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दौसा जिले के भांडारेज मोड़ के पास आरटीओ, मजिस्ट्रेट और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा स्लीपर बसों की औचक चेकिंग की गई। यह कार्रवाई एक जज के नेतृत्व में संपन्न हुई, जिसमें बसों के मानकों की बारीकी से जांच की गई। अधिकारी जगदीश अमरावत ने इस अभियान के पीछे का कारण स्पष्ट करते हुए बताया कि कुछ दिन पहले स्लीपर बस में हुई एक दुर्घटना के बाद यह कदम उठाया गया है। हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए प्रशासन सभी स्लीपर बसों की नियम अनुसार जांच कर रहा है। इस दौरान जो भी बसें निर्धारित मानकों के विपरीत पाई जा रही हैं, उन पर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
Yogesh Kumar Gupta
दौसा जिले के भांडारेज मोड़ के पास आरटीओ, मजिस्ट्रेट और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा स्लीपर बसों की औचक चेकिंग की गई। यह कार्रवाई एक जज के नेतृत्व में संपन्न हुई, जिसमें बसों के मानकों की बारीकी से जांच की गई। अधिकारी जगदीश अमरावत ने इस अभियान के पीछे का कारण स्पष्ट करते हुए बताया कि कुछ दिन पहले स्लीपर बस में हुई एक दुर्घटना के बाद यह कदम उठाया गया है। हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए प्रशासन सभी स्लीपर बसों की नियम अनुसार जांच कर रहा है। इस दौरान जो भी बसें निर्धारित मानकों के विपरीत पाई जा रही हैं, उन पर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
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- अलवर शहर के खदाना मोहल्ले में 80 वर्षीय बुजुर्ग व्यापारी दिनेश चंद अग्रवाल की हत्या और लूट के मामले का अलवर पुलिस ने मात्र 12 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। कोतवाली थाना पुलिस, डीएसटी और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को हिरासत में लिया है और उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी के अनुसार, घटना के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार और नगर प्रथम वृत्ताधिकारी अमित शर्मा के निर्देशन में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। जांच दल ने एफएसएल रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण कर आरोपियों की पहचान की और उन्हें धर दबोचा। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि आरोपी मृतक के आसपास के ही रहने वाले हैं। लूट की नीयत से उन्होंने घर में अकेले रह रहे दिनेश चंद अग्रवाल को निशाना बनाया। हत्या की वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने बुजुर्ग के मुंह में कपड़ा ठूंसकर उनके हाथ-पैर बांध दिए थे, जिसके बाद वे घर में रखी नकदी लेकर फरार हो गए। मृतक के पुत्र विकास अग्रवाल की शिकायत पर हत्या और लूट का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ के आधार पर लूटी गई नकदी और वारदात में इस्तेमाल किए गए सामान की बरामदगी के प्रयास कर रही है।4
- हिंडौन सिटी के महुआ वाले फाटक के बंद हो जाने से वर्धमान नगर के निवासियों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अंडरपास का निर्माण न होने के कारण उन्हें आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वर्धमान नगर के निवासियों ने इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए न केवल रेलवे प्रशासन से गुहार लगाई है, बल्कि राजस्थान सरकार के समक्ष भी अपनी बात रखी है। निवासियों ने जिला कलेक्टर को भी इस समस्या से अवगत कराया है, लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया है। स्थानीय लोग अब यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर वे अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए किसके पास जाएं।1
- दौसा जिले के लालसोट में जच्चा खाना और सुलभ कॉम्प्लेक्स के पास कचरे के ढेर में एक नंदी महाराज भोजन की तलाश करते नजर आए। स्थानीय लोगों ने चिंता जाहिर की है कि इस कचरे में सिरिंज और इंजेक्शन जैसे हानिकारक मेडिकल कचरे भी मौजूद हैं, जिससे गौवंश के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। इस स्थिति को देखते हुए नागरिकों ने नगर परिषद और जिला अस्पताल प्रशासन से कचरे को तत्काल प्रभाव से वहां से हटाने और उसका उचित निस्तारण करने की सख्त मांग की है।1
- जयपुर के चोमू में प्रशासन ने एक पीड़ित माँ की शिकायत पर तत्परता दिखाते हुए महज़ 10 मिनट के भीतर न्याय दिलाने की पहल की है। शिकायत प्राप्त होते ही एसडीएम ने मौके पर पहुँचकर मामले की पूरी जानकारी ली और तत्काल प्रभाव से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की। प्रशासन के इस तेज़ और संवेदनशील रुख के चलते पीड़ित परिवार को राहत मिली है। स्थानीय लोगों ने अधिकारियों की इस कार्यशैली की सराहना की है। लोगों का मानना है कि यदि प्रशासन हर शिकायत पर इसी तरह समयबद्ध कार्रवाई करे, तो जनता का सरकारी तंत्र पर भरोसा और अधिक मजबूत होगा। यह पूरी घटना साबित करती है कि त्वरित कार्रवाई ही सच्चा न्याय है। #Justice #माँ_को_मिला_न्याय1
