युवक ने मवेशी घर में फांसी लगाकर की आत्महत्या , 2 दिन पहले ही अहमदाबाद से आया था घर सीमलवाड़ा। डूंगरपुर जिले के चौरासी थाना क्षेत्र के वासुवा गाँव में एक युवक ने मवेशी घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली | युवक अहमदाबाद में मजदूरी करता था और दो दिन पहले ही घर आया था | आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है | पुलिस मामले की जाँच में जुटी है | डूंगरपुर जिले के चौरासी थाने के एएसआई दिनेश मीणा ने बताया कि वासुआ निवासी प्रताप मनात ने रिपोर्ट दी है | रिपोर्ट में बताया कि उसका 22 वर्षीय बेटा सुखदेव मनात अहमदाबाद में मजदूरी करता है | दो दिन पहले ही वह घर आया था | आज सुबह सुखदेव घर पर ही था | वह महुए बीनने के लिए घर से निकला था | वही सुखदेव की माँ रसोई में खाना बना रही थी | इस दौरान मवेशी घर में सुखदेव ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली | घटना की सुचना पर मौके पर लोगो की भीड़ जमा हो गई | वही पुलिस भी मौके पर पहुंची| पुलिस ने शव को फंदे उतरवाकर डूंगरपुर जिला अस्पताल की मोर्चरी पहुँचाया | जहा पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौप दिया है | फिलहाल आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है | पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है | बाईट- दिनेश मीणा एएसआई चौरासी थाना डूंगरपुर
युवक ने मवेशी घर में फांसी लगाकर की आत्महत्या , 2 दिन पहले ही अहमदाबाद से आया था घर सीमलवाड़ा। डूंगरपुर जिले के चौरासी थाना क्षेत्र के वासुवा गाँव में एक युवक ने मवेशी घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली | युवक अहमदाबाद में मजदूरी करता था और दो दिन पहले ही घर आया था | आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है | पुलिस मामले की जाँच में जुटी है | डूंगरपुर जिले के चौरासी थाने के एएसआई दिनेश मीणा ने बताया कि वासुआ निवासी प्रताप मनात ने रिपोर्ट दी है | रिपोर्ट में बताया कि उसका 22 वर्षीय बेटा सुखदेव मनात अहमदाबाद में मजदूरी करता है | दो दिन पहले ही वह घर
आया था | आज सुबह सुखदेव घर पर ही था | वह महुए बीनने के लिए घर से निकला था | वही सुखदेव की माँ रसोई में खाना बना रही थी | इस दौरान मवेशी घर में सुखदेव ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली | घटना की सुचना पर मौके पर लोगो की भीड़ जमा हो गई | वही पुलिस भी मौके पर पहुंची| पुलिस ने शव को फंदे उतरवाकर डूंगरपुर जिला अस्पताल की मोर्चरी पहुँचाया | जहा पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौप दिया है | फिलहाल आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है | पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है | बाईट- दिनेश मीणा एएसआई चौरासी थाना डूंगरपुर
- धंबोला। हनुमान जयंती के पावन अवसर पर धंबोला कस्बा गुरुवार को पूर्णतः भक्तिरस में सराबोर नजर आया। श्री पंचदेव मंदिर संस्थान के सान्निध्य में श्री हनुमानजी का जन्मोत्सव श्रद्धा, उल्लास और भक्ति भाव के साथ धूमधाम से मनाया गया। दिनभर चले धार्मिक आयोजनों में नगरवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 8:30 बजे मंदिर परिसर में ध्वजा परिवर्तन से हुआ, जिसे आस्था और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। इसके उपरांत संध्या 4:00 बजे सुंदरकाण्ड पाठ का आयोजन किया गया, जिसमें भक्तों ने सामूहिक रूप से हनुमानजी की स्तुति कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। सांय 6:00 बजे गाजे-बाजे के साथ श्री हनुमानजी की भव्य पालकी यात्रा नगर भ्रमण हेतु निकाली गई। यात्रा के दौरान भक्तजन डीजे की धुन पर भजन-कीर्तन