Shuru
Apke Nagar Ki App…
नजीबाबाद में पूरे शहर में चल रहा अवैद्य मिट्टी खनन नजीबाबाद में शहर के चारों तरफ चल रहा हे अवैद्य मिट्टी का खनन सड़कों पर उड़ती धूल सड़कों पर हर जगह जगह मिट्टी गिर रही हे धूल उड़ रही और सड़कों पर चलने वाले राहगीरों को और स्कूल जाने वाले बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा हे और नजीबाबाद प्रशाशन मौन
Raj Sharma
नजीबाबाद में पूरे शहर में चल रहा अवैद्य मिट्टी खनन नजीबाबाद में शहर के चारों तरफ चल रहा हे अवैद्य मिट्टी का खनन सड़कों पर उड़ती धूल सड़कों पर हर जगह जगह मिट्टी गिर रही हे धूल उड़ रही और सड़कों पर चलने वाले राहगीरों को और स्कूल जाने वाले बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा हे और नजीबाबाद प्रशाशन मौन
More news from Bijnor and nearby areas
- जिला बिजनोर क्षेत्र कोतवाली के एक व्यक्ति ने जज को दे डाली देखलेने की धमकी। धमकी के बाद जज के छूटे पसीने।1
- क्रिकेटर रिंकू सिंह ने पिता को दी अंतिम विदाई, नम आंखों से किया अंतिम संस्कार1
- नहटौर में रिश्तों का काला सच! दामाद ने ससुराल में की करोड़ों की चोरी #Nahatour #BreakingNews #CrimeNews #Bijnor1
- धामपुर में होली का हुड़दंग शुरू धूमधाम के साथ निकल रहा है एकादशी का रंग1
- परिवार रजिस्टर की नकल पर विवाद, अवैध वसूली के आरोप में पंचायत सचिव घिरे ग्रामीणों ने सीडीओ से की शिकायत, 150 से 600 रुपये लेने का आरोप; सचिव ने बताया आरोप निराधार नहटौर — रिपोर्ट: पंकज कुमार दक्ष बिजनौर । नहटौर क्षेत्र की ग्राम पंचायत धनुपुरा अम्बर (धनुपुरा मच्छमार) में परिवार रजिस्टर की नकल जारी करने के नाम पर अवैध वसूली का मामला सामने आया है। ग्राम प्रधान फरीन परवीन सहित दर्जनों ग्रामीणों ने मुख्य विकास अधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर पंचायत सचिव के विरुद्ध निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि इन दिनों एसआईआर फॉर्म भरने के लिए परिवार रजिस्टर की नकल की आवश्यकता पड़ रही है, लेकिन नकल देने के नाम पर प्रति व्यक्ति 150 रुपये से लेकर 600 रुपये तक वसूले जा रहे हैं, जबकि निर्धारित सरकारी शुल्क इससे कम है। उनका कहना है कि निर्धारित शुल्क पर नकल देने का आग्रह करने पर कथित रूप से अभद्र व्यवहार भी किया गया। शिकायतकर्ताओं में तहाजुद्दीन, अलाउद्दीन, मोमीन, राशिद अली, मौ. अकरम, मौ. उमर, मौ. जुनैद, अकबर अली, रुखसार, वकीला सहित अन्य ग्रामीण शामिल हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस कार्यशैली से गांव में असंतोष का माहौल है और आमजन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। उधर, ग्राम पंचायत अधिकारी ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें निराधार बताया है। उनका कहना है कि सभी कार्य शासन के नियमों के अनुसार किए जा रहे हैं। अब शिकायतकर्ताओं की मांग पर प्रशासनिक स्तर पर आगे की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।2
- सिडकुल में हुड़दंग पर पुलिस का बड़ा प्रहार: 30 शराबी गिरफ्तार, 7500 रुपये संयोजन शुल्क वसूला महिलाओं से अभद्रता की शिकायतों के बाद सख्त एक्शन, सार्वजनिक स्थलों पर शराबखोरी पर जीरो टॉलरेंस स्वतंत्र पत्रकार: रामेश्वर गौड़ स्थान: हरिद्वार औद्योगिक क्षेत्र में बढ़ती शराबखोरी और हुड़दंग की घटनाओं पर पुलिस ने कड़ा शिकंजा कसते हुए गुरुवार को व्यापक अभियान चलाया। के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर थाना सिडकुल पुलिस ने अलग-अलग टीमें गठित कर सार्वजनिक स्थानों, शराब की दुकानों के आसपास और सड़क किनारे शराब पीकर उत्पात मचाने वाले 30 व्यक्तियों को धर दबोचा। सभी आरोपियों के विरुद्ध 81 पुलिस एक्ट के अंतर्गत चालानी कार्रवाई करते हुए कुल 7500 रुपये संयोजन शुल्क वसूला गया। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति देखी गई। महिलाओं पर फब्तियां कसने वालों को चेतावनी: “अब बख्शे नहीं जाएंगे” पिछले कुछ समय से शिकायतें मिल रही थीं कि फैक्ट्रियों की छुट्टी के समय कुछ शराबी तत्व राह चलती महिलाओं पर फब्तियां कसते हैं और माहौल को असुरक्षित बनाते हैं। इन गंभीर आरोपों को संज्ञान में लेते हुए पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि महिलाओं की गरिमा से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। थाना सिडकुल पुलिस ने पकड़े गए सभी व्यक्तियों को कड़ी चेतावनी देते हुए भविष्य में सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने या पिलाने से बाज आने की हिदायत दी। कानून का डंडा चला तो छूटा नशे का नशा अभियान के दौरान पुलिस की टीमें लगातार गश्त करती रहीं। सड़क किनारे खुलेआम शराब पी रहे लोगों को मौके पर ही हिरासत में लेकर चालान किया गया। पुलिस का कहना है कि यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा, ताकि औद्योगिक क्षेत्र की छवि और कानून व्यवस्था बनी रहे। कार्रवाई में शामिल रही मजबूत पुलिस टीम इस विशेष अभियान में थाना सिडकुल की टीम पूरी सक्रियता के साथ मैदान में उतरी। कार्रवाई का नेतृत्व थानाध्यक्ष नितेश शर्मा ने किया। उनके साथ वरिष्ठ उपनिरीक्षक देवेंद्र तोमर, उपनिरीक्षक इंद्रजीत राणा, उपनिरीक्षक अनिल बिष्ट, अपर उपनिरीक्षक अनिल कुमार, अपर उपनिरीक्षक सुभाष रावत, चेतक कर्मीगण एवं पीएसी बल मौजूद रहा। संदेश साफ: सार्वजनिक स्थानों पर शराबखोरी अब नहीं चलेगी सिडकुल क्षेत्र, जो उत्तराखंड के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में गिना जाता है, वहां इस प्रकार की घटनाएं कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बन रही थीं। पुलिस की यह कार्रवाई न केवल हुड़दंगियों के लिए चेतावनी है, बल्कि आम जनता—विशेषकर महिलाओं—को सुरक्षा का भरोसा भी देती है। अब देखना यह होगा कि यह सख्ती स्थायी रूप लेती है या फिर कुछ दिनों की कार्रवाई के बाद हालात फिर ढीले पड़ जाते हैं। फिलहाल पुलिस ने साफ कर दिया है— “सार्वजनिक स्थान पर शराब पीना और हुड़दंग करना अब भारी पड़ेगा।”2
- जिला बिजनोर क्षेत्र के स्योहारा में हुई शांति समिति की बैठक जिसमे नगर और गांव के सम्पूर्ण लोग पहुचे वही नगर के वरिष्ठ समाज सेवी डाक्टर मनोज। और थाना प्रभारी संजय कुमार जी उपस्थित रहे।2
- दिल्ली शराब घोटाला केस: CBI कोर्ट में केजरीवाल और सिसोदिया को राहत, ठोस सबूत नहीं मिले नई दिल्ली। दिल्ली शराब घोटाला मामले में आज बड़ा घटनाक्रम सामने आया। CBI की विशेष अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि जांच एजेंसी को मामले में कोई ठोस सबूत प्रस्तुत नहीं हुआ, जिसके आधार पर पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को दोषी ठहराया जा सके। अदालत के इस निर्णय के बाद दोनों नेताओं को बड़ी राहत मिली है। आम आदमी पार्टी ने इसे “सच्चाई की जीत” बताते हुए कहा कि राजनीतिक द्वेष के तहत लगाए गए आरोपों पर अब पूर्ण विराम लग गया है। पार्टी की ओर से बयान जारी कर इस संघर्ष में साथ देने वाले करोड़ों देशवासियों का आभार व्यक्त किया गया। वहीं, राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दलों और भाजपा की ओर से अब तक कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। गौरतलब है कि दिल्ली की नई आबकारी नीति को लेकर यह मामला लंबे समय से चर्चा में था और CBI व ED द्वारा जांच की जा रही थी। अदालत के ताजा निर्णय के बाद इस मामले की दिशा बदलती नजर आ रही है। आगे की कानूनी प्रक्रिया और आधिकारिक आदेश की प्रति आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।1
- Post by Deepak Kumar1