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भीलवाड़ा जिले के बिजयनगर-शाहपुरा मार्ग पर कोठियां के पास मालीखेड़ा चौराहे के निकट सीमेंट से भरा एक ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। इस हादसे में ट्रक चालक को मामूली चोटें आईं, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह ट्रक शाहपुरा की ओर जा रहा था जब मालीखेड़ा चौराहे के पास चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा और ट्रक सड़क किनारे पलट गया। दुर्घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और स्थानीय लोगों ने तुरंत चालक को सुरक्षित बाहर निकाला। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और यातायात व्यवस्था संभाली। चालक को लगी हल्की चोटों का प्राथमिक उपचार किया गया, जिसके बाद उसे राहत मिली। इस दुर्घटना के कारण कुछ समय के लिए मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा, जिसे बाद में सामान्य कर दिया गया।
राजकुमार गोयल
भीलवाड़ा जिले के बिजयनगर-शाहपुरा मार्ग पर कोठियां के पास मालीखेड़ा चौराहे के निकट सीमेंट से भरा एक ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। इस हादसे में ट्रक चालक को मामूली चोटें आईं, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह ट्रक शाहपुरा की ओर जा रहा था जब मालीखेड़ा चौराहे के पास चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा और ट्रक सड़क किनारे पलट गया। दुर्घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और स्थानीय लोगों ने तुरंत चालक को सुरक्षित बाहर निकाला। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और यातायात व्यवस्था संभाली। चालक को लगी हल्की चोटों का प्राथमिक उपचार किया गया, जिसके बाद उसे राहत मिली। इस दुर्घटना के कारण कुछ समय के लिए मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा, जिसे बाद में सामान्य कर दिया गया।
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- भीलवाड़ा एसीबी ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए पटवारी लोकेश जोशी को ₹1000 की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है।1
- भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की भीलवाड़ा-प्रथम इकाई ने करेडा तहसील के पटवार हल्का चिलेश्वर के पटवारी लोकेश जोशी को ₹1000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी पटवारी पर फौतगी नामांतरण खोलने के लिए कुल ₹8000 की रिश्वत मांगने का आरोप है, जिसमें से ₹5000 पहले ही परिवादी से लिए जा चुके थे। शिकायत के सत्यापन के बाद, एसीबी ने शनिवार को एक ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया और पटवारी लोकेश जोशी को ₹1000 लेते हुए पकड़ लिया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच जारी है।1
- नीट (NEET) परीक्षा में हुई भारी धांधली और पेपर लीक के विरोध में आज भीलवाड़ा देहात जिला कांग्रेस कमेटी ने चित्तौड़गढ़ रोड (NH-79) स्थित होटल रेडियंस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। इस दौरान जिला अध्यक्ष रामलाल जाट ने केंद्र सरकार की नीतियों और परीक्षा प्रणाली पर तीखे सवाल उठाते हुए कहा कि इस धांधली ने देश के लाखों युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया है। कांग्रेस पार्टी छात्रों और उनके अभिभावकों के साथ खड़ी है और भ्रष्टाचार के खिलाफ सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ेगी। प्रेस वार्ता में जिला अध्यक्ष रामलाल जाट के साथ पूर्व नगर परिषद चेयरमैन एवं भीलवाड़ा विधानसभा प्रत्याशी ओम प्रकाश नरानीवाल, पूर्व जिला परिषद सदस्य प्रद्युमन सिंह, राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव शंकर लाल गाडरी और महेश सोनी सहित कई वरिष्ठ कांग्रेसजन और पदाधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि नीट परीक्षा में हुई धांधली और पेपर लीक ने देश के