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आज दिनांक 2 सितंबर 2026 को इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी, जिला शाखा नालंदा में आज के प्राथमिक चिकित्सा एवं जीवनरक्षक तकनीकों पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में प्रसिद्ध एनेस्थीसियोलॉजिस्ट डॉ. मनोज कुमार को प्रशिक्षक के रूप में आमंत्रित किया गया। डॉ. मनोज कुमार इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA), बिहार के कोषाध्यक्ष भी हैं तथा एनेस्थीसिया एवं आपातकालीन चिकित्सा के क्षेत्र में अनुभवी चिकित्सक हैं। प्रशिक्षण के दौरान डॉ. मनोज कुमार ने प्रतिभागियों को डेंगू से बचाव एवं सावधानियों, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के सही उपयोग, सीपीआर (CPR) तथा आपातकालीन परिस्थितियों में मरीज की जान बचाने के विभिन्न तरीकों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि यदि किसी व्यक्ति के गले में खाना या कोई बाहरी वस्तु फंस जाए और सांस लेने में परेशानी हो, तो ऐसी आपात स्थिति में मरीज को किस प्रकार तत्काल सहायता प्रदान की जा सकती है। प्रतिभागियों को व्यावहारिक तरीके से जीवन बचाने वाली तकनीकों की जानकारी दी गई, जिससे वे जरूरत पड़ने पर किसी व्यक्ति की मदद कर सकें। पूरा प्रशिक्षण सत्र बेहद इंटरैक्टिव और ज्ञानवर्धक रहा। प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से सवाल पूछे और विभिन्न आपातकालीन परिस्थितियों से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। प्रतिभागियों के अनुसार, आज का प्रशिक्षण अब तक के सबसे उपयोगी और प्रभावी सत्रों में से एक रहा। कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण के प्रति प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को प्राथमिक चिकित्सा एवं जीवनरक्षक तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान मिल सके। प्रशिक्षण के दौरान डॉ. मनोज कुमार ने एक महत्वपूर्ण संदेश “Two Hands Save a Life” के माध्यम से दिया। उन्होंने बताया कि सही समय पर सीपीआर और प्राथमिक चिकित्सा की जानकारी रखने वाले व्यक्ति के दो हाथ किसी की जिंदगी बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

19 hrs ago
user_Vandebharat news bihar sarif nalanda Ramendra Kumar
Vandebharat news bihar sarif nalanda Ramendra Kumar
Local News Reporter बिहार शरीफ, नालंदा, बिहार•
19 hrs ago

आज दिनांक 2 सितंबर 2026 को इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी, जिला शाखा नालंदा में आज के प्राथमिक चिकित्सा एवं जीवनरक्षक तकनीकों पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में प्रसिद्ध एनेस्थीसियोलॉजिस्ट डॉ. मनोज कुमार को प्रशिक्षक के रूप में आमंत्रित किया गया। डॉ. मनोज कुमार इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA), बिहार के कोषाध्यक्ष भी हैं तथा एनेस्थीसिया एवं आपातकालीन चिकित्सा के क्षेत्र में अनुभवी चिकित्सक हैं। प्रशिक्षण के दौरान डॉ. मनोज कुमार ने प्रतिभागियों को डेंगू से बचाव एवं सावधानियों, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के सही उपयोग, सीपीआर (CPR) तथा आपातकालीन परिस्थितियों में मरीज की जान बचाने के विभिन्न तरीकों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि यदि किसी व्यक्ति के गले में खाना या कोई बाहरी वस्तु फंस जाए और सांस लेने में परेशानी हो, तो ऐसी आपात स्थिति में मरीज को किस प्रकार तत्काल सहायता प्रदान की जा सकती है। प्रतिभागियों को व्यावहारिक तरीके से जीवन बचाने वाली तकनीकों की जानकारी दी गई, जिससे वे जरूरत पड़ने पर किसी व्यक्ति की मदद कर सकें। पूरा प्रशिक्षण सत्र बेहद इंटरैक्टिव और ज्ञानवर्धक रहा। प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से सवाल पूछे और विभिन्न आपातकालीन परिस्थितियों से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। प्रतिभागियों के अनुसार, आज का प्रशिक्षण अब तक के सबसे उपयोगी और प्रभावी सत्रों में से एक रहा। कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण के प्रति प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को प्राथमिक चिकित्सा एवं जीवनरक्षक तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान मिल सके। प्रशिक्षण के दौरान डॉ. मनोज कुमार ने एक महत्वपूर्ण संदेश “Two Hands Save a Life” के माध्यम से दिया। उन्होंने बताया कि सही समय पर सीपीआर और प्राथमिक चिकित्सा की जानकारी रखने वाले व्यक्ति के दो हाथ किसी की जिंदगी बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

