प्राथमिक उपचार देकर 108 एंबुलेंस के ईएमटी ने नवजात शिशु का ऑक्सीजन लेवल 70% से 95% तक पहुंचाया प्राथमिक उपचार देकर 108 एंबुलेंस के ईएमटी ने नवजात शिशु का ऑक्सीजन लेवल 70% से 95% तक पहुंचाया सोनभद्र: उत्तर प्रदेश सरकार की संचालित 108 एंबुलेंस सेवा मरीजों की जान बचाने के लिए 24 घंटे तत्पर रहती है। एंबुलेंस में तैनात प्रशिक्षित ईएमटी रास्ते में मरीज का SpO2, पल्स समेत अन्य शारीरिक स्थिति की जानकारी लेकर विभागीय डॉक्टरों की टीम से सुझाव प्राप्त कर प्राथमिक उपचार देते हुए अस्पताल पहुंचाते हैं। शनिवार को CHC चोपन से एक नवजात शिशु को रेफर कर 108 एंबुलेंस को फोन किया गया। तुरंत UP32EG4156 नंबर की एंबुलेंस समय पर पहुंच गई। पायलट श्री अमित और ईएमटी विपिन कुमार बिंद ने पाया कि शिशु की हालत नाजुक थी। ईएमटी विपिन ने तुरंत SpO2 चेक किया, जो मात्र 70% था। ईएमटी की सूझबूझ से 2 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन देते हुए शिशु को शिफ्ट किया गया। ERCP डॉक्टर शैलेंद्र की सहायता से सिंपल फेस मास्क लगाकर ऑक्सीजन प्रदान की गई। परिणामस्वरूप, शिशु का ऑक्सीजन लेवल 95% तक पहुंच गया। शिशु को सोनभद्र के डिस्ट्रिक्ट अस्पताल लोढ़ी में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों और परिजनों ने ईएमटी की बहादुरी और तत्परता की खूब सराहना की। 108 एंबुलेंस सेवा का यह प्रयास एक बार फिर साबित करता है कि प्रशिक्षित टीम समय पर पहुंचकर जिंदगियां बचा रही है।
प्राथमिक उपचार देकर 108 एंबुलेंस के ईएमटी ने नवजात शिशु का ऑक्सीजन लेवल 70% से 95% तक पहुंचाया प्राथमिक उपचार देकर 108 एंबुलेंस के ईएमटी ने नवजात शिशु का ऑक्सीजन लेवल 70% से 95% तक पहुंचाया सोनभद्र: उत्तर प्रदेश सरकार की संचालित 108 एंबुलेंस सेवा मरीजों की जान बचाने के लिए 24 घंटे तत्पर रहती है। एंबुलेंस में तैनात प्रशिक्षित ईएमटी रास्ते में मरीज का SpO2, पल्स समेत अन्य शारीरिक स्थिति की जानकारी लेकर विभागीय डॉक्टरों की टीम से सुझाव प्राप्त कर प्राथमिक उपचार देते हुए अस्पताल पहुंचाते हैं। शनिवार को CHC चोपन से एक नवजात शिशु को रेफर कर 108 एंबुलेंस को फोन किया गया। तुरंत UP32EG4156 नंबर की एंबुलेंस समय पर पहुंच गई। पायलट श्री अमित और ईएमटी विपिन कुमार बिंद ने पाया कि शिशु की हालत नाजुक थी। ईएमटी विपिन ने तुरंत SpO2 चेक किया, जो मात्र 70% था। ईएमटी की सूझबूझ से 2 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन देते हुए शिशु को शिफ्ट किया गया। ERCP डॉक्टर शैलेंद्र की सहायता से सिंपल फेस मास्क लगाकर ऑक्सीजन प्रदान की गई। परिणामस्वरूप, शिशु का ऑक्सीजन लेवल 95% तक पहुंच गया। शिशु को सोनभद्र के डिस्ट्रिक्ट अस्पताल लोढ़ी में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों और परिजनों ने ईएमटी की बहादुरी और तत्परता की खूब सराहना की। 108 एंबुलेंस सेवा का यह प्रयास एक बार फिर साबित करता है कि प्रशिक्षित टीम समय पर पहुंचकर जिंदगियां बचा रही है।
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- जसवंतनगर:उपाध्याय श्री 108 मेडिटेशन गुरु विहसंत सागर जी महाराज दो पीछी सहित का सोमवार को सैमरा से विहार करते हुए जसवंतनगर में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। गुरुदेव की मंगलमय अगवानी के लिए जैन समाज के श्रद्धालु बड़ी संख्या में सैमरा पहुंचे और विहार कराते हुए ढोल-नगाड़ों के साथ उन्हें नगर में लाया गया। गौरतलब है कि विगत 1 मार्च को गुरुदेव आगरा से विहार करते हुए जैतपुरा क्षेत्र उदी मोड़, इटावा के लिए प्रस्थान कर चुके हैं। जैतपुरा में 15 मार्च को प्रस्तावित विहंसत सागर तीर्थधाम के शिलान्यास कार्यक्रम में पहुंचने के लिए उनका पद विहार जारी है। इसी क्रम में सोमवार को वे जसवंतनगर पहुंचे। नगर पहुंचने पर जैन समाज के श्रद्धालुओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ नृत्य करते हुए, पाद प्रक्षालन और आरती कर गुरुदेव की भव्य अगवानी की। इसके पश्चात श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में गुरुदेव के मंगलमय प्रवचन आयोजित हुए। प्रवचन में उपाध्याय श्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया में अधिकांश रिश्ते स्वार्थ से जुड़े हुए हैं, लेकिन मुनिराज बिना किसी स्वार्थ के समाज को धर्ममय जीवन