ईमानदार व मेहनती छात्रों के भविष्य को अंधकार में धकेल दिया है। आगामी आंदोलन की रूपरेखा साझा करते हुए जिला अध्यक्ष ने बताया कि जिला कांग्रेस कमेटी भीलवाड़ा (देहात) के नेतृत्व में कल, 27 जून 2026 को शाम 6:00 बजे भीलवाड़ा रेलवे स्टेशन के सामने अंबेडकर सर्कल पर 'एक शाम छात्रों की गूंज' नामक एक खुला संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में युवा, छात्र और अभिभावक नीट परीक्षा में हुई धांधली, भ्रष्टाचार और पेपर लीक के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेंगे। जिला कांग्रेस कमेटी भीलवाड़ा देहात ने जिले के समस्त नागरिकों, सजग युवाओं, पीड़ित छात्रों और उनके अभिभावकों से अपील की है कि वे इस संवाद कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में पधारकर युवाओं के हक की इस आवाज को मजबूत करें।1
- वार्ड नंबर 9 में इस समय भारी गंदगी फैली हुई है। इसी के साथ, वहाँ नाली निर्माण का कार्य भी जारी है।1
- चित्तौड़गढ़ में भाजपा शासन के 12 वर्ष पूरे होने पर सांसद सीपी जोशी ने एक प्रेसवार्ता आयोजित कर केंद्र सरकार की उपलब्धियों, विकास कार्यों और योजनाओं का ब्यौरा प्रस्तुत किया। भाजपा इन वर्षों को विकास, सुशासन और राष्ट्र निर्माण का कालखंड बता रही है। हालांकि, इसी समय चित्तौड़गढ़ जिले में आमजन के जीवन, किसानों की जमीन, पर्यावरण, जल स्रोतों, रोजगार और भविष्य की पीढ़ियों से जुड़े कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जो अब जिले की राजनीति का प्रमुख विमर्श बन गए हैं। इस विरोधाभास के केंद्र में यह प्रश्न है कि विकास का मॉडल कैसा हो – क्या यह केवल उद्योगों और परियोजनाओं की संख्या से मापा जाएगा या जनता की सुरक्षित जिंदगी, स्वच्छ हवा, पानी और रोजगार से भी। बड़ीसादड़ी क्षेत्र में जेरोफिक्स अपशिष्ट को लेकर उपजा विवाद अब केवल गंदगी हटाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह प्रशासनिक निगरानी, पर्यावरण सुरक्षा और जिम्मेदारी तय करने का मुद्दा बन चुका है। ग्रामीणों और संघर्ष समिति का आरोप है कि बड़े पैमाने पर अपशिष्ट डाले जाने से जनस्वास्थ्य को खतरा है और वे इस मामले की पारदर्शी जांच तथा भविष्य में ऐसी स्थिति को रोकने के लिए व्यवस्था की मांग कर रहे हैं, क्योंकि यह मामला अब जनता के विश्वास की परीक्षा बन चुका है। इसी तरह, चंदेरिया में हिन्दुस्तान जिंक के फर्टिलाइजर प्लांट और बेगूं, निंबाहेड़ा सहित अन्य क्षेत्रों में खनन परियोजनाओं को लेकर भी विकास और पर्यावरण के बीच बहस तेज है। जहां परियोजना समर्थक निवेश, रोजगार और आर्थिक मजबूती का तर्क देते हैं, वहीं ग्रामीण और पर्यावरण से जुड़े लोग जल, हवा, मिट्टी और स्थानीय स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों के अध्ययन की मांग करते हैं। जनता का सवाल है कि क्या कागजों पर पर्यावरणीय सुरक्षा पर्याप्त है या इसका असर जमीन पर भी दिखेगा, क्योंकि हवा और पानी रिपोर्टों में नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगी में महसूस होते हैं। ग्रामीणों का मानना है कि उद्योग जरूरी हैं, लेकिन विकास ऐसा होना चाहिए जिसमें आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधन सुरक्षित रहें। चित्तौड़गढ़ के अफीम किसान वर्षों से लाइसेंस व्यवस्था, उत्पादन नीति, लागत, मौसम की मार और गुणवत्ता मानकों से जुड़ी समस्याओं का स्थायी समाधान चाहते हैं, विशेषकर जब सरकार किसान सम्मान और कृषि विकास की बात करती है। उनकी चिंता केवल फसल तक सीमित नहीं, बल्कि परिवार, भविष्य और आर्थिक सुरक्षा से जुड़ी है। वहीं, जिले में उद्योग और बड़े प्रोजेक्ट होने के बावजूद स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता न मिलने का सवाल उठ रहा है। ग्रामीण युवा कौशल विकास और स्थायी रोजगार के ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं ताकि विकास केवल जमीन लेने तक सीमित न रहे, बल्कि स्थानीय समाज को उसका हिस्सा