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  • बिहारशरीफ प्रखंड के छबीलापुर पंचायत अंतर्गत नेपुरा के लल्लूनगर गांव में वर्षों से पड़वन की समस्या झेल रहे करीब 200 महादलित मांझी परिवारों का मामला एक बार फिर सामने आया है। इस समस्या को लेकर अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा तथा भाकपा-माले के कार्यकर्ताओं ने 2 सितंबर 2026 को नालंदा जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी को मांग-पत्र सौंपा। मांग-पत्र के अनुसार, वर्ष 2020-21 में नेपुरा-बैरोटी के पास सोयवा नदी पर वीयर का निर्माण कराया गया था। आरोप है कि मशीन से पड़वन को चौड़ा और गहरा कर दिए जाने के कारण आसपास के मकानों पर गिरने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि आने-जाने के दौरान कई बच्चे भी पड़वन में गिरकर घायल हो चुके हैं। मांग-पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि ग्रामीणों ने पहले 30 सितंबर 2024 को प्रखंड कार्यालय और 10 दिसंबर 2024 को अनुमंडल कार्यालय पर धरना दिया था, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। वहीं, पत्र में 22 दिसंबर 2025 को प्रयागपुर गांव में भाकपा-माले की बैठक के दौरान कथित हमले में माले शाखा सचिव नदियायों के अजय मांझी के हाथ टूटने का भी उल्लेख किया गया है। संगठन का आरोप है कि मामले में अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी और दोषी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है। मामले को दीपनगर थाना कांड संख्या 575/25 से जोड़ा गया है। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें पहली मांग — सोयवा नदी पर वीयर से नेपुरा-बैरोटी पड़वन का पक्कीकरण कराया जाए और जगह-जगह पुल का निर्माण किया जाए। दूसरी मांग — नेपुरा लल्लूनगर मांझी गांव तक पहुंचने के लिए सड़क का निर्माण कराया जाए। तीसरी मांग — मांग-पत्र में दर्ज आई.डी. संख्या एन.ए.-02-सी037306 के मामले में इलाज में लापरवाही बरतने वाले डॉ. रोहित अमर सहित प्लास्टर करने वाली टीम पर सख्त कार्रवाई की जाए। प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन से इन मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करते हुए प्रभावित परिवारों को राहत और स्थायी समाधान उपलब्ध कराने की मांग की है। बिहारशरीफ प्रखंड के छबीलापुर पंचायत अंतर्गत नेपुरा के लल्लूनगर गांव में वर्षों से पड़वन की समस्या झेल रहे करीब 200 महादलित मांझी परिवारों का मामला एक बार फिर सामने आया है। इस समस्या को लेकर अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा तथा भाकपा-माले के कार्यकर्ताओं ने 2 सितंबर 2026 को नालंदा जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी को मांग-पत्र सौंपा। मांग-पत्र के अनुसार, वर्ष 2020-21 में नेपुरा-बैरोटी के पास सोयवा नदी पर वीयर का निर्माण कराया गया था। आरोप है कि मशीन से पड़वन को चौड़ा और गहरा कर दिए जाने के कारण आसपास के मकानों पर गिरने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि आने-जाने के दौरान कई बच्चे भी पड़वन में गिरकर घायल हो चुके हैं। मांग-पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि ग्रामीणों ने पहले 30 सितंबर 2024 को प्रखंड कार्यालय और 10 दिसंबर 2024 को अनुमंडल कार्यालय पर धरना दिया था, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। वहीं, पत्र में 22 दिसंबर 2025 को प्रयागपुर गांव में भाकपा-माले की बैठक के दौरान कथित हमले में माले शाखा सचिव नदियायों के अजय मांझी के हाथ टूटने का भी उल्लेख किया गया है। संगठन का आरोप है कि मामले में अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी और दोषी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है। मामले को दीपनगर थाना कांड संख्या 575/25 से जोड़ा गया है। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें पहली मांग — सोयवा नदी पर वीयर से नेपुरा-बैरोटी पड़वन का पक्कीकरण कराया जाए और जगह-जगह पुल का निर्माण किया जाए। दूसरी मांग — नेपुरा लल्लूनगर मांझी गांव तक पहुंचने के लिए सड़क का निर्माण कराया जाए। तीसरी मांग — मांग-पत्र में दर्ज आई.डी. संख्या एन.ए.-02-सी037306 के मामले में इलाज में लापरवाही बरतने वाले डॉ. रोहित अमर सहित प्लास्टर करने वाली टीम पर सख्त कार्रवाई की जाए। प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन से इन मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करते हुए प्रभावित परिवारों को राहत और स्थायी समाधान उपलब्ध कराने की मांग की है।
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    बिहारशरीफ प्रखंड के छबीलापुर पंचायत अंतर्गत नेपुरा के लल्लूनगर गांव में वर्षों से पड़वन की समस्या झेल रहे करीब 200 महादलित मांझी परिवारों का मामला एक बार फिर सामने आया है। इस समस्या को लेकर अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा तथा भाकपा-माले के कार्यकर्ताओं ने 2 सितंबर 2026 को नालंदा जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी को मांग-पत्र सौंपा।
