सोहागपुर थाना पुलिस ने करीब एक माह पहले हुई शराब दुकान में नकबजनी और नकदी चोरी के मामले को सफलतापूर्वक सुलझाते हुए एक शातिर चोर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक श्री साईं कृष्ण थोटा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक राजन और एसडीओपी श्री संजू चौहान के मार्गदर्शन में तथा थाना प्रभारी निरीक्षक गिरीश त्रिपाठी के कुशल नेतृत्व में पुलिस टीम ने यह उपलब्धि हासिल की, जिसके तहत चोरी गई राशि भी बरामद कर ली गई है। यह मामला 17 मई 2026 को सोहागपुर स्थित शराब दुकान के सेल्समैन राजेन्द्र मिश्रा द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट से जुड़ा है। रिपोर्ट के अनुसार, 16-17 मई की दरम्यानी रात में अज्ञात चोर ने दुकान की टीन की छत खोलकर अंदर प्रवेश किया और कैश काउंटर में रखे लगभग 25 हजार रुपये चोरी कर लिए थे। इस पर थाना सोहागपुर में अपराध दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की थी। जांच के दौरान, थाना प्रभारी गिरीश त्रिपाठी के निर्देश पर पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तकनीकी साक्ष्य जुटाए और संदिग्धों की लगातार तलाश की। इसी क्रम में, 23 जून को रेलवे स्टेशन क्षेत्र में एक संदिग्ध युवक को देखा गया, जिसने पुलिस को देखकर भागने का प्रयास किया। पुलिस ने तत्परता से घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम उमेश उर्फ कालू बघेलिया (25 वर्ष) निवासी ग्राम सिलारी चौराहट, थाना माखननगर बताया और सख्ती से पूछताछ करने पर शराब दुकान में चोरी करने की बात कबूल कर ली। आरोपी के कब्जे से चोरी गई पूरी राशि भी बरामद कर ली गई। इसके बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। स्थानीय नागरिकों ने इस सफल खुलासे के लिए थाना प्रभारी गिरीश त्रिपाठी और उनकी टीम की सराहना की है। नागरिकों ने कहा कि सीमित सुरागों के बावजूद पुलिस ने धैर्य, तकनीकी जांच और लगातार प्रयासों से मामले का खुलासा कर अपराधियों को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून से बचना आसान नहीं है। लोगों ने क्षेत्र में अपराध नियंत्रण और त्वरित कार्रवाई के लिए थाना प्रभारी गिरीश त्रिपाठी की कार्यशैली की विशेष प्रशंसा की। इस कार्रवाई में एसआई मुकेश सोनी, एएसआई गणेश राय, प्रधान आरक्षक विनोद नागर, देवेंद्र मांझी तथा आरक्षक राजकुमार यादव, जोशवा मसीह, अजय चौधरी, अजमेर सिंह परिहार और अफसर खान की सराहनीय भूमिका रही।
सोहागपुर थाना पुलिस ने करीब एक माह पहले हुई शराब दुकान में नकबजनी और नकदी चोरी के मामले को सफलतापूर्वक सुलझाते हुए एक शातिर चोर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक श्री साईं कृष्ण थोटा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक राजन और एसडीओपी श्री संजू चौहान के मार्गदर्शन में तथा थाना प्रभारी निरीक्षक गिरीश त्रिपाठी के कुशल नेतृत्व में पुलिस टीम ने यह उपलब्धि हासिल की, जिसके तहत चोरी गई राशि भी बरामद कर ली गई है। यह मामला 17 मई 2026 को सोहागपुर स्थित शराब दुकान के सेल्समैन राजेन्द्र मिश्रा द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट से जुड़ा है। रिपोर्ट के अनुसार, 16-17 मई की दरम्यानी रात में अज्ञात चोर ने दुकान की टीन की छत खोलकर अंदर प्रवेश किया और कैश काउंटर में रखे लगभग 25 हजार रुपये चोरी कर लिए थे। इस पर थाना सोहागपुर में अपराध दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की थी। जांच के दौरान, थाना प्रभारी गिरीश त्रिपाठी के निर्देश पर पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तकनीकी साक्ष्य जुटाए और संदिग्धों की लगातार तलाश की। इसी क्रम में, 23 जून को रेलवे स्टेशन क्षेत्र में एक संदिग्ध युवक को देखा गया,
