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सरपंच पति की 'पहाड़' जैसी हिम्मत, सरकारी गोचर भूमि घेरी; मवेशियों का दाना-पानी बंद, ग्रामीणों ने खोला मोर्चा! सरपंच पति की 'पहाड़' जैसी हिम्मत, सरकारी गोचर भूमि घेरी; मवेशियों का दाना-पानी बंद, ग्रामीणों ने खोला मोर्चा!टीकमगढ़/जतारा: सरकार एक तरफ सरकारी और गोचर (चरनोई) भूमि से अवैध कब्जे हटाने के लिए ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है, तो दूसरी तरफ रसूखदार पूरे के पूरे सरकारी पहाड़ को ही निगलने की तैयारी में हैं। ताजा मामला जनपद पंचायत जतारा के तहत आने वाली ग्राम पंचायत बाजीतपुरा का है। यहां सरपंच पति मनी राजपूत ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर गोवंश के चरने वाले पूरे सरकारी पहाड़ पर ही कटीले तारों की फेंसिंग (बाड़) लगा दी है।इस मनमानी के कारण क्षेत्र के मवेशियों का पहाड़ पर जाना पूरी तरह बंद हो गया है, जिससे बेजुबान जानवर चारे के लिए तरस रहे हैं।वृक्षारोपण का बहाना, कब्जे का असली 'खेला'जब ग्रामीणों ने इस तारबंदी का विरोध किया, तो सरपंच पति की ओर से दलील दी गई कि यहाँ सरकारी वृक्षारोपण का कार्य किया जाना है। हालांकि, जब इसकी जमीनी हकीकत खंगाली गई तो मामला पूरी तरह फर्जी निकला। जनपद पंचायत से बाजीतपुरा में इस प्रकार के किसी भी वृक्षारोपण कार्य की कोई शासकीय स्वीकृति ही जारी नहीं हुई है। वृक्षारोपण के नाम पर सरकारी पहाड़ (खसरा क्रमांक 111/1/1) को चारों तरफ से घेरकर वहां अवैध रूप से झोपड़ी तान दी गई है, ताकि धीरे-धीरे पूरी जमीन पर कब्जा पक्का किया जा सके।ग्रामीणों में भारी आक्रोश, एसडीएम-तहसीलदार को सौंपा ज्ञापनसरपंच पति की इस दबंगई से परेशान ग्राम बंदरगुड़ा और आसपास के दर्जनों किसानों व ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। सालों से यह पहाड़ कई गांवों के गोवंश के लिए मुख्य चारागाह रहा है। मवेशियों का रास्ता बंद होने से नाराज ग्रामीणों ने लामबंद होकर एसडीएम नीरज खरे और तहसीलदार पलक जैन को एक शिकायती ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस अवैध फेंसिंग को तुरंत हटाया जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।प्रशासन का रुख: जल्द चलेगा पीला पंजाइस गंभीर मामले को लेकर तहसीलदार पलक जैन ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, "शासकीय भूमि पर किसी भी व्यक्ति को अवैध रूप से कब्जा करने का कोई अधिकार नहीं है। मामले की जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। जल्द ही टीम भेजकर पहाड़ से अवैध फेंसिंग और अतिक्रमण को पूरी तरह हटा दिया जाएगा।"अब देखना यह होगा कि प्रशासन का 'पीला पंजा' इस रसूखदार सरपंच पति के अवैध मसूबे पर कब तक चलता है और कब इन बेजुबान मवेशियों को उनका चारागाह वापस मिलता है।

2 hrs ago
user_Mahendra Kumar Dubey
Mahendra Kumar Dubey
Voice of people जतारा, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
2 hrs ago

सरपंच पति की 'पहाड़' जैसी हिम्मत, सरकारी गोचर भूमि घेरी; मवेशियों का दाना-पानी बंद, ग्रामीणों ने खोला मोर्चा! सरपंच पति की 'पहाड़' जैसी हिम्मत, सरकारी गोचर भूमि घेरी; मवेशियों का दाना-पानी बंद, ग्रामीणों ने खोला मोर्चा!टीकमगढ़/जतारा: सरकार एक तरफ सरकारी और गोचर (चरनोई) भूमि से अवैध कब्जे हटाने के लिए ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है, तो दूसरी तरफ रसूखदार पूरे के पूरे सरकारी पहाड़ को ही निगलने की तैयारी में हैं। ताजा मामला जनपद पंचायत जतारा के तहत आने वाली ग्राम पंचायत बाजीतपुरा का है। यहां सरपंच पति मनी राजपूत ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर गोवंश के चरने वाले पूरे सरकारी पहाड़ पर ही कटीले तारों की फेंसिंग (बाड़) लगा दी है।इस मनमानी के कारण क्षेत्र के मवेशियों का पहाड़ पर जाना पूरी तरह बंद हो गया है, जिससे बेजुबान जानवर चारे के लिए तरस रहे हैं।वृक्षारोपण का बहाना, कब्जे का असली 'खेला'जब ग्रामीणों ने इस तारबंदी का विरोध किया, तो सरपंच पति की ओर से दलील दी गई कि यहाँ सरकारी वृक्षारोपण का कार्य किया जाना है। हालांकि, जब इसकी जमीनी हकीकत खंगाली गई तो मामला पूरी तरह फर्जी निकला। जनपद पंचायत से बाजीतपुरा में इस प्रकार के किसी भी वृक्षारोपण कार्य की कोई शासकीय स्वीकृति ही जारी नहीं हुई है। वृक्षारोपण के नाम पर सरकारी

