहीद भगतसिंह बस स्टैंड पर बनी पिने के पानी की प्याऊ के समीप डाली गई कचरे की गंदगी से गौ माता अपनी भुख मिटाने को विवश क्यों है इतना ही नहीं कुशलगढ़ में हिरन नदी के किनारों पर भी नगर की गंदगी सभी जिम्मेदारों के मुंह को चिढ़ाती नजर क्यों आती है भारत के प्रधानमंत्री भी स्वच्छ भारत मीशन का संदेश व नारा दे कर अरबों रुपए खर्च कर गंदगी से निजात पाने के लिए कुबेर के खजाने से धन भी उपलब्ध कराते हैं फिर भी कुशलगढ़ में कचरा संग्रह क्यु प्रदुषण मुक्त नहीं हो रहा है क्या हम सब सिर्फ मिडीया की सुर्खियों में रहने का दिखावा क्यों करने पर तुले हुए हैं!यदी वास्तव में कुशलगढ़ नगर को स्वस्थ और स्वच्छ बनाना है तो सभी अपना अहम दायित्व समझ कर कचरा संग्रह पर फाटक व गंदगी को पशु अपना आहार ना बनाएं व हमारा कुशलगढ़ एक नई मिसाल कायम करे देखना यह होगा कि क्या कुशलगढ़ नगर में कचरा संग्रह का सही से निस्तारण कब होगा कब हमारी गौ माता, गंदगी को अपना आहार नहीं बनाएगी यह तो वक्त ही बताएगा?
    user_Dharmendra Soni
    Dharmendra Soni
    कुशलगढ़, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    20 hrs ago
  • राजस्थान ब्रेकिंग न्यूज़ और पब्लिक एप की ताजा खबर। कोटा ही नहीं अपितु हाडोती और राजस्थान हिंदुस्तान और विदेशी मुल्क में सम्मानित होने वाले वरिष्ठ पत्रकार रमेश गांधी को राष्ट्रीय श्रमजीवी पत्रकार संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उनकी कार्यकारिणी ने उन्हें अमरकंटक में राष्ट्रीय वर्किंग कमेटी की मीटिंग में सम्मानित किया। चल रहा है उनका सम्मान का सिलसिला। आज मीडिया हाउस में उनका कोटा के पत्रकारों ने सम्मान किया। बहुमान किया साल पगड़ी माला और पटा पहनना का सम्मान किया।
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    राजस्थान ब्रेकिंग न्यूज़ और पब्लिक एप की ताजा खबर। 
कोटा ही नहीं अपितु हाडोती और राजस्थान हिंदुस्तान और विदेशी मुल्क में सम्मानित होने वाले वरिष्ठ पत्रकार रमेश गांधी को राष्ट्रीय श्रमजीवी पत्रकार संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उनकी कार्यकारिणी ने उन्हें अमरकंटक में राष्ट्रीय वर्किंग कमेटी की मीटिंग में सम्मानित किया। 
चल रहा है उनका सम्मान का सिलसिला।
आज मीडिया हाउस में उनका कोटा के पत्रकारों ने सम्मान किया। बहुमान किया साल पगड़ी माला और पटा पहनना का सम्मान किया।
    user_Ramesh Gandhi
    Ramesh Gandhi
    Acupuncture school डौडा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    10 hrs ago
  • धरियावद थाना की बड़ी कार्यवाही, चेन स्नैचिंग प्रयास के बाद पुलिस का विशेष अभियान,मोटरसाइकिल पकड़ अभियान जुबेर अहमद धरियावद धरियावद-गत दिनों धरियावद थाना क्षेत्र के गांधी नगर इलाके में दो अज्ञात मोटरसाइकिल सवारों द्वारा एक महिला की चेन छीनने के प्रयास की घटना सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए बी.आदित्य के संज्ञान में मामला आते ही तत्काल विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। जिला पुलिस अधीक्षक के आदेश की पालना में धरियावद थाना में प्रशिक्षु आरपीएस अधिकारी शक्ति दायमा (अजमेर-ब्यावर) एवं थाना प्रभारी हजारी लाल मीणा के नेतृत्व में पुलिस जाब्ते ने पूरे थाना सर्कल क्षेत्र में विशेष सर्च अभियान चलाया। अभियान के दौरान नगर के गांधी नगर सहित विभिन्न क्षेत्रों में बिना नंबर प्लेट की संदिग्ध मोटर साइकिलों की गहन जांच की गई। पुलिस टीम द्वारा सुबह से शाम तक चलाए गए इस अभियान में कई संदिग्ध दोपहिया वाहनों को रोका गया तथा उनके दस्तावेजों की जांच की गई। जिन वाहनों के पास आवश्यक दस्तावेज नहीं पाए गए अथवा वाहन बिना नंबर प्लेट के पाए गए, उन्हें जब्त कर थाना परिसर लाया गया। पुलिस द्वारा जब्त किए गए वाहनों पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की गई। इस दौरान पुलिस ने आमजन से भी अपील की कि वे बिना नंबर प्लेट अथवा बिना दस्तावेज के वाहन का उपयोग न करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
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    धरियावद थाना की बड़ी कार्यवाही, चेन स्नैचिंग प्रयास के बाद पुलिस का विशेष अभियान,मोटरसाइकिल पकड़ अभियान
जुबेर अहमद
धरियावद