करते हुए पूरे उत्साह के साथ शामिल हुए। पूरे नगर में जयकारों और भक्ति संगीत की गूंज सुनाई दी। यात्रा के समापन के पश्चात मंदिर प्रांगण में महाआरती का आयोजन हुआ तथा श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की गई। विशेष आकर्षण के रूप में एक हनुमान भक्त द्वारा 25 किलो शक्कर से निर्मित मोदक प्रसाद (बूंदी लड्डू) का भोग अर्पित किया गया, जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया। इस भव्य आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल रहा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता ने कार्यक्रम को सफल एवं यादगार बना दिया।4
- ,, हनुमान जयंती पर कोटा के लोकप्रिय एसडीम ऐ क सिंधल की अदालत में सद्भावना के दो जोड़े हिंदू मुस्लिम दंपति ने अपनी जीवन यात्रा चलाने के लिए शादी की प्रशासनिक मंजूरी ली और वह जीवन के बंधन में बंध गए। राजस्थान ब्रेकिंग न्यूज़ चैनल हेड रमेश गांधी ने सबसे पहले उन्हें बधाई दी। और उनके सफल जीवन की परमात्मा से कामना की।1
- Post by Bapulal Ahari1
- आधुनिक दौर में जहां शादियों में लग्जरी कारों और बड़ी बारातों का चलन बढ़ गया है, वहीं क्षेत्र के बिलडी गांव में एक अनोखी और परंपरागत अंदाज में बारात निकालकर लोगों का ध्यान आकर्षित किया गया। बिलडी निवासी दीपक मुनिया पुत्र पुनिया मुनिया अपनी शादी के लिए ऊंटों की सवारी पर बारात लेकर निकले तो इसे देखने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। गांव में पहली बार इतने बड़े स्तर पर ऊंटों की सवारी के साथ बारात निकाली गई, जो पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई। दीपक मुनिया अपनी दुल्हन कल्पना गरासिया पुत्री अशोक गरासिया को ब्याहने के लिए करीब एक दर्जन से अधिक ऊंटों पर सवार होकर बारात लेकर निकले। लगभग 500 से अधिक बाराती इस अनोखी बारात में शामिल हुए। बारात बिलडी गांव से रवाना होकर सात से आठ किलोमीटर की दूरी तय करते हुए गरासिया बिलडी पहुंची। रास्ते भर ग्रामीणों ने इस अनूठी बारात को देखने के लिए सड़कों के किनारे खड़े होकर स्वागत किया। दुल्हन की तरह सजे ऊंट बने आकर्षण का केंद्र— बारात में शामिल सभी ऊंटों को दुल्हन की तरह रंग-बिरंगे कपड़ों, घंटियों और आकर्षक सजावट से सजाया गया था। ऊंटों की सजी-धजी सवारी लोगों के लिए खास आकर्षण का केंद्र रही। दूल्हा और उसके परिजन भी कुछ ऊंटों पर सवार होकर बारात में शामिल हुए, जबकि कई बाराती ऊंटों के साथ चलते हुए नाचते-गाते शादी स्थल तक पहुंचे। इस अनूठे नजारे को देखने के लिए आसपास के गांवों से भी लोग पहुंच गए। परंपरा को बढ़ावा देने की पहल— दूल्हे के पिता पुनिया मुनिया पुत्र दिता मुनिया ने बताया कि इससे पहले गत वर्ष भी उनके भतीजे की शादी में ऊंटों की सवारी से बारात निकाली गई थी। इस बार अपने पुत्र दीपक की शादी में भी इसी परंपरा को आगे बढ़ाया गया है। उनका कहना है कि यदि समाज में इस प्रकार की परंपरा को बढ़ावा मिलेगा तो रेगिस्तान के इस महत्वपूर्ण पशु के पालन-पोषण को भी प्रोत्साहन मिलेगा। वाहनों की भीड़ से बेहतर परंपरागत तरीका— पुनिया मुनिया ने बताया कि आजकल एक बारात में दर्जनों कार, बोलेरो, बस और अन्य वाहनों का उपयोग होता है, जिससे खर्च भी अधिक होता है और भीड़भाड़ भी बढ़ती है। पहले जहां एक बारात में सौ से अधिक वाहन निकलते थे और लाखों रुपए खर्च हो जाते थे, वहीं ऊंटों की सवारी से कम खर्च में पारंपरिक और यादगार आयोजन किया जा सकता है। इस बारात में सात से आठ किलोमीटर तक बाराती ऊंटों के साथ नाचते-गाते चलते रहे, जिससे पूरे माहौल में उत्साह और उल्लास का अनोखा रंग देखने को मिला। दूल्हा व परिजन पहुंचे विवाह मंडप तक— दूल्हा व उसके परिजन अनीता