पहाड़ (खसरा क्रमांक 111/1/1) को चारों तरफ से घेरकर वहां अवैध रूप से झोपड़ी तान दी गई है, ताकि धीरे-धीरे पूरी जमीन पर कब्जा पक्का किया जा सके।ग्रामीणों में भारी आक्रोश, एसडीएम-तहसीलदार को सौंपा ज्ञापनसरपंच पति की इस दबंगई से परेशान ग्राम बंदरगुड़ा और आसपास के दर्जनों किसानों व ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। सालों से यह पहाड़ कई गांवों के गोवंश के लिए मुख्य चारागाह रहा है। मवेशियों का रास्ता बंद होने से नाराज ग्रामीणों ने लामबंद होकर एसडीएम नीरज खरे और तहसीलदार पलक जैन को एक शिकायती ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस अवैध फेंसिंग को तुरंत हटाया जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।प्रशासन का रुख: जल्द चलेगा पीला पंजाइस गंभीर मामले को लेकर तहसीलदार पलक जैन ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, "शासकीय भूमि पर किसी भी व्यक्ति को अवैध रूप से कब्जा करने का कोई अधिकार नहीं है। मामले की जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। जल्द ही टीम भेजकर पहाड़ से अवैध फेंसिंग और अतिक्रमण को पूरी तरह हटा दिया जाएगा।"अब देखना यह होगा कि प्रशासन का 'पीला पंजा' इस रसूखदार सरपंच पति के अवैध मसूबे पर कब तक चलता है और कब इन बेजुबान मवेशियों को उनका चारागाह वापस मिलता है।

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    सरपंच पति की 'पहाड़' जैसी हिम्मत, सरकारी गोचर भूमि घेरी; मवेशियों का दाना-पानी बंद, ग्रामीणों ने खोला मोर्चा!
सरपंच पति की 'पहाड़' जैसी हिम्मत, सरकारी गोचर भूमि घेरी; मवेशियों का दाना-पानी बंद, ग्रामीणों ने खोला मोर्चा!टीकमगढ़/जतारा: सरकार एक तरफ सरकारी और गोचर (चरनोई) भूमि से अवैध कब्जे हटाने के लिए ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है, तो दूसरी तरफ रसूखदार पूरे के पूरे सरकारी पहाड़ को ही निगलने की तैयारी में हैं। ताजा मामला जनपद पंचायत जतारा के तहत आने वाली ग्राम पंचायत बाजीतपुरा का है। यहां सरपंच पति मनी राजपूत ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर गोवंश के चरने वाले पूरे सरकारी पहाड़ पर ही कटीले तारों की फेंसिंग (बाड़) लगा दी है।इस मनमानी के कारण क्षेत्र के मवेशियों का पहाड़ पर जाना पूरी तरह बंद हो गया है, जिससे बेजुबान जानवर चारे के लिए तरस रहे हैं।वृक्षारोपण का बहाना, कब्जे का असली 'खेला'जब ग्रामीणों ने इस तारबंदी का विरोध किया, तो सरपंच पति की ओर से दलील दी गई कि यहाँ सरकारी वृक्षारोपण का कार्य किया जाना है। हालांकि, जब इसकी जमीनी हकीकत खंगाली गई तो मामला पूरी तरह फर्जी निकला। जनपद पंचायत से बाजीतपुरा में इस प्रकार के किसी भी वृक्षारोपण कार्य की कोई शासकीय स्वीकृति ही जारी नहीं हुई है। वृक्षारोपण के नाम पर सरकारी पहाड़ (खसरा क्रमांक 111/1/1) को चारों तरफ से घेरकर वहां अवैध रूप से झोपड़ी तान दी गई है, ताकि धीरे-धीरे पूरी जमीन पर कब्जा पक्का किया जा सके।ग्रामीणों में भारी आक्रोश, एसडीएम-तहसीलदार को सौंपा ज्ञापनसरपंच पति की इस दबंगई से परेशान ग्राम बंदरगुड़ा और आसपास के दर्जनों किसानों व ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। सालों से यह पहाड़ कई गांवों के गोवंश के लिए मुख्य चारागाह रहा है। मवेशियों का रास्ता बंद होने से नाराज ग्रामीणों ने लामबंद होकर एसडीएम नीरज खरे और तहसीलदार पलक जैन को एक शिकायती ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस अवैध फेंसिंग को तुरंत हटाया जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।