लखनऊ में वन्यजीवों पर क्रूरता के खिलाफ ‘आसरा’ की बड़ी कार्रवाई, 17 बंदर व लंगूरों को बंधन से कराया मुक्त लखनऊ में वन्यजीवों पर क्रूरता के खिलाफ ‘आसरा’ की बड़ी कार्रवाई, 17 बंदर व लंगूरों को बंधन से कराया मुक्त लखनऊ: तेलीबाग स्थित कुम्हार मंडी में वन्यजीवों को कथित तौर पर रस्सियों से बांधकर रखने की सूचना पर ‘आसरा द हेल्पिंग हैंड्स’ NGO ने वन विभाग के साथ मिलकर बड़ी रेस्क्यू कार्रवाई की। मौके पर 17 बंदर बंधे हुए पाए गए, जिनमें 10 लंगूर और 7 बंदर शामिल थे। स्थिति की जानकारी मिलते ही आसरा की रेस्क्यू टीम सक्रिय हुई और वन विभाग के साथ समन्वय कर सभी वन्यजीवों को सुरक्षित रूप से बंधन से मुक्त कराया। रेस्क्यू के बाद उन्हें उनके प्राकृतिक वातावरण में जंगल में छोड़ दिया गया। इस ऑपरेशन में रेस्क्यूर राहुल वर्मा और अनु बोस की महत्वपूर्ण भूमिका रही। दोनों ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लिया और वन विभाग की टीम के साथ मिलकर ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। आसरा के अनुसार, पिछले एक सप्ताह में इसी स्थान पर यह तीसरी कार्रवाई है। NGO का कहना है कि लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों को देखते हुए वन्यजीवों की सुरक्षा और अवैध बंधन के खिलाफ कार्रवाई बेहद आवश्यक है। 🗣️ आसरा द हेल्पिंग हैंड्स का बयान “वन्यजीव किसी के मनोरंजन या कमाई का साधन नहीं हैं। उन्हें बांधकर रखना न केवल उनके प्राकृतिक अधिकारों का हनन है, बल्कि उनके साथ गंभीर क्रूरता भी है। हमारी टीम सूचना मिलने पर हर संभव प्रयास करती है कि ऐसे बेजुबानों को तत्काल सुरक्षित कराया जाए। इस रेस्क्यू में वन विभाग के सहयोग और हमारी टीम के समर्पित रेस्क्यूर राहुल वर्मा एवं अनु बोस की महत्वपूर्ण भूमिका रही। हम अपील करते हैं कि यदि कहीं भी किसी वन्यजीव को अवैध रूप से बांधकर या प्रताड़ित करते हुए देखा जाए, तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित विभाग को दें।” 17 बेजुबानों को बंधन से आज़ादी मिली। आसरा की कोशिश जारी है — जब तक हर बेजुबान सुरक्षित नहीं।
लखनऊ में वन्यजीवों पर क्रूरता के खिलाफ ‘आसरा’ की बड़ी कार्रवाई, 17 बंदर व लंगूरों को बंधन से कराया मुक्त लखनऊ में वन्यजीवों पर क्रूरता के खिलाफ ‘आसरा’ की बड़ी कार्रवाई, 17 बंदर व लंगूरों को बंधन से कराया मुक्त लखनऊ: तेलीबाग स्थित कुम्हार मंडी में वन्यजीवों को कथित तौर पर रस्सियों से बांधकर रखने की सूचना पर ‘आसरा द हेल्पिंग हैंड्स’ NGO ने वन विभाग के साथ मिलकर बड़ी रेस्क्यू कार्रवाई की। मौके पर 17 बंदर बंधे हुए पाए गए, जिनमें 10 लंगूर और 7 बंदर शामिल थे। स्थिति की जानकारी मिलते ही आसरा की रेस्क्यू टीम सक्रिय हुई और वन विभाग के साथ समन्वय कर सभी वन्यजीवों को सुरक्षित रूप से बंधन से मुक्त कराया। रेस्क्यू के बाद उन्हें उनके प्राकृतिक वातावरण में जंगल में छोड़ दिया गया। इस ऑपरेशन में रेस्क्यूर राहुल वर्मा और अनु बोस की महत्वपूर्ण भूमिका रही। दोनों ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लिया और वन विभाग की टीम के साथ मिलकर ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। आसरा के अनुसार, पिछले एक सप्ताह में इसी स्थान पर यह तीसरी कार्रवाई है। NGO का कहना है कि लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों को देखते हुए वन्यजीवों की सुरक्षा और अवैध बंधन के खिलाफ कार्रवाई बेहद आवश्यक है। 