जीने की शिक्षा देते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान के दर्शन करते समय अपनी आत्मा का दर्शन करना चाहिए, क्योंकि मानव जीवन बहुत अल्प समय के लिए मिला है। इसलिए दूसरों की कमियों को देखने के बजाय अपने आत्मकल्याण में समय लगाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि धर्म करने से संकट नहीं आते, बल्कि यह जीवन की परीक्षा होती है। भगवान की भक्ति और गुरु मार्ग पर चलने से साधक समता और शील को धारण करता है। निग्रन्थ साधु समता के प्रतीक होते हैं, वे शत्रुता नहीं बल्कि आत्मशुद्धि का संदेश देते हैं। यही कारण है कि समाज दूर-दूर से मुनिराजों को अपने नगर में आमंत्रित कर समता का पाठ सीखता है। इस अवसर पर जैतपुरा तीर्थ के लिए जसवंतनगर के 11 श्रेष्ठ दाताओं ने शिला राशि अर्पित की। कार्यक्रम में जैन समाज के अनेक श्रद्धालु एवं गुरु भक्त उपस्थित रहे और सभी ने धर्म लाभ प्राप्त किया।1
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- करणी सेना राष्ट्रीय उपाध्यक्ष योगेंद्र राणा और एक डॉक्टर के बीच जमकर मारपीट हुई. दोनों ने एक दूसरे को कई थप्पड़ मारे. वीडियो सोशल मीडिया पर पंछी बनू उड़ता फिरू आज गगन में है मुरादाबाद, यूपी1
- इटावा के महेवा ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत मेंहदीपुर स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में छात्रों से झाड़ू लगवाने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। ग्रामीणों ने प्रधानाध्यापक अम्बरीश कुमार पर विद्यार्थियों से विद्यालय परिसर में साफ-सफाई करवाने का आरोप लगाया है। इस मामले में एबीएसए महेवा उदयराज सिंह ने प्रधानाध्यापक को नोटिस जारी किया है और विभागीय कार्रवाई की बात कही है। घटना सोमवार की है। विद्यालय परिसर में विद्यार्थी पढ़ाई के बजाय साफ-सफाई करते दिखाई दिए। प्रधानाध्यापक पर विशेष रूप से छात्रा दीक्षा से यह काम करवाने का आरोप है। बच्चों से झाड़ू लगवाते हुए वीडियो और तस्वीरें भी सामने आई हैं। जिसके बाद अभिभावकों ने इस पर चिंता जताई है। शिक्षा विभाग से कार्रवाई की मांग ग्रामीणों और अभिभावकों ने इस घटना पर नाराजगी व्यक्त की है। अभिभावकों मुनेश सिंह, बिश्राम सिंह और विमल कुमार ने कहा कि स्कूल शिक्षा का केंद्र है। हम अपने बच्चों को स्कूल में पढ़ने के लिए भेजते हैं। अगर वहां जाकर बच्चे पढ़ाई के बजाए कक्षा की सफाई कराई जा रही है तो यह नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने शिक्षा विभाग से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।1
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- जसवंतनगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) परिसर में सोमवार को 'पंचनद कैंटीन' का शुभारंभ किया गया। उत्तर प्रदेश राज्य आजीविका मिशन 'प्रेरणा' के तहत संचालित इस कैंटीन का उद्घाटन राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती पूनम द्विवेदी ने फीता काटकर किया। इसके संचालन की जिम्मेदारी केस्त गांव के 'राधे-राधे' स्वयं सहायता समूह से जुड़ी श्रीमती रजनी देवी को सौंपी गई है। उद्घाटन के अवसर पर श्रीमती पूनम द्विवेदी ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सशक्त कर रही है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य आजीविका मिशन के तहत लाखों महिलाएं स्वयं सहायता समूह बनाकर स्वरोजगार से जुड़ रही हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है और वे परिवार की जिम्मेदारियों में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। श्रीमती द्विवेदी ने आगे कहा कि ऐसी पहल से महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ता है और समाज में उनकी भागीदारी भी मजबूत होती है। इस कैंटीन के माध्यम से अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को चाय, नाश्ता और अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सकेगी। इस अवसर पर सीएचसी अधीक्षक डॉ. वीरेन्द्र सिंह, डॉ. तृप्ति शुक्ला, महिला थाना प्रभारी निर्मला कुमारी सहित अस्पताल के कर्मचारी और स्वयं सहायता समूह से जुड़ी कई महिलाएं उपस्थित थीं। सभी ने महिला समूह की इस पहल की सराहना करते हुए इसे आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।1
- Post by Sandesh yadav ji1