प्रशासन का रुख: जल्द चलेगा पीला पंजाइस गंभीर मामले को लेकर तहसीलदार पलक जैन ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, "शासकीय भूमि पर किसी भी व्यक्ति को अवैध रूप से कब्जा करने का कोई अधिकार नहीं है। मामले की जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। जल्द ही टीम भेजकर पहाड़ से अवैध फेंसिंग और अतिक्रमण को पूरी तरह हटा दिया जाएगा।"अब देखना यह होगा कि प्रशासन का 'पीला पंजा' इस रसूखदार सरपंच पति के अवैध मसूबे पर कब तक चलता है और कब इन बेजुबान मवेशियों को उनका चारागाह वापस मिलता है।
    user_Mahendra Kumar Dubey
    Mahendra Kumar Dubey
    Voice of people जतारा, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • पलेरा में पटवारियों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारीकैडर रिव्यू, पदोन्नति, समयमान वेतनमान सहित 5 सूत्रीय मांगों को लेकर पटवारियों का अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी है। 📍 पलेरा में पटवारियों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी कैडर रिव्यू, पदोन्नति, समयमान वेतनमान सहित 5 सूत्रीय मांगों को लेकर पटवारियों का अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी है। तहसील पलेरा अधिवक्ता संघ ने भी धरना स्थल पर पहुंचकर नैतिक समर्थन दिया। हड़ताल से नामांतरण, सीमांकन और अन्य राजस्व कार्य प्रभावित होने लगे हैं, जिससे किसानों और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ✍️ रिपोर्ट: मुहम्मद ख्वाजा, टीकमगढ़ #Palera #PatwariStrike #Tikamgarh #MadhyaPradesh #RevenueDepartment #PatwariUnion #BreakingNews
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    पलेरा में पटवारियों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारीकैडर रिव्यू, पदोन्नति, समयमान वेतनमान सहित 5 सूत्रीय मांगों को लेकर पटवारियों का अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी है।
📍 पलेरा में पटवारियों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी
कैडर रिव्यू, पदोन्नति, समयमान वेतनमान सहित 5 सूत्रीय मांगों को लेकर पटवारियों का अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी है। तहसील पलेरा अधिवक्ता संघ ने भी धरना स्थल पर पहुंचकर नैतिक समर्थन दिया। हड़ताल से नामांतरण, सीमांकन और अन्य राजस्व कार्य प्रभावित होने लगे हैं, जिससे किसानों और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
✍️ रिपोर्ट: मुहम्मद ख्वाजा, टीकमगढ़
#Palera #PatwariStrike #Tikamgarh #MadhyaPradesh #RevenueDepartment #PatwariUnion #BreakingNews
    user_MUHAMMAD KHWAJA JOURNALIST
    MUHAMMAD KHWAJA JOURNALIST
    Media company पलेरा, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • पलेरा में पटवारियों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी, अधिवक्ता संघ ने दिया नैतिक समर्थन, कैडर रिव्यू, पदोन्नति और वेतनमान सहित पांच सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन, राजस्व कार्य प्रभावित होने से किसान परेशान... पलेरा। मध्यप्रदेश पटवारी संघ के आह्वान पर जिलेभर में चल रही अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रही। इसी क्रम में तहसील पलेरा परिसर में सभी पटवारी एकत्रित हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना प्रदर्शन किया। आंदोलन के दौरान पटवारियों ने अपनी लंबित पांच सूत्रीय मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग दोहराई। धरना स्थल पर तहसील पलेरा अधिवक्ता संघ के सदस्यों ने पहुंचकर पटवारी संघ के आंदोलन को नैतिक समर्थन दिया। तहसील पलेरा पटवारी संघ के अध्यक्ष सुनील अहिरवार ने अधिवक्ता संघ सहित क्षेत्र के किसानों एवं सरपंचों द्वारा मिले समर्थन पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा पूर्व में संघ की दो मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिए गए हैं, जो स्वागत योग्य हैं, लेकिन कैडर रिव्यू, पदोन्नति, समयमान वेतनमान सहित अन्य लंबित मांगों के समाधान तक आंदोलन जारी रहेगा।पटवारियों का कहना है कि वर्षों से लंबित मांगों पर शासन स्तर से अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। हड़ताल के कारण नामांतरण, सीमांकन, फसल गिरदावरी सहित कई महत्वपूर्ण राजस्व कार्य प्रभावित होने की संभावना है, जिससे आम नागरिकों और किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। धरना प्रदर्शन में कालीचरण अहिरवार, मनमोहन तिवारी, धर्मदास सौर, राहुल सेन, सौरभ तिवारी, ऋषभ साहू, नीतेश कोली, प्रवीण चौधरी, अजीत जैन, मनीष खरे, मुकेश कुशवाहा, इसरार खान, अवधेश दुबे, रवि यादव, नरेंद्र पटेल, किशोरी अहिरवार, मुकुल चंदेल, दीपक मिश्रा, रूपक, वैभव, रामप्रीत सिंह, मोहित अहिरवार, विष्णु चंदेल, जितेंद्र साहू सहित तहसील पलेरा के समस्त पटवारी उपस्थित रहे। पलेरा में पटवारियों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी, अधिवक्ता संघ ने दिया नैतिक समर्थन, कैडर रिव्यू, पदोन्नति और वेतनमान सहित पांच सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन, राजस्व कार्य प्रभावित होने से किसान परेशान... पलेरा। मध्यप्रदेश पटवारी संघ के आह्वान पर जिलेभर में चल रही अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रही। इसी क्रम में तहसील पलेरा परिसर में सभी पटवारी एकत्रित हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना प्रदर्शन किया। आंदोलन के दौरान पटवारियों ने अपनी लंबित पांच सूत्रीय मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग दोहराई। धरना स्थल पर तहसील पलेरा अधिवक्ता संघ के सदस्यों ने पहुंचकर पटवारी संघ के आंदोलन को नैतिक समर्थन दिया। तहसील पलेरा पटवारी संघ के अध्यक्ष सुनील अहिरवार ने अधिवक्ता संघ सहित क्षेत्र के किसानों एवं सरपंचों द्वारा मिले समर्थन पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा पूर्व में संघ की दो मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिए गए हैं, जो स्वागत योग्य हैं, लेकिन कैडर रिव्यू, पदोन्नति, समयमान वेतनमान सहित अन्य लंबित मांगों के समाधान तक आंदोलन जारी रहेगा।पटवारियों का कहना है कि वर्षों से लंबित मांगों पर शासन स्तर से अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। हड़ताल के कारण नामांतरण, सीमांकन, फसल गिरदावरी सहित कई महत्वपूर्ण राजस्व कार्य प्रभावित होने की संभावना है, जिससे आम नागरिकों और किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। धरना प्रदर्शन में कालीचरण अहिरवार, मनमोहन तिवारी, धर्मदास सौर, राहुल सेन, सौरभ तिवारी, ऋषभ साहू, नीतेश कोली, प्रवीण चौधरी, अजीत जैन, मनीष खरे, मुकेश कुशवाहा, इसरार खान, अवधेश दुबे, रवि यादव, नरेंद्र पटेल, किशोरी अहिरवार, मुकुल चंदेल, दीपक मिश्रा, रूपक, वैभव, रामप्रीत सिंह, मोहित अहिरवार, विष्णु चंदेल, जितेंद्र साहू सहित तहसील पलेरा के समस्त पटवारी उपस्थित रहे।
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    पलेरा में पटवारियों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी, अधिवक्ता संघ ने दिया नैतिक समर्थन,

कैडर रिव्यू, पदोन्नति और वेतनमान सहित पांच सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन, राजस्व कार्य प्रभावित होने से किसान परेशान...


