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एक मैच में हार के बाद वैभव सूर्यवंशी पूरी तरह टूट गए, जिसका एक भावुक कर देने वाला वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में वैभव सूर्यवंशी अपनी टोपी से अपना चेहरा छिपाकर खूब रोते हुए दिखाई दे रहे हैं।

1 hr ago
user_Jaideep Sharma
Jaideep Sharma
राजनांदगांव, राजनांदगांव, छत्तीसगढ़•
1 hr ago

एक मैच में हार के बाद वैभव सूर्यवंशी पूरी तरह टूट गए, जिसका एक भावुक कर देने वाला वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में वैभव सूर्यवंशी अपनी टोपी से अपना चेहरा छिपाकर खूब रोते हुए दिखाई दे रहे हैं।

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  • एक मैच में हार के बाद वैभव सूर्यवंशी पूरी तरह टूट गए, जिसका एक भावुक कर देने वाला वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में वैभव सूर्यवंशी अपनी टोपी से अपना चेहरा छिपाकर खूब रोते हुए दिखाई दे रहे हैं।
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    एक मैच में हार के बाद वैभव सूर्यवंशी पूरी तरह टूट गए, जिसका एक भावुक कर देने वाला वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में वैभव सूर्यवंशी अपनी टोपी से अपना चेहरा छिपाकर खूब रोते हुए दिखाई दे रहे हैं।
    user_Jaideep Sharma
    Jaideep Sharma
    राजनांदगांव, राजनांदगांव, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • भीषण गर्मी के इस दौर में एक मेडिकल कॉलेज अस्पताल की पेयजल व्यवस्था पूरी तरह से ठप पड़ गई है।
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    भीषण गर्मी के इस दौर में एक मेडिकल कॉलेज अस्पताल की पेयजल व्यवस्था पूरी तरह से ठप पड़ गई है।
    user_Aishwary Shyam
    Aishwary Shyam
    राजनांदगांव, राजनांदगांव, छत्तीसगढ़•
    11 hrs ago
  • खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने गंडई तहसील के वार्ड क्रमांक 7 स्थित खंडेलवाल फल भंडार पर छापेमार कार्रवाई की है। यह कार्रवाई 30 मई शनिवार को दोपहर 12 बजे मिली जानकारी के बाद की गई, जो विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष जांच अभियान का हिस्सा थी। निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि यह प्रतिष्ठान बिना खाद्य पंजीयन के संचालित था और फलों को हानिकारक रसायनों का उपयोग करके पकाया जा रहा था। विभागीय अधिकारियों ने एथिलीन रिपनर सहित अन्य रसायनों के साथ-साथ कच्चे आम और केले के नमूने जांच के लिए एकत्र किए। इसके अतिरिक्त, दुकान पर अस्वच्छ परिस्थितियों में रखे गए 60 कैरेट केले जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 50 से 60 हजार रुपये बताई गई है। तीन दिवसीय इस विशेष अभियान के दौरान, छुईखदान और गंडई क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में सड़े-गले फलों को नष्ट कराया गया और खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की गई। अभिहित अधिकारी सिद्धार्थ पांडे ने इस बात पर जोर दिया है कि खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
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    खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने गंडई तहसील के वार्ड क्रमांक 7 स्थित खंडेलवाल फल भंडार पर छापेमार कार्रवाई की है। यह कार्रवाई 30 मई शनिवार को दोपहर 12 बजे मिली जानकारी के बाद की गई, जो विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष जांच अभियान का हिस्सा थी। निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि यह प्रतिष्ठान बिना खाद्य पंजीयन के संचालित था और फलों को हानिकारक रसायनों का उपयोग करके पकाया जा रहा था।

विभागीय अधिकारियों ने एथिलीन रिपनर सहित अन्य रसायनों के साथ-साथ कच्चे आम और केले के नमूने जांच के लिए एकत्र किए। इसके अतिरिक्त, दुकान पर अस्वच्छ परिस्थितियों में रखे गए 60 कैरेट केले जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 50 से 60 हजार रुपये बताई गई है।