मांग-पत्र के अनुसार, वर्ष 2020-21 में नेपुरा-बैरोटी के पास सोयवा नदी पर वीयर का निर्माण कराया गया था। आरोप है कि मशीन से पड़वन को चौड़ा और गहरा कर दिए जाने के कारण आसपास के मकानों पर गिरने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि आने-जाने के दौरान कई बच्चे भी पड़वन में गिरकर घायल हो चुके हैं।
मांग-पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि ग्रामीणों ने पहले 30 सितंबर 2024 को प्रखंड कार्यालय और 10 दिसंबर 2024 को अनुमंडल कार्यालय पर धरना दिया था, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।
वहीं, पत्र में 22 दिसंबर 2025 को प्रयागपुर गांव में भाकपा-माले की बैठक के दौरान कथित हमले में माले शाखा सचिव नदियायों के अजय मांझी के हाथ टूटने का भी उल्लेख किया गया है। संगठन का आरोप है कि मामले में अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी और दोषी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है। मामले को दीपनगर थाना कांड संख्या 575/25 से जोड़ा गया है।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें
पहली मांग — सोयवा नदी पर वीयर से नेपुरा-बैरोटी पड़वन का पक्कीकरण कराया जाए और जगह-जगह पुल का निर्माण किया जाए।
दूसरी मांग — नेपुरा लल्लूनगर मांझी गांव तक पहुंचने के लिए सड़क का निर्माण कराया जाए।
तीसरी मांग — मांग-पत्र में दर्ज आई.डी. संख्या एन.ए.-02-सी037306 के मामले में इलाज में लापरवाही बरतने वाले डॉ. रोहित अमर सहित प्लास्टर करने वाली टीम पर सख्त कार्रवाई की जाए।
प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन से इन मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करते हुए प्रभावित परिवारों को राहत और स्थायी समाधान उपलब्ध कराने की मांग की है।
बिहारशरीफ प्रखंड के छबीलापुर पंचायत अंतर्गत नेपुरा के लल्लूनगर गांव में वर्षों से पड़वन की समस्या झेल रहे करीब 200 महादलित मांझी परिवारों का मामला एक बार फिर सामने आया है। इस समस्या को लेकर अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा तथा भाकपा-माले के कार्यकर्ताओं ने 2 सितंबर 2026 को नालंदा जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी को मांग-पत्र सौंपा।
मांग-पत्र के अनुसार, वर्ष 2020-21 में नेपुरा-बैरोटी के पास सोयवा नदी पर वीयर का निर्माण कराया गया था। आरोप है कि मशीन से पड़वन को चौड़ा और गहरा कर दिए जाने के कारण आसपास के मकानों पर गिरने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि आने-जाने के दौरान कई बच्चे भी पड़वन में गिरकर घायल हो चुके हैं।
मांग-पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि ग्रामीणों ने पहले 30 सितंबर 2024 को प्रखंड कार्यालय और 10 दिसंबर 2024 को अनुमंडल कार्यालय पर धरना दिया था, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।
वहीं, पत्र में 22 दिसंबर 2025 को प्रयागपुर गांव में भाकपा-माले की बैठक के दौरान कथित हमले में माले शाखा सचिव नदियायों के अजय मांझी के हाथ टूटने का भी उल्लेख किया गया है। संगठन का आरोप है कि मामले में अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी और दोषी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है। मामले को दीपनगर थाना कांड संख्या 575/25 से जोड़ा गया है।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें
पहली मांग — सोयवा नदी पर वीयर से नेपुरा-बैरोटी पड़वन का पक्कीकरण कराया जाए और जगह-जगह पुल का निर्माण किया जाए।
दूसरी मांग — नेपुरा लल्लूनगर मांझी गांव तक पहुंचने के लिए सड़क का निर्माण कराया जाए।
तीसरी मांग — मांग-पत्र में दर्ज आई.डी. संख्या एन.ए.-02-सी037306 के मामले में इलाज में लापरवाही बरतने वाले डॉ. रोहित अमर सहित प्लास्टर करने वाली टीम पर सख्त कार्रवाई की जाए।
प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन से इन मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करते हुए प्रभावित परिवारों को राहत और स्थायी समाधान उपलब्ध कराने की मांग की है।
    user_Vandebharat news bihar sarif nalanda
    Vandebharat news bihar sarif nalanda
    Local News Reporter बिहार शरीफ, नालंदा, बिहार•
    17 hrs ago
