आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के पर्वतपुर सुलेमान गाँव में अवैध खनन माफियाओं का आतंक जारी है, जहाँ रात के अंधेरे में टीलों और खेतों से मिट्टी व मोरंग का धड़ल्ले से अवैध खनन किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि प्रतिदिन रात 8 से 10 बजे के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का काफिला खेतों में पहुँचता है, जिनकी पूरी रात चलने वाली आवाज़ से उनका सोना दूभर हो गया है। इस लगातार हो रहे खनन के कारण खेतों की उर्वरा शक्ति नष्ट हो रही है और गाँव के संपर्क मार्ग भी पूरी तरह खराब हो चुके हैं। पहले खनन माफियाओं के खौफ से शिकायत करने से कतराते रहे ग्रामीण, लेकिन अब खेतों को हो रहे भारी नुकसान और रास्तों के टूटने के बाद उनका सब्र जवाब दे गया है। इसी के चलते, सोमवार को दर्जनों ग्रामीणों ने एकजुट होकर प्रशासन से इस अवैध खनन पर रोक लगाने की माँग करते हुए शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों का आरोप है कि जिम्मेदारों की अनदेखी के कारण खनन माफिया बेखौफ होकर पर्यावरण और सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुँचा रहे हैं। इस अवैध खनन को लेकर स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है, और उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के पर्वतपुर सुलेमान गाँव में अवैध खनन माफियाओं का आतंक जारी है, जहाँ रात के अंधेरे में टीलों और खेतों से मिट्टी व मोरंग का धड़ल्ले से अवैध खनन किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि प्रतिदिन रात 8 से 10 बजे के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का काफिला खेतों में पहुँचता है, जिनकी पूरी रात चलने वाली आवाज़ से उनका सोना दूभर हो गया है। इस लगातार हो रहे खनन के कारण खेतों की उर्वरा शक्ति नष्ट हो रही है और गाँव के संपर्क मार्ग भी पूरी तरह खराब हो चुके हैं। पहले खनन माफियाओं के खौफ से शिकायत करने से कतराते रहे ग्रामीण, लेकिन अब खेतों को हो रहे भारी नुकसान और रास्तों के टूटने के बाद उनका सब्र जवाब दे गया है। इसी के चलते, सोमवार को दर्जनों ग्रामीणों ने एकजुट होकर प्रशासन से इस अवैध खनन पर रोक लगाने की माँग करते हुए शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों का आरोप है कि जिम्मेदारों की अनदेखी के कारण खनन माफिया बेखौफ होकर पर्यावरण और सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुँचा रहे हैं। इस अवैध खनन को लेकर स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है, और उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
- ।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।1
- आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के पर्वतपुर सुलेमान गाँव में अवैध खनन माफियाओं का आतंक जारी है, जहाँ रात के अंधेरे में टीलों और खेतों से मिट्टी व मोरंग का धड़ल्ले से अवैध खनन किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि प्रतिदिन रात 8 से 10 बजे के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का काफिला खेतों में पहुँचता है, जिनकी पूरी रात चलने वाली आवाज़ से उनका सोना दूभर हो गया है। इस लगातार हो रहे खनन के कारण खेतों की उर्वरा शक्ति नष्ट हो रही है और गाँव के संपर्क मार्ग भी पूरी तरह खराब हो चुके हैं। पहले खनन माफियाओं के खौफ से शिकायत करने से कतराते रहे ग्रामीण, लेकिन अब खेतों को हो रहे भारी नुकसान और रास्तों के टूटने के बाद उनका सब्र जवाब दे गया है। इसी के चलते, सोमवार को दर्जनों ग्रामीणों ने एकजुट होकर प्रशासन से इस अवैध खनन पर रोक लगाने की माँग करते हुए शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों का आरोप है कि जिम्मेदारों की अनदेखी के कारण खनन माफिया बेखौफ होकर पर्यावरण और सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुँचा रहे हैं। इस अवैध खनन को लेकर स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है, और उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।1