जिसने पुलिस को देखकर भागने का प्रयास किया। पुलिस ने तत्परता से घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम उमेश उर्फ कालू बघेलिया (25 वर्ष) निवासी ग्राम सिलारी चौराहट, थाना माखननगर बताया और सख्ती से पूछताछ करने पर शराब दुकान में चोरी करने की बात कबूल कर ली। आरोपी के कब्जे से चोरी गई पूरी राशि भी बरामद कर ली गई। इसके बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। स्थानीय नागरिकों ने इस सफल खुलासे के लिए थाना प्रभारी गिरीश त्रिपाठी और उनकी टीम की सराहना की है। नागरिकों ने कहा कि सीमित सुरागों के बावजूद पुलिस ने धैर्य, तकनीकी जांच और लगातार प्रयासों से मामले का खुलासा कर अपराधियों को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून से बचना आसान नहीं है। लोगों ने क्षेत्र में अपराध नियंत्रण और त्वरित कार्रवाई के लिए थाना प्रभारी गिरीश त्रिपाठी की कार्यशैली की विशेष प्रशंसा की। इस कार्रवाई में एसआई मुकेश सोनी, एएसआई गणेश राय, प्रधान आरक्षक विनोद नागर, देवेंद्र मांझी तथा आरक्षक राजकुमार यादव, जोशवा मसीह, अजय चौधरी, अजमेर सिंह परिहार और अफसर खान की सराहनीय भूमिका रही।
- सोहागपुर थाना पुलिस ने करीब एक माह पहले हुई शराब दुकान में नकबजनी और नकदी चोरी के मामले को सफलतापूर्वक सुलझाते हुए एक शातिर चोर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक श्री साईं कृष्ण थोटा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक राजन और एसडीओपी श्री संजू चौहान के मार्गदर्शन में तथा थाना प्रभारी निरीक्षक गिरीश त्रिपाठी के कुशल नेतृत्व में पुलिस टीम ने यह उपलब्धि हासिल की, जिसके तहत चोरी गई राशि भी बरामद कर ली गई है। यह मामला 17 मई 2026 को सोहागपुर स्थित शराब दुकान के सेल्समैन राजेन्द्र मिश्रा द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट से जुड़ा है। रिपोर्ट के अनुसार, 16-17 मई की दरम्यानी रात में अज्ञात चोर ने दुकान की टीन की छत खोलकर अंदर प्रवेश किया और कैश काउंटर में रखे लगभग 25 हजार रुपये चोरी कर लिए थे। इस पर थाना सोहागपुर में अपराध दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की थी। जांच के दौरान, थाना प्रभारी गिरीश त्रिपाठी के निर्देश पर पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तकनीकी साक्ष्य जुटाए और संदिग्धों की लगातार तलाश की। इसी क्रम में, 23 जून को रेलवे स्टेशन क्षेत्र में एक संदिग्ध युवक को देखा गया, जिसने पुलिस को देखकर भागने का प्रयास किया। पुलिस ने तत्परता से घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम उमेश उर्फ कालू बघेलिया (25 वर्ष) निवासी ग्राम सिलारी चौराहट, थाना माखननगर बताया और सख्ती से पूछताछ करने पर शराब दुकान में चोरी करने की बात कबूल कर ली। आरोपी के कब्जे से चोरी गई पूरी राशि भी बरामद कर ली गई। इसके बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। स्थानीय नागरिकों ने इस सफल खुलासे के लिए थाना प्रभारी गिरीश त्रिपाठी और उनकी टीम की सराहना की है। नागरिकों ने कहा कि सीमित सुरागों के बावजूद पुलिस ने धैर्य, तकनीकी जांच और लगातार प्रयासों से मामले का खुलासा कर अपराधियों को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून से बचना आसान नहीं है। लोगों ने क्षेत्र में अपराध नियंत्रण और त्वरित कार्रवाई के लिए थाना प्रभारी गिरीश त्रिपाठी की कार्यशैली की विशेष प्रशंसा की। इस कार्रवाई में एसआई मुकेश सोनी, एएसआई गणेश राय, प्रधान आरक्षक विनोद नागर, देवेंद्र मांझी तथा आरक्षक राजकुमार यादव, जोशवा मसीह, अजय चौधरी, अजमेर सिंह परिहार और अफसर खान की सराहनीय भूमिका रही।2
- नर्मदापुरम के सोहागपुर स्थित गौतम वार्ड (मारूपुरा) निवासी स्वर्गीय श्री सुशील जॉन सर, जो चंडीगढ़ वाले के रूप में भी जाने जाते थे, की 40वें दिन की प्रार्थना एवं श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। इस सभा के उपरांत, उनके पुत्र संजय जॉन और भाई रमेश जॉन अपने परिजनों के साथ उपस्थित हुए। उन्होंने जरूरतमंद, बेघर, बेसहारा लोगों के साथ-साथ नर्मदा परिक्रमावासियों को विभिन्न व्यंजनों सहित स्वादिष्ट भोजन कराकर पुण्य लाभ अर्जित किया। ज्ञात हो कि स्वर्गीय सुशील जॉन सर भी अपने जीवनकाल में इन जरूरतमंद लोगों की भोजन व्यवस्था में हमेशा सहयोग प्रदान करते थे। परिजनों ने ईश्वर से उनकी दिवंगत पुण्य आत्मा की शांति और उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान देने की प्रार्थना के साथ विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।1
