आगरा की दीवानी कचहरी में बम की सूचना से हड़कंप, पुलिस ने खाली कराया पूरा परिसर क्राइम रिपोर्टर- सचिन सिंह | आगरा आगरा:आगरा के दीवानी न्यायालय परिसर में मंगलवार दोपहर 12:45 बजे दीवानी परिसर में बम होने की सूचना से हडकंप मच गया। सूचना पर पुलिस और स्पेशल फोर्स ने तत्काल पूरा परिसर खाली करा दिया। एसएसएफ (सचिवालय सुरक्षा बल) हरकत में आई। पुलिस और सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन चलाया इसके बाद पुलिस और एसएसएफ ने चप्पे चप्पे पर सर्च अभियान चलााया गया। एसीपी हरिपर्वत अक्षय महादिक ने बताया कि एडीजे पुष्कर उपाध्याय के पास ईमेल आया था। इसके बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी सक्रिय हो गये। पुलिस ने तत्काल मौके पर बम स्क्वॉयड और डॉग स्क्वॉयड को बुलाया। पुलिस अधिकारियों ने लोगाें को सुरक्षित बाहर निकाल पुलिस अधिकारी बम निरोधक दस्ते को लेकर दीवानी परिसर में पहुंच गए। उन्होंने वहां मौजूद लोगों को बाहर निकालने के साथ ही चेकिंग की, अभी तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। मेल किस आईपी एड्रेस से किया गया है, सर्विलांस टीम द्वारा जांच की जा रही है। एक्शन में डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ता सूचना मिलते ही आगरा पुलिस का आला अमला भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गया। दीवानी परिसर की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले विशेष सुरक्षा बल के जवानों ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया। सबसे पहले न्यायालय परिसर के सभी प्रवेश और निकास द्वारों को बंद कर दिया गया ताकि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति अंदर प्रवेश न कर सके। इसके बाद, परिसर के अंदर मौजूद सभी वादकारियों (मुकदमे के सिलसिले में आए लोगों) को सुरक्षित बाहर निकाला गया। बम की वास्तविक मौजूदगी की पुष्टि करने और उसे निष्क्रिय करने के लिए बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड की विशेष टीमों को मौके पर बुलाया गया है। ये टीमें न्यायालय के मुख्य भवनों, इजलास, रिकॉर्ड रूम, पार्किंग एरिया और अधिवक्ताओं के चैंबरों की सघन जांच कर रही हैं। सुरक्षाकर्मियों द्वारा मेटल डिटेक्टर और अन्य आधुनिक उपकरणों की मदद से चप्पे-चप्पे को खंगाला जा रहा है। डस्टबिन, लावारिस वाहनों और सीढ़ियों के नीचे के कोनों की भी बारीकी से चेकिंग की जा रही है। साइबर सेल अलर्ट पर आईपी एड्रेस की हो रही ट्रैकिंग जहां एक तरफ ग्राउंड पर बम की तलाश जारी है, वहीं दूसरी तरफ पुलिस की साइबर सेल भी पूरी तरह से एक्टिव हो गई है। जिस ईमेल आईडी से यह धमकी भरा मैसेज एडीजे-1 और दीवानी कोर्ट प्रशासन को भेजा गया है, उसकी तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है। साइबर एक्सपर्ट्स उस ईमेल का आईपी एड्रेस ट्रेस करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि सेंडर (भेजने वाले) की असली लोकेशन का पता लगाया जा सके। अक्सर देखा गया है कि ऐसे मामलों में अपराधी वीपीएन या डार्क वेब का इस्तेमाल करके अपनी असली पहचान छिपाने की कोशिश करते हैं। लेकिन पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस मामले की तह तक जाएंगे। अगर यह सूचना महज़ एक अफवाह भी निकलती है, तब भी अफवाह फैलाने वाले शख्स के खिलाफ बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। भारतीय दंड संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की संगीन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा, ताकि भविष्य में कोई भी न्यायिक संस्थाओं को इस तरह धमकाने की हिम्मत न कर सके। न्यायिक कामकाज पूरी तरह ठप, वादकारी परेशान इस बम की धमकी का सीधा असर शहर की कानून व्यवस्था और न्यायिक कामकाज पर पड़ा है। दीवानी परिसर खाली कराए जाने की वजह से आज होने वाली सभी महत्वपूर्ण सुनवाइयां, गवाहियां और जमानत अर्जियों पर होने वाली बहसें टल गई हैं। दूर-दराज के गांवों से न्याय की आस में कोर्ट पहुंचे गरीब वादकारियों को निराश होकर बिना तारीख लिए ही वापस लौटना पड़ रहा है। कोर्ट के बाहर एमजी रोड और भगवान टॉकीज की तरफ जाने वाले रास्तों पर भारी भीड़ जमा हो गई है, जिसकी वजह से पुलिस को ट्रैफिक डायवर्ट करना पड़ा है। फिलहाल आगरा पुलिस का सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है। जब तक बम निरोधक दस्ता पूरे परिसर को ‘क्लीन चिट नहीं दे देता, तब तक किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं होगी। आम जनता से अपील है कि वे कोर्ट परिसर की तरफ जाने से बचें और सोशल मीडिया (WhatsApp/Facebook) पर बिना पुष्टि किए कोई भी भ्रामक जानकारी शेयर न करें।