- प्रतापगढ़ जनपद के मान्धाता विकासखंड में ब्लॉक प्रमुख इसरार अहमद और उनके प्रतिनिधि अशफाक अहमद द्वारा पिछले चार सालों में कराए गए विकास कार्यों की ग्रामीणों ने जमकर सराहना की है। विशेष रूप से प्रसिद्ध जमुआ बाबा ब्रह्मचारी धाम परिसर में वर्षों से लंबित विकास कार्य पूरे होने पर ग्रामीणों में खुशी का माहौल है, जिसे लेकर उन्होंने ब्लॉक प्रमुख और उनके प्रतिनिधि को धन्यवाद दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि जो कार्य अब तक सांसद और विधायक स्तर से पूरे नहीं हो सके थे, उन्हें मान्धाता ब्लॉक प्रमुख और प्रमुख प्रतिनिधि अशफाक अहमद ने कर दिखाया है। धाम परिसर में बाउंड्री वॉल, आकर्षक लाइट व्यवस्था, धाम का जीर्णोद्धार और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर इंतजाम किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, मुख्य मार्ग के किनारे लगभग 600 मीटर तक इंटरलॉकिंग और दोनों तरफ आधुनिक लाइटें लगाई गई हैं, जिससे पूरे क्षेत्र की सुंदरता में वृद्धि हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि प्रमुख प्रतिनिधि अशफाक अहमद द्वारा बिना किसी भेदभाव के मंदिर और मस्जिद सहित सभी जाति और धर्म के लोगों के लिए विकास कार्य किए जा रहे हैं, जिसकी पहली प्राथमिकता विकास है। इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता रोहित सिंह समेत कई अन्य ग्रामीणों ने मौजूद रहकर इन कार्यों की सराहना की और कहा कि ऐसे विकास कार्यों से क्षेत्र की पहचान मजबूत होगी तथा श्रद्धालुओं को और भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। जमुआ बाबा ब्रह्मचारी धाम के अलावा खुयलन देवी धाम, बालाजी धाम और पूरे कंठी का भी बेहतर विकास किया गया है।1
- प्रतापगढ़ जिले के पट्टी क्षेत्र की ग्राम सभा निर्वाचन क्षेत्र में सहायक अध्यापक राघवेंद्र यादव लोगों में जनगणना कार्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से घर-घर जाकर जनगणना का कार्य कर रहे हैं। पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ चल रहे इस अभियान में ग्रामीणों से सही जानकारी देने की अपील की जा रही है, ताकि सरकार की योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुँच सके। यह अभियान भारत की 16वीं जनगणना कार्यक्रम का हिस्सा है। कंपोजिट विद्यालय रमईपुर नेवादा के सहायक अध्यापक राघवेंद्र यादव ने बताया कि जनगणना केवल आँकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि गाँव के विकास की मजबूत नींव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसंख्या, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक स्थिति की सही जानकारी से ही भविष्य की योजनाएँ तय होती हैं। इस जनगणना कार्य के दौरान ग्राम सभा में लोगों का भी अच्छा सहयोग मिल रहा है, और ग्रामीणों ने इस अभियान को गाँव के विकास व बेहतर सुविधाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया है। राघवेंद्र यादव ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे जनगणना टीम को सही एवं पूर्ण जानकारी दें, जिससे शासन की योजनाएँ सही लोगों तक पहुँचें और गाँव का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।3
- सुलतानपुर जनपद के संसारीपुर स्थित ज्ञानोदय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में प्रशिक्षक शिवकुमार श्रीवास्तव ने एक कठपुतली कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला के दौरान, बच्चों ने स्वयं कठपुतलियाँ बनाना सीखा और उन्हें धूप में सुखाने का काम किया। प्रशिक्षक ने बच्चों को कठपुतली बनाने और उन्हें संचालित करने की प्रक्रिया का व्यावहारिक रूप से नोट भी करवाया। इस कला को देखकर बच्चे बेहद उत्साहित और प्रसन्न हुए। उनकी खुशी इतनी थी कि उन्होंने विभाग से कार्यशाला को और अधिक दिनों तक जारी रखने का अनुरोध भी किया। विद्यालय परिवार भी सरकार द्वारा चलाई जा रही "सृजन कठपुतली कार्यशाला" से बहुत खुश है और इस पहल में पूरा सहयोग दे रहा है।1
