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लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने विरोध-प्रदर्शन के दौरान पेलेट गन हमले में घायल हुए एक छात्र को मीडिया के सामने लाकर इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। राहुल गांधी ने मीडिया के सामने पीड़ित छात्र के घावों को दिखाया और इस वारदात पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने मांग की है कि घायल छात्र को तुरंत उचित इलाज और न्याय दिया जाए। इसके साथ ही राहुल गांधी ने इस घटना के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने पर जोर दिया है।
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लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने विरोध-प्रदर्शन के दौरान पेलेट गन हमले में घायल हुए एक छात्र को मीडिया के सामने लाकर इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। राहुल गांधी ने मीडिया के सामने पीड़ित छात्र के घावों को दिखाया और इस वारदात पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने मांग की है कि घायल छात्र को तुरंत उचित इलाज और न्याय दिया जाए। इसके साथ ही राहुल गांधी ने इस घटना के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने पर जोर दिया है।
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- पत्रकार पंडित विशाल शर्मा 'लव' द्वारा किए गए कूटनीतिक और आध्यात्मिक विश्लेषण के अनुसार, 2014 से 2026 का यह महा-दशक भारत और संपूर्ण विश्व के लिए एक बहुत बड़े काल-चक्र का मोड़ साबित हो रहा है। वेदों और पुराणों के विधान का हवाला देते हुए आलेख में कहा गया है कि अकारण ज्ञानियों, धर्म-रक्षकों और निर्दोषों को प्रताड़ित करने वाली सत्ता का विनाश तय है। अथर्ववेद और गरुड़ पुराण के संदर्भों के साथ-साथ इतिहास के उदाहरणों जैसे राजा वेन, नहुष, सहस्रबाहु और राजा परीक्षित के पतन का जिक्र किया गया है। इसके अलावा, 7 नवंबर 1966 को संसद के सामने गो-हत्या विरोधी संत आंदोलन पर हुए बल प्रयोग के परिणाम स्वरूप तत्कालीन सत्ताधीश परिवार को संजय गांधी की विमान दुर्घटना, इंदिरा गांधी की हत्या और राजीव गांधी के अंत जैसी त्रासदियों का सामना करना पड़ा। इतिहास की पड़ताल करते हुए आलेख में बताया गया है कि 80 के दशक में हुई कूटनीतिक चूकों, तुष्टिकरण, मुफ्त की योजनाओं और जातिगत विभाजन की राजनीति ने पंजाब में कट्टरपंथ और वैचारिक गुलामी को बढ़ावा दिया। वहीं 2014 से 2026 के वैश्विक दौर में 2014 का क्रीमिया विलय, 2022 का रूस-यूक्रेन युद्ध, अमेरिका-चीन टैक-वॉर, लाल सागर में इसराइल-हमास संघर्ष, कोविड-19 महामारी और तुर्की-सीरिया भूकंप जैसे कई प्राकृतिक व सैन्य संकट देखने को मिले हैं। इस महा-संकट के बीच भारत ने रूस से तेल खरीदकर अपने रणनीतिक हितों की रक्षा की, QUAD व IMEC से जुड़ाव बढ़ाया, 'वैक्सीन मैत्री' के माध्यम से 100 से अधिक देशों की मदद की और G20 के जरिए 'ग्लोबल साउथ' की आवाज बनकर उभरा। दूसरी ओर, वर्तमान व्यवस्था में आंतरिक स्तम्भों पर प्रहार का मुद्दा उठाते हुए आलेख में सच दिखाने वाले स्वतंत्र पत्रकारों के उत्पीड़न, OROP व पेंशन मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे पूर्व सैनिकों, किसानों और रोजगार की मांग कर रहे युवाओं पर लाठियां व जल-तोपें चलाने को एक गंभीर चक्रव्यूह बताया गया है। जंतर-मंतर पर लाठीचार्ज और लाल किले पर निहंग परंपरा द्वारा ध्वज लहराने की घटना को नए युग और 'कलगीधर' की शक्तियों के उदय का आध्यात्मिक संकेत माना गया है। विश्लेषण का निष्कर्ष है कि बाह्य शक्तियां भारत को आंतरिक रूप से बांटना चाहती हैं, लेकिन युवा, किसान, फौजी, मजदूर और पत्रकारों की एकजुटता से अधर्म, छल और लाठी-तंत्र पर टिकी राजनीति का अंत निकट है।1
- आंदोलन के दिन एक छात्रा के साथ ऐसा क्या हुआ, जिसे लेकर वह बेहद आक्रोश में नज़र आई है। प्रदर्शन के दौरान छात्रा का यह बेहद गुस्से और आक्रोश से भरा रूप देखने को मिला है।1
- चयनित छवि में मौजूद पाठ में वर्तमान भारतीय सरकार, देश के लोकतंत्र और पुलिस की कार्रवाइयों की आलोचना करते हुए राजनीतिक टिप्पणी की गई है। इस पूरी टिप्पणी के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी उल्लेख किया गया है।1
- शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने पंजाब में हुए कथित परीक्षा पेपर लीक मामलों को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार और उसके नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने पार्टी पर इस मुद्दे पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। हरसिमरत कौर ने लगभग 450 पदों की फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली होने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि इस भर्ती परीक्षा के पेपर 10 से 13 लाख रुपये तक में बेचे गए हैं। AAP सरकार पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि यदि वे राज्य की शिक्षा व्यवस्था सुधारना चाहते हैं, तो सोनम वांगचुक को पंजाब का शिक्षा मंत्री बना देना चाहिए।1
- बिहार विधानसभा के मानसून सत्र में प्रस्तुत पहले अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान अमौर विधायक अख्तरुल ईमान ने सदन में जनता से जुड़े कई अहम मुद्दों को मजबूती से उठाया। उन्होंने सरकार से मांग की कि विधानसभा चुनाव से पहले जिन योजनाओं का शिलान्यास किया गया था, उनकी राशि अविलंब जारी की जाए ताकि रुका हुआ काम जल्द से जल्द शुरू हो सके। विधायक अख्तरुल ईमान ने सीमांचल के विभिन्न इलाकों में हो रहे भयानक नदी कटाव का मुद्दा भी प्रमुखता से रखा। उन्होंने कहा कि नदी कटाव के कारण हजारों लोगों के घर और भविष्य प्रभावित हो रहे हैं, इसलिए इसे तुरंत रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। इसके साथ ही उन्होंने बिहार में बढ़ रही मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर भी चिंता जताई और मांग की कि इन पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि राज्य में कानून का राज कायम हो और आम जनता सुरक्षित महसूस कर सके। सदन के भीतर अपनी बात रखते हुए उन्होंने प्रतिबद्धता जताई कि जनता के हक़, उनके विकास और सुरक्षा के लिए उनकी आवाज़ हमेशा इसी तरह मजबूती से उठती रहेगी।1
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