तीन दिवसीय इस विशेष अभियान के दौरान, छुईखदान और गंडई क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में सड़े-गले फलों को नष्ट कराया गया और खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की गई। अभिहित अधिकारी सिद्धार्थ पांडे ने इस बात पर जोर दिया है कि खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
    user_गंगाराम पटेल  स्थानीय पत्रकार
    गंगाराम पटेल स्थानीय पत्रकार
    खैरागढ़, खैरगढ़ छुईखदान गंडई, छत्तीसगढ़•
    11 hrs ago
  • सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोबरा नवापारा में 108 और 102 आपातकालीन एंबुलेंस सेवाओं का स्थायी स्टॉपेज न होने के कारण मरीजों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आपातकाल में कॉल करने पर एंबुलेंस के देर से पहुँचने के कारण कई मरीजों की जान जोखिम में पड़ जाती है। स्वास्थ्य केंद्र प्रबंधन ने शासन को पत्र लिखकर इस समस्या से अवगत कराया है, जहाँ बताया गया कि आपात स्थिति में एंबुलेंस दूर-दराज से आती हैं, जिससे महत्वपूर्ण 'गोल्डन आवर' निकल जाता है और मरीजों को समय पर रेफर या उपचार नहीं मिल पाता। प्रसव, सड़क हादसे और हार्ट अटैक जैसी स्थितियों में यह देरी जानलेवा साबित हो रही है। गौरतलब है कि केंद्र के पास केवल एक शासकीय वाहन चालक है, जिसकी ड्यूटी केवल कार्यदिवस में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक रहती है, जिसके चलते रात और अवकाश के दिनों में आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह ठप रहती हैं। इस गंभीर विषय पर विधायक इंद्रकुमार साहू ने बताया कि उन्होंने मंत्री और संबंधित जिला स्वास्थ्य अधिकारी को इसकी जानकारी दी है और जल्द ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एंबुलेंस स्टॉपेज की व्यवस्था कराई जाएगी। वहीं, नगर के लोग सुशासन तिहार शिविर में उच्च अधिकारियों को लिखित में इस समस्या से दोबारा अवगत कराने की तैयारी में हैं। क्षेत्रवासियों ने कलेक्टर और स्वास्थ्य विभाग से जनहित में गोबरा नवापारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तत्काल 108 और 102 एंबुलेंस की तैनाती की मांग की है, ताकि आपातकाल में मरीजों को समय पर जीवनरक्षक सेवा मिल सके।
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    सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोबरा नवापारा में 108 और 102 आपातकालीन एंबुलेंस सेवाओं का स्थायी स्टॉपेज न होने के कारण मरीजों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आपातकाल में कॉल करने पर एंबुलेंस के देर से पहुँचने के कारण कई मरीजों की जान जोखिम में पड़ जाती है।

स्वास्थ्य केंद्र प्रबंधन ने शासन को पत्र लिखकर इस समस्या से अवगत कराया है, जहाँ बताया गया कि आपात स्थिति में एंबुलेंस दूर-दराज से आती हैं, जिससे महत्वपूर्ण 'गोल्डन आवर' निकल जाता है और मरीजों को समय पर रेफर या उपचार नहीं मिल पाता। प्रसव, सड़क हादसे और हार्ट अटैक जैसी स्थितियों में यह देरी जानलेवा साबित हो रही है। गौरतलब है कि केंद्र के पास केवल एक शासकीय वाहन चालक है, जिसकी ड्यूटी केवल कार्यदिवस में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक रहती है, जिसके चलते रात और अवकाश के दिनों में आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह ठप रहती हैं।

