चाईबासा के मझगांव थाना क्षेत्र स्थित प्लस टू उच्च विद्यालय में छात्रों के बीच हुई मारपीट की घटना को लेकर सामाजिक संस्था अंजुमन इस्लामिया ने उपायुक्त (डीसी) को एक आवेदन सौंपा है। संस्था ने छात्रों के बीच हुई इस आपसी झड़प को सांप्रदायिक रंग देने का आरोप लगाते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। संस्था ने क्षेत्र में शांति और सौहार्द बनाए रखने के साथ-साथ पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की अपील की है। आवेदन में कहा गया है कि छात्रों के बीच हुई इस झड़प को लेकर दोनों पक्षों द्वारा मझगांव थाने में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। इसके बावजूद, कुछ व्यक्तियों और संगठनों द्वारा सोशल मीडिया और अन्य मंचों के माध्यम से इस घटना को दो समुदायों के बीच के विवाद के रूप में पेश किया जा रहा है। अंजुमन इस्लामिया ने आशंका जताई है कि इस तरह के दुष्प्रचार से सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है, इसलिए प्रशासन को इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए।
चाईबासा के मझगांव थाना क्षेत्र स्थित प्लस टू उच्च विद्यालय में छात्रों के बीच हुई मारपीट की घटना को लेकर सामाजिक संस्था अंजुमन इस्लामिया ने उपायुक्त (डीसी) को एक आवेदन सौंपा है। संस्था ने छात्रों के बीच हुई इस आपसी झड़प को सांप्रदायिक रंग देने का आरोप लगाते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। संस्था ने क्षेत्र में शांति और सौहार्द बनाए रखने के साथ-साथ पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की अपील की है। आवेदन में कहा गया है कि छात्रों के बीच हुई इस झड़प को लेकर दोनों पक्षों द्वारा मझगांव थाने में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। इसके बावजूद, कुछ व्यक्तियों और संगठनों द्वारा सोशल मीडिया और अन्य मंचों के माध्यम से इस घटना को दो समुदायों के बीच के विवाद के रूप में पेश किया जा रहा है। अंजुमन इस्लामिया ने आशंका जताई है कि इस तरह के दुष्प्रचार से सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है, इसलिए प्रशासन को इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए।
- सरायकेला-खरसावां के राजनगर से आज बोल बम सेवा समिति बाना, टंगरानी, कांकी, हामंदा, राजनगर, सरायकेला और खरसावां के 55 कांवरिया देवघर के लिए रवाना हो गए हैं।1
- बिहार के छोटे इलाकों में रहने वाले गरीबों की दयनीय स्थिति को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया है। गरीबों के बदतर हालात पर तीखी चिंता जताते हुए चेतावनी दी गई है कि यदि इन गरीबों की हाय लगी, तो ऊपर वाला सब देख रहा है और एक न एक दिन उन्हें इसका पूरा हिसाब देना ही पड़ेगा। इस परिस्थिति में एक लड़के द्वारा किए गए प्रयास को बिल्कुल सही ठहराया गया है। कुर्सी पर बैठकर मनमानी करने वालों को सीधी चुनौती देते हुए पूछा गया है कि यह मनमानी आखिर कब तक चलेगी और कभी न कभी उन्हें अपनी कुर्सी छोड़कर इसी आम भीड़ के बीच आना ही होगा। सीधे तौर पर सम्राट चौधरी को संबोधित करते हुए कहा गया है कि बिहार के ऐसे छोटे-छोटे स्थानों पर लोग केवल वोट लेने आते हैं। अंत में 'जय श्री राम' के उद्घोष के साथ गरीबों के लिए तुरंत कुछ करने की मांग की गई है।1
- सरायकेला के गम्हरिया प्रखंड अंतर्गत कोलेबिरा क्षेत्र स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर परिसर में रविवार को एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। श्री घनश्याम सेवा सदन द्वारा आयोजित इस शिविर में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने पहुंचकर रक्तदान किया और लोगों की जान बचाने के इस महाभियान में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई। श्री घनश्याम सेवा सदन के सदस्य सातवा चंदन महतो ने बताया कि इस शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों में रक्तदान के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि सही समय पर रक्त मिलने से कई कीमती