खूंटी के कर्रा प्रखंड अंतर्गत कच्चाबारी गांव में शनिवार को ग्रामीणों ने एकजुट होकर श्रमदान के माध्यम से कच्चाबारी चौक से कच्चाबारी गांव तक की जर्जर सड़क की मरम्मत की है। सालों से खराब पड़ी इस सड़क के कारण ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण और इसकी मरम्मत को लेकर उन्होंने उपायुक्त, उप विकास आयुक्त, स्थानीय विधायक एवं सांसद को तीन से चार बार लिखित आवेदन दिया था, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की इस उदासीनता से नाराज होकर ही ग्रामीणों ने स्वयं श्रमदान कर इस जर्जर सड़क को चलने योग्य बनाने का फैसला लिया। ग्रामीणों ने बताया कि खासकर बरसात के दिनों में इस सड़क की स्थिति और भी खराब हो जाती है, जिससे बच्चों को स्कूल जाने, मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और किसानों को अपने कृषि उत्पाद बाजार तक ले जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जल्द से जल्द स्थायी सड़क निर्माण कराने की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
खूंटी के कर्रा प्रखंड अंतर्गत कच्चाबारी गांव में शनिवार को ग्रामीणों ने एकजुट होकर श्रमदान के माध्यम से कच्चाबारी चौक से कच्चाबारी गांव तक की जर्जर सड़क की मरम्मत की है। सालों से खराब पड़ी इस सड़क के कारण ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण और इसकी मरम्मत को लेकर उन्होंने उपायुक्त, उप विकास आयुक्त, स्थानीय विधायक एवं सांसद को तीन से चार बार लिखित आवेदन दिया था, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की इस उदासीनता से नाराज होकर ही ग्रामीणों ने स्वयं श्रमदान कर इस जर्जर सड़क को चलने योग्य बनाने का फैसला लिया। ग्रामीणों ने बताया कि खासकर बरसात के दिनों में इस सड़क की स्थिति और भी खराब हो जाती है, जिससे बच्चों को स्कूल जाने, मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और किसानों को अपने कृषि उत्पाद बाजार तक ले जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जल्द से जल्द स्थायी सड़क निर्माण कराने की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
- रांची के व्यस्ततम इलाकों में से एक हरमू बायपास चौक पर रांची नगर निगम (RMC) ने भारी पुलिस बल के साथ मिलकर अवैध फुटपाथ दुकानों और सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण पर बुलडोजर चला दिया है। इस अचानक हुई कार्रवाई के कारण इलाके के दुकानदारों और हॉकर्स में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते सड़क के दोनों किनारों पर अवैध रूप से बनी झोपड़ियों, ठेलों और शेड को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया। इस कार्रवाई की मुख्य वजह हरमू बायपास चौक पर फुटपाथ दुकानों के कारण सुबह और शाम को लगने वाला भयंकर ट्रैफिक जाम था, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसके अलावा, नगर निगम प्रशासन के मुताबिक इस क्षेत्र को पहले ही नो-वेंडिंग जोन घोषित किया जा चुका था, लेकिन बार-बार चेतावनी देने के बाद भी यहाँ दोबारा दुकानें सज रही थीं। साथ ही, शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सड़कों का चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण करना अनिवार्य हो गया था। नगर निगम की प्रवर्तन टीम (Enforcement Team) ने स्पष्ट किया है कि सड़कें चलने के लिए हैं, न कि अवैध कब्जे के लिए। अधिकारियों के अनुसार, बार-बार चेतावनी देने के बाद भी फुटपाथ पर दुकानें लगाई जा रही थीं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया था। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि नगर निगम का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी कीमत पर मुख्य सड़कों को जाम नहीं होने दिया जाएगा।1