इस गंभीर विषय पर विधायक इंद्रकुमार साहू ने बताया कि उन्होंने मंत्री और संबंधित जिला स्वास्थ्य अधिकारी को इसकी जानकारी दी है और जल्द ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एंबुलेंस स्टॉपेज की व्यवस्था कराई जाएगी। वहीं, नगर के लोग सुशासन तिहार शिविर में उच्च अधिकारियों को लिखित में इस समस्या से दोबारा अवगत कराने की तैयारी में हैं। क्षेत्रवासियों ने कलेक्टर और स्वास्थ्य विभाग से जनहित में गोबरा नवापारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तत्काल 108 और 102 एंबुलेंस की तैनाती की मांग की है, ताकि आपातकाल में मरीजों को समय पर जीवनरक्षक सेवा मिल सके।
    user_तुकाराम कंसारी नवापारा राजिम
    तुकाराम कंसारी नवापारा राजिम
    Artist औदगी, रायपुर, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • बालाघाट जिले की लांजी तहसील के ग्राम टेमनी में प्रशासन, खनिज विभाग और पुलिस की संयुक्त छापामार कार्रवाई के दौरान अवैध रेत भंडारण का एक बड़ा मामला सामने आया है। इस कार्रवाई में कुल 357 ट्रॉली अवैध रेत जब्त की गई, जिसमें सबसे चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब ग्राम टेमनी के सरपंच के घर में धान के पैरा (पुआल) के नीचे छिपाई गई 30 ट्रॉली रेत बरामद की गई। प्रशासन ने इस भंडारण को अवैध मानते हुए तत्काल जब्त कर लिया। यह संयुक्त अभियान अनुविभागीय अधिकारी राजस्व लांजी, तहसीलदार लांजी, जिला खनिज अमला, थाना प्रभारी लांजी और पुलिस लाइन बालाघाट के बल द्वारा खनिज रेत के अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ चलाया गया था। जांच के दौरान ग्राम टेमनी में शासकीय एवं निजी भूमि पर कुल 357 ट्रॉली रेत का अवैध भंडारण पाया गया। सरपंच के घर से जब्त की गई 30 ट्रॉली रेत के लिए मौके पर रेत भंडारण संबंधी कोई वैध अनुमति या रॉयल्टी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके, जिसके बाद इसे जब्त कर ग्राम पंचायत टेमनी के सरपंच और ग्राम कोटवार की सुपुर्दगी में दे दिया गया। उप संचालक खनिज सुश्री फरहत जहां ने बताया कि ग्राम टेमनी में विभिन्न स्थानों से भी अवैध रूप से भंडारित रेत जब्त की गई है। इनमें जितेंद्र पिता ज्ञानी सिंह के घर से 7 ट्रॉली, लक्ष्मण पिता टिकनसिंह के घर से 55 ट्रॉली, शैलेन्द्र पिता राधेश्याम के घर से 77 ट्रॉली, अशोक पिता भिवराम के घर से 50 ट्रॉली, रुद्धन पिता सुंदरलाल के घर से 10 ट्रॉली, लक्ष्मण पिता तानूसिंह के घर से 30 ट्रॉली, दौलतराम पिता धानूलाल के घर से 30 ट्रॉली, समीर पिता पुरुषोत्तम के घर से 18 ट्रॉली, महेश पिता लेखराम के घर से 30 ट्रॉली, शैलेन्द्र प्रताप सिंह के घर से 40 ट्रॉली तथा कल्याण पिता केशवराव के घर से 10 ट्रॉली रेत शामिल है। खनिज विभाग के अनुसार, जब्त की गई समस्त रेत पर मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण का निवारण) नियम, 2022 के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासनिक अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनन और रेत के अवैध भंडारण के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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    बालाघाट जिले की लांजी तहसील के ग्राम टेमनी में प्रशासन, खनिज विभाग और पुलिस की संयुक्त छापामार कार्रवाई के दौरान अवैध रेत भंडारण का एक बड़ा मामला सामने आया है। इस कार्रवाई में कुल 357 ट्रॉली अवैध रेत जब्त की गई, जिसमें सबसे चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब ग्राम टेमनी के सरपंच के घर में धान के पैरा (पुआल) के नीचे छिपाई गई 30 ट्रॉली रेत बरामद की गई। प्रशासन ने इस भंडारण को अवैध मानते हुए तत्काल जब्त कर लिया।

यह संयुक्त अभियान अनुविभागीय अधिकारी राजस्व लांजी, तहसीलदार लांजी, जिला खनिज अमला, थाना प्रभारी लांजी और पुलिस लाइन बालाघाट के बल द्वारा खनिज रेत के अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ चलाया गया था। जांच के दौरान ग्राम टेमनी में शासकीय एवं निजी भूमि पर कुल 357 ट्रॉली रेत का अवैध भंडारण पाया गया। सरपंच के घर से जब्त की गई 30 ट्रॉली रेत के लिए मौके पर रेत भंडारण संबंधी कोई वैध अनुमति या रॉयल्टी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके, जिसके बाद इसे जब्त कर ग्राम पंचायत टेमनी के सरपंच और ग्राम कोटवार की सुपुर्दगी में दे दिया गया।

उप संचालक खनिज सुश्री फरहत जहां ने बताया कि ग्राम टेमनी में विभिन्न स्थानों से भी अवैध रूप से भंडारित रेत जब्त की गई है। इनमें जितेंद्र पिता ज्ञानी सिंह के घर से 7 ट्रॉली, लक्ष्मण पिता टिकनसिंह के घर से 55 ट्रॉली, शैलेन्द्र पिता राधेश्याम के घर से 77 ट्रॉली, अशोक पिता भिवराम के घर से 50 ट्रॉली, रुद्धन पिता सुंदरलाल के घर से 10 ट्रॉली, लक्ष्मण पिता तानूसिंह के घर से 30 ट्रॉली, दौलतराम पिता धानूलाल के घर से 30 ट्रॉली, समीर पिता पुरुषोत्तम के घर से 18 ट्रॉली, महेश पिता लेखराम के घर से 30 ट्रॉली, शैलेन्द्र प्रताप सिंह के घर से 40 ट्रॉली तथा कल्याण पिता केशवराव के घर से 10 ट्रॉली रेत शामिल है।