मुनिया, अनिता गरासिया, निकीता पुत्री दामाद सुनिल बारीया, निशा पुत्री दामाद सुनिल भाई, आस्था खातु भाई, मोहन भाई, नरसिंह भाई, कानु भाई, प्रकाश, दिनेश, भुरजी भाई, कलु भाई, मातु भाई, लखमा वडखिया, लकसी, भारत वडखिया, गिरूं, सवजी, कार्तिक, प्रभु, राकेश पुत्र बहादुर वडखिया, पुनमचंद वडखिया, दुदा पुत्र जागींड, तेरसिंह सोहन, लालु, हुरमल, पंकज, रकमा, नकजी, कानसेंग पुत्र दला वयडा परिवार, सरपंच शंकरलाल, कालु, साहील, संजय जखोडीया परिवार समेत कुछ ऊंटों पर सवार होकर तो कुछ ऊंटों के साथ चलती लोरी में बैठकर विवाह मंडप तक पहुंचे।1
- *कुशलगढ़ में हनुमान जन्मोत्सव पर निकली भव्य शोभायात्रा: नगर हुआ भक्तिमय उमंग और उत्साह से माईई राम भक्त हनुमान जी की जयंती राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़: में हनुमान जन्मोत्सव का पर्व बड़े हर्षोल्लास और धूमधाम से मनाया गया। एक विशाल शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा दशामाता मंदिर से शुरू होकर बावलियां खाल हनुमान मंदिर पर समाप्त हुई।शोभायात्रा नईआबादी, पुलिस चौकी, गणपति मंदिर, नीलकंठ महादेव, गादिया गली, रतलाम रोड, गांधी चौक, नहेरूमार्ग से गुजरी। पूरे नगर में 'जय श्री राम' और 'जय हनुमान' के उद्घोष गूंज उठे। नगर के प्रमुख चौराहों और मार्गों को केसरिया ध्वजों और फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था। यात्रा में भगवान राम मनमोहक झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। स्थानीय महारुद्र व्यायामशाला कुशलगढ़ अखाड़ों के युवाओं ने अपनी लाठी-काठी और साहसिक करतबों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बैंड-बाजों की मधुर धुन पर श्रद्धालु थिरकते नजर आए और भजनों की धुन ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। जगह-जगह नगर वासियों और व्यापार मंडलों द्वारा पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया गया।व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। शोभायात्रा के मार्ग पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो। शोभायात्रा के समापन पर विशाल भंडारों का आयोजन किया गया, जहाँ श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।इस शोभायात्रा में सैकड़ों भक्तजन मौजूद थे।4
- गोगला में शोक सभा: पंजाब के राज्यपाल कटारिया ने दी श्रद्धांजलि गोगला में आयोजित शोक सभा में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया पहुंचे और दिवंगत भाजपा नेता जमनाशंकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने दिवंगत नेता की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर सम्मान प्रकट किया। इस अवसर पर उदयपुर के विधायक ताराचंद जैन सहित भाजपा के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने दिवंगत नेता के योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।1
- कुशलगढ़ जिला बांसवाड़ा राजस्थान रिपोर्टर धर्मेन्द्र कुमार सोनी की क़लम से,, (धिक्कार है इंसान, नहीं पाल सकते गौ माता व मुक बधिर पशुओं को तो गौ शाला में क्यों नहीं करते गौ माता व मुक बधिर पशुओं को दान!) एक और हमारे हिन्दू धर्म में गौ माता को राष्ट माता का दर्जा व गौ हत्या व गौ माता की रक्षा करने का दम तो सीना तानकर करते हैं वहीं वैदो पुराणों ग्रंथों में गौ माता को बड़े ही सम्मान के साथ पुजा जाता है गौ माता में 33कोटी देवी देवताओं का निवास भी होता है पुरे भारत वर्ष में गौ सेवको व गौ शालाओं की कमी नहीं है सरकार व दान दाता खुले मन से दान देते हैं ताकी हमारी गौ माता स्वच्छ व स्वास्थ्य रहें लेकिन दुर्भाग्य की बात है राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ नगर में कचरा संग्रह करने की जगह पर हमारी गौ माता प्लास्टिक तथा गंदगी खां कर अपने पेट की भुख मिटाने को विवश हे वहीं चाहे नगरपालिका हो या गौ सेवक या दानदाता,या उपखंड प्रसासन हो या राजनीतिक दलों के उंचे पदो पर बैठे जनप्रतिनिधि सब के सब जान कर क्यु अंजान बने बैठे हुएं क्यों है !