Shuru
Apke Nagar Ki App…
हल्द्वानी में दर्ज FIR संख्या 297/2026 से जुड़े मामले को लेकर नैनीताल पुलिस ने लोगों से भ्रामक और अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास न करने की अपील की है। पुलिस के अनुसार मामले की विवेचना जारी है और तथ्यों व साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जा रही है। पुलिस ने कहा कि इस प्रकरण से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल और अधिकृत प्रेस ब्रीफिंग पर भरोसा करें। #NainitalPolice #Haldwani #Uttarakhand Police #PoliceUpdate #HaldwaniNews
UTTARAKHAND SHAKTI NEWS
हल्द्वानी में दर्ज FIR संख्या 297/2026 से जुड़े मामले को लेकर नैनीताल पुलिस ने लोगों से भ्रामक और अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास न करने की अपील की है। पुलिस के अनुसार मामले की विवेचना जारी है और तथ्यों व साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जा रही है। पुलिस ने कहा कि इस प्रकरण से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल और अधिकृत प्रेस ब्रीफिंग पर भरोसा करें। #NainitalPolice #Haldwani #Uttarakhand Police #PoliceUpdate #HaldwaniNews
More news from उत्तराखंड and nearby areas
- हल्द्वानी में दर्ज FIR संख्या 297/2026 से जुड़े मामले को लेकर नैनीताल पुलिस ने लोगों से भ्रामक और अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास न करने की अपील की है। पुलिस के अनुसार मामले की विवेचना जारी है और तथ्यों व साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जा रही है। पुलिस ने कहा कि इस प्रकरण से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल और अधिकृत प्रेस ब्रीफिंग पर भरोसा करें। #NainitalPolice #Haldwani #Uttarakhand Police #PoliceUpdate #HaldwaniNews1
- ये हो क्या रहा है? दिल्ली जंतर मंतर में एक छात्रा नीशू के पिता को गंभीर रूप से पीटे जाने का मामला अब तूल पकड़ने लगा है दिल्ली जंतर मंतर में एक छात्रा नीशू के पिता को गंभीर रूप से पीटे जाने का मामला अब तूल पकड़ने लगा है । वीडियो देखिए ।1
- नैनीताल-ज्योलीकोट मार्ग सुचारू: भारी बारिश के बीच पुलिस की तत्परता से मलबा हटाकर यातायात किया बहाल अचानक भारी मलबा आने से बाधित हुए नैनीताल–ज्योलीकोट मार्ग को ज्योलिकोट पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सुचारू करवाया गया। हाईवे पेट्रोल ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने मौके पर मुस्तैदी दिखाते हुए जेसीबी के सहयोग से तुरंत मलबा हटवाया, जिससे आवागमन दोबारा सुचारू रूप से शुरू हुआ। बीते दिनों से हो रही लगातार बारिश के चलते दो गांव के पास ज्योलिकोट–नैनीताल मार्ग पर अचानक रास्ते में मलबा आ गया था, जिससे वाहनों की आवाजाही ठप हो गई और स्थानीय लोगों व यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। सूचना मिलते ही *हाईवे पेट्रोल 3 (ज्योलीकोट) पर तैनात कांस्टेबल अनूप सिंह और कांस्टेबल प्रदीप सिंह* ने बिना किसी देरी के मोर्चा संभाला और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिसकर्मियों के इस त्वरित और सराहनीय प्रयास से मौके पर लंबा जाम लगने से बच गया। समय रहते रास्ता खुलने से यात्रियों और स्थानीय निवासियों ने बड़ी राहत की सांस ली है और पुलिस की इस तत्परता की सराहना की है।3
- गैर-मान्यता मदरसों पर एक्शन के बाद SDM ऋचा सिंह का बड़ा बयान गैर-मान्यता मदरसों पर एक्शन के बाद SDM ऋचा सिंह का बड़ा बयान1
- यूकेडी ने गैरसैंण, पलायन और रोजगार के मुद्दों पर आंदोलन तेज करने का किया ऐलान अल्मोड़ा। उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के नवनियुक्त पदाधिकारियों के प्रथम अल्मोड़ा आगमन पर गुरुवार को कार्यकर्ताओं ने भव्य रैली निकालकर उनका स्वागत किया। गांधी पार्क में आयोजित समारोह में पार्टी नेताओं ने उत्तराखंड के मूल मुद्दों को लेकर जनसंघर्ष तेज करने का संकल्प लेते हुए संगठन को गांव-गांव तक मजबूत बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में नवनियुक्त केंद्रीय उपाध्यक्ष दिनेश कुंजवाल, कुमाऊं मंडल प्रभारी