खनिज विभाग के अनुसार, जब्त की गई समस्त रेत पर मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण का निवारण) नियम, 2022 के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासनिक अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनन और रेत के अवैध भंडारण के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
    user_Ramanuj Tidke
    Ramanuj Tidke
    Local News Reporter लांजी, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • राजनांदगांव के घुमका में नगर पंचायत चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इसी बीच पूर्व सांसद अभिषेक सिंह घुमका पहुंचे, जहाँ उन्होंने एक आमसभा को संबोधित करते हुए भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की। अपने संबोधन में अभिषेक सिंह ने कांग्रेस और भाजपा के घोषणा पत्रों की तुलना करते हुए कहा कि उन्होंने दोनों घोषणा पत्र पढ़े हैं। उन्होंने बताया कि जहाँ कांग्रेस अपने घोषणा पत्र में 'प्रयास करेंगे' लिखती है, वहीं भाजपा अपने घोषणा पत्र में साफ तौर पर 'हम करेंगे' का संकल्प लेती है। अभिषेक सिंह ने इसे दोनों दलों की सोच का अंतर बताया और कहा कि कांग्रेस सिर्फ प्रयास की बात करती है, जबकि भाजपा विकास कार्यों को हिम्मत और अधिकार के साथ पूरा करने का संकल्प लेती है। सिंह ने आगे कहा कि भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में शहर और गाँव के विकास के लिए स्पष्ट वादे किए हैं, जिन्हें पूरा करने के लिए पार्टी प्रतिबद्ध है। उन्होंने लोगों से घुमका के विकास के लिए मजबूत नेतृत्व और स्पष्ट नीति की आवश्यकता बताते हुए भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने की अपील की।
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    राजनांदगांव के घुमका में नगर पंचायत चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इसी बीच पूर्व सांसद अभिषेक सिंह घुमका पहुंचे, जहाँ उन्होंने एक आमसभा को संबोधित करते हुए भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की।

अपने संबोधन में अभिषेक सिंह ने कांग्रेस और भाजपा के घोषणा पत्रों की तुलना करते हुए कहा कि उन्होंने दोनों घोषणा पत्र पढ़े हैं। उन्होंने बताया कि जहाँ कांग्रेस अपने घोषणा पत्र में 'प्रयास करेंगे' लिखती है, वहीं भाजपा अपने घोषणा पत्र में साफ तौर पर 'हम करेंगे' का संकल्प लेती है। अभिषेक सिंह ने इसे दोनों दलों की सोच का अंतर बताया और कहा कि कांग्रेस सिर्फ प्रयास की बात करती है, जबकि भाजपा विकास कार्यों को हिम्मत और अधिकार के साथ पूरा करने का संकल्प लेती है।

