एटा जिले के सकीट थाना क्षेत्र में 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत पुलिस ने सराहनीय कार्य करते हुए घर से गुमशुदा हुए तीन बच्चों को मात्र चार घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर उनके परिजनों को सौंप दिया। यह घटना दिनांक 09.06.26 को सामने आई, जब चंद्रपाल सिंह पुत्र वीरपाल सिंह, निवासी ग्राम भगवंतपुर, थाना सकीट, एटा ने पुलिस को सूचना दी कि उनके घर से बाजार के लिए निकले तीन बच्चे काफी तलाश के बाद भी नहीं मिल रहे हैं। इस सूचना के आधार पर सकीट पुलिस ने मुअसं0- 89/26 धारा 137(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया। गुमशुदा बच्चों की सुरक्षित बरामदगी सुनिश्चित करने के लिए थाना सकीट पुलिस द्वारा तत्काल एक टीम का गठन किया गया। पुलिस के सार्थक प्रयासों के परिणामस्वरूप, बच्चों को चार घंटे के भीतर ही सुरक्षित ढूंढ लिया गया और उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया, जिससे उनके चेहरों पर खुशी लौट आई। थाना सकीट पुलिस द्वारा की गई इस त्वरित और प्रभावी कार्यवाही की परिजनों सहित आमजन ने भी भूरि-भूरि प्रशंसा की।
एटा जिले के सकीट थाना क्षेत्र में 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत पुलिस ने सराहनीय कार्य करते हुए घर से गुमशुदा हुए तीन बच्चों को मात्र चार घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर उनके परिजनों को सौंप दिया। यह घटना दिनांक 09.06.26 को सामने आई, जब चंद्रपाल सिंह पुत्र वीरपाल सिंह, निवासी ग्राम भगवंतपुर, थाना सकीट, एटा ने पुलिस को सूचना दी कि उनके घर से बाजार के लिए निकले तीन बच्चे काफी तलाश के बाद भी नहीं मिल रहे हैं। इस सूचना के आधार पर
सकीट पुलिस ने मुअसं0- 89/26 धारा 137(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया। गुमशुदा बच्चों की सुरक्षित बरामदगी सुनिश्चित करने के लिए थाना सकीट पुलिस द्वारा तत्काल एक टीम का गठन किया गया। पुलिस के सार्थक प्रयासों के परिणामस्वरूप, बच्चों को चार घंटे के भीतर ही सुरक्षित ढूंढ लिया गया और उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया, जिससे उनके चेहरों पर खुशी लौट आई। थाना सकीट पुलिस द्वारा की गई इस त्वरित और प्रभावी कार्यवाही की परिजनों सहित आमजन ने भी भूरि-भूरि प्रशंसा की।
- एटा नगर पालिका परिषद द्वारा करोड़ों रुपये की लागत से निर्माणाधीन जेल रोड की सीसी सड़क की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सड़क का काम पूरी तरह समाप्त होने से पहले ही कई स्थानों पर दरारें दिखनी शुरू हो गई हैं और यह कहीं ऊंची तो कहीं नीची भी है, जिससे निर्माण में मानकों की अनदेखी की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान नहीं रखा जा रहा है। उनके अनुसार, कई स्थानों पर सड़क की मोटाई निर्धारित मानकों से कम है और ढलान भी पर्याप्त नहीं है, जिसके कारण हल्की बारिश के बाद ही सड़क पर पानी जमा होने लगता है। सड़क की सतह समतल न होने से जल निकासी की व्यवस्था प्रभावित हो रही है और जगह-जगह जलभराव की स्थिति बन रही है। क्षेत्रवासियों ने इस पर चिंता व्यक्त की है कि जब सड़क निर्माण के दौरान ही ऐसी खामियां सामने आ रही हैं, तो उसकी स्थायित्व और टिकाऊपन पर कैसे भरोसा किया जा सकता है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि सरकार द्वारा करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद यदि गुणवत्ता से समझौता किया जाएगा, तो यह जनता और सरकारी धन दोनों का नुकसान होगा, और क्या संबंधित अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। इस मामले पर नगर पालिका के अवर अभियंता महेश चंद्र ने स्वीकार किया है कि सड़क के कुछ हिस्सों में गुणवत्ता संबंधी कमियां सामने आई हैं। