राजस्थान के टोंक जिले के उनियारा में 'अखिल राजस्थान आशा सहयोगिनी संगठन' के बैनर तले आशा सहयोगिनियों ने अपनी मांगों को लेकर हल्ला बोल दिया है। इन कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के नाम उनियारा के उपखण्ड अधिकारी (SDM) को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें लंबे समय से लंबित अपनी विभिन्न मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की गुहार लगाई गई है। संगठन की प्रतिनिधियों का कहना है कि वे राज्य सरकार द्वारा सौंपे गए सभी स्वास्थ्य और जनकल्याणकारी कार्यों को पूरी ईमानदारी और निष्ठा से समय पर पूरा करती हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें उनकी मेहनत के अनुसार उचित मानदेय और सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। सौंपे गए ज्ञापन में आशा सहयोगिनियों ने कई मुख्य मांगें रखी हैं। उनकी सबसे प्रमुख मांग है कि उन्हें 'राजस्थान संविदा रूल्स 2022' के तहत शामिल कर ₹26,000 मासिक फिक्स वेतन दिया जाए। इसके अलावा, प्रोत्साहन राशि (इंसेंटिव) को दोगुना करने, PCTS का पैसा टुकड़ों के बजाय एकमुश्त देने और उनका 5 लाख रुपये का जीवन बीमा कराने की मांग की गई है। वे ANM भर्ती में आशा सहयोगिनियों को 50% आरक्षण देने और योग्यता के आधार पर पदोन्नति की व्यवस्था करने की भी मांग कर रही हैं। इसके साथ ही, कार्यकर्ताओं ने अपना पदनाम बदलकर 'चिकित्सा स्वास्थ्य कर्मी' करने और स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त अन्य किसी कार्य के लिए अलग से भुगतान करने की मांग उठाई है। सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपये की राशि और ₹5,000 प्रति माह पेंशन देने की व्यवस्था करने की भी अपील की गई है। ज्ञापन में ऑनलाइन उपस्थिति का दबाव हटाने, ई-हब व प्रशिक्षण केंद्र स्तर पर ही सुविधाएं देने और फील्ड वर्क के दौरान बैठने व कार्य करने के लिए उचित व्यवस्था करने की मांग शामिल है। आशा सहयोगिनियों ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि यदि सरकार उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक विचार नहीं करती है, तो संगठन आगामी कदम उठाने पर मजबूर होगा।
राजस्थान के टोंक जिले के उनियारा में 'अखिल राजस्थान आशा सहयोगिनी संगठन' के बैनर तले आशा सहयोगिनियों ने अपनी मांगों को लेकर हल्ला बोल दिया है। इन कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के नाम उनियारा के उपखण्ड अधिकारी (SDM) को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें लंबे समय से लंबित अपनी विभिन्न मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की गुहार लगाई गई है। संगठन की प्रतिनिधियों का कहना है कि वे राज्य सरकार द्वारा सौंपे गए सभी स्वास्थ्य और जनकल्याणकारी कार्यों को पूरी ईमानदारी और निष्ठा से समय पर पूरा करती हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें उनकी मेहनत के अनुसार उचित मानदेय और सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। सौंपे गए ज्ञापन में आशा सहयोगिनियों ने कई मुख्य मांगें रखी हैं। उनकी सबसे प्रमुख मांग है कि उन्हें 'राजस्थान संविदा रूल्स 2022' के तहत शामिल कर ₹26,000 मासिक फिक्स वेतन दिया जाए। इसके अलावा, प्रोत्साहन राशि (इंसेंटिव) को दोगुना करने, PCTS का पैसा टुकड़ों के बजाय एकमुश्त देने और उनका 5 लाख रुपये का जीवन बीमा कराने की मांग की गई है। वे ANM भर्ती में आशा सहयोगिनियों को 50% आरक्षण देने और योग्यता के आधार पर पदोन्नति की व्यवस्था करने की भी मांग कर रही हैं। इसके साथ ही, कार्यकर्ताओं ने अपना पदनाम बदलकर 'चिकित्सा स्वास्थ्य कर्मी' करने और स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त अन्य किसी कार्य के लिए अलग से भुगतान करने की मांग उठाई है। सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपये की राशि और ₹5,000 प्रति माह पेंशन देने की व्यवस्था करने की भी अपील की गई है। ज्ञापन में ऑनलाइन उपस्थिति का दबाव हटाने, ई-हब व प्रशिक्षण केंद्र स्तर पर ही सुविधाएं देने और फील्ड वर्क के दौरान बैठने व कार्य करने के लिए उचित व्यवस्था करने की मांग शामिल है। आशा सहयोगिनियों ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि यदि सरकार उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक विचार नहीं करती है, तो संगठन आगामी कदम उठाने पर मजबूर होगा।