- नर्मदापुरम पुलिस ने एक शातिर चोर को गिरफ्तार किया है, जिसने बांद्राभान घाट पर स्नान करने आए एक श्रद्धालु की कार का शीशा तोड़कर मोबाइल फोन और नगदी चुराई थी। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी किया गया एप्पल कंपनी का आईफोन 16, 4000 रुपये नगद और पर्स सहित कुल 95,000 रुपये का सामान बरामद किया है। यह घटना तब सामने आई जब भोपाल निवासी डॉ. पंकज भारती (38) ने थाना देहात नर्मदापुरम में रिपोर्ट दर्ज कराई। डॉ. भारती ने बताया कि 20 जून 2026 को वह अपने परिवार के साथ अपनी होंडई ओरा कार (MP04 ZH 4044) से भोपाल से नर्मदापुरम के बांद्राभान घाट पर स्नान करने आए थे। उन्होंने अपनी कार को लॉक कर नर्मदा नदी में स्नान करने के लिए चले गए थे। शाम करीब 7:30 बजे वापस आकर देखा तो गाड़ी के ड्राइवर सीट के बगल वाले गेट का शीशा पत्थर मारकर तोड़ा गया था और सामने की सीट पर रखा उनका लेडीस पर्स चोरी हो गया था। पर्स में उनके भाई का पहचान पत्र, लगभग 4000 रुपये नगद और एयरटेल कंपनी की सिम (नंबर 8319998990) लगा एक काला आईफोन 16 था। फरियादी की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 371/26, धारा 303(2) BNS के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, नर्मदापुरम के पुलिस अधीक्षक श्री साईं कृष्णा एस थोटा के मार्गदर्शन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक राजन और एसडीओपी श्री जितेंद्र कुमार पाठक के निर्देशन में थाना देहात नर्मदापुरम की एक विशेष टीम का गठन किया गया। जांच के दौरान पुलिस को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा क्योंकि आरोपी ने चोरी के तुरंत बाद आईफोन बंद कर दिया था, और घटना स्थल पर कोई तकनीकी साक्ष्य या सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं थे। हालांकि, सामुदायिक पुलिसिंग और मुखबिरों की मदद से पुलिस ने संदेही नीरज वर्मा (26), पिता राजकुमार वर्मा, को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने चोरी की घटना को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। पुलिस द्वारा की गई बरामदगी में एप्पल कंपनी का आईफोन 16, 4000 रुपये नगद और पर्स शामिल हैं, जिनकी कुल कीमत 95,000 रुपये है। आरोपी नीरज वर्मा के खिलाफ थाना देहात नर्मदापुरम में पहले से चोरी और मारपीट के संबंध में चार अन्य अपराध दर्ज हैं। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी देहात नर्मदापुरम निरीक्षक उषा मरावी, उनि अरविंद बेले, प्र आर प्रकाश परते, आर कपिल विश्वकर्मा, जितेंद्र सिंह राजपूत, आरक्षक भूपेंद्र वर्मा और आरक्षक चालक राकेश मेहरा की सराहनीय भूमिका रही।1
- इटारसी के वार्ड 13 में पाइपलाइन बिछाने के कार्य के नाम पर खोदी गई सड़कों को बिना दुरुस्त किए यूं ही छोड़ दिया गया है। बारिश होने के बाद इन सड़कों पर फैली मिट्टी अब जानलेवा कीचड़ में बदल गई है, जिसके कारण राहगीर लगातार फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। इस स्थिति से इलाके में हादसों का डर बना हुआ है। इस गंभीर समस्या को देखते हुए, एडवोकेट सिद्धार्थ महेश आर्य ने नगर पालिका प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नगर पालिका प्रशासन से कीचड़ को तुरंत साफ कराने और क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराने का आग्रह किया है।1