जिंदगियां बचाई जा सकती हैं, और उनकी संस्था लगातार जरूरतमंद मरीजों तक रक्त पहुंचाने का काम कर रही है। इस शिविर में कुल 100 यूनिट रक्त संग्रह करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें से खबर लिखे जाने तक 25 यूनिट से अधिक रक्त जमा किया जा चुका था और रक्तदाताओं का आना लगातार जारी था। आयोजन के दौरान वहां पहुंचे लोगों को रक्तदान के महत्व, इससे होने वाले स्वास्थ्य लाभों और सामाजिक जिम्मेदारी के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। इस सराहनीय पहल की ग्रामीणों ने काफी प्रशंसा की और भविष्य में भी इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की मांग उठाई।1
- झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला अंतर्गत मऊभंडार जगन्नाथ मंदिर में एक भव्य भजन संध्या का आयोजन किया गया। इस धार्मिक कार्यक्रम में ओड़िया और हिंदी भजनों की सुमधुर प्रस्तुति दी गई, जिससे पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में सराबोर हो उठा।1
- खूंटी के कर्रा प्रखंड अंतर्गत कच्चाबारी गांव में शनिवार को ग्रामीणों ने एकजुट होकर श्रमदान के माध्यम से कच्चाबारी चौक से कच्चाबारी गांव तक की जर्जर सड़क की मरम्मत की है। सालों से खराब पड़ी इस सड़क के कारण ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण और इसकी मरम्मत को लेकर उन्होंने उपायुक्त, उप विकास आयुक्त, स्थानीय विधायक एवं सांसद को तीन से चार बार लिखित आवेदन दिया था, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की इस उदासीनता से नाराज होकर ही ग्रामीणों ने स्वयं श्रमदान कर इस जर्जर सड़क को चलने योग्य बनाने का फैसला लिया। ग्रामीणों ने बताया कि खासकर बरसात के दिनों में इस सड़क की स्थिति और भी खराब हो जाती है, जिससे बच्चों को स्कूल जाने, मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और किसानों को अपने कृषि उत्पाद बाजार तक ले जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जल्द से जल्द स्थायी सड़क निर्माण कराने की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।1
- पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा स्थित सदर अस्पताल में रविवार को जिला स्वास्थ्य समिति और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के अंतर्गत "गिफ्ट ऑफ लाइफ" कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस 'गिफ्ट ऑफ लाइफ' कार्यक्रम के तहत 200 से अधिक बच्चों की हृदय जांच की गई और इसके माध्यम से चिन्हित जरूरतमंद बच्चों को निःशुल्क हृदय ऑपरेशन की सुविधा प्रदान की जाएगी।1
- गुवा थाना क्षेत्र में शनिवार रात एक कबाड़ी व्यवसायी की हत्या कर शव को बड़े पत्थर से बांधकर कारो नदी में डुबो देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। रविवार सुबह कारो नदी किनारे शव मिलने की सूचना पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। मृतक की पहचान पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा निवासी कुर्मान शेख (लगभग 39 वर्ष) के रूप में हुई है। वह गुवा बाजार सहित आसपास के क्षेत्रों में घूम-घूमकर लोहे का कबाड़ खरीदने का काम करता था और गुवा थाना क्षेत्र के हिरजीहाटिंग में एक किराए के मकान में अपने साथी अल्ताफ शेख के साथ रहता था। स्थानीय लोगों के अनुसार, अल्ताफ शेख शनिवार दोपहर जनशताब्दी ट्रेन से मुर्शिदाबाद के लिए रवाना हो गया था, जबकि कुर्मान शेख को शनिवार रात करीब 8 बजे तक इलाके में देखा गया था। पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार आशंका जताई गई है कि कुर्मान शेख की हत्या किसी भारी पत्थर से सिर कुचलकर की गई और साक्ष्य छिपाने की नीयत से शव को पत्थर से बांधकर नदी में फेंक दिया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपियों की पहचान व हत्या के कारणों का पता लगाने के लिए विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है। इस निर्मम हत्या के बाद से हिरजीहाटिंग और गुवा क्षेत्र के लोगों में भारी भय और दहशत का माहौल है।1