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धंबोला में गूंजा भक्तिरस: हनुमान जन्मोत्सव पर भव्य आयोजन सम्पन्न धंबोला। हनुमान जयंती के पावन अवसर पर धंबोला कस्बा गुरुवार को पूर्णतः भक्तिरस में सराबोर नजर आया। श्री पंचदेव मंदिर संस्थान के सान्निध्य में श्री हनुमानजी का जन्मोत्सव श्रद्धा, उल्लास और भक्ति भाव के साथ धूमधाम से मनाया गया। दिनभर चले धार्मिक आयोजनों में नगरवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 8:30 बजे मंदिर परिसर में ध्वजा परिवर्तन से हुआ, जिसे आस्था और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। इसके उपरांत संध्या 4:00 बजे सुंदरकाण्ड पाठ का आयोजन किया गया, जिसमें भक्तों ने सामूहिक रूप से हनुमानजी की स्तुति कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। सांय 6:00 बजे गाजे-बाजे के साथ श्री हनुमानजी की भव्य पालकी यात्रा नगर भ्रमण हेतु निकाली गई। यात्रा के दौरान भक्तजन डीजे की धुन पर भजन-कीर्तन करते हुए पूरे उत्साह के साथ शामिल हुए। पूरे नगर में जयकारों और भक्ति संगीत की गूंज सुनाई दी। यात्रा के समापन के पश्चात मंदिर प्रांगण में महाआरती का आयोजन हुआ तथा श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की गई। विशेष आकर्षण के रूप में एक हनुमान भक्त द्वारा 25 किलो शक्कर से निर्मित मोदक प्रसाद (बूंदी लड्डू) का भोग अर्पित किया गया, जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया। इस भव्य आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल रहा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता ने कार्यक्रम को सफल एवं यादगार बना दिया।

3 hrs ago
user_मुकेश कुमार आर. पंड्या
मुकेश कुमार आर. पंड्या
Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
3 hrs ago

धंबोला में गूंजा भक्तिरस: हनुमान जन्मोत्सव पर भव्य आयोजन सम्पन्न धंबोला। हनुमान जयंती के पावन अवसर पर धंबोला कस्बा गुरुवार को पूर्णतः भक्तिरस में सराबोर नजर आया। श्री पंचदेव मंदिर संस्थान के सान्निध्य में श्री हनुमानजी का जन्मोत्सव श्रद्धा, उल्लास और भक्ति भाव के साथ धूमधाम से मनाया गया। दिनभर चले धार्मिक आयोजनों में नगरवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग

लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 8:30 बजे मंदिर परिसर में ध्वजा परिवर्तन से हुआ, जिसे आस्था और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। इसके उपरांत संध्या 4:00 बजे सुंदरकाण्ड पाठ का आयोजन किया गया, जिसमें भक्तों ने सामूहिक रूप से हनुमानजी की स्तुति कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। सांय 6:00 बजे गाजे-बाजे के साथ श्री हनुमानजी

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की भव्य पालकी यात्रा नगर भ्रमण हेतु निकाली गई। यात्रा के दौरान भक्तजन डीजे की धुन पर भजन-कीर्तन करते हुए पूरे उत्साह के साथ शामिल हुए। पूरे नगर में जयकारों और भक्ति संगीत की गूंज सुनाई दी। यात्रा के समापन के पश्चात मंदिर प्रांगण में महाआरती का आयोजन हुआ तथा श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की गई। विशेष

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आकर्षण के रूप में एक हनुमान भक्त द्वारा 25 किलो शक्कर से निर्मित मोदक प्रसाद (बूंदी लड्डू) का भोग अर्पित किया गया, जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया। इस भव्य आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल रहा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता ने कार्यक्रम को सफल एवं यादगार बना दिया।