- पिपारिया के ग्राम खापरखेड़ा में पिछले पाँच दिनों से बिजली और पानी की भारी समस्या से लगभग 1000 ग्रामीण प्रभावित हैं। एक विद्युत ट्रांसफार्मर जल जाने के कारण यह परेशानी उत्पन्न हुई है, जिससे आबादी वाले क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई है। भीषण गर्मी के इस दौर में बिजली विभाग के रवैए से ग्रामीण अत्यधिक आक्रोशित हैं और उनके बच्चे भी बीमार पड़ रहे हैं। ग्रामवासियों का आरोप है कि प्रशासन, विद्युत विभाग और ग्राम सरपंच इस गंभीर समस्या पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। बिजली और पानी से पीड़ित महिला एवं पुरुष ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि आज ही ट्रांसफार्मर और केबल को बदलकर बिजली व्यवस्था सुचारू नहीं की गई, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। ग्रामीणों ने घोषणा की है कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं हुई, तो आगामी 24 जून 2026, बुधवार को सुबह 11 बजे खापरखेड़ा ग्राम के बस स्टैंड पर सैकड़ों की संख्या में पीड़ित ग्रामवासी सामूहिक आत्मदाह करेंगे। उनका कहना है कि तड़प-तड़प कर मरने से बेहतर है कि एक ही दिन में सभी पीड़ितों की जीवनलीला समाप्त हो जाए। ग्रामवासियों ने स्पष्ट किया है कि इस आत्मदाह की समस्त जवाबदारी विद्युत विभाग, प्रशासन और ग्राम पंचायत की होगी। उन्होंने महोदय से निवेदन किया है कि उनकी समस्या का समाधान आज ही किया जाए ताकि इस सामूहिक आत्मदाह को टाला जा सके।1
- मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले (जिसका पुराना नाम होशंगाबाद है) में स्थित इटारसी जंक्शन (स्टेशन कोड: ET) राज्य का सबसे बड़ा और सबसे महत्वपूर्ण रेलवे जंक्शन है। यह भारतीय रेलवे का एक प्रमुख केंद्र है और भारत का 8वां सबसे व्यस्त रेलवे जंक्शन है, जो दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे प्रमुख महानगरों को आपस में जोड़ता है। यह जंक्शन पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) ज़ोन के भोपाल रेल मंडल के अंतर्गत आता है। इटारसी स्टेशन पर कुल 7 प्लेटफ़ॉर्म और 11 ट्रैक उपलब्ध हैं, जहाँ से प्रतिदिन 420 से अधिक ट्रेनें गुजरती हैं। मध्य भारत से होकर गुजरने वाली कई ट्रेनों के डीजल और इलेक्ट्रिक इंजन बदलने का महत्वपूर्ण कार्य भी यहीं किया जाता है। यह देश के प्रमुख रेल मार्गों जैसे हावड़ा-प्रयागराज-मुंबई मार्ग (जो पूर्व से पश्चिम भारत को जोड़ता है) और दिल्ली-चेन्नई मार्ग (जो उत्तर से दक्षिण भारत को जोड़ता है) को आपस में जोड़ता है। यात्रियों की सुविधा के लिए यहाँ कई व्यवस्थाएँ उपलब्ध हैं। यात्री RailRestro या Zoop जैसी ई-कैटरिंग सेवाओं के माध्यम से अपनी सीट पर ही भोजन मंगवा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, स्टेशन पर वेटिंग हॉल, कंप्यूटर आरक्षण केंद्र, डिजिटल टाइम-टेबल और फूड स्टॉल जैसी अन्य सुविधाएँ भी मौजूद हैं। ट्रेनों की समय-सारणी और PNR स्टेटस को Paytm या Goibibo जैसी ऐप्स पर लाइव देखा जा सकता है। इटारसी से जबलपुर के बीच लगभग 246 किलोमीटर लंबी तीसरी रेल लाइन की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार हो चुकी है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य व्यस्त मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही को और अधिक सुगम बनाना तथा उनकी समय-पाबंदी में सुधार लाना है।1
- डॉ. आशुतोष ब्रह्मचारी ने पंचगव्य और हर्बल उत्पादों का सदैव प्रयोग करने की पुरजोर वकालत की है। उनके वादे के अनुसार, इन उत्पादों के उपयोग से कम खर्चे में अधिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है।1
- मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले की इटारसी तहसील के अंतर्गत केसला क्षेत्र में सड़क निर्माण के लिए की जा रही खुदाई के दौरान ब्रिटिश शासनकाल के दुर्लभ पुराने सिक्के मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, खुदाई में बड़ी संख्या में सिक्के निकले हैं, जिसके चलते इलाके में खजाना मिलने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, प्रशासन और पुलिस के पास अभी तक आधिकारिक तौर पर केवल तीन सिक्के ही जमा कराए गए हैं। बरामद सिक्कों की वास्तविकता, ऐतिहासिक महत्व और उनके कालखंड की पुष्टि के लिए उन्हें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को परीक्षण हेतु भेजा जा रहा है। इस मामले को लेकर लोगों में काफी उत्सुकता बनी हुई है और पूरे क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं।1