आगरा की दीवानी कचहरी में बम की सूचना से हड़कंप, पुलिस ने खाली कराया पूरा परिसर क्राइम रिपोर्टर- सचिन सिंह | आगरा आगरा:आगरा के दीवानी न्यायालय परिसर में मंगलवार दोपहर 12:45 बजे दीवानी परिसर में बम होने की सूचना से हडकंप मच गया। सूचना पर पुलिस और स्पेशल फोर्स ने तत्काल पूरा परिसर खाली करा दिया। एसएसएफ (सचिवालय सुरक्षा बल) हरकत में आई। पुलिस और सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन चलाया इसके बाद पुलिस और एसएसएफ ने चप्पे चप्पे पर सर्च अभियान चलााया गया। एसीपी हरिपर्वत अक्षय महादिक ने बताया कि एडीजे पुष्कर उपाध्याय के पास ईमेल आया था। इसके बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी सक्रिय हो गये। पुलिस ने तत्काल मौके पर बम स्क्वॉयड और डॉग स्क्वॉयड को बुलाया। पुलिस अधिकारियों ने लोगाें को सुरक्षित बाहर निकाल पुलिस अधिकारी बम निरोधक दस्ते को लेकर दीवानी परिसर में पहुंच गए। उन्होंने वहां मौजूद लोगों को बाहर निकालने के साथ ही चेकिंग की, अभी तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। मेल किस आईपी एड्रेस से किया गया है, सर्विलांस टीम द्वारा जांच की जा रही है। एक्शन में डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ता सूचना मिलते ही आगरा पुलिस का आला अमला भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गया। दीवानी परिसर की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले विशेष सुरक्षा बल के जवानों ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया। सबसे पहले न्यायालय परिसर के सभी प्रवेश और निकास द्वारों को बंद कर दिया गया ताकि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति अंदर प्रवेश न कर सके। इसके बाद, परिसर के अंदर मौजूद सभी वादकारियों (मुकदमे के सिलसिले में आए लोगों) को सुरक्षित बाहर निकाला गया। बम की वास्तविक मौजूदगी की पुष्टि करने और उसे निष्क्रिय करने के लिए बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड की विशेष टीमों को मौके पर बुलाया गया है। ये टीमें न्यायालय के मुख्य भवनों, इजलास, रिकॉर्ड रूम, पार्किंग एरिया और अधिवक्ताओं के चैंबरों की सघन जांच कर रही हैं। सुरक्षाकर्मियों द्वारा मेटल डिटेक्टर और अन्य आधुनिक उपकरणों की मदद से चप्पे-चप्पे को खंगाला जा रहा है। डस्टबिन, लावारिस वाहनों और सीढ़ियों के नीचे के कोनों की भी बारीकी से चेकिंग की जा रही है। साइबर सेल अलर्ट पर आईपी एड्रेस की हो रही ट्रैकिंग जहां एक तरफ ग्राउंड पर बम की तलाश जारी है, वहीं दूसरी तरफ पुलिस की साइबर सेल भी पूरी तरह से एक्टिव हो गई है। जिस ईमेल आईडी से यह धमकी भरा मैसेज एडीजे-1 और दीवानी कोर्ट प्रशासन को भेजा गया है, उसकी तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है। साइबर एक्सपर्ट्स उस ईमेल का आईपी एड्रेस ट्रेस करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि सेंडर (भेजने वाले) की असली लोकेशन का पता लगाया जा सके। अक्सर देखा गया है कि ऐसे मामलों में अपराधी वीपीएन या डार्क वेब का इस्तेमाल करके अपनी असली पहचान छिपाने की कोशिश करते हैं। लेकिन पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस मामले की तह तक जाएंगे। अगर यह सूचना महज़ एक अफवाह भी निकलती है, तब भी अफवाह फैलाने वाले शख्स के खिलाफ बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। भारतीय दंड संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की संगीन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा, ताकि भविष्य में कोई भी न्यायिक संस्थाओं को इस तरह धमकाने की हिम्मत न कर सके। न्यायिक कामकाज पूरी तरह ठप, वादकारी परेशान इस बम की धमकी का सीधा असर शहर की कानून व्यवस्था और न्यायिक कामकाज पर पड़ा है। दीवानी परिसर खाली कराए जाने की वजह से आज होने वाली सभी महत्वपूर्ण सुनवाइयां, गवाहियां और जमानत अर्जियों पर होने वाली बहसें टल गई हैं। दूर-दराज के गांवों से न्याय की आस में कोर्ट पहुंचे गरीब वादकारियों को निराश होकर बिना तारीख लिए ही वापस लौटना पड़ रहा है। कोर्ट के बाहर एमजी रोड और भगवान टॉकीज की तरफ जाने वाले रास्तों पर भारी भीड़ जमा हो गई है, जिसकी वजह से पुलिस को ट्रैफिक डायवर्ट करना पड़ा है। फिलहाल आगरा पुलिस का सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है। जब तक बम निरोधक दस्ता पूरे परिसर को ‘क्लीन चिट नहीं दे देता, तब तक किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं होगी। आम जनता से अपील है कि वे कोर्ट परिसर की तरफ जाने से बचें और सोशल मीडिया (WhatsApp/Facebook) पर बिना पुष्टि किए कोई भी भ्रामक जानकारी शेयर न करें।
- आनंद विहार1
- Post by Mohdsaeed Saeed1
- Post by Sachin Singh Crime Reporter Agra1
- Post by Serajuddinkhan1
- आगरा देवी रोड कोटली बगीची सागर हॉस्पिटल स्टाफ की लापरवाही से एक महिला की दर्दनाक मौत महिला ने व्यक्तिगत तरीके से हॉस्पिटल की जानकारी #public9tv #highlight कमेंट में जवाब दिए ऐसे हॉस्पिटल का कार्रवाई होनी चाहिए या नहीं1
- Post by Sumer Sumer2
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