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  • धंबोला। हनुमान जयंती के पावन अवसर पर धंबोला कस्बा गुरुवार को पूर्णतः भक्तिरस में सराबोर नजर आया। श्री पंचदेव मंदिर संस्थान के सान्निध्य में श्री हनुमानजी का जन्मोत्सव श्रद्धा, उल्लास और भक्ति भाव के साथ धूमधाम से मनाया गया। दिनभर चले धार्मिक आयोजनों में नगरवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 8:30 बजे मंदिर परिसर में ध्वजा परिवर्तन से हुआ, जिसे आस्था और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। इसके उपरांत संध्या 4:00 बजे सुंदरकाण्ड पाठ का आयोजन किया गया, जिसमें भक्तों ने सामूहिक रूप से हनुमानजी की स्तुति कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। सांय 6:00 बजे गाजे-बाजे के साथ श्री हनुमानजी की भव्य पालकी यात्रा नगर भ्रमण हेतु निकाली गई। यात्रा के दौरान भक्तजन डीजे की धुन पर भजन-कीर्तन करते हुए पूरे उत्साह के साथ शामिल हुए। पूरे नगर में जयकारों और भक्ति संगीत की गूंज सुनाई दी। यात्रा के समापन के पश्चात मंदिर प्रांगण में महाआरती का आयोजन हुआ तथा श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की गई। विशेष आकर्षण के रूप में एक हनुमान भक्त द्वारा 25 किलो शक्कर से निर्मित मोदक प्रसाद (बूंदी लड्डू) का भोग अर्पित किया गया, जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया। इस भव्य आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल रहा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता ने कार्यक्रम को सफल एवं यादगार बना दिया।
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    धंबोला। हनुमान जयंती के पावन अवसर पर धंबोला कस्बा गुरुवार को पूर्णतः भक्तिरस में सराबोर नजर आया। श्री पंचदेव मंदिर संस्थान के सान्निध्य में श्री हनुमानजी का जन्मोत्सव श्रद्धा, उल्लास और भक्ति भाव के साथ धूमधाम से मनाया गया। दिनभर चले धार्मिक आयोजनों में नगरवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 8:30 बजे मंदिर परिसर में ध्वजा परिवर्तन से हुआ, जिसे आस्था और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। इसके उपरांत संध्या 4:00 बजे सुंदरकाण्ड पाठ का आयोजन किया गया, जिसमें भक्तों ने सामूहिक रूप से हनुमानजी की स्तुति कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। सांय 6:00 बजे गाजे-बाजे के साथ श्री हनुमानजी की भव्य पालकी यात्रा नगर भ्रमण हेतु निकाली गई। यात्रा के दौरान भक्तजन डीजे की धुन पर भजन-कीर्तन करते हुए पूरे उत्साह के साथ शामिल हुए। पूरे नगर में जयकारों और भक्ति संगीत की गूंज सुनाई दी। यात्रा के समापन के पश्चात मंदिर प्रांगण में महाआरती का आयोजन हुआ तथा श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की गई। विशेष आकर्षण के रूप में एक हनुमान भक्त द्वारा 25 किलो शक्कर से निर्मित मोदक प्रसाद (बूंदी लड्डू) का भोग अर्पित किया गया, जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया। इस भव्य आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल रहा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता ने कार्यक्रम को सफल एवं यादगार बना दिया।
    user_मुकेश कुमार आर. पंड्या
    मुकेश कुमार आर. पंड्या
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • सीमलवाड़ा। हनुमान जयंती के पावन अवसर पर गुरुवार को बांसिया स्थित हनुमान मंदिर में श्रद्धा और भक्ति का माहौल देखने को मिला। दिनभर विविध धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया। कार्यक्रम की शुरुआत युवा मंडली द्वारा मंदिर परिसर की साफ-सफाई से की गई। इसके पश्चात हनुमान जी की प्रतिमा का आकर्षक श्रृंगार किया गया। इससे पहले विधिवत रूप से गन्ने का रस, आम रस, दूध एवं जल से अभिषेक कर भगवान का पूजन-अर्चन किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। कल्याण धाम के महंत हरिश्चन्द्र सिंह चुंडावत के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन का आयोजन हुआ। हवन में जीवराम रावल द्वारा मंत्रोच्चार किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने आहुतियां देकर सुख-समृद्धि और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। हवन पूर्ण होने के बाद मंदिर में महाआरती का आयोजन किया गया। इसके साथ ही श्रद्धालुओं द्वारा सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया गया, जिससे पूरे मंदिर परिसर में भक्ति की गूंज सुनाई दी। अंत में प्रसादी वितरण किया गया, जिसे श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक ग्रहण किया। इस अवसर पर मंदिर पर ध्वजा भी बदली गई, जो आस्था और परंपरा का प्रतीक है। कार्यक्रम में लक्ष्मण सिंह चौहान, करण सिंह चौहान, लोकेंद्र सिंह चौहान, देवीलाल कलाल, कुंदन सिंह, गुणवंत कलाल, दिनेश कलाल, जितेंद्र दर्जी, नितिराज सिंह, नेपाल सिंह, विश्वेंद्र सिंह, भरत दर्जी, पुष्पेंद्र सिंह, दिशांत, प्रियांशु,हित कलाल, प्रिंस बंजारा, देव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। हनुमान जयंती के इस आयोजन ने पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और एकता का संदेश
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    सीमलवाड़ा। हनुमान जयंती के पावन अवसर पर गुरुवार को बांसिया स्थित हनुमान मंदिर में श्रद्धा और भक्ति का माहौल देखने को मिला। दिनभर विविध धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया।
कार्यक्रम की शुरुआत युवा मंडली द्वारा मंदिर परिसर की साफ-सफाई से की गई। इसके पश्चात हनुमान जी की प्रतिमा का आकर्षक श्रृंगार किया गया। इससे पहले विधिवत रूप से गन्ने का रस, आम रस, दूध एवं जल से अभिषेक कर भगवान का पूजन-अर्चन किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
कल्याण धाम के महंत हरिश्चन्द्र सिंह चुंडावत के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन का आयोजन हुआ। हवन में जीवराम रावल द्वारा मंत्रोच्चार किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने आहुतियां देकर सुख-समृद्धि और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की।
हवन पूर्ण होने के बाद मंदिर में महाआरती का आयोजन किया गया। इसके साथ ही श्रद्धालुओं द्वारा सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया गया, जिससे पूरे मंदिर परिसर में भक्ति की गूंज सुनाई दी। अंत में प्रसादी वितरण किया गया, जिसे श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक ग्रहण किया।
इस अवसर पर मंदिर पर ध्वजा भी बदली गई, जो आस्था और परंपरा का प्रतीक है।
कार्यक्रम में लक्ष्मण सिंह चौहान, करण सिंह चौहान, लोकेंद्र सिंह चौहान, देवीलाल कलाल, कुंदन सिंह, गुणवंत कलाल, दिनेश कलाल, जितेंद्र दर्जी, नितिराज सिंह, नेपाल सिंह, विश्वेंद्र सिंह, भरत दर्जी, पुष्पेंद्र सिंह, दिशांत, प्रियांशु,हित कलाल, प्रिंस बंजारा, देव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
हनुमान जयंती के इस आयोजन ने पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और एकता का संदेश
    user_Gunwant kalal
    Gunwant kalal
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा उपखंड के खड़गदा गांव में हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर इस बार आस्था के साथ-साथ आदिवासी संस्कृति की अनूठी छटा भी देखने को मिली। क्षेत्रपाल खड़गदा मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक वेशभूषा, लोक नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। इस विशेष आयोजन में जिला परिषद सदस्य अशोक कुमार रोत ने अपनी टीम के साथ मिलकर आदिवासी परंपराओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। अशोक कुमार रोत, जो डूंगर सारण क्षेत्र के निवासी हैं, लंबे समय से आदिवासी संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में तैयार की गई टीम विभिन्न आयोजनों में पारंपरिक रीति-रिवाज, पहनावा और लोक कला को प्रदर्शित