- जनपद सुल्तानपुर के जयसिंहपुर क्षेत्र स्थित दोस्तपुर कोतवाली अंतर्गत कानून व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि इस क्षेत्र में कानून व्यवस्था पूरी तरह से 'बे लाइन' हो चुकी है, जिसके परिणामस्वरूप अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।1
- सुल्तानपुर जनपद के दोस्तपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गोपालपुर खुर्द में मंगलवार को उस समय सनसनी फैल गई जब एक बुजुर्ग का शव खेत के पास पड़ा मिला। इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया और तत्काल पुलिस टीमें मौके पर पहुँचकर जाँच में जुट गईं। मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम गोपालपुर खुर्द निवासी श्री कल्लू ने पुलिस को सूचना दी कि उनके पिता रामदयाल पुत्र सरजू यादव की हत्या कर शव को खेत के पास फेंक दिया गया है। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुँचकर शव को अपने कब्जे में लिया, पंचायतनामा की कार्यवाही पूरी की, और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस मामले के खुलासे के लिए दो विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो विभिन्न बिंदुओं पर गहन जांच कर रही हैं। क्षेत्राधिकारी कादीपुर, विनय गौतम ने पुष्टि की कि अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है और जल्द ही घटना का अनावरण कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।1
- प्रतापगढ़ के जिलाधिकारी अभिषेक पाण्डेय ने 27 मई 2026 को विकास खण्ड सदर के अन्तर्गत ग्राम गोड़े में स्थापित आंवला फंक्शनल पैक हाउस का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वहां उपलब्ध संसाधनों और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के बाद, जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि इस आंवला फंक्शनल पैक हाउस का उपयोग स्थानीय लोगों के लिए रोजगार सृजन का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनाया जाए। उन्होंने विशेष रूप से स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं और सूक्ष्म एवं लघु औद्योगिक इकाइयों को इस पहल से जोड़ने पर बल दिया। जिलाधिकारी ने उप कृषि निदेशक को निर्देशित किया कि जो महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से कार्य करने की इच्छुक हैं, या जो लघु इकाइयां आंवला आधारित उत्पाद तैयार करना चाहती हैं, उन्हें आवश्यक सहयोग और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने बताया कि आंवले से मुरब्बा, कैंडी, जूस, पाउडर, अचार सहित कई अन्य उत्पाद तैयार करके ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के बेहतर अवसर विकसित किए जा सकते हैं। जिलाधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि इस प्रकार की पहल से न केवल स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि महिलाओं की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। उन्होंने उपायुक्त उद्योग को भी निर्देशित किया कि इच्छुक व्यक्तियों एवं समूहों से शीघ्र आवेदन प्राप्त कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, ताकि पैक हाउस का संचालन प्रभावी ढंग से शुरू हो सके। इसके अतिरिक्त, अधिकारियों को आंवला उत्पादों के विपणन और प्रशिक्षण की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए, जिससे उत्पादों को उचित बाजार मिल सके और लोगों को स्थायी रोजगार प्राप्त हो। इस निरीक्षण के दौरान उप कृषि निदेशक विनोद कुमार यादव, जिला उद्यान अधिकारी सुनील कुमार शर्मा, अधिशासी अभियन्ता ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग सुजीत राय और उपायुक्त उद्योग एस0एस0 रावत भी उपस्थित रहे।1