- राजस्थान के टोंक जिले के उनियारा में 'अखिल राजस्थान आशा सहयोगिनी संगठन' के बैनर तले आशा सहयोगिनियों ने अपनी मांगों को लेकर हल्ला बोल दिया है। इन कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के नाम उनियारा के उपखण्ड अधिकारी (SDM) को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें लंबे समय से लंबित अपनी विभिन्न मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की गुहार लगाई गई है। संगठन की प्रतिनिधियों का कहना है कि वे राज्य सरकार द्वारा सौंपे गए सभी स्वास्थ्य और जनकल्याणकारी कार्यों को पूरी ईमानदारी और निष्ठा से समय पर पूरा करती हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें उनकी मेहनत के अनुसार उचित मानदेय और सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। सौंपे गए ज्ञापन में आशा सहयोगिनियों ने कई मुख्य मांगें रखी हैं। उनकी सबसे प्रमुख मांग है कि उन्हें 'राजस्थान संविदा रूल्स 2022' के तहत शामिल कर ₹26,000 मासिक फिक्स वेतन दिया जाए। इसके अलावा, प्रोत्साहन राशि (इंसेंटिव) को दोगुना करने, PCTS का पैसा टुकड़ों के बजाय एकमुश्त देने और उनका 5 लाख रुपये का जीवन बीमा कराने की मांग की गई है। वे ANM भर्ती में आशा सहयोगिनियों को 50% आरक्षण देने और योग्यता के आधार पर पदोन्नति की व्यवस्था करने की भी मांग कर रही हैं। इसके साथ ही, कार्यकर्ताओं ने अपना पदनाम बदलकर 'चिकित्सा स्वास्थ्य कर्मी' करने और स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त अन्य किसी कार्य के लिए अलग से भुगतान करने की मांग उठाई है। सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपये की राशि और ₹5,000 प्रति माह पेंशन देने की व्यवस्था करने की भी अपील की गई है। ज्ञापन में ऑनलाइन उपस्थिति का दबाव हटाने, ई-हब व प्रशिक्षण केंद्र स्तर पर ही सुविधाएं देने और फील्ड वर्क के दौरान बैठने व कार्य करने के लिए उचित व्यवस्था करने की मांग शामिल है। आशा सहयोगिनियों ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि यदि सरकार उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक विचार नहीं करती है, तो संगठन आगामी कदम उठाने पर मजबूर होगा।1
- टोंक जिले के उनियारा में नगर पालिका क्षेत्र के एक लग्जरी गेस्ट हाउस में ताश पत्ती से जुआ खेल रहे सात लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। थाना प्रभारी ओम कुमार ने बताया कि मंगलवार की तड़के पुलिस को मिली सूचना के आधार पर डीएसटी टीम प्रभारी ओम प्रकाश के नेतृत्व में गेस्ट हाउस पर छापा मारा गया। मौके से जुआ खेलते हुए मनराज पुत्र किशन लाल गुर्जर (थाना अलीगढ़), ओमप्रकाश पुत्र आसाराम (निवासी साहदत नगर), राकेश पुत्र हजारी प्रजापत (निवासी सौप), चेतराम पुत्र सावन राम मीणा (निवासी बेलम गंज, इंदरगढ़), फिरोज पुत्र कल्याण (निवासी सौप), राजेंद्र पुत्र हजारीलाल माली (निवासी अलीगढ़) और राधेश्याम पुत्र गोपाल माली (निवासी अलीगढ़) को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 1,12,700 रुपये की नकद राशि, एक कार, एक बाइक और आठ मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इसके साथ ही पुलिस ने गेस्ट हाउस के मालिक दीपक उर्फ सत्यनारायण पुत्र कैलाश चंद्र साहू के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है, जो मौके से फरार होने में कामयाब रहा। इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में डीएसटी टीम से हेड कांस्टेबल हंसराज, कांस्टेबल राधाकृष्ण, प्रधान, राधा मोहन, राजेश, रुकम केश और उनियारा थाने से हेड कांस्टेबल रघुवीर, कांस्टेबल देवी शंकर व मनीष शामिल थे।4
- सवाई माधोपुर के चौथ का बरवाड़ा में आज खजाना मिल चुका है, जिसके बारे में पहले के बड़े-बुजुर्ग लोग कहा करते थे। बुजुर्गों को इस खजाने के बारे में पहले से ही जानकारी थी और आखिरकार वह खजाना मिल ही गया है।1