कर नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का प्रयास कर रही है। हनुमान जन्मोत्सव के मौके पर खड़गदा में प्रस्तुत यह सांस्कृतिक झलक न केवल स्थानीय लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी, बल्कि यह संदेश भी दिया कि आधुनिकता के दौर में भी अपनी संस्कृति और परंपराओं को सहेज कर रखना कितना महत्वपूर्ण है। इस दौरान अशोक कुमार रोत से बातचीत में उन्होंने बताया कि उनका मुख्य उद्देश्य आदिवासी संस्कृति को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना और उसे जीवित बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को अपनी पहचान से जोड़ते हैं और सांस्कृतिक धरोहर को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं। कुल मिलाकर, खड़गदा में हनुमान जन्मोत्सव का यह आयोजन आस्था और संस्कृति का अद्भुत संगम बनकर उभरा, जहां धार्मिक उत्साह के साथ-साथ आदिवासी परंपराओं की जीवंत प्रस्तुति ने हर किसी को प्रभावित किया।
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    डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा उपखंड के खड़गदा गांव में हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर इस बार आस्था के साथ-साथ आदिवासी संस्कृति की अनूठी छटा भी देखने को मिली। क्षेत्रपाल खड़गदा मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक वेशभूषा, लोक नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। इस विशेष आयोजन में जिला परिषद सदस्य अशोक कुमार रोत ने अपनी टीम के साथ मिलकर आदिवासी परंपराओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।
अशोक कुमार रोत, जो डूंगर सारण क्षेत्र के निवासी हैं, लंबे समय से आदिवासी संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में तैयार की गई टीम विभिन्न आयोजनों में पारंपरिक रीति-रिवाज, पहनावा और लोक कला को प्रदर्शित कर नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का प्रयास कर रही है।
हनुमान जन्मोत्सव के मौके पर खड़गदा में प्रस्तुत यह सांस्कृतिक झलक न केवल स्थानीय लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी, बल्कि यह संदेश भी दिया कि आधुनिकता के दौर में भी अपनी संस्कृति और परंपराओं को सहेज कर रखना कितना महत्वपूर्ण है।
इस दौरान अशोक कुमार रोत से बातचीत में उन्होंने बताया कि उनका मुख्य उद्देश्य आदिवासी संस्कृति को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना और उसे जीवित बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को अपनी पहचान से जोड़ते हैं और सांस्कृतिक धरोहर को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
कुल मिलाकर, खड़गदा में हनुमान जन्मोत्सव का यह आयोजन आस्था और संस्कृति का अद्भुत संगम बनकर उभरा, जहां धार्मिक उत्साह के साथ-साथ आदिवासी परंपराओं की जीवंत प्रस्तुति ने हर किसी को प्रभावित किया।
    user_Sagwara live news
    Sagwara live news
    Local News Reporter सागवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • लखपति दीदियों को दिया  आत्मरक्षा का प्रशिक्षण एवं टेबलेट किये वितरित सागवाड़ा विधायक शंकर लाल डेचा के मुख्य आतिथ्य मे कार्यक्रम हुआ आयोजित लखपति दीदियों को टेबलेट का वितरण कार्यक्रम का आयोजन सागवाड़ा विधायक शंकर लाल डेचा के मुख्य आतिथ्य में किया गया। राजीविका महिला समूह से सागवाड़ा ब्लॉक् की 10 लखपति दीदियों को टेबलेट का वितरण सागवाड़ा विधायक शंकर लाल डेचा के द्वारा किया गया । कार्यक्रम में भोपाल सिंह, चन्दन सिंह ब्लॉक विकास अधिकारी हीराराम मौजूद रहें। इस अवसर पर राजीविका महिला समूह से जुडी सागवाड़ा ब्लॉक की लखपति दीदी व सुरक्षा सखियों के लिए ब्लॉक स्तरीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण का आयोजन जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशन में किया गया। हैड कांस्टेबल स्नेहलता एवं फ्मीनाक्षी ने महिलाओं को विभिन्न प्रकार के आत्मरक्षा कौशल व कर्तव्यों का व्यावहारिक प्रदर्शन कर प्रशिक्षण दिया। संचालन जिला प्रबंधक पकंज दवे ने किया।