  • बिहारशरीफ प्रखंड के छबीलापुर पंचायत अंतर्गत नेपुरा के लल्लूनगर गांव में वर्षों से पड़वन की समस्या झेल रहे करीब 200 महादलित मांझी परिवारों का मामला एक बार फिर सामने आया है। इस समस्या को लेकर अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा तथा भाकपा-माले के कार्यकर्ताओं ने 2 सितंबर 2026 को नालंदा जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी को मांग-पत्र सौंपा। मांग-पत्र के अनुसार, वर्ष 2020-21 में नेपुरा-बैरोटी के पास सोयवा नदी पर वीयर का निर्माण कराया गया था। आरोप है कि मशीन से पड़वन को चौड़ा और गहरा कर दिए जाने के कारण आसपास के मकानों पर गिरने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि आने-जाने के दौरान कई बच्चे भी पड़वन में गिरकर घायल हो चुके हैं। मांग-पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि ग्रामीणों ने पहले 30 सितंबर 2024 को प्रखंड कार्यालय और 10 दिसंबर 2024 को अनुमंडल कार्यालय पर धरना दिया था, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। वहीं, पत्र में 22 दिसंबर 2025 को प्रयागपुर गांव में भाकपा-माले की बैठक के दौरान कथित हमले में माले शाखा सचिव नदियायों के अजय मांझी के हाथ टूटने का भी उल्लेख किया गया है। संगठन का आरोप है कि मामले में अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी और दोषी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है। मामले को दीपनगर थाना कांड संख्या 575/25 से जोड़ा गया है। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें पहली मांग — सोयवा नदी पर वीयर से नेपुरा-बैरोटी पड़वन का पक्कीकरण कराया जाए और जगह-जगह पुल का निर्माण किया जाए। दूसरी मांग — नेपुरा लल्लूनगर मांझी गांव तक पहुंचने के लिए सड़क का निर्माण कराया जाए। तीसरी मांग — मांग-पत्र में दर्ज आई.डी. संख्या एन.ए.-02-सी037306 के मामले में इलाज में लापरवाही बरतने वाले डॉ. रोहित अमर सहित प्लास्टर करने वाली टीम पर सख्त कार्रवाई की जाए। प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन से इन मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करते हुए प्रभावित परिवारों को राहत और स्थायी समाधान उपलब्ध कराने की मांग की है।
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    बिहारशरीफ प्रखंड के छबीलापुर पंचायत अंतर्गत नेपुरा के लल्लूनगर गांव में वर्षों से पड़वन की समस्या झेल रहे करीब 200 महादलित मांझी परिवारों का मामला एक बार फिर सामने आया है। इस समस्या को लेकर अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा तथा भाकपा-माले के कार्यकर्ताओं ने 2 सितंबर 2026 को नालंदा जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी को मांग-पत्र सौंपा।
मांग-पत्र के अनुसार, वर्ष 2020-21 में नेपुरा-बैरोटी के पास सोयवा नदी पर वीयर का निर्माण कराया गया था। आरोप है कि मशीन से पड़वन को चौड़ा और गहरा कर दिए जाने के कारण आसपास के मकानों पर गिरने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि आने-जाने के दौरान कई बच्चे भी पड़वन में गिरकर घायल हो चुके हैं।
मांग-पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि ग्रामीणों ने पहले 30 सितंबर 2024 को प्रखंड कार्यालय और 10 दिसंबर 2024 को अनुमंडल कार्यालय पर धरना दिया था, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।
वहीं, पत्र में 22 दिसंबर 2025 को प्रयागपुर गांव में भाकपा-माले की बैठक के दौरान कथित हमले में माले शाखा सचिव नदियायों के अजय मांझी के हाथ टूटने का भी उल्लेख किया गया है। संगठन का आरोप है कि मामले में अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी और दोषी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है। मामले को दीपनगर थाना कांड संख्या 575/25 से जोड़ा गया है।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें
पहली मांग — सोयवा नदी पर वीयर से नेपुरा-बैरोटी पड़वन का पक्कीकरण कराया जाए और जगह-जगह पुल का निर्माण किया जाए।
दूसरी मांग — नेपुरा लल्लूनगर मांझी गांव तक पहुंचने के लिए सड़क का निर्माण कराया जाए।
तीसरी मांग — मांग-पत्र में दर्ज आई.डी. संख्या एन.ए.-02-सी037306 के मामले में इलाज में लापरवाही बरतने वाले डॉ. रोहित अमर सहित प्लास्टर करने वाली टीम पर सख्त कार्रवाई की जाए।
प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन से इन मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करते हुए प्रभावित परिवारों को राहत और स्थायी समाधान उपलब्ध कराने की मांग की है।
    user_Vandebharat news bihar sarif nalanda Ramendra Kumar
    Vandebharat news bihar sarif nalanda Ramendra Kumar
    Local News Reporter बिहार शरीफ, नालंदा, बिहार•
    17 hrs ago
  • 🚨 बिहार में बाढ़ का संकट बढ़ा! तेजस्वी एक्शन में, मंत्री से करेंगे बात 🌊 बाढ़ से बिगड़ते हालात के बीच तेजस्वी यादव ने लिया संज्ञान! बिहार के कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है। तेजस्वी यादव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मंत्री से बात करने और हालात का जायजा लेने की बात कही है। ⚠️ कहां-कहां बिगड़े हालात? बाढ़ को लेकर क्या है ताजा अपडेट? 👉 पूरी खबर जानने के लिए VIDEO देखें। 📲 बिहार की हर बड़ी खबर सबसे पहले पाने के लिए अभी FOLLOW करें।
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    🚨 बिहार में बाढ़ का संकट बढ़ा! तेजस्वी एक्शन में, मंत्री से करेंगे बात
🌊 बाढ़ से बिगड़ते हालात के बीच तेजस्वी यादव ने लिया संज्ञान!