धरियावद-गत दिनों धरियावद थाना क्षेत्र के गांधी नगर इलाके में दो अज्ञात मोटरसाइकिल सवारों द्वारा एक महिला की चेन छीनने के प्रयास की घटना सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए बी.आदित्य के संज्ञान में मामला आते ही तत्काल विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। जिला पुलिस अधीक्षक के आदेश की पालना में धरियावद थाना में प्रशिक्षु आरपीएस अधिकारी शक्ति दायमा (अजमेर-ब्यावर) एवं थाना प्रभारी हजारी लाल मीणा के नेतृत्व में पुलिस जाब्ते ने पूरे थाना सर्कल क्षेत्र में विशेष सर्च अभियान चलाया। अभियान के दौरान नगर के गांधी नगर सहित विभिन्न क्षेत्रों में बिना नंबर प्लेट की संदिग्ध मोटर साइकिलों की गहन जांच की गई। पुलिस टीम द्वारा सुबह से शाम तक चलाए गए इस अभियान में कई संदिग्ध दोपहिया वाहनों को रोका गया तथा उनके दस्तावेजों की जांच की गई। जिन वाहनों के पास आवश्यक दस्तावेज नहीं पाए गए अथवा वाहन बिना नंबर प्लेट के पाए गए, उन्हें जब्त कर थाना परिसर लाया गया। पुलिस द्वारा जब्त किए गए वाहनों पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की गई। इस दौरान पुलिस ने आमजन से भी अपील की कि वे बिना नंबर प्लेट अथवा बिना दस्तावेज के वाहन का उपयोग न करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
    user_जुबेर अहमद पत्रकार व लॉ छात्र
    जुबेर अहमद पत्रकार व लॉ छात्र
    धरियावद, प्रतापगढ़, राजस्थान•
    10 hrs ago
  • Post by खुमचद सिगाड ईटानखेडा
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    Post by खुमचद सिगाड ईटानखेडा
    user_खुमचद सिगाड ईटानखेडा
    खुमचद सिगाड ईटानखेडा
    Bricklayer थांदला, झाबुआ, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • प्रतापगढ़ शहर के गांधी चौराहा पर उस वक्त हड़कंप मच गया… जब एक खड़ी बाइक में अचानक आग लग गई… 🔥 देखते ही देखते बाइक आग की लपटों में घिर गई… और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया… 👮‍♂️ लेकिन इसी बीच… मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी प्रकाश जी आचार्य ने बहादुरी और सूझबूझ दिखाते हुए… तुरंत आग पर काबू पा लिया… ✅ जिससे एक बड़ा हादसा टल गया… 👀 प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक… अगर समय रहते आग नहीं बुझाई जाती… तो आसपास खड़े अन्य वाहनों को भी नुकसान हो सकता था… 🔥 देखते ही देखते बाइक आग की लपटों में घिर गई… और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया… 👮‍♂️ लेकिन इसी बीच… मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी प्रकाश जी आचार्य ने बहादुरी और सूझबूझ दिखाते हुए… तुरंत आग पर काबू पा लिया… ✅ जिससे एक बड़ा हादसा टल गया… 👀 प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक… अगर समय रहते आग नहीं बुझाई जाती… तो आसपास खड़े अन्य वाहनों को भी नुकसान हो सकता था…
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    प्रतापगढ़ शहर के गांधी चौराहा पर उस वक्त हड़कंप मच गया…
जब एक खड़ी बाइक में अचानक आग लग गई…
🔥 देखते ही देखते बाइक आग की लपटों में घिर गई…
और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया…
👮‍♂️ लेकिन इसी बीच…
मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी प्रकाश जी आचार्य ने बहादुरी और सूझबूझ दिखाते हुए…
तुरंत आग पर काबू पा लिया…
✅ जिससे एक बड़ा हादसा टल गया…
👀 प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक…
अगर समय रहते आग नहीं बुझाई जाती…
तो आसपास खड़े अन्य वाहनों को भी नुकसान हो सकता था…
🔥 देखते ही देखते बाइक आग की लपटों में घिर गई…
और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया…
👮‍♂️ लेकिन इसी बीच…
मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी प्रकाश जी आचार्य ने बहादुरी और सूझबूझ दिखाते हुए…
तुरंत आग पर काबू पा लिया…
✅ जिससे एक बड़ा हादसा टल गया…
👀 प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक…
अगर समय रहते आग नहीं बुझाई जाती…
तो आसपास खड़े अन्य वाहनों को भी नुकसान हो सकता था…
    user_Aniljatiya 6878
    Aniljatiya 6878
    Local News Reporter प्रतापगढ़, प्रतापगढ़, राजस्थान•
    12 hrs ago