पलेरा। मध्यप्रदेश पटवारी संघ के आह्वान पर जिलेभर में चल रही अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रही। इसी क्रम में तहसील पलेरा परिसर में सभी पटवारी एकत्रित हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना प्रदर्शन किया। आंदोलन के दौरान पटवारियों ने अपनी लंबित पांच सूत्रीय मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग दोहराई।
धरना स्थल पर तहसील पलेरा अधिवक्ता संघ के सदस्यों ने पहुंचकर पटवारी संघ के आंदोलन को नैतिक समर्थन दिया। तहसील पलेरा पटवारी संघ के अध्यक्ष सुनील अहिरवार ने अधिवक्ता संघ सहित क्षेत्र के किसानों एवं सरपंचों द्वारा मिले समर्थन पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा पूर्व में संघ की दो मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिए गए हैं, जो स्वागत योग्य हैं, लेकिन कैडर रिव्यू, पदोन्नति, समयमान वेतनमान सहित अन्य लंबित मांगों के समाधान तक आंदोलन जारी रहेगा।पटवारियों का कहना है कि वर्षों से लंबित मांगों पर शासन स्तर से अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। हड़ताल के कारण नामांतरण, सीमांकन, फसल गिरदावरी सहित कई महत्वपूर्ण राजस्व कार्य प्रभावित होने की संभावना है, जिससे आम नागरिकों और किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
धरना प्रदर्शन में कालीचरण अहिरवार, मनमोहन तिवारी, धर्मदास सौर, राहुल सेन, सौरभ तिवारी, ऋषभ साहू, नीतेश कोली, प्रवीण चौधरी, अजीत जैन, मनीष खरे, मुकेश कुशवाहा, इसरार खान, अवधेश दुबे, रवि यादव, नरेंद्र पटेल, किशोरी अहिरवार, मुकुल चंदेल, दीपक मिश्रा, रूपक, वैभव, रामप्रीत सिंह, मोहित अहिरवार, विष्णु चंदेल, जितेंद्र साहू सहित तहसील पलेरा के समस्त पटवारी उपस्थित रहे।
पलेरा में पटवारियों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी, अधिवक्ता संघ ने दिया नैतिक समर्थन,
कैडर रिव्यू, पदोन्नति और वेतनमान सहित पांच सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन, राजस्व कार्य प्रभावित होने से किसान परेशान...
पलेरा। मध्यप्रदेश पटवारी संघ के आह्वान पर जिलेभर में चल रही अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रही। इसी क्रम में तहसील पलेरा परिसर में सभी पटवारी एकत्रित हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना प्रदर्शन किया। आंदोलन के दौरान पटवारियों ने अपनी लंबित पांच सूत्रीय मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग दोहराई।
धरना स्थल पर तहसील पलेरा अधिवक्ता संघ के सदस्यों ने पहुंचकर पटवारी संघ के आंदोलन को नैतिक समर्थन दिया। तहसील पलेरा पटवारी संघ के अध्यक्ष सुनील अहिरवार ने अधिवक्ता संघ सहित क्षेत्र के किसानों एवं सरपंचों द्वारा मिले समर्थन पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा पूर्व में संघ की दो मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिए गए हैं, जो स्वागत योग्य हैं, लेकिन कैडर रिव्यू, पदोन्नति, समयमान वेतनमान सहित अन्य लंबित मांगों के समाधान तक आंदोलन जारी रहेगा।पटवारियों का कहना है कि वर्षों से लंबित मांगों पर शासन स्तर से अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। हड़ताल के कारण नामांतरण, सीमांकन, फसल गिरदावरी सहित कई महत्वपूर्ण राजस्व कार्य प्रभावित होने की संभावना है, जिससे आम नागरिकों और किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
धरना प्रदर्शन में कालीचरण अहिरवार, मनमोहन तिवारी, धर्मदास सौर, राहुल सेन, सौरभ तिवारी, ऋषभ साहू, नीतेश कोली, प्रवीण चौधरी, अजीत जैन, मनीष खरे, मुकेश कुशवाहा, इसरार खान, अवधेश दुबे, रवि यादव, नरेंद्र पटेल, किशोरी अहिरवार, मुकुल चंदेल, दीपक मिश्रा, रूपक, वैभव, रामप्रीत सिंह, मोहित अहिरवार, विष्णु चंदेल, जितेंद्र साहू सहित तहसील पलेरा के समस्त पटवारी उपस्थित रहे।
    user_Manish Yadav
    Manish Yadav