- दौसा जिले में पंचायत समिति लवाण में विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान अनुपस्थित रहने और अपने मुख्यालय से बिना सूचना के गायब रहने के चलते तीन ग्राम विकास अधिकारियों पर निलंबन की गाज गिरी है। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बिरदी चंद गंगवाल ने इन अधिकारियों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से यह कार्रवाई की है। समीक्षा बैठक के दौरान अनुपस्थित पाए गए अधिकारियों में ग्राम पंचायत जीरोता खुर्द के अंकित कुमार मीणा, ग्राम पंचायत पीपल्या चैनपुरा के प्रशांत शर्मा और ग्राम पंचायत ढिगारिया के सुभाष डाबोलिया शामिल हैं। बैठक के बाद की गई जांच में यह सामने आया कि ये तीनों अधिकारी पिछले तीन-चार दिनों से अपने-अपने मुख्यालयों से बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित थे। कर्तव्य के प्रति गंभीर लापरवाही और अनुशासनहीनता के कारण राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के नियम 13 के तहत इन तीनों को निलंबित किया गया है और इनका मुख्यालय पंचायत समिति महवा निर्धारित कर दिया गया है। इसके अलावा, ग्राम पंचायत रजवास के ग्राम विकास अधिकारी राजकुमार मीणा को तत्काल प्रभाव से जिला परिषद मुख्यालय पर रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।1
- दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर 30 जून और 1 जुलाई 2026 की दरमियानी रात हुए भीषण सड़क हादसे के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने ट्रेलर चालक राजेंद्र सिंह रावत को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। जांच के आधार पर पुलिस ने इस मामले को गैर इरादतन हत्या का मानते हुए आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। इस दुर्घटना में एक स्लीपर बस की टक्कर ट्रेलर से हुई, जिसके बाद दोनों वाहनों में भीषण आग लग गई। इस हादसे में छह यात्रियों की मौके पर ही जलकर मौत हो गई, जबकि दो गंभीर घायलों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हादसे में कई अन्य यात्री भी घायल हुए और उनका सामान जलकर नष्ट हो गया। जिला पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित और वृत्ताधिकारी लक्ष्मीकांत शर्मा के निर्देशन में कोलवा थाना पुलिस ने अपनी जांच में पाया कि ट्रेलर चालक एक्सप्रेस-वे की इमरजेंसी लेन में वाहन चला रहा था और अचानक ब्रेक लगाकर ट्रेलर को मोड़ने के कारण पीछे से आ रही बस उससे टकरा गई। फिलहाल, पुलिस इस घटना को लेकर एक्सप्रेस-वे पर सड़क निर्माण कंपनियों की भूमिका, सुरक्षा मानकों के पालन, सांकेतिक बोर्डों की मौजूदगी और अन्य संभावित लापरवाहियों की गहन जांच कर रही है।3
- जयपुर जिले के चोमू में एक पीड़ित मां की शिकायत पर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 10 मिनट के भीतर न्याय सुनिश्चित किया है। फिल्म 'नायक' के अनिल कपूर की तर्ज पर लिए गए इस फैसले के तहत, सूचना मिलते ही एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर मामले की पूरी जानकारी ली और तत्काल आवश्यक कदम उठाए। प्रशासन की इस तेज और संवेदनशील कार्यशैली से पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली है। स्थानीय लोगों ने भी अधिकारियों की इस तत्परता की सराहना की है। लोगों का मानना है कि यदि हर शिकायत पर इसी तरह समयबद्ध कार्रवाई की जाए, तो आम जनता का प्रशासन पर विश्वास और मजबूत होगा। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि समय पर की गई कार्रवाई ही सच्चा न्याय है, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर भी #Justice और #माँ_को_मिला_न्याय जैसे हैशटैग के साथ प्रशंसा की जा रही है।1
- दौसा के कांदोली स्थित एक पेट्रोल पंप पर 5 जुलाई 2026 की रात करीब 10 बजे एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहाँ कार सवार बदमाशों ने पहले 4,000 रुपये का पेट्रोल भरवाया और फिर UPI पेमेंट करने का झांसा देकर पेट्रोल पंप कर्मचारी को कार के पास बुला लिया। जैसे ही कर्मचारी भुगतान की पुष्टि करने में व्यस्त हुआ, बदमाशों ने अचानक गाड़ी तेज गति से दौड़ानी शुरू कर दी। इस दौरान कर्मचारी कार के साथ करीब 20 मीटर तक घिसटता चला गया, जिससे उसका हाथ टूट गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल कर्मचारी को तुरंत दौसा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उसका उपचार जारी है। यह पूरी घटना पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, जिसमें आरोपियों की गतिविधियां स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही हैं। घटना के बाद पेट्रोल पंप संचालक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाशों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने की कोशिश कर रही है। फिलहाल आरोपी फरार हैं और पुलिस मामले की जांच में जुटी है। इस वारदात ने पेट्रोल पंप कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1