भी मिले। इसके अतिरिक्त, विश्व धरोहर चित्तौड़गढ़ दुर्ग पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को जहां विरासत संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण माना गया, वहीं यह सवाल भी उठा कि वर्षों तक अतिक्रमण होने पर निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी रही, और अब जनता केवल कार्रवाई तक सीमित न रहकर स्थायी व्यवस्था चाहती है। इन 12 सालों की उपलब्धियों के दावों के बीच, चित्तौड़गढ़ में उठ रहे ये जनमुद्दे संकेत देते हैं कि जनता अब केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि ठोस परिणाम चाहती है। जनता सवाल कर रही है कि क्या किसान मजबूत हुए, क्या अफीम किसान सुरक्षित हैं, युवाओं को पर्याप्त रोजगार मिला और उद्योगों के साथ पर्यावरण सुरक्षित रहेगा? चित्तौड़गढ़ आज ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहां औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार की संभावनाओं के साथ-साथ पर्यावरण, किसान और स्थानीय समुदाय के अधिकारों की चुनौती है। लोकतंत्र में सरकारों की सफलता केवल परियोजनाओं की संख्या से नहीं बल्कि जनता के विश्वास से तय होती है। विकास आवश्यक है, लेकिन ऐसा विकास जो इंसान, प्रकृति और भविष्य तीनों को साथ लेकर चले। आने वाले समय में जिले की सियासत इसी मूल प्रश्न से तय होगी: 'विकास किसका, कीमत किसकी और लाभ किस तक?'।1
- श्री सांवलियाजी मंदिर के भीतर एक गेट खोला जाएगा। हालांकि, यह सवाल उठाया जा रहा है कि रथयात्रा मार्ग और डेयरी गेट सहित मंदिर के बाहर के गेट पहले की तरह कब खुलेंगे।1
- भीलवाड़ा के शाहपुरा में जिला प्रशासन और सामाजिक न्याय विभाग द्वारा चलाए जा रहे नशा मुक्ति अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भारत विकास परिषद और नई मुस्कान सेवा संस्थान नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र ने मिलकर आयोजित किया था। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य लाभ ले रहे सभी प्रतिभागियों को नशा मुक्त रहने की शपथ दिलाना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रेरित करना था। भारत विकास परिषद के वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए समाज में फैल रही नशे की बीमारी से निपटने के लिए सभी को प्रोत्साहित किया। मुख्य अतिथि रामप्रसाद पारीक ने उपस्थित सभी लोगों को नशा मुक्त रहने का संकल्प दिलवाया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता ईश्वर लाल मीणा ने की, जबकि धारा सिंह मीणा मुख्य वक्ता रहे। कार्यक्रम में पवन कुमार बांगड़, जय देव जोशी, कमलेश कुमार मुंडोतिया, थानमल परिहार, संस्थान के डिप्टी डायरेक्टर बुद्धि प्रकाश पहाड़िया, सेंटर इंचार्ज किशोर सेन, स्टाफ मेंबर महेश कोली, दिलकुश मीणा और लव कुमार बेरवा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन पवन कुमार बांगड़ ने किया, और संस्थान के डिप्टी डायरेक्टर बुद्धि प्रकाश पहाड़िया ने आभार व्यक्त किया।4
- भीलवाड़ा जिले के बिजयनगर-शाहपुरा मार्ग पर कोठियां के पास मालीखेड़ा चौराहे के निकट सीमेंट से भरा एक ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। इस हादसे में ट्रक चालक को मामूली चोटें आईं, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह ट्रक शाहपुरा की ओर जा रहा था जब मालीखेड़ा चौराहे के पास चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा और ट्रक सड़क किनारे पलट गया। दुर्घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और स्थानीय लोगों ने तुरंत चालक को सुरक्षित बाहर निकाला। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और यातायात व्यवस्था संभाली। चालक को लगी हल्की चोटों का प्राथमिक उपचार किया गया, जिसके बाद उसे राहत मिली। इस दुर्घटना के कारण कुछ समय के लिए मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा, जिसे बाद में सामान्य कर दिया गया।3