    पलेरा, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • पलेरा में पटवारियों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी, अधिवक्ता संघ ने दिया नैतिक समर्थन कैडर रिव्यू, पदोन्नति और वेतनमान सहित पांच सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन, राजस्व कार्य प्रभावित होने से किसान परेशान पलेरा में पटवारियों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी, अधिवक्ता संघ ने दिया नैतिक समर्थन कैडर रिव्यू, पदोन्नति और वेतनमान सहित पांच सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन, राजस्व कार्य प्रभावित होने से किसान परेशान पलेरा। मध्यप्रदेश पटवारी संघ के आह्वान पर जिलेभर में चल रही अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रही। इसी क्रम में तहसील पलेरा परिसर में सभी पटवारी एकत्रित हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना प्रदर्शन किया। आंदोलन के दौरान पटवारियों ने अपनी लंबित पांच सूत्रीय मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग दोहराई। धरना स्थल पर तहसील पलेरा अधिवक्ता संघ के सदस्यों ने पहुंचकर पटवारी संघ के आंदोलन को नैतिक समर्थन दिया। तहसील पलेरा पटवारी संघ के अध्यक्ष सुनील अहिरवार ने अधिवक्ता संघ सहित क्षेत्र के किसानों एवं सरपंचों द्वारा मिले समर्थन पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा पूर्व में संघ की दो मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिए गए हैं, जो स्वागत योग्य हैं, लेकिन कैडर रिव्यू, पदोन्नति, समयमान वेतनमान सहित अन्य लंबित मांगों के समाधान तक आंदोलन जारी रहेगा। पटवारियों का कहना है कि वर्षों से लंबित मांगों पर शासन स्तर से अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। हड़ताल के कारण नामांतरण, सीमांकन, फसल गिरदावरी सहित कई महत्वपूर्ण राजस्व कार्य प्रभावित होने की संभावना है, जिससे आम नागरिकों और किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। धरना प्रदर्शन में कालीचरण अहिरवार, मनमोहन तिवारी, धर्मदास सौर, राहुल सेन, सौरभ तिवारी, ऋषभ साहू, नीतेश कोली, प्रवीण चौधरी, अजीत जैन, मनीष खरे, मुकेश कुशवाहा, इसरार खान, अवधेश दुबे, रवि यादव, नरेंद्र पटेल, किशोरी अहिरवार, मुकुल चंदेल, दीपक मिश्रा, रूपक, वैभव, रामप्रीत सिंह, मोहित अहिरवार, विष्णु चंदेल, जितेंद्र साहू सहित तहसील पलेरा के समस्त पटवारी उपस्थित रहे।
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    पलेरा में पटवारियों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी, अधिवक्ता संघ ने दिया नैतिक समर्थन

कैडर रिव्यू, पदोन्नति और वेतनमान सहित पांच सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन, राजस्व कार्य प्रभावित होने से किसान परेशान
पलेरा में पटवारियों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी, अधिवक्ता संघ ने दिया नैतिक समर्थन
कैडर रिव्यू, पदोन्नति और वेतनमान सहित पांच सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन, राजस्व कार्य प्रभावित होने से किसान परेशान
पलेरा। मध्यप्रदेश पटवारी संघ के आह्वान पर जिलेभर में चल रही अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रही। इसी क्रम में तहसील पलेरा परिसर में सभी पटवारी एकत्रित हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना प्रदर्शन किया। आंदोलन के दौरान पटवारियों ने अपनी लंबित पांच सूत्रीय मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग दोहराई।
धरना स्थल पर तहसील पलेरा अधिवक्ता संघ के सदस्यों ने पहुंचकर पटवारी संघ के आंदोलन को नैतिक समर्थन दिया। तहसील पलेरा पटवारी संघ के अध्यक्ष सुनील अहिरवार ने अधिवक्ता संघ सहित क्षेत्र के किसानों एवं सरपंचों द्वारा मिले समर्थन पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा पूर्व में संघ की दो मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिए गए हैं, जो स्वागत योग्य हैं, लेकिन कैडर रिव्यू, पदोन्नति, समयमान वेतनमान सहित अन्य लंबित मांगों के समाधान तक आंदोलन जारी रहेगा।
पटवारियों का कहना है कि वर्षों से लंबित मांगों पर शासन स्तर से अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। हड़ताल के कारण नामांतरण, सीमांकन, फसल गिरदावरी सहित कई महत्वपूर्ण राजस्व कार्य प्रभावित होने की संभावना है, जिससे आम नागरिकों और किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
