कांवड़ यात्रा को लेकर जगतपुर थाने में डीजे संचालकों की बैठक, दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश जगतपुर (रायबरेली)। श्रावण मास की कांवड़ यात्रा को सकुशल एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक रवि कुमार के निर्देशन में थाना जगतपुर परिसर में क्षेत्र के डीजे संचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कांवड़ यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने पर विशेष जोर दिया गया। थाना प्रभारी वागीश मिश्रा ने बैठक में उपस्थित सभी डीजे संचालकों से उनके संचालन संबंधी आवश्यक जानकारी प्राप्त की। इसके बाद उच्चाधिकारियों द्वारा जारी आदेशों एवं निर्देशों से सभी को विस्तारपूर्वक अवगत कराया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि डीजे संचालन निर्धारित मानकों और प्रशासन द्वारा तय नियमों के अनुरूप ही किया जाए। ध्वनि प्रदूषण, यातायात व्यवस्था और सार्वजनिक शांति भंग करने जैसी किसी भी गतिविधि से बचने के निर्देश दिए गए। पुलिस ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बैठक में सभी डीजे संचालकों ने प्रशासन के निर्देशों का पालन करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर उपनिरीक्षक अमन कुमार, उपनिरीक्षक नागेंद्र नाथ मिश्रा सहित थाना जगतपुर का पुलिस स्टाफ उपस्थित रहा।
कांवड़ यात्रा को लेकर जगतपुर थाने में डीजे संचालकों की बैठक, दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश जगतपुर (रायबरेली)। श्रावण मास की कांवड़ यात्रा को सकुशल एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक रवि कुमार के निर्देशन में थाना जगतपुर परिसर में क्षेत्र के डीजे संचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कांवड़ यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने पर विशेष जोर दिया गया। थाना प्रभारी वागीश मिश्रा ने बैठक में उपस्थित सभी डीजे संचालकों से उनके संचालन संबंधी आवश्यक जानकारी प्राप्त की। इसके बाद उच्चाधिकारियों द्वारा जारी आदेशों एवं निर्देशों से सभी को विस्तारपूर्वक अवगत कराया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि डीजे संचालन निर्धारित मानकों और प्रशासन द्वारा तय नियमों के अनुरूप ही किया जाए। ध्वनि प्रदूषण, यातायात व्यवस्था और सार्वजनिक शांति भंग करने जैसी किसी भी गतिविधि से बचने के निर्देश दिए गए। पुलिस ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बैठक में सभी डीजे संचालकों ने प्रशासन के निर्देशों का पालन करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर उपनिरीक्षक अमन कुमार, उपनिरीक्षक नागेंद्र नाथ मिश्रा सहित थाना जगतपुर का पुलिस स्टाफ उपस्थित रहा।
- कौशाम्बी पुलिस अधीक्षक श्री सत्यनारायण ने पुलिस कार्यालय में की जनसुनवाई पुलिस अधीक्षक श्री सत्यनारायण ने पुलिस कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान आमजन की शिकायतों एवं समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी प्रकरणों का त्वरित, विधिवत एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि फरियादियों को समयबद्ध न्याय मिल सके। जनता की समस्याओं के समाधान के लिए कौशाम्बी पुलिस लगातार प्रतिबद्ध है।1
- कौशाम्बी में नकली लिक्विड यूरिया फैक्ट्री का भंडाफोड़! चरवा के पांसौर में पुलिस और कॉपीराइट टीम की बड़ी कार्रवाई4
- कौशाम्बी में साइबर ठगों का पर्दाफाश! पैसा डबल करने वाले गैंग का सरगना समेत 3 गिरफ्तार | रिपोर्टर: राम प्रसाद गुप्ता #कौशाम्बी #साइबरफ्रॉड #CyVajra #UPPolice #प्रयागराजमंडल #सच #न्यूज़ #ठगी #पुलिसकार्रवाई #रामप्रसादगुप्ता1
- भरवारी नगर पालिका में कथित घोटाले का मामला! भरवारी नगर पालिका परिषद में विकास कार्यों में कथित अनियमितताओं को लेकर आधा दर्जन से अधिक पार्षदों ने जिलाधिकारी को लिखित शिकायत सौंपकर निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में करीब 1 करोड़ रुपये के विकास कार्यों में धांधली, बिना मानक कार्य कराए भुगतान निकालने तथा कई वार्डों की उपेक्षा के आरोप लगाए गए हैं। पार्षदों का कहना है कि उन्होंने शिकायत के साथ जीपीएस फोटो, वीडियो और संबंधित दस्तावेज भी उपलब्ध कराए हैं। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। रिपोर्ट: शिवकुमार पासी #Kaushambi #Bharwari #NagarPalika #BreakingNews #DailyNews #CorruptionAllegation #UttarPradesh1
- बारिश में खुली सरकारी दावों की पोल! सावन की पहली तेज बारिश ने बीआरसी कड़ा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय की बदहाल तस्वीर सामने ला दी। विद्यालय परिसर पूरी तरह जलमग्न होकर तालाब में तब्दील हो गया, जिससे बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। करोड़ों रुपये शिक्षा व्यवस्था और विद्यालयों के विकास पर खर्च होने के दावों के बीच पहली ही बारिश में स्कूल परिसर में जलभराव ने तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर कब सरकारी प्राथमिक विद्यालयों की तस्वीर बदलेगी और नौनिहालों को सुरक्षित एवं बेहतर शिक्षण वातावरण मिलेगा?1
- Post by पवन कुमार गुप्ता1
- मेरठ में कांवड़ियों का तांडव: सादे कपड़ों में पहुंचे दो पुलिसकर्मियों को जीप से खींचकर पीटा, फाड़े कपड़े मेरठ में कांवड़ियों का तांडव: सादे कपड़ों में पहुंचे दो पुलिसकर्मियों को जीप से खींचकर पीटा, फाड़े कपड़े मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में कांवड़ यात्रा के दौरान एक बार फिर कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाने का मामला सामने आया है। यहां कुछ उग्र कांवड़ियों ने गाजियाबाद से मेरठ की ओर आ रही सड़क पर जमकर उत्पात मचाया और ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मियों की सरेआम पिटाई कर दी। इस दौरान उपद्रवियों ने पुलिसकर्मियों के कपड़े तक फाड़ दिए, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यह है पूरा मामला: मिली जानकारी के अनुसार, मेरठ के एक इलाके में एक बाइक सवार व्यक्ति ने अनियंत्रित होकर कुछ कांवड़ियों को टक्कर मार दी थी, जिससे वहां विवाद खड़ा हो गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाने के दो पुलिसकर्मी स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सादे कपड़ों में पुलिस जीप लेकर तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस के आने से पहले ही आरोपी बाइक सवार वहां से मौका पाकर फरार होने में कामयाब हो गया। लेकिन, भड़के हुए कांवड़ियों ने अपनी नाराजगी का निशाना वहां मौजूद पुलिसकर्मियों को बना लिया। उग्र भीड़ ने सादे कपड़ों में होने के बावजूद दोनों पुलिसकर्मियों को पहचान लिया और उन्हें जबरन पुलिस जीप से बाहर खींच लिया। इसके बाद कांवड़ियों ने सड़क के बीचों-बीच दोनों पुलिसकर्मियों की लात-घूंसों से जमकर पिटाई कर दी और उनके कपड़े भी फाड़ डाले। प्रशासन में हड़कंप: घटना की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर भारी पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा और स्थिति को संभाला। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हुड़दंग मचाने और कानून अपने हाथ में लेने वाले उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके। इस घटना ने एक बार फिर कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस के इकबाल पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।1