बिहार के कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है। तेजस्वी यादव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मंत्री से बात करने और हालात का जायजा लेने की बात कही है।
⚠️ कहां-कहां बिगड़े हालात? बाढ़ को लेकर क्या है ताजा अपडेट?
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    Bihar Sharif Times
    News Anchor बिहार, नालंदा, बिहार•
    6 hrs ago
  • अथमलगोला में बाढ़ पीड़ितों के लिए सामुदायिक किचेन शुरू, सैकड़ों ने किया भोजन अथमलगोला। गुरुवार, 03 सितंबर 2026 की शाम से बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए प्रखंड के उच्च माध्यमिक विद्यालय, सबनिमा में सामुदायिक किचेन की शुरुआत की गई। यह व्यवस्था अनुमंडल पदाधिकारी, बाढ़ के निर्देश पर शुरू की गई है। सामुदायिक किचेन का संचालन अथमलगोला के अधिकारी श्री अशोक कुमार महरा एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी श्री राजेश कुमार की देखरेख में किया जा रहा है। किचेन शुरू होने के बाद बाढ़ प्रभावित इलाके से पहुंचे सैकड़ों लोगों ने भोजन किया। बाढ़ पीड़ितों को भोजन उपलब्ध कराने के साथ स्वास्थ्य सुविधा का भी ध्यान रखा गया। मौके पर मेडिकल टीम मौजूद रही, जहां जरूरतमंद लोगों को आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई गईं। वहीं, बाढ़ के कारण प्रभावित पशुओं के लिए भी प्रशासन की ओर से व्यवस्था की गई। पशुओं को चारा उपलब्ध कराया गया तथा पशु चिकित्सक भी मौके पर मौजूद रहे, ताकि बीमार या प्रभावित पशुओं की जांच और उपचार किया जा सके।
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    अथमलगोला में बाढ़ पीड़ितों के लिए सामुदायिक किचेन शुरू, सैकड़ों ने किया भोजन
अथमलगोला। गुरुवार, 03 सितंबर 2026 की शाम से बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए प्रखंड के उच्च माध्यमिक विद्यालय, सबनिमा में सामुदायिक किचेन की शुरुआत की गई। यह व्यवस्था अनुमंडल पदाधिकारी, बाढ़ के निर्देश पर शुरू की गई है।
सामुदायिक किचेन का संचालन अथमलगोला के अधिकारी श्री अशोक कुमार महरा एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी श्री राजेश कुमार की देखरेख में किया जा रहा है। किचेन शुरू होने के बाद बाढ़ प्रभावित इलाके से पहुंचे सैकड़ों लोगों ने भोजन किया।
बाढ़ पीड़ितों को भोजन उपलब्ध कराने के साथ स्वास्थ्य सुविधा का भी ध्यान रखा गया। मौके पर मेडिकल टीम मौजूद रही, जहां जरूरतमंद लोगों को आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई गईं।
वहीं, बाढ़ के कारण प्रभावित पशुओं के लिए भी प्रशासन की ओर से व्यवस्था की गई। पशुओं को चारा उपलब्ध कराया गया तथा पशु चिकित्सक भी मौके पर मौजूद रहे, ताकि बीमार या प्रभावित पशुओं की जांच और उपचार किया जा सके।
    user_Khabar Junction Live
    Khabar Junction Live
    Local News Reporter बख्तियारपुर, पटना, बिहार•
    1 hr ago
  • अरियरी क्षेत्र में महीने भर बाद मुरझाए किसानों के चेहरे पर लौटी मुस्कान, अरियरी क्षेत्र में महीने भर बाद मुरझाए किसानों के चेहरे पर लौटी मुस्कान, कोरहारी नदी में आया पानी। गौरतलब है कि अरियरी प्रखंड के कोरहरि नदी में आया पानी करीब एक महीने से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के लिए आखिरकार राहत की खबर सामने आई है। क्षेत्र में हुई बारिश और के बाद कोरहारी नदी में पानी का बहाव शुरू हो गया है, जिससे आसपास के किसानों के चेहरे पर फिर से मुस्कान लौट आई है।लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण किसान धान की फसल को लेकर चिंतित थे। खेतों में नमी की कमी और सूखे जैसे हालात ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी थी। अब नदी में पानी आने और बारिश होने से किसानों को धान की फसल के लिए बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी है।किसानों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में भी अच्छी बारिश होती रही, तो खेतों में पर्याप्त पानी और नमी बनी रहेगी और धान की फसल को बचाने में मदद मिलेगी। बारिश ने किसानों की उम्मीदों को एक बार फिर जगा दिया है। वहीं गुरुवार को दोपहर 2:00 बजे किसानों के बीच काफी उत्साह देखा गया।