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    लखपति दीदियों को दिया  आत्मरक्षा का प्रशिक्षण एवं टेबलेट किये वितरित 
सागवाड़ा विधायक शंकर लाल डेचा के मुख्य आतिथ्य मे  कार्यक्रम हुआ आयोजित
लखपति दीदियों को टेबलेट का वितरण कार्यक्रम का आयोजन  सागवाड़ा विधायक शंकर लाल डेचा के मुख्य आतिथ्य में किया गया।
राजीविका महिला समूह से सागवाड़ा ब्लॉक् की 10 लखपति दीदियों को टेबलेट का वितरण सागवाड़ा विधायक शंकर लाल डेचा के द्वारा किया गया । कार्यक्रम में भोपाल सिंह, चन्दन सिंह ब्लॉक विकास अधिकारी हीराराम मौजूद रहें।
इस अवसर पर राजीविका महिला समूह से जुडी सागवाड़ा ब्लॉक की लखपति दीदी व सुरक्षा सखियों के लिए ब्लॉक स्तरीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण का आयोजन जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार  के निर्देशन में किया गया। हैड कांस्टेबल  स्नेहलता एवं  फ्मीनाक्षी ने महिलाओं को विभिन्न प्रकार के आत्मरक्षा कौशल व कर्तव्यों का व्यावहारिक प्रदर्शन कर प्रशिक्षण दिया।
संचालन  जिला  प्रबंधक पकंज दवे  ने किया।
    user_राकेश कलाल रिपोर्टर
    राकेश कलाल रिपोर्टर
    Local News Reporter चिखली, डूंगरपुर, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • Post by Bapulal Ahari
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    Post by Bapulal Ahari
    user_Bapulal Ahari
    Bapulal Ahari
    Electrician गढ़ी, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    1 hr ago
  • एंकर इंट्रो- डूंगरपुर जिले के आसपुर थाना क्षेत्र के गोल गांव में आज एक बड़ा हादसा सामने आया है। यहाँ एक निर्माणाधीन मकान की छत भरते समय अचानक ढांचा धराशायी हो गया, जिसकी चपेट में आने से एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों को आसपुर अस्पताल में भर्ती करवाया गया । जहा से गंभीर एक को डूंगरपुर रेफर किया गया है वही 3 अन्य को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। बॉडी - मामले के के अनुसार, गोल गांव निवासी जीतू मेहता के घर के निर्माण का कार्य चल रहा था। आज जब मजदूर छत की भराई (आरसीसी) कर रहे थे, तभी अचानक छत का पूरा हिस्सा नीचे गिर गया। मलबे के नीचे दबने से वहां काम कर रहे मजदूरों में चीख-पुकार मच गई। शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला। हादसे में सुरजमल निवासी सडा , कंकू निवासी दोलपुरा, कालु निवासी सडा, दिनेश निवासी सडा घायल हो गए वही शेरपुर निवासी लक्ष्मण मीणा की मौत हो गई। ग्रामीणों और परिजनों ने घायलों को तुरंत आसपुर अस्पताल पहुँचाया गया। जहा से गंभीर एक मजदूर को रेफर किया गया। वही 3 घायलों का प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है।वहीं, मृतक के शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। हादसे की सूचना मिलते ही अस्पताल परिसर में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। घटना की सूचना मिलते ही आसपुर थाना पुलिस अस्पताल पहुँची और मामले की जानकारी ली। पुलिस ने मृतक के शव को मोर्चरी में शिफ्ट कराया है | फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है | बाइट - पुष्पराज सिंह खरोडीया नर्सिंग ऑफिसर
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    एंकर इंट्रो- डूंगरपुर जिले के आसपुर थाना क्षेत्र के गोल गांव में आज एक बड़ा हादसा सामने आया है। यहाँ एक निर्माणाधीन मकान की छत भरते समय अचानक ढांचा धराशायी हो गया, जिसकी चपेट में आने से एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों को आसपुर अस्पताल में भर्ती करवाया गया । जहा से गंभीर एक को डूंगरपुर रेफर किया गया है वही 3 अन्य को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। 