धरना प्रदर्शन में कालीचरण अहिरवार, मनमोहन तिवारी, धर्मदास सौर, राहुल सेन, सौरभ तिवारी, ऋषभ साहू, नीतेश कोली, प्रवीण चौधरी, अजीत जैन, मनीष खरे, मुकेश कुशवाहा, इसरार खान, अवधेश दुबे, रवि यादव, नरेंद्र पटेल, किशोरी अहिरवार, मुकुल चंदेल, दीपक मिश्रा, रूपक, वैभव, रामप्रीत सिंह, मोहित अहिरवार, विष्णु चंदेल, जितेंद्र साहू सहित तहसील पलेरा के समस्त पटवारी उपस्थित रहे।
    user_Sonu Vishwakarma Palera Journalist
    Sonu Vishwakarma Palera Journalist
    Bansal news channel Palera पलेरा, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • खाली प्लॉट पर कब्जे का प्यास मलिक को जान से मारने कि धमकी देने का आरोप खाली प्लॉट पर कब्जे का प्रयास, मालिक को धमकी देने का आरोप छात्रावास के पास वैशाली नगर कॉलोनी का मामला, प्लॉट मालिक ने सुरक्षा की लगाई गुहार टीकमगढ़। शहर की वैशाली नगर कॉलोनी में छात्रावास के पास स्थित एक खाली प्लॉट को लेकर विवाद सामने आया है। प्लॉट मालिक रतिराम रजक के परिवार ने आरोप लगाया है कि एक दबंग परिवार द्वारा उसके प्लॉट पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। विरोध करने पर उसे कथित रूप से जान से मारने की धमकियां भी दी जा रही हैं। प्लॉट मालिक के अनुसार, उक्त भूमि पर उसका स्वामित्व है और वह लंबे समय से प्लॉट की देखरेख करता आ रहा है। आरोप है कि कुछ लोग प्लॉट पर अपना कब्जा जमाने की कोशिश कर रहे हैं। जब प्लॉट मालिक ने इसका विरोध किया तो कथित तौर पर विवाद बढ़ गया और उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। मामला छात्रावास के समीप होने के कारण क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। पीड़ित प्लॉट मालिक ने संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कर भूमि पर किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को रोकने तथा अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग की है। अब देखना यह है कि प्रशासन द्वारा मामले की जांच कर भूमि संबंधी दस्तावेजों और वास्तविक स्थिति का परीक्षण करते हुए क्या कार्रवाई की जाती है।
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    खाली प्लॉट पर कब्जे का प्यास मलिक को जान से मारने कि धमकी देने का आरोप 
खाली प्लॉट पर कब्जे का प्रयास, मालिक को धमकी देने का आरोप
छात्रावास के पास वैशाली नगर कॉलोनी का मामला, प्लॉट मालिक ने सुरक्षा की लगाई गुहार
टीकमगढ़। शहर की वैशाली नगर कॉलोनी में छात्रावास के पास स्थित एक खाली प्लॉट को लेकर विवाद सामने आया है। प्लॉट मालिक रतिराम रजक के परिवार ने आरोप लगाया है कि एक दबंग परिवार द्वारा उसके प्लॉट पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। विरोध करने पर उसे कथित रूप से जान से मारने की धमकियां भी दी जा रही हैं।
प्लॉट मालिक के अनुसार, उक्त भूमि पर उसका स्वामित्व है और वह लंबे समय से प्लॉट की देखरेख करता आ रहा है। आरोप है कि कुछ लोग प्लॉट पर अपना कब्जा जमाने की कोशिश कर रहे हैं। जब प्लॉट मालिक ने इसका विरोध किया तो कथित तौर पर विवाद बढ़ गया और उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई।
मामला छात्रावास के समीप होने के कारण क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। पीड़ित प्लॉट मालिक ने संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कर भूमि पर किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को रोकने तथा अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग की है।
अब देखना यह है कि प्रशासन द्वारा मामले की जांच कर भूमि संबंधी दस्तावेजों और वास्तविक स्थिति का परीक्षण करते हुए क्या कार्रवाई की जाती है।
    user_ब्यूरो पत्रकार सुरेश चौधरी BLG
    ब्यूरो पत्रकार सुरेश चौधरी BLG
    Farmer बलदेवगढ़, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • जतारा नगर में रोज़ लग रहा जाम, राहगीर और वाहन चालक हो रहे परेशान जतारा नगर में रोज़ लग रहा जाम, राहगीर और वाहन चालक हो रहे परेशान , अतिक्रमण और बढ़ते वाहनों से बिगड़ रही यातायात व्यवस्था जतारा। नगर में आए दिन लगने वाले जाम से आम नागरिकों, व्यापारियों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मुख्य बाजार, बस स्टैंड, अस्पताल मार्ग और प्रमुख चौराहों पर सुबह से शाम तक वाहनों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़कों पर अतिक्रमण, बेतरतीब पार्किंग, सड़क किनारे खड़े भारी वाहन और यातायात व्यवस्था की