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    अरियरी क्षेत्र में महीने भर बाद मुरझाए किसानों के चेहरे पर लौटी मुस्कान,
अरियरी क्षेत्र में महीने भर बाद मुरझाए किसानों के चेहरे पर लौटी मुस्कान, कोरहारी नदी में आया पानी। गौरतलब है कि अरियरी प्रखंड के कोरहरि नदी में आया पानी करीब एक महीने से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के लिए आखिरकार राहत की खबर सामने आई है। क्षेत्र में हुई बारिश और के बाद कोरहारी नदी में पानी का बहाव शुरू हो गया है, जिससे आसपास के किसानों के चेहरे पर फिर से मुस्कान लौट आई है।लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण किसान धान की फसल को लेकर चिंतित थे। खेतों में नमी की कमी और सूखे जैसे हालात ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी थी। अब नदी में पानी आने और बारिश होने से किसानों को धान की फसल के लिए बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी है।किसानों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में भी अच्छी बारिश होती रही, तो खेतों में पर्याप्त पानी और नमी बनी रहेगी और धान की फसल को बचाने में मदद मिलेगी। बारिश ने किसानों की उम्मीदों को एक बार फिर जगा दिया है। वहीं गुरुवार को दोपहर 2:00 बजे किसानों के बीच काफी उत्साह देखा गया।
    user_Sunil Kumar
    Sunil Kumar
    Local News Reporter शेखपुरा, शेखपुरा, बिहार•
    1 hr ago
  • हाॅस्पिटल में दलाल और डाॅक्टर से रहती है मिलीभगत, शराब मामले में परिजनों से मिलने पहुंचे थे पूर्व विधायक
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    हाॅस्पिटल में दलाल और डाॅक्टर से रहती है मिलीभगत, शराब मामले में परिजनों से मिलने पहुंचे थे पूर्व विधायक
    user_GOVIND KUMAR
    GOVIND KUMAR
    Local News Reporter बाढ़, पटना, बिहार•
    1 hr ago
  • इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी, जिला शाखा नालंदा में आज के प्राथमिक चिकित्सा एवं जीवनरक्षक तकनीकों पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। आज दिनांक 2 सितंबर 2026 को इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी, जिला शाखा नालंदा में आज के प्राथमिक चिकित्सा एवं जीवनरक्षक तकनीकों पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में प्रसिद्ध एनेस्थीसियोलॉजिस्ट डॉ. मनोज कुमार को प्रशिक्षक के रूप में आमंत्रित किया गया। डॉ. मनोज कुमार इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA), बिहार के कोषाध्यक्ष भी हैं तथा एनेस्थीसिया एवं आपातकालीन चिकित्सा के क्षेत्र में अनुभवी चिकित्सक हैं। प्रशिक्षण के दौरान डॉ. मनोज कुमार ने प्रतिभागियों को डेंगू से बचाव एवं सावधानियों, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के सही उपयोग, सीपीआर (CPR) तथा आपातकालीन परिस्थितियों में मरीज की जान बचाने के विभिन्न तरीकों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि यदि किसी व्यक्ति के गले में खाना या कोई बाहरी वस्तु फंस जाए और सांस लेने में परेशानी हो, तो ऐसी आपात स्थिति में मरीज को किस प्रकार तत्काल सहायता प्रदान की जा सकती है। प्रतिभागियों को व्यावहारिक तरीके से जीवन बचाने वाली तकनीकों की जानकारी दी गई, जिससे वे जरूरत पड़ने पर किसी व्यक्ति की मदद कर सकें। पूरा प्रशिक्षण सत्र बेहद इंटरैक्टिव और ज्ञानवर्धक रहा। प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से सवाल पूछे और विभिन्न आपातकालीन परिस्थितियों से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। प्रतिभागियों के अनुसार, आज का प्रशिक्षण अब तक के सबसे उपयोगी और प्रभावी सत्रों में से एक रहा। कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण के प्रति प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को प्राथमिक चिकित्सा एवं जीवनरक्षक तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान मिल सके। प्रशिक्षण के दौरान डॉ. मनोज कुमार ने एक महत्वपूर्ण संदेश “Two Hands Save a Life” के माध्यम से दिया। उन्होंने बताया कि सही समय पर सीपीआर और प्राथमिक चिकित्सा की जानकारी रखने वाले व्यक्ति के दो हाथ किसी की जिंदगी बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