बॉडी - मामले के  के अनुसार, गोल गांव निवासी जीतू मेहता के घर के निर्माण का कार्य चल रहा था। आज जब मजदूर छत की भराई (आरसीसी) कर रहे थे, तभी अचानक छत का पूरा हिस्सा नीचे गिर गया। मलबे के नीचे दबने से वहां काम कर रहे मजदूरों में चीख-पुकार मच गई। शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला। 
हादसे में सुरजमल निवासी सडा , कंकू निवासी दोलपुरा, कालु निवासी सडा, दिनेश निवासी सडा घायल हो गए वही शेरपुर निवासी लक्ष्मण मीणा की मौत हो गई। ग्रामीणों और परिजनों ने घायलों को तुरंत आसपुर अस्पताल पहुँचाया गया। जहा से गंभीर एक मजदूर को रेफर किया गया। वही 3 घायलों का प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है।वहीं, मृतक के शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। हादसे की सूचना मिलते ही अस्पताल परिसर में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। घटना की सूचना मिलते ही आसपुर थाना पुलिस अस्पताल पहुँची और मामले की जानकारी ली। पुलिस ने मृतक के शव को मोर्चरी में शिफ्ट कराया है | फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है |
बाइट - पुष्पराज सिंह खरोडीया नर्सिंग ऑफिसर
    user_Pravin Kothari
    Pravin Kothari
    पत्रकार आसपुर-विधानसभा आसपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    12 hrs ago
  • mango ke liye sampark kare hamare khud ki kheti h to aap yha se aake le ja sakte h yar hum aapki location par delivery bhi karenge
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    mango ke liye sampark kare hamare khud ki kheti h to aap yha se aake le ja sakte h yar hum aapki location par delivery bhi karenge
    user_Pradeep Kumar
    Pradeep Kumar
    Security Guard नयागांव, उदयपुर, राजस्थान•
    13 hrs ago
  • सीमलवाड़ा। दर्जी समाज द्वारा प्रतिवर्ष मनाई जाने वाली संत पीपाजी महाराज की जयंती इस वर्ष भी पूरे श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर समाज के तत्वावधान में विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में समाजजन एवं श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के तहत भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया, जो हनुमान जी मंदिर से प्रारंभ होकर विश्वनाथ महादेव मंदिर तक निकाली गई। शोभायात्रा में महिलाएं, पुरुष, युवा और बच्चे पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। भजन-कीर्तन, ढोल-नगाड़ों और धार्मिक धुनों के साथ निकली इस यात्रा में श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ नृत्य करते नजर आए। विशेष रूप से महिलाओं की सहभागिता और उत्साह आकर्षण का केंद्र रहा। शोभायात्रा के दौरान पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं द्वारा संत पीपाजी महाराज के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। कई स्थानों पर पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया गया। समाज के युवाओं ने व्यवस्था संभालते हुए अनुशासन बनाए रखा, जिससे आयोजन सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ। शोभायात्रा के समापन पर विश्वनाथ महादेव मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए, जहां विधिवत पूर्णाहुति दी गई। इसके बाद महाप्रसाद का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर प्रसाद ग्रहण किया। समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि संत पीपाजी जयंती केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। संत पीपाजी महाराज ने अपने जीवन से त्याग, भक्ति और आत्मनिर्भरता का जो संदेश दिया, वह आज भी समाज को दिशा प्रदान कर रहा है। उन्होंने