हम आज कुशलगढ़ नगर पर अपनी क़लम से सभी को अवगत कराने का एक अहम् प्रयास कर रहे हैं हमने जब कुशलगढ़ में बने कचरा संग्रह की और रुख किया तो ज़हां पंचायत समिति विद्या का मंदिर भगवान भोलेनाथ यानी नागनाथ मंदिर बाबा रामदेव का मंदिर महश्री वाल्मीकि का आश्रय वहीं कुशलगढ़ से थांदला मार्ग पर उप खंड अधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक, तहसीलदार,व सार्वजनिक निर्माण विभाग का रेस्ट हाउस,व रामगढ़ बस स्टैंड भी हे ज़हां सरकार व नगरपालिका ने पुरे नगर का सुखा तथा गिला कचरा उठाकर गांव बाहर कचरे का निस्तारण करना चाहिए ताकि नगर के आसपास गंदगी ना फेले व स्वच्छ सन्देश की रेंकिंग में कुशलगढ़ का नाम रोशन हो,मगर जब सभी जिम्मेदार लोगों ने कचरा संग्रह में गौ माता व मुक बधिर पशुओं को इस तरह खुला छोड़ रखा है ताकी कुशलगढ़ के घरों का गंदा कचरा इन मुक बधिरों के मुह का निवाला बन कर, उन्हें बिमारी तथा मवैशियो की मौत का कारण बने इतना ही नहीं कचरा संग्रह केन्द्र पर फाटक तक नहीं ताकी मुक बधिर पशु गंदगी में विचरण ना करें वहीं कुशलगढ़ नगर में गौ रक्षकों की कमी नहीं लैकिन शहीद भगतसिंह बस स्टैंड पर बनी पिने के पानी की प्याऊ के समीप डाली गई कचरे की गंदगी से गौ माता अपनी भुख मिटाने को विवश क्यों है इतना ही नहीं कुशलगढ़ में हिरन नदी के किनारों पर भी नगर की गंदगी सभी जिम्मेदारों के मुंह को चिढ़ाती नजर क्यों आती है भारत के प्रधानमंत्री भी स्वच्छ भारत मीशन का संदेश व नारा दे कर अरबों रुपए खर्च कर गंदगी से निजात पाने के लिए कुबेर के खजाने से धन भी उपलब्ध कराते हैं फिर भी कुशलगढ़ में कचरा संग्रह क्यु प्रदुषण मुक्त नहीं हो रहा है क्या हम सब सिर्फ मिडीया की सुर्खियों में रहने का दिखावा क्यों करने पर तुले हुए हैं!यदी वास्तव में कुशलगढ़ नगर को स्वस्थ और स्वच्छ बनाना है तो सभी अपना अहम दायित्व समझ कर कचरा संग्रह पर फाटक व गंदगी को पशु अपना आहार ना बनाएं व हमारा कुशलगढ़ एक नई मिसाल कायम करे देखना यह होगा कि क्या कुशलगढ़ नगर में कचरा संग्रह का सही से निस्तारण कब होगा कब हमारी गौ माता, गंदगी को अपना आहार नहीं बनाएगी यह तो वक्त ही बताएगा?4
- झाड़ोल। जिला देहात कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद रघुवीर सिंह मीणा के विधानसभा झाड़ोल क्षेत्र के दौरे के दौरान पानरवा क्षेत्र में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। पानरवा बस स्टेशन पर हेमंत गरासिया के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने माला पहनाकर एवं अभिनंदन कर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर ओगणा पंचायत समिति में बिना किसी गुटबाजी के कांग्रेस का प्रधान बनाने को लेकर सभी कार्यकर्ताओं ने एकजुटता का संकल्प लिया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि संगठन की मजबूती और एकता के बल पर ही कांग्रेस को क्षेत्र में मजबूत किया जाएगा। कार्यक्रम में ओबीसी मंडल अध्यक्ष नानालाल पटेल, जिला कांग्रेस कमेटी के सचिव हेमंत कुमार गरासिया, पूर्व सरपंच पानरवा देवी लाल गरासिया, मोतीलाल मेघवाल एवं पूर्व सरपंच गेजवी भैरूलाल सागिया सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने संगठन को मजबूत करने और आगामी समय में कांग्रेस की जीत सुनिश्चित करने का संकल्प लिया।1
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