चंदन लोधियाल, युवा प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष रवि नेगी, महानगर युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष वंश कनवाल, महिला प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष देवकी कनवाल, राज्य आंदोलनकारी प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष बसंत बल्लभ जोशी तथा सैनिक प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष चंदन सिंह मुस्यूनी का कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड राज्य का गठन पहाड़ के लोगों के अधिकार, सम्मान, रोजगार और समग्र विकास के उद्देश्य से हुआ था, लेकिन आज भी पलायन, बेरोजगारी, खाली होते गांव, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय संसाधनों पर अधिकार जैसे मूल प्रश्न जस के तस बने हुए हैं। यूकेडी के संस्थापक सदस्य खड़ग सिंह बगड़वाल ने कहा कि पार्टी का संघर्ष सत्ता हासिल करने के लिए नहीं, बल्कि उत्तराखंड की अस्मिता और राज्यवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को गांव-गांव तक मजबूत कर जनसरोकारों के मुद्दों को आंदोलन का आधार बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उत्तराखंड की अस्मिता की रक्षा, गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने, जल-जंगल-जमीन पर स्थानीय लोगों के अधिकार सुनिश्चित करने, पलायन रोकने, युवाओं के रोजगार, महिलाओं, सैनिकों एवं राज्य आंदोलनकारियों के सम्मान तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार जैसे मुद्दों पर जनआंदोलन को और मजबूत करने का संकल्प लिया। समारोह में यूकेडी जिलाध्यक्ष दिनेश जोशी, केंद्रीय मंत्री गिरीश गोस्वामी, जिला उपाध्यक्ष सुजीत टम्टा, विनय किरौला सहित विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- 🌸 Radhe Gift Nd Toys House 🌸 की ओर से आप सभी को श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ! 🦚✨ 💙 राधे राधे 💙 🌸 Radhe Gift Nd Toys House 🌸 की ओर से आप सभी को श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ! 🦚✨ 💙 राधे राधे 💙1
- आप सभी को श्री कृष्णा जन्माष्टमी पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाए भगवान श्री कृष्ण आपके जीवन में सुख समृद्धि और खुशियां लाए जय श्री कृष्णा1
- GSLV-F17 ने रचा नया इतिहास, EOS-05 को सफलतापूर्वक निर्धारित कक्षा में पहुंचाया GSLV-F17 ने रचा नया इतिहास, EOS-05 को सफलतापूर्वक निर्धारित कक्षा में पहुंचाया नैनीताल/बेंगलुरु। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने एक और महत्वपूर्ण अंतरिक्ष मिशन को सफलतापूर्वक पूरा किया है। GSLV-F17 रॉकेट ने EOS-05 उपग्रह को उसकी निर्धारित कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया। मिशन की सफलता के साथ भारत की पृथ्वी अवलोकन और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी क्षमताओं को एक और मजबूती मिली है। ISRO के अनुसार, GSLV-F17 के प्रक्षेपण के बाद EOS-05 को लक्ष्य कक्षा में स्थापित किया गया। इस दौरान रॉकेट ने निर्धारित मिशन प्रोफाइल के अनुरूप प्रदर्शन किया और उपग्रह को सफलतापूर्वक पृथ्वी की अपेक्षित कक्षा तक पहुंचाया। मिशन की सफलता के बाद ISRO ने सोशल मीडिया पर प्रक्षेपण के कुछ यादगार क्षण साझा किए। प्रक्षेपण के दौरान रॉकेट की तेज उड़ान और आसमान में बनती चमकदार लौ ने अंतरिक्ष प्रेमियों का ध्यान आकर्षित किया। पृथ्वी की निगरानी में मिलेगी नई क्षमता EOS-05 जैसे पृथ्वी अवलोकन उपग्रहों का महत्व कृषि, पर्यावरण, जल संसाधन, आपदा प्रबंधन और भूमि उपयोग जैसे क्षेत्रों में काफी अधिक है। अंतरिक्ष से प्राप्त आंकड़े वैज्ञानिकों और विभिन्न संस्थानों को पृथ्वी की सतह पर होने वाले बदलावों को समझने में मदद करते हैं। GSLV की सफलता भारत के स्वदेशी प्रक्षेपण यान कार्यक्रम के लिए भी महत्वपूर्ण है। यह मिशन एक बार फिर दिखाता है कि भारत भारी उपग्रहों को अंतरिक्ष में स्थापित करने की अपनी क्षमता को लगातार मजबूत कर रहा है। ISRO की यह सफलता भारत के बढ़ते अंतरिक्ष कार्यक्रम की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।2