🗣️ आसरा द हेल्पिंग हैंड्स का बयान “वन्यजीव किसी के मनोरंजन या कमाई का साधन नहीं हैं। उन्हें बांधकर रखना न केवल उनके प्राकृतिक अधिकारों का हनन है, बल्कि उनके साथ गंभीर क्रूरता भी है। हमारी टीम सूचना मिलने पर हर संभव प्रयास करती है कि ऐसे बेजुबानों को तत्काल सुरक्षित कराया जाए। इस रेस्क्यू में वन विभाग के सहयोग और हमारी टीम के समर्पित रेस्क्यूर राहुल वर्मा एवं अनु बोस की महत्वपूर्ण भूमिका रही। हम अपील करते हैं कि यदि कहीं भी किसी वन्यजीव को अवैध रूप से बांधकर या प्रताड़ित करते हुए देखा जाए, तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित विभाग को दें।” 17 बेजुबानों को बंधन से आज़ादी मिली। आसरा की कोशिश जारी है — जब तक हर बेजुबान सुरक्षित नहीं।
- लखनऊ गांधी भवन कैसरबाग में ‘लोक हुंकार’ जनसंवाद कार्यक्रम का भव्य आयोजन। विभिन्न क्षेत्रों और समुदायों से आए नागरिकों ने कार्यक्रम में की जनभागीदारी कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री अजय राय ने की शिरकत अजय राय ने मंच से बीजेपी सरकार पर जमकर निशाना साधा भाजपा के कार्यकाल में महंगाई और बेरोजगारी से जनता त्रस्त है- अजय राय यूपी में बढ़ते अपराध को लेकर भी अजय राय ने सरकार को घेरा दिव्या मित्तल के इस्तीफे और राहुल गांधी के मुद्दे पर भी सरकार पर साधा निशाना अजय राय ने सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली पर उठाए गंभीर सवाल लोक हुंकार’ के जरिए जनता से सीधे संवाद और जनभागीदारी पर दिया जोर कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद1
- इंदिरा नगर के आम्रपाली मार्केट में दुकानों के अंदर घुसा बारिश का पानी, व्यापारियों में मचा हड़कंप l इंदिरा नगर के आम्रपाली मार्केट में दुकानों के अंदर घुसा बारिश का पानी, व्यापारियों में मचा हड़कंप राजधानी लखनऊ में लगातार हो रही बारिश के बीच इंदिरा नगर के आम्रपाली मार्केट में जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई। मार्केट के अंदर तक पानी पहुंचने से कई दुकानों में पानी भर गया, जिससे दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लखनऊ में आज भी भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। समीर नक़वी | ग्राउंड रिपोर्ट, लखनऊ1
- राजधानी लखनऊ के कृष्णनगर थाना क्षेत्र में जानलेवा हमला,,,,,, ब्रेकिंग न्यूज लखनऊ राजधानी लखनऊ के कृष्णनगर थाना क्षेत्र में जानलेवा हमला गाड़ी हटाने को लेकर शुरू हुआ विवाद जानलेवा हमले तक पहुंचा सर्राफा चौकी के ठीक बगल अमित वर्मा नाम के युवक पर हमला लक्की ने कई साथियों के साथ मिलकर मारपीट की घटना को दिया अंजाम लक्की चौकी के ठीक बगल लगाता है कबाब-पराठे का ठेला लाठी-डंडों और धारदार हथियार से हमला करने का आरोप हमले में अमित वर्मा गंभीर रूप से घायल, मौके पर हुए बेहोश बेहोश होने के बाद भी अमित वर्मा को पीटते रहे हमलावर मारपीट की पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हमलावरों की संख्या ज्यादा होने पर मौके से भागे अमित के साथी वापस लौटने पर अमित वर्मा जमीन पर बेहोश पड़े मिले दोस्तों ने घायल अमित को पहुंचाया लोकबंधु अस्पताल सर्राफा चौकी इंचार्ज शिशुपाल सिंह की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल पीड़ित ने तहरीर न लेने और सादे कागज पर हस्ताक्षर कराने का लगाया आरोप आरोपियों का 151 में पुलिस ने किया चालान पुलिस चौकी के ठीक बगल हुई वारदात से पुलिस व्यवस्था पर सवाल राजधानी लखनऊ के कृष्ण नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत का मामला ।1
