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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोकतंत्र सेनानियों और स्वतंत्रता सेनानियों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ की हैं। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार लोकतंत्र सेनानियों को स्पेशल ट्रेन के माध्यम से तीर्थ यात्रा कराएगी, जिसके दौरान उनके रुकने की व्यवस्था रेस्ट हाउस में की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि लोकतंत्र सेनानियों के अमूल्य योगदान को हमेशा याद रखने के लिए शासकीय भवन, पार्क या सड़क का नामकरण उनके नाम पर किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की कि राज्य सरकार लोकतंत्र सेनानियों और स्वतंत्रता सेनानियों के इलाज की पूरी व्यवस्था करेगी, जिसमें गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए निःशुल्क एयर एंबुलेंस सुविधा भी शामिल होगी।
Shiv Singh rajput dahiya journ
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोकतंत्र सेनानियों और स्वतंत्रता सेनानियों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ की हैं। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार लोकतंत्र सेनानियों को स्पेशल ट्रेन के माध्यम से तीर्थ यात्रा कराएगी, जिसके दौरान उनके रुकने की व्यवस्था रेस्ट हाउस में की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि लोकतंत्र सेनानियों के अमूल्य योगदान को हमेशा याद रखने के लिए शासकीय भवन, पार्क या सड़क का नामकरण उनके नाम पर किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की कि राज्य सरकार लोकतंत्र सेनानियों और स्वतंत्रता सेनानियों के इलाज की पूरी व्यवस्था करेगी, जिसमें गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए निःशुल्क एयर एंबुलेंस सुविधा भी शामिल होगी।
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- मैहर के रामनगर क्षेत्र में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहां मार्कण्डेय नदी में नहाते समय एक 15 वर्षीय किशोर डूब गया। घटना के लगभग 9 घंटे बीत जाने के बाद भी उसका शव बरामद नहीं हो सका है। सूचना मिलने पर रामनगर पुलिस, प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम ने देर शाम तक रेस्क्यू अभियान चलाया, लेकिन उन्हें कोई सफलता नहीं मिली। जानकारी के अनुसार, अमरपाटन के चोरहटा निवासी वेद गुप्ता (15 वर्ष), जो अंजनी गुप्ता के बेटे हैं, अपने मामा के घर रामनगर रिश्तेदारी में आए हुए थे। शनिवार को वह मार्कण्डेय नदी में नहाने गए थे और गहरे पानी में डूब गए। रामनगर थाना पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने नदी में जाल डालकर पूरे दिन तलाश अभियान चलाया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक किशोर का कोई पता नहीं चल सका। मौके पर एसडीएम, तहसीलदार ललित धुर्वे और थाना प्रभारी विजय त्रिपाठी अपनी टीम के साथ मौजूद रहे। थाना प्रभारी विजय त्रिपाठी ने बताया कि वे दोपहर करीब 11 बजे से शाम 7 बजे तक लगातार मौके पर रहकर रेस्क्यू अभियान की निगरानी कर रहे थे। इस बीच, किशोर के मामा ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि दिनभर तलाश अभियान चलने के बावजूद कोई सफलता नहीं मिली और आरोप है कि कई अधिकारी मौके पर आकर कुछ देर रुकने और फोटो खिंचवाने के बाद वापस चले गए, जबकि प्रभावी कार्रवाई की अपेक्षा थी। फिलहाल, पुलिस और प्रशासन की ओर से किशोर की तलाश के प्रयास जारी हैं। इस घटना से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल व्याप्त है।1
- एक बच्चे की तलाश में हुई देरी को लेकर परिजनों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। बच्चे के पिता ने रोते-बिलखते हुए अपनी पीड़ा व्यक्त की है, उनका कहना है कि सुबह 10 बजे से शाम के 6 बज चुके हैं, लेकिन अब तक गोताखोर मौके पर नहीं पहुँचे हैं। परिजनों को लगातार केवल आश्वासन ही दिए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से उनमें भारी नाराजगी है।1
- आज 27 जून को मैहर स्थित श्री शारदा शक्तिपीठ में जगत जननी माँ शारदा भवानी जी के संध्या कालीन दिव्य श्रृंगार दर्शन हुए। इस भक्तिपूर्ण अवसर पर 'जय माई की' का उद्घोष किया गया।2
- मध्य प्रदेश राज्य से जनसंपर्क संबंधी खबर सामने आई है। यह खबर राज्य के विभिन्न जिलों, जिनमें सतना, रीवा, सीधी, अनूपपुर, कटनी और जबलपुर शामिल हैं, से संबंधित है।1
- मैहर जिले के रामनगर स्थित मार्कण्डेय घाट पर एक बार फिर लापरवाही के कारण हादसा हुआ है, जिससे एक पिता रो-रोकर परेशान है, लेकिन बड़े अधिकारी कथित तौर पर AC की हवा ले रहे हैं और घटना के बाद भी उनकी नींद नहीं खुली है। यह स्थिति हर बार की कहानी बताई जा रही है। मार्कण्डेय घाट को मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने पर्यटक स्थल का दर्जा देकर चमका दिया है, जिसमें सेल्फी पॉइंट, मंदिर और घाट का प्रचार किया गया है। हालांकि, यहाँ सुरक्षा के नाम पर कुछ भी नहीं है—न कोई चेतावनी बोर्ड, न रस्सी-बैरिकेड, न लाइफ गार्ड और न ही गोताखोर। घाट पर गहरे कुंड और खनन के गड्ढे मौजूद हैं, फिर भी एक रस्सी तक नहीं लगाई गई है। पिछले साल भी रामनगर की खदान में अंकुश विश्वकर्मा नाम का व्यक्ति डूब गया था, तब सुरक्षा के वादे किए गए थे, लेकिन आज फिर वही हुआ और 8 घंटे तक गोताखोर मौके पर नहीं पहुँचे। शासन-प्रशासन की घोर लापरवाही स्पष्ट रूप से दिख रही है। सुबह 10 बजे हुए हादसे के बाद भी शाम 6 बजे तक राहत और बचाव दल मौके पर नहीं पहुँचा। यह सवाल उठाया जा रहा है कि अगर मार्कण्डेय एक पर्यटक स्थल है, तो मैहर में एसडीआरएफ (SDRF) टीम क्यों तैनात नहीं है और स्थायी रूप से रेस्क्यू बोट और गोताखोरों की व्यवस्था क्यों नहीं है। पीड़ित पिता लगातार अधिकारियों से मदद की गुहार लगाता रहा, लेकिन उन्हें सिर्फ फोन पर "भेज रहे हैं" जैसे आश्वासन मिलते रहे। मार्कण्डेय को पर्यटक स्थल घोषित करते समय आपदा प्रबंधन के लिए रखे गए बजट का कोई अता-पता नहीं है, अधिकारी AC में बैठे रहे जबकि पिता और परिवार रोते रहे।1