- सवाई माधोपुर के चौथ का बरवाड़ा क्षेत्र के ग्राम जुवाड़ में बिजली बिलों की वसूली और कनेक्शन काटने गई जयपुर डिस्कॉम की टीम के साथ कुछ लोगों द्वारा अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज और मारपीट करने का मामला सामने आया है। 20 जुलाई को कुश्तला के कनिष्ठ अभियंता के नेतृत्व में की जा रही इस विभागीय कार्रवाई के दौरान आरोपियों ने सरकारी कार्य में भी बाधा उत्पन्न की। इस घटना के संबंध में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ थाना रवाजना डूंगर में विधिसम्मत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है और पुलिस मामले में अग्रिम कानूनी कार्रवाई कर रही है। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए अधीक्षण अभियंता के निर्देशन में बिजली विभाग की संयुक्त प्रवर्तन टीम ने ग्राम जुवाड़ में एक विशेष अभियान चलाया। इस अभियान में सतर्कता शाखा, प्रवर्तन दल, क्षेत्रीय अधिकारियों और चौथ का बरवाड़ा के सहायक अभियंता की टीम ने संयुक्त रूप से गांव का निरीक्षण किया। इस दौरान विद्युत अधिनियम, 2003 के प्रावधानों के तहत बिजली चोरी और अनधिकृत विद्युत उपयोग के मामलों में वीसीआर भरने की कार्रवाई की गई, साथ ही बकाया और अनियमित पाए गए कनेक्शनों को काटा गया। अधीक्षण अभियंता (पवस), सवाई माधोपुर ने कहा है कि राजकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करना और निगम के अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ मारपीट या अभद्र व्यवहार करना एक गंभीर विषय है। ऐसे मामलों में शामिल लोगों के विरुद्ध विधि सम्मत कठोर कार्रवाई की जाएगी और वित्तीय दायित्व भी निर्धारित किया जाएगा। जयपुर डिस्कॉम ने उपभोक्ताओं से समय पर बिल भुगतान करने और बिजली चोरी से बचकर व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।1
- सवाई माधोपुर के सारसोप में मंगलवार को हुई तेज बारिश से लोगों को उमस और गर्मी से बड़ी राहत मिली है। करीब एक घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश के कारण गांव की सड़कें और नालियां पानी से पूरी तरह भर गईं और कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई। बारिश के दौरान बच्चों ने भीगकर इसका भरपूर आनंद लिया, हालांकि बाजार में कुछ समय के लिए जनजीवन प्रभावित नजर आया। मौसम ठंडा होने से राहत महसूस कर रहे ग्रामीणों के अनुसार, खेतों में पानी पहुंचने से खरीफ फसलों को नया जीवन मिला है और लंबे समय से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के चेहरों पर खुशी लौट आई है। ग्रामीणों ने इस बारिश को खेती के लिए बेहद लाभदायक बताया है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि आने वाले दिनों में भी अच्छी बारिश का दौर जारी रहेगा, जिससे फसलों की पैदावार बेहतर होगी और जल स्रोतों में भी पर्याप्त पानी की आवक बढ़ेगी।1
- सवाई माधोपुर के चौथ का बरवाड़ा कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में मंगलवार को हुई बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे स्थानीय किसानों को इससे बड़ी राहत मिली है। खेतों में नमी लौटने के साथ ही अब खरीफ की फसलों को भी अच्छा लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। किसानों का मानना है कि समय पर हुई इस बारिश से खेतों की जुताई और बुवाई के कार्यों में तेजी आएगी, वहीं पहले से बोई गई फसलों के लिए यह बारिश संजीवनी बनकर आई है। इस बारिश के बाद ग्रामीण इलाकों का मौसम बेहद सुहावना हो गया है और लोगों को उमस से भी राहत मिली है। किसानों ने साझा किया कि पिछले कई दिनों से बारिश न होने के कारण फसलों को लेकर उनकी चिंता काफी बढ़ गई थी, लेकिन अब बारिश होने से फसलों की अच्छी बढ़वार की उम्मीद जगी है। किसानों ने आने वाले दिनों में भी क्षेत्र में अच्छी बारिश होने की आशा व्यक्त की है।1
- राजस्थान के बूंदी जिले के इंदरगढ़ में स्थित बिजासन माता के दरबार में दर्शनार्थियों के साथ मारपीट की घटना सामने आई है। यहाँ स्थानीय दुकानदार मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के साथ मारपीट करते हुए दिखाई दे रहे हैं।1