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    इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी, जिला शाखा नालंदा में आज के  प्राथमिक चिकित्सा एवं जीवनरक्षक तकनीकों  पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
आज दिनांक 2 सितंबर 2026 को इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी, जिला शाखा नालंदा में आज के  प्राथमिक चिकित्सा एवं जीवनरक्षक तकनीकों  पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में प्रसिद्ध एनेस्थीसियोलॉजिस्ट डॉ. मनोज कुमार को प्रशिक्षक के रूप में आमंत्रित किया गया। डॉ. मनोज कुमार इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA), बिहार के कोषाध्यक्ष भी हैं तथा एनेस्थीसिया एवं आपातकालीन चिकित्सा के क्षेत्र में अनुभवी चिकित्सक हैं।
प्रशिक्षण के दौरान डॉ. मनोज कुमार ने प्रतिभागियों को डेंगू से बचाव एवं सावधानियों, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के सही उपयोग, सीपीआर (CPR) तथा आपातकालीन परिस्थितियों में मरीज की जान बचाने के विभिन्न तरीकों की विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने यह भी बताया कि यदि किसी व्यक्ति के गले में खाना या कोई बाहरी वस्तु फंस जाए और सांस लेने में परेशानी हो, तो ऐसी आपात स्थिति में मरीज को किस प्रकार तत्काल सहायता प्रदान की जा सकती है। प्रतिभागियों को व्यावहारिक तरीके से जीवन बचाने वाली तकनीकों की जानकारी दी गई, जिससे वे जरूरत पड़ने पर किसी व्यक्ति की मदद कर सकें।
पूरा प्रशिक्षण सत्र बेहद इंटरैक्टिव और ज्ञानवर्धक रहा। प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से सवाल पूछे और विभिन्न आपातकालीन परिस्थितियों से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। प्रतिभागियों के अनुसार, आज का प्रशिक्षण अब तक के सबसे उपयोगी और प्रभावी सत्रों में से एक रहा।
कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण के प्रति प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को प्राथमिक चिकित्सा एवं जीवनरक्षक तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान मिल सके।
प्रशिक्षण के दौरान डॉ. मनोज कुमार ने एक महत्वपूर्ण संदेश “Two Hands Save a Life” के माध्यम से दिया। उन्होंने बताया कि सही समय पर सीपीआर और प्राथमिक चिकित्सा की जानकारी रखने वाले व्यक्ति के दो हाथ किसी की जिंदगी बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
    user_Vandebharat news bihar sarif nalanda
    Vandebharat news bihar sarif nalanda
    Local News Reporter बिहार शरीफ, नालंदा, बिहार•
    19 hrs ago
  • आज दिनांक 2 सितंबर 2026 को इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी, जिला शाखा नालंदा में आज के प्राथमिक चिकित्सा एवं जीवनरक्षक तकनीकों पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में प्रसिद्ध एनेस्थीसियोलॉजिस्ट डॉ. मनोज कुमार को प्रशिक्षक के रूप में आमंत्रित किया गया। डॉ. मनोज कुमार इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA), बिहार के कोषाध्यक्ष भी हैं तथा एनेस्थीसिया एवं आपातकालीन चिकित्सा के क्षेत्र में अनुभवी चिकित्सक हैं। प्रशिक्षण के दौरान डॉ. मनोज कुमार ने प्रतिभागियों को डेंगू से बचाव एवं सावधानियों, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के सही उपयोग, सीपीआर (CPR) तथा आपातकालीन परिस्थितियों में मरीज की जान बचाने के विभिन्न तरीकों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि यदि किसी व्यक्ति के गले में खाना या कोई बाहरी वस्तु फंस जाए और सांस लेने में परेशानी हो, तो ऐसी आपात स्थिति में मरीज को किस प्रकार तत्काल सहायता प्रदान की जा सकती है। प्रतिभागियों को व्यावहारिक तरीके से जीवन बचाने वाली तकनीकों की जानकारी दी गई, जिससे वे जरूरत पड़ने पर किसी व्यक्ति की मदद कर सकें। पूरा प्रशिक्षण सत्र बेहद इंटरैक्टिव और ज्ञानवर्धक रहा। प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से सवाल पूछे और विभिन्न आपातकालीन परिस्थितियों से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। प्रतिभागियों के अनुसार, आज का प्रशिक्षण अब तक के सबसे उपयोगी और प्रभावी सत्रों में से एक रहा। कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण के प्रति प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को प्राथमिक चिकित्सा एवं जीवनरक्षक तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान मिल सके। प्रशिक्षण के दौरान डॉ. मनोज कुमार ने एक महत्वपूर्ण संदेश “Two Hands Save a Life” के माध्यम से दिया। उन्होंने बताया कि सही समय पर सीपीआर और प्राथमिक चिकित्सा की जानकारी रखने वाले व्यक्ति के दो हाथ किसी की जिंदगी बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