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जहां-जहां सड़क खराब हुई है, वहां सुधार कराया जाएगा और गुणवत्ता की कमी को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। हालांकि, स्थानीय नागरिकों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि सड़क निर्माण कार्य की जांच किसी स्वतंत्र तकनीकी अधिकारी या विशेषज्ञ टीम से करवाई जाए। उनकी मांग है कि निर्माण सामग्री, सड़क की मोटाई, ढलान और अन्य तकनीकी मानकों की गहन जांच हो और यदि जांच में लापरवाही या मानकों की अनदेखी पाई जाती है तो संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। शहरवासियों का कहना है कि विकास कार्यों की असली पहचान उनकी गुणवत्ता और टिकाऊपन से होती है। करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद यदि सड़क निर्माण के शुरुआती चरण में ही दरारें, ऊंच-नीच और जलभराव जैसी समस्याएं दिख रही हैं, तो यह गंभीर चिंता का विषय है। लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए समय रहते आवश्यक कार्रवाई करेगा, ताकि जनता को एक मजबूत, सुरक्षित और लंबे समय तक चलने वाली सड़क मिल सके।1
- लगभग 2 घंटे तक हुई भारी बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया है। इस स्थिति के चलते फसलों को भारी नुकसान हुआ है, जिससे किसानों को आर्थिक घाटा उठाना पड़ा है।1
- एटा जिले के अवागढ़ थाना पुलिस ने चार साल पुराने एक हत्या के मामले का सफल अनावरण करते हुए दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह मामला 15 फरवरी, 2022 को हुई चंद्रवती नामक महिला की गुमशुदगी से जुड़ा है। वादी बीनेश कुमार, जो चंद्रवती के भाई हैं, ने अवागढ़ थाने में सूचना दी थी कि उनकी बहन को उसके बहनोई मंजेश 15 फरवरी, 2022 को दोपहर के समय जलेसर घुमाने का कहकर घर से ले गया था, और 16 फरवरी, 2022 को मंजेश अकेले ही घर वापस आया था। बहन के वापस न आने पर, बीनेश कुमार ने 17 फरवरी, 2022 को अवागढ़ थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी, जिसके बाद से ही स्थानीय पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। लगभग चार साल बाद, 10 जून, 2026 को बीनेश कुमार ने फिर से अवागढ़ थाने में लिखित तहरीर देकर आरोप लगाया कि उसके बहनोई मंजेश और उसके साथी सौदान सिंह ने उसकी बहन चंद्रवती की हत्या कर शव छुपा दिया है। इस सूचना के आधार पर, अवागढ़ थाने में मंजेश कुमार (पुत्र गोविंद राम) और सौदान सिंह (पुत्र किशनलाल), दोनों निवासी ग्राम शहनौआ, थाना अवागढ़, जनपद एटा, के विरुद्ध मुअसं0- 112/2026 धारा- 302/201 भादवि0 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया। पूछताछ में अभियुक्त मंजेश ने बताया कि उसकी पत्नी कासगंज में रहकर दूसरों के घरों में झाड़ू-पोंछा व बर्तन धोने का काम करती थी और उसे शक था कि उसकी पत्नी का किसी के साथ अवैध संबंध है। इसी शक के चलते मंजेश ने 15 फरवरी, 2022 को दोपहर लगभग 01:00 बजे चंद्रवती को उसकी बहन के घर से जलेसर घुमाने के बहाने ले गया। जलेसर पहुंचने पर मंजेश ने अपने साथी सौदान को भी बुला लिया। दोनों ने साथ में शराब पी और फिर तीनों जलेसर से बस द्वारा सिकंदराराव पहुंचे। वहां से उन्होंने एक टेम्पो से धर्मपुर नगरिया मोड़ पर उतर कर, ग्राम नगरिया को जाने वाले रास्ते पर खेत में चंद्रवती का गला दबाकर हत्या कर दी। योजना के अनुसार, दोनों अभियुक्तों ने शव को ईशान नदी के किनारे वाले खेत में ले जाकर पहले से खोदे गए गड्ढे में दबा दिया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा डॉ. इलामारन जि. के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक एटा श्री श्वेताभ पाण्डेय के पर्यवेक्षण में कार्रवाई करते हुए, अवागढ़ पुलिस ने इस मामले में वांछित दोनों अभियुक्तों मंजेश कुमार (उम्र करीब 52 वर्ष) और सौदान सिंह (उम्र करीब 27 वर्ष) को 11 जून, 2026 को ग्राम शहनौआ के पास से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों की निशानदेही पर मृतका चंद्रवती के शव/कंकाल को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस द्वारा अभियुक्तों के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। अभियुक्त सौदान सिंह का पहले भी आपराधिक इतिहास रहा है, जिसमें जलेसर थाने में चोरी और अवागढ़ थाने में सरकारी कार्य में बाधा डालने व अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। अवागढ़ थाना प्रभारी निरीक्षक श्री अखिलेश दीक्षित के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इस चार वर्ष पुराने हत्या के मामले का सफलतापूर्वक अनावरण किया है।4
- पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एटा पहुँचकर भाजपा सरकार और मोदी-योगी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस सरकार में पूज्य शंकराचार्य भी पीड़ित, दुखी और अपमानित हुए हैं, और वह भी 'PDA' हो गए हैं।1
- फर्रुखाबाद जिले की कायमगंज तहसील के ढर्रा शादी नगर में गांव के ही दबंग बाजी लाल, मोहनलाल और श्यामवीर पर खाद के गड्ढों की 24 डिसमिल जमीन (गाटा संख्या 315) पर जबरन कब्जा कर मकान बनाने का आरोप लगाया गया है। शिकायत के बावजूद, लेखपाल रवि पर आरोप है कि वह इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, बल्कि फर्जी रिपोर्ट बनाकर शासन को प्रेषित कर रहे हैं। शिकायतकर्ताओं ने बाजी लाल, मोहनलाल, श्यामवीर के साथ-साथ लेखपाल रवि पर भी इस अवैध कब्जे के संबंध में कठोर वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।1
- उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह जब अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में पहुंचे, तो उनकी उपस्थिति में वहाँ ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए गए।1
- मैनपुरी शहर की काशीराम कॉलोनी, आजाद नगर के निवासी लंबे समय से गंदगी, जलभराव और पेयजल संकट जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं। इन समस्याओं का समाधान न होने से आक्रोशित होकर लोगों ने प्रदर्शन किया और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। कॉलोनी में नलों से गंदा पानी आने के कारण पीने के पानी की भारी किल्लत है। वहीं, सेप्टिक टैंकों की समय पर सफाई न होने से पूरे क्षेत्र में दुर्गंध फैली हुई है, जिससे स्थानीय नागरिकों का जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि सबसे अधिक परेशानी महिलाओं को हो रही है, क्योंकि पीने के पानी के लिए केवल एक ही नल ठीक से काम कर रहा है। इस नल पर सुबह से शाम तक पानी भरने के लिए लंबी कतारें लगी रहती हैं, और इस कारण अक्सर विवाद भी होते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन समस्याओं को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन उनकी शिकायतों पर अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। प्रशासन की लगातार उपेक्षा के चलते कॉलोनीवासियों ने यह प्रदर्शन करने पर मजबूर हुए। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से तत्काल शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने, नालियों की सफाई कराने तथा जलभराव और सेप्टिक टैंक की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो वे एक बड़ा आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे।1
- एटा में पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए चार साल पुराने महिला की हत्या के मामले को सुलझा लिया है। थाना अवागढ़ पुलिस ने इस संबंध में पति सहित दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, महिला चंद्रवती 2022 में लापता हो गई थी, जिसकी हत्या करके शव को खेत में दफना दिया गया था। जांच में सामने आया है कि पति को अपनी पत्नी के अवैध संबंधों का शक था, जिसके चलते उसने हत्या की साजिश रची थी। पति मंजेश ने अपने साथी सौदान सिंह के साथ मिलकर चंद्रवती का गला दबाकर हत्या की थी। पुलिस ने अब महिला का कंकाल बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है। एसएसपी एटा के निर्देशन में अवागढ़ पुलिस को यह बड़ी सफलता मिली है, जिसकी जानकारी एसपी सिटी एटा श्वेताभ पांडेय ने दी।1