- झारखंड के खूंटी अंतर्गत अंगराबारी, बिचना का पता और मोबाइल नंबर साझा किया गया है। यहाँ का पिन कोड 835210 है और संपर्क के लिए मोबाइल नंबर +91 7667913218 है।1
- रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने रांची के रिम्स (Rajendra Institute of Medical Sciences) में बने करीब 20 करोड़ रुपये की लागत वाले 5 मंजिला और 310 बेड के आश्रय स्थल का निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान वहां कई खामियां सामने आईं। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने आश्रय स्थल की लिफ्ट खराब होने, कॉरिडोर में पानी होने, पाइपलाइन की समस्या और कैंटीन की व्यवस्थाओं को लेकर चिंता जताई।1
- गुमला के सिसई प्रखंड क्षेत्र स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय सोंगरा के परिसर में योगगुरु गजराज महतो के सानिध्य में सभी छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने योगाभ्यास किया। इस दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य, शिक्षक और शिक्षिकाएं उपस्थित रहे और सभी ने प्रतिदिन नियमित रूप से योग करने का संकल्प लिया। शिविर में योगगुरु गजराज महतो ने उम्र के हर पड़ाव में शरीर को स्वस्थ और दीर्घायु बनाए रखने के लिए योगासन एवं प्राणायाम को दिनचर्या में शामिल करने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि नियमित रूप से सुबह कम से कम आधा घंटा योगासन व प्राणायाम करने से शरीर के अंदरूनी और बाहरी अंग लंबे समय तक निरोग व क्रियाशील रहते हैं। अभ्यास के दौरान उन्होंने भस्त्रिका, कपालभांति, अनुलोम-विलोम प्राणायाम और विभिन्न आसनों का अभ्यास कराते हुए कहा कि इससे पक्षाघात और लकवा जैसे रोगों का खतरा कम होता है। इसके अलावा, माइग्रेन, तनाव और अनिद्रा से मुक्ति के लिए भ्रामरी प्राणायाम और सूक्ष्म व्यायाम भी कराए गए। योगाभ्यास के बाद हृदय की पवित्रता और शुद्धि के लिए सामूहिक योग भजन का आयोजन किया गया। अंत में शांति पाठ के साथ इस योग शिविर का समापन हुआ।4
- खूंटी जिले के कर्रा प्रखंड अंतर्गत लारता पंचायत के सुधारी जलटंडा गांव में जेएलकेएम का सदस्यता अभियान चलाया गया।1
- झारखंड के खूंटी जिला अंतर्गत तोरपा थाना क्षेत्र के कोटेगसेरा मौसीबाड़ी के पास सोमवार को एक बड़ा हादसा हो गया, जहां हाई टेंशन बिजली के तार की चपेट में आने से श्री हरि प्लस टू स्कूल के दो स्कूली छात्रों की मौत हो गई, जबकि सात अन्य छात्र घायल हो गए। मृतकों की पहचान तोरपा के पेट्रोल पंप निवासी 16 वर्षीय चंदन कुमार और टुराटोली निवासी 15 वर्षीय तीजेश्वर महतो के रूप में हुई है। वहीं, इस हादसे में घायल छात्रों में अरमान आलम, सूजय लुहरा, नीलय एक्का, पंजक राम, रुपेश कुमार, गिरिराज यादव और कमलेश गोप शामिल हैं, जिनका इलाज तोरपा रेफरल अस्पताल में चल रहा है। यह दर्दनाक हादसा दोपहर में स्कूल के लंच ब्रेक के दौरान हुआ। प्राप्त जानकारी के अनुसार, लंच ब्रेक के समय कुछ छात्र स्कूल से कुछ दूरी पर स्थित मौसीबाड़ी के पास खड़े एक रथ को घुमाने लगे। इसी दौरान रथ का ऊपरी हिस्सा वहां से गुजर रहे 11 हजार वोल्ट के हाई टेंशन तार के संपर्क में आ गया, जिससे नौ छात्र तेज करंट की चपेट में आ गए। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तुरंत तोरपा रेफरल अस्पताल पहुंचाया गया। वहां से गंभीर रूप से घायल चंदन कुमार और तीजेश्वर महतो को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल, खूंटी रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस हादसे की खबर मिलते ही अस्पताल में लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और मृतकों के परिजनों के चीत्कार से पूरे इलाके का माहौल गमगीन हो गया। फिलहाल, स्थानीय पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है कि छात्र वहां केवल खेलने गए थे या फिर उन्हें रथ धकेलने के लिए किसी ने वहां बुलाया था।1