कमी के कारण जाम की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। जाम के कारण स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राएं, मरीज, एंबुलेंस और रोजमर्रा के काम से निकलने वाले लोगों को समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचने में कठिनाई होती है। नगरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि मुख्य बाजार क्षेत्र में नियमित यातायात व्यवस्था लागू की जाए, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई हो तथा प्रमुख चौराहों पर यातायात पुलिस की तैनाती बढ़ाई जाए, ताकि नगरवासियों को रोजाना लगने वाले जाम से राहत मिल सके।
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    जतारा नगर में रोज़ लग रहा जाम, राहगीर और वाहन चालक हो रहे परेशान

जतारा नगर में रोज़ लग रहा जाम, राहगीर और वाहन चालक हो रहे परेशान 
, अतिक्रमण और बढ़ते वाहनों से बिगड़ रही यातायात व्यवस्था
जतारा। नगर में आए दिन लगने वाले जाम से आम नागरिकों, व्यापारियों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मुख्य बाजार, बस स्टैंड, अस्पताल मार्ग और प्रमुख चौराहों पर सुबह से शाम तक वाहनों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़कों पर अतिक्रमण, बेतरतीब पार्किंग, सड़क किनारे खड़े भारी वाहन और यातायात व्यवस्था की कमी के कारण जाम की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। जाम के कारण स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राएं, मरीज, एंबुलेंस और रोजमर्रा के काम से निकलने वाले लोगों को समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचने में कठिनाई होती है।
नगरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि मुख्य बाजार क्षेत्र में नियमित यातायात व्यवस्था लागू की जाए, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई हो तथा प्रमुख चौराहों पर यातायात पुलिस की तैनाती बढ़ाई जाए, ताकि नगरवासियों को रोजाना लगने वाले जाम से राहत मिल सके।
    user_Mahendra Kumar Dubey
    Mahendra Kumar Dubey
    Voice of people जतारा, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • थाना परिसर में टीआई के सामने युवती ने निगला जहर video वाइरल पुलिस पर एफआईआर दर्ज न करने का आरोप ..24 घण्टे में दूसरा मामला छतरपुर: अस्पताल परिसर में बिलख-बिलख कर रोए परिजन, पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप! 'पुलिस ने बर्बाद कर दी ज़िंदगी, लाद दिए फर्जी केस'; महाराजपुर घटना का नया वीडियो वायरल महाराजपुर थाने में युवती द्वारा जहर खाने के मामले में अब दूसरा वीडियो सामने आया है। वीडियो में अस्पताल के बाहर पीड़िता के परिजन रो-रोकर अपना दर्द बयां करते और पुलिस पर फर्जी केस दर्ज करने का आरोप लगाते दिख रहे हैं। परिजनों का सीधा आरोप— "टीआई ने हमारी एक न सुनी, उल्टा हम पर ही केस लाद दिए और जिंदगी बर्बाद कर दी!" पीड़ितों की सुनवाई न करने और फर्जी केस लादने के आरोप... #ChhatarpurNews #MaharajpurCase #ViralVideoChhatarpur #ChhatarpurPolice #बुलंदछतरपुर
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    थाना परिसर में टीआई के सामने युवती ने निगला जहर video वाइरल पुलिस पर एफआईआर दर्ज न करने का आरोप ..24 घण्टे में दूसरा मामला
छतरपुर: अस्पताल परिसर में बिलख-बिलख कर रोए परिजन, पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप!
'पुलिस ने बर्बाद कर दी ज़िंदगी, लाद दिए फर्जी केस'; महाराजपुर घटना का नया वीडियो वायरल
महाराजपुर थाने में युवती द्वारा जहर खाने के मामले में अब दूसरा वीडियो सामने आया है। वीडियो में अस्पताल  के बाहर पीड़िता के परिजन रो-रोकर अपना दर्द बयां करते और पुलिस पर फर्जी केस दर्ज करने का आरोप लगाते दिख रहे हैं।
परिजनों का सीधा आरोप— "टीआई ने हमारी एक न सुनी, उल्टा हम पर ही केस लाद दिए और जिंदगी बर्बाद कर दी!"
पीड़ितों की सुनवाई न करने और फर्जी केस लादने के आरोप...
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#बुलंदछतरपुर
    user_राम सिंह यादव जिला ब्यूरो चीफ
    राम सिंह यादव जिला ब्यूरो चीफ
    Spa पलेरा, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
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