  • सीमलवाड़ा। डूंगरपुर जिले के चौरासी थाना क्षेत्र के वासुवा गाँव में एक युवक ने मवेशी घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली | युवक अहमदाबाद में मजदूरी करता था और दो दिन पहले ही घर आया था | आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है | पुलिस मामले की जाँच में जुटी है | डूंगरपुर जिले के चौरासी थाने के एएसआई दिनेश मीणा ने बताया कि वासुआ निवासी प्रताप मनात ने रिपोर्ट दी है | रिपोर्ट में बताया कि उसका 22 वर्षीय बेटा सुखदेव मनात अहमदाबाद में मजदूरी करता है | दो दिन पहले ही वह घर आया था | आज सुबह सुखदेव घर पर ही था | वह महुए बीनने के लिए घर से निकला था | वही सुखदेव की माँ रसोई में खाना बना रही थी | इस दौरान मवेशी घर में सुखदेव ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली | घटना की सुचना पर मौके पर लोगो की भीड़ जमा हो गई | वही पुलिस भी मौके पर पहुंची| पुलिस ने शव को फंदे उतरवाकर डूंगरपुर जिला अस्पताल की मोर्चरी पहुँचाया | जहा पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौप दिया है | फिलहाल आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है | पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है | बाईट- दिनेश मीणा एएसआई चौरासी थाना डूंगरपुर
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    सीमलवाड़ा। डूंगरपुर जिले के चौरासी थाना क्षेत्र के वासुवा गाँव में एक युवक ने मवेशी घर  में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली | युवक अहमदाबाद में मजदूरी करता था और दो दिन पहले ही घर आया था | आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है | पुलिस मामले की जाँच में जुटी है |
डूंगरपुर जिले के चौरासी थाने के एएसआई दिनेश मीणा ने बताया कि वासुआ निवासी प्रताप मनात ने रिपोर्ट दी है | रिपोर्ट में बताया कि उसका 22 वर्षीय बेटा सुखदेव मनात अहमदाबाद में मजदूरी करता है | दो दिन पहले ही वह घर आया था | आज सुबह सुखदेव घर पर ही था | वह महुए बीनने के लिए घर से निकला था | वही सुखदेव की माँ रसोई में खाना बना रही थी | इस दौरान मवेशी घर में सुखदेव ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली | घटना की सुचना पर मौके पर लोगो की भीड़ जमा हो गई | वही पुलिस भी मौके पर पहुंची| पुलिस ने शव को फंदे उतरवाकर डूंगरपुर जिला अस्पताल की मोर्चरी पहुँचाया | जहा पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौप दिया है | फिलहाल आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है | पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है |
बाईट- दिनेश मीणा एएसआई चौरासी थाना डूंगरपुर
    user_Gunwant kalal
    Gunwant kalal
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    13 hrs ago
  • राजस्थान ब्रेकिंग न्यूज़ ताज भविष्यवाणी। भूतपूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की किस्मत का सितारा अब बदलने वाला है। राज्यसभा में भारतीय जनता पार्टी की प्रत्याशी बनेगी उसके बाद केंद्रीय मंत्री बनेगी। भजनलाल मंत्री मंडल में भी चार-पांच विधायक राजे के बनेंगे मंत्री। संगठन में भी काफी तवज्जो दी गई है मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के कार्यकर्ताओं को। जन्मदिन पर प्रधानमंत्री से मुलाकात करने के बाद राजें अपना स्वभाव बदला है। वह मुख्यमंत्री आवास में भी जाने लगी है। और कार्यकर्ताओं के बीच में भी जाकर उनकी समस्याओ निदान कर रही है।
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    राजस्थान ब्रेकिंग न्यूज़ ताज भविष्यवाणी। 
भूतपूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की किस्मत का सितारा अब बदलने वाला है। राज्यसभा में भारतीय जनता पार्टी की प्रत्याशी बनेगी उसके बाद केंद्रीय मंत्री बनेगी। भजनलाल मंत्री मंडल में भी चार-पांच विधायक राजे
के बनेंगे मंत्री।
संगठन में भी काफी तवज्जो दी गई है मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के कार्यकर्ताओं को। 
जन्मदिन पर प्रधानमंत्री से मुलाकात करने के बाद राजें अपना स्वभाव बदला है। वह मुख्यमंत्री आवास में भी जाने लगी है। और कार्यकर्ताओं के बीच में भी जाकर उनकी समस्याओ  निदान कर रही है।
    user_Ramesh Gandhi
    Ramesh Gandhi
    Acupuncture school डौडा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • Post by Raj Raj
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    Post by Raj Raj
    user_Raj Raj
    Raj Raj
    Voice of people Pratapgarh, Rajasthan•
    18 hrs ago
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