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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने आगामी एशियाई खेलों के लिए भारतीय ओलंपिक संघ को 30 संभावित खिलाड़ियों की सूची सौंपी है। इस सूची में टीम इंडिया के मौजूदा T20 कप्तान सूर्यकुमार यादव और वनडे कप्तान शुभमन गिल का नाम शामिल नहीं है, जिससे कई सवाल भी उठ रहे हैं। इस सूची में सबसे बड़ी चर्चा 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को लेकर है, जिन्होंने IPL में जबरदस्त प्रदर्शन किया था। BCCI ने उन्हें संभावित खिलाड़ियों की सूची में जगह देकर युवा प्रतिभाओं को बढ़ावा देने का संकेत दिया है। इसके अलावा, एशियाई खेलों में टीम इंडिया की कप्तानी श्रेयस अय्यर, संजू सैमसन या तिलक वर्मा कर सकते हैं। हालांकि, सूची में शामिल अन्य प्रमुख खिलाड़ियों की आधिकारिक पुष्टि BCCI द्वारा अभी बाकी है। यह चयन एशियाई खेलों की तैयारियों का हिस्सा है।
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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने आगामी एशियाई खेलों के लिए भारतीय ओलंपिक संघ को 30 संभावित खिलाड़ियों की सूची सौंपी है। इस सूची में टीम इंडिया के मौजूदा T20 कप्तान सूर्यकुमार यादव और वनडे कप्तान शुभमन गिल का नाम शामिल नहीं है, जिससे कई सवाल भी उठ रहे हैं। इस सूची में सबसे बड़ी चर्चा 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को लेकर है, जिन्होंने IPL में जबरदस्त प्रदर्शन किया था। BCCI ने उन्हें संभावित खिलाड़ियों की सूची में जगह देकर युवा प्रतिभाओं को बढ़ावा देने का संकेत दिया है। इसके अलावा, एशियाई खेलों में टीम इंडिया की कप्तानी श्रेयस अय्यर, संजू सैमसन या तिलक वर्मा कर सकते हैं। हालांकि, सूची में शामिल अन्य प्रमुख खिलाड़ियों की आधिकारिक पुष्टि BCCI द्वारा अभी बाकी है। यह चयन एशियाई खेलों की तैयारियों का हिस्सा है।
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- छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में अवैध शराब की आपूर्ति करते हुए ग्रामीणों ने कुछ कोचियों को रंगे हाथों पकड़ा है। यह घटना बालोद के गोटिया देसी कंबोजित मदीना दुकान में हुई, जहाँ से कोचिए शराब की सप्लाई करने का आरोप है। ग्रामीणों ने इन पकड़े गए कोचियों को पंचायत भवन ले गए। इस दौरान ग्रामीणों ने शराब दुकान संचालकों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं कि वे सरकारी रेट से भी ज्यादा कीमत पर इन कोचियों को नियम विरुद्ध तरीके से दारू बेच रहे हैं, जिससे दारूकोचियों का वर्चस्व बढ़ रहा है।1
- हमीरपुर जिले में बेतवा नदी पर बन रहे एक पुल का बड़ा हिस्सा 29 मई 2026 की रात करीब 2-3 बजे आए भारी तूफान और तेज हवाओं के कारण अचानक ढह गया। इस भीषण हादसे में 6 मजदूरों की मौत हो गई। यह दुर्घटना कुरारा क्षेत्र के मोरकंदर (मौराकंदर) और नैथी/कंदौर गांवों के बीच घटी, जहाँ निर्माणाधीन पुल की कंक्रीट स्लैब नीचे गिर गई। बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त मजदूर घटनास्थल पर सो रहे थे। मृतकों की पहचान लोकेंद्र निषाद, कुलदीप निषाद, सावंत यादव, सभाजीत, पुष्पेंद्र सिंह चौहान और राजेश पाल के रूप में हुई है, जबकि तीन अन्य मजदूर घायल हुए हैं। घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। इस मामले में सहायक अभियंता को निलंबित कर दिया गया है, ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश भी दिए गए हैं।1
- एक मैच में हार के बाद वैभव सूर्यवंशी पूरी तरह टूट गए, जिसका एक भावुक कर देने वाला वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में वैभव सूर्यवंशी अपनी टोपी से अपना चेहरा छिपाकर खूब रोते हुए दिखाई दे रहे हैं।1
- भीषण गर्मी के इस दौर में एक मेडिकल कॉलेज अस्पताल की पेयजल व्यवस्था पूरी तरह से ठप पड़ गई है।1