बताया कि संत पीपाजी का जन्म 14वीं शताब्दी में हुआ था और वे प्रारंभ में एक पराक्रमी क्षत्रिय शासक थे। युद्धों में हो रही हिंसा और जन-हानि से व्यथित होकर उन्होंने राजपाट का त्याग कर आध्यात्मिक मार्ग को अपनाया। स्वामी रामानंद से दीक्षा प्राप्त कर उन्होंने भक्ति मार्ग का अनुसरण किया और समाज को परिश्रम, सादगी एवं स्वावलंबन का संदेश दिया। संत पीपाजी की प्रेरणा से समाज के लोगों ने सिलाई कार्य को अपनाया, जिससे दर्जी समाज को एक नई पहचान मिली। आज भी समाज उनके बताए मार्ग पर चलते हुए मेहनत, कौशल और स्वाभिमान के मूल्यों को आगे बढ़ा रहा है। इस अवसर पर समाज के वरिष्ठजन, युवा कार्यकर्ता एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। आयोजन ने सामाजिक एकता, सांस्कृतिक परंपरा और धार्मिक आस्था को मजबूती देने का कार्य किया।
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    सीमलवाड़ा। दर्जी समाज द्वारा प्रतिवर्ष मनाई जाने वाली संत पीपाजी महाराज की जयंती इस वर्ष भी पूरे श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर समाज के तत्वावधान में विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में समाजजन एवं श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम के तहत भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया, जो हनुमान जी मंदिर से प्रारंभ होकर विश्वनाथ महादेव मंदिर तक निकाली गई। शोभायात्रा में महिलाएं, पुरुष, युवा और बच्चे पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। भजन-कीर्तन, ढोल-नगाड़ों और धार्मिक धुनों के साथ निकली इस यात्रा में श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ नृत्य करते नजर आए। विशेष रूप से महिलाओं की सहभागिता और उत्साह आकर्षण का केंद्र रहा।
शोभायात्रा के दौरान पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं द्वारा संत पीपाजी महाराज के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। कई स्थानों पर पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया गया। समाज के युवाओं ने व्यवस्था संभालते हुए अनुशासन बनाए रखा, जिससे आयोजन सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ।
शोभायात्रा के समापन पर विश्वनाथ महादेव मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए, जहां विधिवत पूर्णाहुति दी गई। इसके बाद महाप्रसाद का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर प्रसाद ग्रहण किया।
समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि संत पीपाजी जयंती केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। संत पीपाजी महाराज ने अपने जीवन से त्याग, भक्ति और आत्मनिर्भरता का जो संदेश दिया, वह आज भी समाज को दिशा प्रदान कर रहा है।
उन्होंने बताया कि संत पीपाजी का जन्म 14वीं शताब्दी में हुआ था और वे प्रारंभ में एक पराक्रमी क्षत्रिय शासक थे। युद्धों में हो रही हिंसा और जन-हानि से व्यथित होकर उन्होंने राजपाट का त्याग कर आध्यात्मिक मार्ग को अपनाया। स्वामी रामानंद से दीक्षा प्राप्त कर उन्होंने भक्ति मार्ग का अनुसरण किया और समाज को परिश्रम, सादगी एवं स्वावलंबन का संदेश दिया।
संत पीपाजी की प्रेरणा से समाज के लोगों ने सिलाई कार्य को अपनाया, जिससे दर्जी समाज को एक नई पहचान मिली। आज भी समाज उनके बताए मार्ग पर चलते हुए मेहनत, कौशल और स्वाभिमान के मूल्यों को आगे बढ़ा रहा है।
इस अवसर पर समाज के वरिष्ठजन, युवा कार्यकर्ता एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। आयोजन ने सामाजिक एकता, सांस्कृतिक परंपरा और धार्मिक आस्था को मजबूती देने का कार्य किया।
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    Gunwant kalal
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    6 hrs ago
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