- अलीगंज इलाके में एलडीए ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ चलाया अभियान कई बिल्डिंगों को किया सील लखनऊ के अलीगंज में एलडीए का अभियान, बिल्डिंग की गई सील लखनऊ के अलीगंज इलाके में एलडीए ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया लखनऊ विकास प्राधिकरण की टीम अलीगंज पहुंची थी और मानक के विपरीत बनी हुई बिल्डिंग को सील किया इसके अलावा कोई बिल्डिंग की और भी जांच की गई अवैध बिल्डिंग के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया गया।4
- लखनऊ में वन्यजीवों पर क्रूरता के खिलाफ ‘आसरा’ की बड़ी कार्रवाई, 17 बंदर व लंगूरों को बंधन से कराया मुक्त लखनऊ में वन्यजीवों पर क्रूरता के खिलाफ ‘आसरा’ की बड़ी कार्रवाई, 17 बंदर व लंगूरों को बंधन से कराया मुक्त लखनऊ: तेलीबाग स्थित कुम्हार मंडी में वन्यजीवों को कथित तौर पर रस्सियों से बांधकर रखने की सूचना पर ‘आसरा द हेल्पिंग हैंड्स’ NGO ने वन विभाग के साथ मिलकर बड़ी रेस्क्यू कार्रवाई की। मौके पर 17 बंदर बंधे हुए पाए गए, जिनमें 10 लंगूर और 7 बंदर शामिल थे। स्थिति की जानकारी मिलते ही आसरा की रेस्क्यू टीम सक्रिय हुई और वन विभाग के साथ समन्वय कर सभी वन्यजीवों को सुरक्षित रूप से बंधन से मुक्त कराया। रेस्क्यू के बाद उन्हें उनके प्राकृतिक वातावरण में जंगल में छोड़ दिया गया। इस ऑपरेशन में रेस्क्यूर राहुल वर्मा और अनु बोस की महत्वपूर्ण भूमिका रही। दोनों ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लिया और वन विभाग की टीम के साथ मिलकर ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। आसरा के अनुसार, पिछले एक सप्ताह में इसी स्थान पर यह तीसरी कार्रवाई है। NGO का कहना है कि लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों को देखते हुए वन्यजीवों की सुरक्षा और अवैध बंधन के खिलाफ कार्रवाई बेहद आवश्यक है। 🗣️ आसरा द हेल्पिंग हैंड्स का बयान “वन्यजीव किसी के मनोरंजन या कमाई का साधन नहीं हैं। उन्हें बांधकर रखना न केवल उनके प्राकृतिक अधिकारों का हनन है, बल्कि उनके साथ गंभीर क्रूरता भी है। हमारी टीम सूचना मिलने पर हर संभव प्रयास करती है कि ऐसे बेजुबानों को तत्काल सुरक्षित कराया जाए। इस रेस्क्यू में वन विभाग के सहयोग और हमारी टीम के समर्पित रेस्क्यूर राहुल वर्मा एवं अनु बोस की महत्वपूर्ण भूमिका रही। हम अपील करते हैं कि यदि कहीं भी किसी वन्यजीव को अवैध रूप से बांधकर या प्रताड़ित करते हुए देखा जाए, तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित विभाग को दें।” 17 बेजुबानों को बंधन से आज़ादी मिली। आसरा की कोशिश जारी है — जब तक हर बेजुबान सुरक्षित नहीं।1
- *लखनऊ: बारिश ने फिर खोल दी नगर निगम जोन 4 की पोल* *इतना सराहनीय कार्य हुआ है नगर निगम जोन 4 में कि जलभराव में पता ही नहीं चलता, बारिश के पानी में कूड़ा है या कीचड़...* *विकास क्षेत्र में इतना बेहतरीन कार्य हुआ है कि बारिश के पानी में ना नाली का पता चलता है और ना सीवर का..* राजधानी लखनऊ में सोमवार की शाम झमाझम बारिश ने नगर निगम जोन 4 की फिर पोल खोल दी, सीवर की इतनी अच्छी स्थिति है कि सड़क पर जलभराव हो गया, पर जिम्मेदार सिर्फ बारिश को ही दोष देंगे.. नगर निगम जोन 4 के विभव खंड की स्थिति ऐसी थी कि गंदगी जहां देखना चाहें वहां मिल जाएगी, नाले कूड़े से भरे मिलेंगे या क्षतिग्रस्त मिलेंगे और इंटरलॉकिंग इतनी मस्त है कि कहीं कहीं जमीन धसने जैसा एहसास होगा.. फिलहाल बारिश के बाद सड़कों पर पानी भर जाना अब आम है, कागज़ों में विकास को लेकर बेहतरीन कार्य का ज़िक्र है, लोगों और वाहन चालकों को जलभराव के बीच काफी परेशानी भले हो, पर कागज़ों में हालात दुरुस्त है.. लगभग 30 मिनट की बारिश ने स्मार्ट सिटी लखनऊ की पोल खोल दी। बेहद बदहाल स्थिति में है राजधानी, पर जिम्मेदार अपनी मेहनत, लगन और खर्च कागज़ों में बखूबी दर्शा देंगे... *लखनऊ: बारिश ने फिर खोल दी नगर निगम जोन 4 की पोल* *इतना सराहनीय कार्य हुआ है नगर निगम जोन 4 में कि जलभराव में पता ही नहीं चलता, बारिश के पानी में कूड़ा है या कीचड़...