Shuru
Apke Nagar Ki App…
नशा मुक्ति के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने एक जागरूकता रथ निकाला है। उपायुक्त और अधिकारियों ने इस रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिसका लक्ष्य नशा मुक्ति के प्रति लोगों को जागरूक करना है।
Manish
नशा मुक्ति के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने एक जागरूकता रथ निकाला है। उपायुक्त और अधिकारियों ने इस रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिसका लक्ष्य नशा मुक्ति के प्रति लोगों को जागरूक करना है।
More news from झारखंड and nearby areas
- पुरानडीह ग्राम की रहने वाली आदिम जनजाति विधवा महिला संचारिया देवी को आधार कार्ड न होने के कारण कुछ सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस स्थिति की पुष्टि महुआडार प्रखंड विकास पदाधिकारी संतोष कुमार बैठा ने मंगलवार की सुबह 11:00 बजे की। प्रखंड विकास पदाधिकारी ने बताया कि संचारिया देवी को नियमित राशन तो मिल रहा है, लेकिन आधार कार्ड की कमी के कारण वह अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं। इस समस्या के समाधान के लिए जिला आधार कार्ड समन्वयक से संपर्क स्थापित किया गया है, और जल्द ही संचारिया देवी का आधार कार्ड बनवाने तथा उन्हें सभी सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा।1
- नशा मुक्ति के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने एक जागरूकता रथ निकाला है। उपायुक्त और अधिकारियों ने इस रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिसका लक्ष्य नशा मुक्ति के प्रति लोगों को जागरूक करना है।1
- लातेहार जिले में मंगलवार को मौसम ने अचानक करवट ली, जहाँ झमाझम बारिश ने पूरे इलाके को ठंडा कर दिया। सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए थे, जिसके बाद दोपहर में तेज बारिश शुरू हो गई। इस बारिश से जिले का मौसम सुहाना हो गया और पिछले कई दिनों से पड़ रही उमस भरी गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिली। बारिश के बाद शहर और ग्रामीण इलाकों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों ने राहत की साँस ली। बाजारों और सड़कों पर भी लोगों के चेहरे खिल उठे। वहीं, इस बारिश से किसानों के चेहरे पर भी खुशी लौट आई है, क्योंकि जिले के किसान लंबे समय से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे थे ताकि धान की खेती और अन्य खरीफ फसलों की बुआई समय पर हो सके। किसानों का कहना है कि यह बारिश खेती के लिए बेहद लाभदायक साबित होगी और खेतों में नमी बनी रहेगी, जिससे फसल की पैदावार बेहतर होने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में लोगों और किसानों को उम्मीद है कि मानसून का यह दौर खेती और जनजीवन के लिए फायदेमंद रहेगा।2
- झारखंड के बालूमाथ थाना क्षेत्र के चेताग पंचायत के गेरेजा क्षेत्र में अनुसूचित भूमि के कथित अवैध हस्तांतरण और खरीद-बिक्री को लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। इस मामले में ग्रामीणों ने बालूमाथ थाना प्रभारी को एक आवेदन सौंपकर तत्काल जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत क्षेत्र की यह जमीन अनुसूचित क्षेत्र के अंतर्गत आती है, जहाँ ग्रामसभा की अनुमति के बिना किसी भी तरह की भूमि संबंधी गतिविधि नहीं की जा सकती। इसके बावजूद, कुछ लोग नियमों के विरुद्ध जाकर जमीन की खरीद-बिक्री और हस्तांतरण कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, जब इन संबंधित व्यक्तियों से जमीन संबंधी जानकारी मांगी गई तो उन्होंने स्पष्ट जवाब देने से इनकार कर दिया। आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ व्यक्ति जमीन पर कब्जा करने और उसे बेचने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे क्षेत्र में बड़े विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, भूमि के दस्तावेजों की गहन पड़ताल करने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है। उन्होंने यह भी कहा है कि अनुसूचित क्षेत्र की भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले में शीघ्र हस्तक्षेप कर समाधान करने की अपील की है।2
- लोगों को गरज-चमक के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बताया गया है कि जब बादल गरजें, तो किसी भी व्यक्ति को पेड़ों के आसपास नहीं रहना चाहिए ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके।1
- झारखंड में 7 एकड़ 71 डिसमिल जमीन के फर्जी म्यूटेशन का गंभीर आरोप सामने आया है। इस मामले ने तब और तूल पकड़ा जब कथित तौर पर इस जमीन को बेचने की कोशिश की गई, जिसके बाद इलाके में व्यापक हड़कंप मच गया है।1
- झारखंड के लातेहार जिले के रोन्हे़ं गांव में एक अनोखा विवाद देखने को मिल रहा है। यहां गांव के लोग, जो पहले मिलजुल कर रहते थे, अब दो-तीन गुटों में बंट गए हैं। यह बंटवारा जंगल लगाने, पौधे रोकने और लगाने जैसे कार्यों को लेकर हुआ है।1
- महुआडार स्थित संत जेवियर महाविद्यालय में मंगलवार सुबह 11:00 बजे 'नशा मुक्त भारत अभियान - विकसित भारत की पहचान' के तहत एक विविध जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों, युवाओं और स्थानीय समुदाय को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना था, ताकि वे एक स्वस्थ, सशक्त और विकसित भारत के निर्माण हेतु प्रेरित हो सकें। कार्यक्रम के दौरान, महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने नशा मुक्ति जागरूकता पर केंद्रित कई कार्यक्रम, गीत और संगीत प्रस्तुत किए। इस मौके पर महाविद्यालय के प्राचार्य फादर डॉक्टर एमके जोश और जनजाति व कांग्रेस नेता अजीत पाल कुजूर सहित कई अन्य लोग उपस्थित थे।1