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    आज दिनांक 2 सितंबर 2026 को इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी, जिला शाखा नालंदा में आज के  प्राथमिक चिकित्सा एवं जीवनरक्षक तकनीकों  पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में प्रसिद्ध एनेस्थीसियोलॉजिस्ट डॉ. मनोज कुमार को प्रशिक्षक के रूप में आमंत्रित किया गया। डॉ. मनोज कुमार इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA), बिहार के कोषाध्यक्ष भी हैं तथा एनेस्थीसिया एवं आपातकालीन चिकित्सा के क्षेत्र में अनुभवी चिकित्सक हैं।
प्रशिक्षण के दौरान डॉ. मनोज कुमार ने प्रतिभागियों को डेंगू से बचाव एवं सावधानियों, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के सही उपयोग, सीपीआर (CPR) तथा आपातकालीन परिस्थितियों में मरीज की जान बचाने के विभिन्न तरीकों की विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने यह भी बताया कि यदि किसी व्यक्ति के गले में खाना या कोई बाहरी वस्तु फंस जाए और सांस लेने में परेशानी हो, तो ऐसी आपात स्थिति में मरीज को किस प्रकार तत्काल सहायता प्रदान की जा सकती है। प्रतिभागियों को व्यावहारिक तरीके से जीवन बचाने वाली तकनीकों की जानकारी दी गई, जिससे वे जरूरत पड़ने पर किसी व्यक्ति की मदद कर सकें।
पूरा प्रशिक्षण सत्र बेहद इंटरैक्टिव और ज्ञानवर्धक रहा। प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से सवाल पूछे और विभिन्न आपातकालीन परिस्थितियों से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। प्रतिभागियों के अनुसार, आज का प्रशिक्षण अब तक के सबसे उपयोगी और प्रभावी सत्रों में से एक रहा।
कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण के प्रति प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को प्राथमिक चिकित्सा एवं जीवनरक्षक तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान मिल सके।
प्रशिक्षण के दौरान डॉ. मनोज कुमार ने एक महत्वपूर्ण संदेश “Two Hands Save a Life” के माध्यम से दिया। उन्होंने बताया कि सही समय पर सीपीआर और प्राथमिक चिकित्सा की जानकारी रखने वाले व्यक्ति के दो हाथ किसी की जिंदगी बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
    user_Vandebharat news bihar sarif nalanda Ramendra Kumar
    Vandebharat news bihar sarif nalanda Ramendra Kumar
    Local News Reporter बिहार शरीफ, नालंदा, बिहार•
    19 hrs ago
  • 🚨 BREAKING: बिहार में 125 यूनिट फ्री बिजली पर बड़ा खुलासा! ⚡ तेजस्वी यादव के दावे से मचा सियासी घमासान! बिहार में 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। तेजस्वी यादव ने योजना को लेकर बड़ा दावा करते हुए सरकार पर सवाल उठाए हैं। ❓ क्या बंद हो रही है 125 यूनिट फ्री बिजली? 👉 क्या है पूरा मामला? वीडियो में जानिए पूरी खबर। 📲 ऐसी ही बड़ी और ताज़ा खबरों के लिए अभी FOLLOW करें।
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    🚨 BREAKING: बिहार में 125 यूनिट फ्री बिजली पर बड़ा खुलासा!
⚡ तेजस्वी यादव के दावे से मचा सियासी घमासान!
बिहार में 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। तेजस्वी यादव ने योजना को लेकर बड़ा दावा करते हुए सरकार पर सवाल उठाए हैं।
❓ क्या बंद हो रही है 125 यूनिट फ्री बिजली?
👉 क्या है पूरा मामला? वीडियो में जानिए पूरी खबर।
📲 ऐसी ही बड़ी और ताज़ा खबरों के लिए अभी FOLLOW करें।
    user_Bihar Sharif Times
    Bihar Sharif Times
    News Anchor बिहार, नालंदा, बिहार•
    7 hrs ago
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