- पानी की गंभीर समस्या का सामना कर रही इंदौर की जनता अब सड़कों पर उतर आई है, जहाँ वे 'पानी दो, पानी दो' के नारे लगाते हुए शासन-प्रशासन से तत्काल पानी उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। लोगों को पानी नहीं मिलने के कारण वे इसके लिए तरस रहे हैं, जिससे उनमें गहरा आक्रोश है। शहरवासी इस बात को लेकर बेहद परेशान हैं कि उन्हें आखिर पानी क्यों नहीं मिल रहा है और वे इसके 'असल कारण' जानना चाहते हैं। पानी की कमी के कारण जनता में भारी असंतोष है और वे चाहते हैं कि प्रशासन जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करे।1
- राजनांदगांव के घुमका में नगर पंचायत चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इसी बीच पूर्व सांसद अभिषेक सिंह घुमका पहुंचे, जहाँ उन्होंने एक आमसभा को संबोधित करते हुए भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की। अपने संबोधन में अभिषेक सिंह ने कांग्रेस और भाजपा के घोषणा पत्रों की तुलना करते हुए कहा कि उन्होंने दोनों घोषणा पत्र पढ़े हैं। उन्होंने बताया कि जहाँ कांग्रेस अपने घोषणा पत्र में 'प्रयास करेंगे' लिखती है, वहीं भाजपा अपने घोषणा पत्र में साफ तौर पर 'हम करेंगे' का संकल्प लेती है। अभिषेक सिंह ने इसे दोनों दलों की सोच का अंतर बताया और कहा कि कांग्रेस सिर्फ प्रयास की बात करती है, जबकि भाजपा विकास कार्यों को हिम्मत और अधिकार के साथ पूरा करने का संकल्प लेती है। सिंह ने आगे कहा कि भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में शहर और गाँव के विकास के लिए स्पष्ट वादे किए हैं, जिन्हें पूरा करने के लिए पार्टी प्रतिबद्ध है। उन्होंने लोगों से घुमका के विकास के लिए मजबूत नेतृत्व और स्पष्ट नीति की आवश्यकता बताते हुए भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने की अपील की।1
- छत्तीसगढ़ शासन द्वारा समस्याओं के समाधान हेतु 'सुशासन तिहार' शिविर लगाए जा रहे हैं, लेकिन दुर्ग जिले में अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों की समस्या सुलझाने के बजाय बदसलूकी करने का मामला सामने आया है। हाल ही में थनौद गाँव में चल रहे एक 'सुशासन तिहार' शिविर के दौरान एक बड़ा विवाद हुआ, जहाँ भाजपा विधायक ललित चंद्राकर की मौजूदगी में एक शिकायतकर्ता और जनपद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के बीच तीखी बहस हो गई। यह पूरा मामला गाँव के सरकारी स्कूल की ज़मीन पर बने एक सामुदायिक भवन से जुड़ा है। भाजपा मंडल महामंत्री पुराण देशमुख ने पूर्व में इस निर्माण का विरोध किया था, जिसके बाद जनपद CEO रूपेश पांडेय ने इस पर स्टे लगा दिया था। हालाँकि, स्टे के बावजूद अधूरा भवन धीरे-धीरे पूरा कर दिया गया और जनपद मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा राशि भी जारी कर दी गई। पुराण देशमुख ने इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से की थी, जिसके बाद दुर्ग कलेक्टर ने कथित तौर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी को राशि वसूली के मौखिक आदेश दिए थे, पर अब तक यह वसूली नहीं की गई है। आज जब पुराण देशमुख इसी बात को लेकर फिर से आवेदन देने पहुँचे, तो आयोजन स्थल पर जनपद मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने उन्हें शिकायत न करने के लिए धमकाया। विधायक के सामने ही जनपद मुख्य कार्यकारी अधिकारी रूपेश पांडेय ने भाजपा कार्यकर्ता को उंगलियाँ दिखाते हुए अपनी मर्यादाएँ लांघीं। रिपोर्ट के अनुसार, दुर्ग जनपद मुख्य कार्यकारी अधिकारी रूपेश पांडेय का यह विवादित और अव्यवहारिक बर्ताव पहला नहीं है। इससे पूर्व भी उनके खिलाफ ऐसे व्यवहार की कई शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। हाल ही में दुर्ग जनपद के अंतर्गत ही एक महिला सचिव ने भी मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा प्रताड़ित किए जाने की शिकायत की थी, और वह मामला भी अब तक लंबित है। इस पूरे घटनाक्रम पर विधायक ललित चंद्राकर ने कहा है कि किसी भी अधिकारी का ऐसा व्यवहार करना बिल्कुल ठीक नहीं है, और उन्होंने ऐसे अधिकारियों पर निश्चित रूप से कार्रवाई करने की बात कही है।1