* *विकास क्षेत्र में इतना बेहतरीन कार्य हुआ है कि बारिश के पानी में ना नाली का पता चलता है और ना सीवर का..* राजधानी लखनऊ में सोमवार की शाम झमाझम बारिश ने नगर निगम जोन 4 की फिर पोल खोल दी, सीवर की इतनी अच्छी स्थिति है कि सड़क पर जलभराव हो गया, पर जिम्मेदार सिर्फ बारिश को ही दोष देंगे.. नगर निगम जोन 4 के विभव खंड की स्थिति ऐसी थी कि गंदगी जहां देखना चाहें वहां मिल जाएगी, नाले कूड़े से भरे मिलेंगे या क्षतिग्रस्त मिलेंगे और इंटरलॉकिंग इतनी मस्त है कि कहीं कहीं जमीन धसने जैसा एहसास होगा.. फिलहाल बारिश के बाद सड़कों पर पानी भर जाना अब आम है, कागज़ों में विकास को लेकर बेहतरीन कार्य का ज़िक्र है, लोगों और वाहन चालकों को जलभराव के बीच काफी परेशानी भले हो, पर कागज़ों में हालात दुरुस्त है.. लगभग 30 मिनट की बारिश ने स्मार्ट सिटी लखनऊ की पोल खोल दी। बेहद बदहाल स्थिति में है राजधानी, पर जिम्मेदार अपनी मेहनत, लगन और खर्च कागज़ों में बखूबी दर्शा देंगे...1
- लखनऊ लखनऊ के शहीद पथ स्थित मेदांता हॉस्पिटल के पास नगर निगम ने अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जहां अस्पताल के आसपास लगी दुकानों को हटाने का कार्य किया जा रहा था वहीं लोगों का आरोप है कि नगर निगम में उनको सामान हटाने का समय नहीं दिया और जबरदस्ती उनका सामान भी भर के ले जाने लगे जिसको देखते हुए दुकानदारों ने नगर निगम की टीम पर आक्रमण बोलते हुए पत्थर बाजी किया जिसको देखते हुए नगर निगम टीम ने उनका सामान भर लिया जिससे लोगों में आक्रोश बना हुआ है1
- कौशांबी में पटाखा फैक्टरी पर विस्फोट के बाद, आरोपियों के खिलाफ सरकार की बुलडोजर करवाई जारी।1
- *कौशांबी में 11 मौतों का जिम्मेदार कौन?:* 2 साल पहले लाइसेंस सस्पेंड, जेल गया था मालिक; फिर कैसे चलती रही ‘मौत की फैक्ट्री' लाइसेंस रद्द होने के बाद भी अनदेखी: आरोपी नौशाद अली को वर्ष 2019 में विस्फोटक का लाइसेंस मिला था, जिसे 8 अक्टूबर 2024 को गोदाम से अवैध बारूद मिलने के बाद निरस्त कर दिया गया था।जेल से छूटकर दोबारा धंधा शुरू करना: मालिक जेल से छूटकर आया और आबादी के बीच दोबारा भारी मात्रा में अवैध बारूद जमा करने लगा, लेकिन स्थानीय पुलिस ने इसकी निगरानी नहीं की।गाज गिरी: लापरवाही के आरोप में एसपी सत्यनारायण प्रजापति ने पिपरी थाना प्रभारी विकास सिंह, चौकी प्रभारी अमित द्विवेदी, पूर्व चौकी प्रभारी मनीष पाल को लाइन हाजिर किया और दो बीट कांस्टेबलों (जितेंद्र व कृष्ण कुमार) को सस्पेंड कर दिया है।2. फैक्ट्री संचालक और उसके परिवार की आपराधिक मंशाआबादी के बीच अवैध भंडारण: नियमों के मुताबिक पटाखा निर्माण रिहायशी इलाकों से दूर होना चाहिए, लेकिन आरोपियों ने नई बस्ती के घरों के बेहद करीब अवैध गोदाम बना रखा था। धमाका इतना तेज था कि आसपास के 6 मकान मलबे में तब्दील हो गए।6 लोगों पर नामजद FIR: हादसे के बाद पड़ोसी गया प्रसाद (जिनके 4 बच्चों की इस हादसे में मौत हो गई) की तहरीर पर पुलिस ने फैक्ट्री मालिक नौशाद, मुख्य आरोपी मोहम्मद आदिल, शकील, शबाना, कहकसा बानो और साइना के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। ब्रेकिंगन्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा दैनिक समाचार पत्र लखनऊ2