सिंह ने आगे कहा कि भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में शहर और गाँव के विकास के लिए स्पष्ट वादे किए हैं, जिन्हें पूरा करने के लिए पार्टी प्रतिबद्ध है। उन्होंने लोगों से घुमका के विकास के लिए मजबूत नेतृत्व और स्पष्ट नीति की आवश्यकता बताते हुए भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने की अपील की।
    user_Jaideep Sharma
    Jaideep Sharma
    राजनांदगांव, राजनांदगांव, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • छत्तीसगढ़ शासन द्वारा समस्याओं के समाधान हेतु 'सुशासन तिहार' शिविर लगाए जा रहे हैं, लेकिन दुर्ग जिले में अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों की समस्या सुलझाने के बजाय बदसलूकी करने का मामला सामने आया है। हाल ही में थनौद गाँव में चल रहे एक 'सुशासन तिहार' शिविर के दौरान एक बड़ा विवाद हुआ, जहाँ भाजपा विधायक ललित चंद्राकर की मौजूदगी में एक शिकायतकर्ता और जनपद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के बीच तीखी बहस हो गई। यह पूरा मामला गाँव के सरकारी स्कूल की ज़मीन पर बने एक सामुदायिक भवन से जुड़ा है। भाजपा मंडल महामंत्री पुराण देशमुख ने पूर्व में इस निर्माण का विरोध किया था, जिसके बाद जनपद CEO रूपेश पांडेय ने इस पर स्टे लगा दिया था। हालाँकि, स्टे के बावजूद अधूरा भवन धीरे-धीरे पूरा कर दिया गया और जनपद मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा राशि भी जारी कर दी गई। पुराण देशमुख ने इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से की थी, जिसके बाद दुर्ग कलेक्टर ने कथित तौर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी को राशि वसूली के मौखिक आदेश दिए थे, पर अब तक यह वसूली नहीं की गई है। आज जब पुराण देशमुख इसी बात को लेकर फिर से आवेदन देने पहुँचे, तो आयोजन स्थल पर जनपद मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने उन्हें शिकायत न करने के लिए धमकाया। विधायक के सामने ही जनपद मुख्य कार्यकारी अधिकारी रूपेश पांडेय ने भाजपा कार्यकर्ता को उंगलियाँ दिखाते हुए अपनी मर्यादाएँ लांघीं। रिपोर्ट के अनुसार, दुर्ग जनपद मुख्य कार्यकारी अधिकारी रूपेश पांडेय का यह विवादित और अव्यवहारिक बर्ताव पहला नहीं है। इससे पूर्व भी उनके खिलाफ ऐसे व्यवहार की कई शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। हाल ही में दुर्ग जनपद के अंतर्गत ही एक महिला सचिव ने भी मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा प्रताड़ित किए जाने की शिकायत की थी, और वह मामला भी अब तक लंबित है। इस पूरे घटनाक्रम पर विधायक ललित चंद्राकर ने कहा है कि किसी भी अधिकारी का ऐसा व्यवहार करना बिल्कुल ठीक नहीं है, और उन्होंने ऐसे अधिकारियों पर निश्चित रूप से कार्रवाई करने की बात कही है।
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    छत्तीसगढ़ शासन द्वारा समस्याओं के समाधान हेतु 'सुशासन तिहार' शिविर लगाए जा रहे हैं, लेकिन दुर्ग जिले में अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों की समस्या सुलझाने के बजाय बदसलूकी करने का मामला सामने आया है। हाल ही में थनौद गाँव में चल रहे एक 'सुशासन तिहार' शिविर के दौरान एक बड़ा विवाद हुआ, जहाँ भाजपा विधायक ललित चंद्राकर की मौजूदगी में एक शिकायतकर्ता और जनपद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के बीच तीखी बहस हो गई।

यह पूरा मामला गाँव के सरकारी स्कूल की ज़मीन पर बने एक सामुदायिक भवन से जुड़ा है। भाजपा मंडल महामंत्री पुराण देशमुख ने पूर्व में इस निर्माण का विरोध किया था, जिसके बाद जनपद CEO रूपेश पांडेय ने इस पर स्टे लगा दिया था। हालाँकि, स्टे के बावजूद अधूरा भवन धीरे-धीरे पूरा कर दिया गया और जनपद मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा राशि भी जारी कर दी गई। पुराण देशमुख ने इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से की थी, जिसके बाद दुर्ग कलेक्टर ने कथित तौर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी को राशि वसूली के मौखिक आदेश दिए थे, पर अब तक यह वसूली नहीं की गई है। आज जब पुराण देशमुख इसी बात को लेकर फिर से आवेदन देने पहुँचे, तो आयोजन स्थल पर जनपद मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने उन्हें शिकायत न करने के लिए धमकाया। विधायक के सामने ही जनपद मुख्य कार्यकारी अधिकारी रूपेश पांडेय ने भाजपा कार्यकर्ता को उंगलियाँ दिखाते हुए अपनी मर्यादाएँ लांघीं।

रिपोर्ट के अनुसार, दुर्ग जनपद मुख्य कार्यकारी अधिकारी रूपेश पांडेय का यह विवादित और अव्यवहारिक बर्ताव पहला नहीं है। इससे पूर्व भी उनके खिलाफ ऐसे व्यवहार की कई शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। हाल ही में दुर्ग जनपद के अंतर्गत ही एक महिला सचिव ने भी मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा प्रताड़ित किए जाने की शिकायत की थी, और वह मामला भी अब तक लंबित है। इस पूरे घटनाक्रम पर विधायक ललित चंद्राकर ने कहा है कि किसी भी अधिकारी का ऐसा व्यवहार करना बिल्कुल ठीक नहीं है, और उन्होंने ऐसे अधिकारियों पर निश्चित रूप से कार्रवाई करने की बात कही है।
    user_हेमंत उमरे
    हेमंत उमरे
    पत्रकार दुर्ग, दुर्ग, छत्तीसगढ़•
    7 hrs ago
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